मध्य प्रदेश में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ देवास में 42 दूल्हे अपनी शादी के लिए सज-धजकर पहुँचे, लेकिन दुल्हनें कभी आईं ही नहीं। बाद में उन्हें पता चला कि वे एक बड़े फर्जी शादी घोटाले का शिकार हो गए थे, जिसके कारण उन्हें सार्वजनिक अपमान और आर्थिक धोखाधड़ी झेलनी पड़ी। यह घटना देवास और आसपास के जिलों के गाँवों व छोटे कस्बों से आए इन पुरुषों के साथ हुई, जिन्होंने यह सोचकर शादी के समारोह में भाग लिया था कि उनकी शादी होने वाली है। शाम होते-होते शादी स्थल पर गुस्से और अविश्वास का माहौल छा गया, जब परिवारों को एहसास हुआ कि वे एक सुनियोजित घोटाले में फँस चुके हैं। पुलिस के अनुसार, यह मामला शादी के नाम पर की गई संगठित धोखाधड़ी से जुड़ा है। बिचौलियों ने इन दूल्हों से लाखों रुपये वसूले थे, यह झांसा देकर कि इंदौर स्थित एक अनाथालय से दुल्हनें लाई जाएँगी। प्रत्येक दूल्हे ने बिचौलियों को 15,000 से 25,000 रुपये तक की रकम दी थी, जिन्होंने देवास में 'सामूहिक विवाह समारोह' आयोजित कराने का वादा किया था। कुछ दूल्हों को तो मोबाइल फोन पर होने वाली दुल्हनों की तस्वीरें भी दिखाई गई थीं, जबकि अन्य को यह भरोसा दिलाया गया था कि महिलाएँ गरीब या अनाथ हैं और तुरंत शादी के लिए तैयार हैं। बैंक नोट प्रेस थाने की प्रभारी प्रीति कटारे ने बताया कि उन्हें कई युवकों से शिकायतें मिली हैं और मामले की गंभीरता से जाँच की जा रही है। यह घटना 24 मई को सामने आई थी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि मुख्य आरोपी मुकेश और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उनके तौर-तरीकों की जाँच कर रही है, और आरोपी विदिशा जिले के होने के कारण वहाँ भी जानकारी जुटाने के लिए एक टीम भेजी गई है। जिस अनाथालय के नाम का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया है, उससे जुड़े दावों की भी जाँच की जा रही है।
मध्य प्रदेश में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ देवास में 42 दूल्हे अपनी शादी के लिए सज-धजकर पहुँचे, लेकिन दुल्हनें कभी आईं ही नहीं। बाद में उन्हें पता चला कि वे एक बड़े फर्जी शादी घोटाले का शिकार हो गए थे, जिसके कारण उन्हें सार्वजनिक अपमान और आर्थिक धोखाधड़ी झेलनी पड़ी। यह घटना देवास और आसपास के जिलों के गाँवों व छोटे कस्बों से आए इन पुरुषों के साथ हुई, जिन्होंने यह सोचकर शादी के समारोह में भाग लिया था कि उनकी शादी होने वाली है। शाम होते-होते शादी स्थल पर गुस्से और अविश्वास का माहौल छा गया, जब परिवारों को एहसास हुआ कि वे एक सुनियोजित घोटाले में फँस चुके हैं। पुलिस के अनुसार, यह मामला शादी के नाम पर की गई संगठित धोखाधड़ी से जुड़ा है। बिचौलियों ने इन दूल्हों से लाखों रुपये वसूले थे, यह झांसा देकर कि इंदौर स्थित एक अनाथालय से दुल्हनें लाई जाएँगी। प्रत्येक दूल्हे ने बिचौलियों को 15,000 से 25,000 रुपये तक की रकम दी थी, जिन्होंने देवास में 'सामूहिक विवाह समारोह' आयोजित कराने का वादा किया था। कुछ दूल्हों को तो मोबाइल फोन पर होने वाली दुल्हनों की तस्वीरें भी दिखाई गई थीं, जबकि अन्य को यह भरोसा दिलाया गया था कि महिलाएँ गरीब या अनाथ हैं और तुरंत शादी के लिए तैयार हैं। बैंक नोट प्रेस थाने की प्रभारी प्रीति कटारे ने बताया कि उन्हें कई युवकों से शिकायतें मिली हैं और मामले की गंभीरता से जाँच की जा रही है। यह घटना 24 मई को सामने आई थी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि मुख्य आरोपी मुकेश और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उनके तौर-तरीकों की जाँच कर रही है, और आरोपी विदिशा जिले के होने के कारण वहाँ भी जानकारी जुटाने के लिए एक टीम भेजी गई है। जिस अनाथालय के नाम का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया है, उससे जुड़े दावों की भी जाँच की जा रही है।
- भारतीय जनता पार्टी ने हरीभूषण ठाकुर बचौल को बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नई जिम्मेदारी पर उन्होंने पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। बचौल ने आश्वासन दिया कि वे पार्टी द्वारा दी गई इस नई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और संगठन के हित में करेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने कार्यकर्ताओं के विश्वास और समर्थन के लिए भी सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- दक्षिण मुखी युगल हनुमान का अर्थ हनुमान जी के ऐसे स्वरूप से है, जिनकी दृष्टि या मुख दक्षिण दिशा की ओर होता है। इस स्वरूप को अत्यंत शक्तिशाली और विशिष्ट माना जाता है।1
- मधुबनी जिले के रैयाम में स्थित शांति गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्राहकों का आरोप था कि एजेंसी बिना गैस सिलेंडर की वास्तविक डिलीवरी किए ही उनके मोबाइल फोन पर डिलीवरी के मैसेज भेज रही थी। इस हंगामे के दौरान, एजेंसी पर उपभोक्ताओं के साथ हाथापाई करने, शटर बंद करने का प्रयास करने और कालाबाजारी में लिप्त होने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। घटना की सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में, प्रदर्शनकारी उपभोक्ताओं ने इस पूरे मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।1
- मधुबनी के विधायक श्री माधव आनंद ने श्री समीर महासेठ द्वारा दिए गए सुझावों पर तीखा तंज कसते हुए कहा है कि जो लोग आज विकास पर राय दे रहे हैं, वे अपनी 10 साल की विधायकी और मंत्री पद पर रहने के दौरान समस्याओं का निदान क्यों नहीं कर पाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समीर महासेठ के पिताजी भी कई वर्षों तक मंत्री और विधायक रहे, लेकिन फिर भी मधुबनी का विकास नहीं हो सका। विधायक आनंद ने कहा कि वे चुनाव जीतने के बाद निरंतर अपने विचारों से काम करते आए हैं, न कि किसी और की राय से। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री मधुबनी के विकास के लिए काम किए होते, तो आज यहां नल-जल, जल-जमाव की समस्या, स्टेडियम, बस स्टैंड और थाना चौक से शंकर चौक तक की सड़क की समस्या जैसी परेशानियां नहीं होतीं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि जब मधुबनी का विकास होना था, तो इन लोगों ने उच्च न्यायालय में जाकर विकास को लटका दिया। श्री माधव आनंद ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी की राय की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे स्वयं विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। उन्होंने पूर्व विधायक और मंत्री पर एक बार फिर तंज कसते हुए पूछा कि जो आज विकास के लिए सुझाव दे रहे हैं, उन्होंने अपने 10 साल के कार्यकाल में समस्याओं का निवारण क्यों नहीं किया।2
- आज के डिजिटल दौर में जहाँ हर तरफ आधुनिक तकनीक का बोलबाला है, लोग अब भी पारंपरिक रेडियो सुनना पसंद करते हैं। इस आधुनिक समय में भी, कई लोग रेडियो के माध्यम से हनुमान चालीसा का आनंद ले रहे हैं।1
- मधुबनी जिले के लदनियाँ प्रखंड अंतर्गत एकहरी पंचायत के वार्ड संख्या-6 में हल्की बारिश होते ही सड़क पर जलजमाव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई, जिससे पूरी सड़क तालाब जैसी दिखने लगी। इस जलभराव के कारण स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।1
- मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत साहरघाट थाना के सोनई बोकहा मार्ग में हुए एक लूटकांड का खुलासा कर दिया गया है। इस संबंध में एसडीपीओ अमित कुमार ने प्रेस को संबोधित करते हुए जानकारी साझा की।1
- झंझारपुर अनुमंडल में पिछले कुछ दिनों से घरेलू विवाद अब सड़क पर कुश्ती का रूप ले रहे हैं। इसी क्रम में अररिया से नवानी तक मामूली कहासुनी एक बड़े सार्वजनिक दंगल में बदल गई। इस दौरान, झंझारपुर के अररिया से नवानी तक सड़क के बीचो-बीच कहीं हाथापाई हुई तो कहीं पत्थरबाजी की घटनाएँ भी देखने को मिलीं।2