राजधानी भोपाल में पटवारियों की स्थानांतरण सूची सिर्फ़ 24 घंटे के भीतर बदल गई है, जिससे प्रशासनिक निर्णयों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 15 जून को जारी मूल स्थानांतरण आदेश में जिन 46 पटवारियों को वर्षों से एक ही तहसील में जमे रहने के कारण हटाया गया था, उनमें से आधे से अधिक को अगले ही दिन राहत मिल गई। 16 जून को जारी संशोधित सूची में 46 में से 24 पटवारियों के नाम हटा दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप उनके तबादले निरस्त हो गए। प्रारंभिक आदेश में हुजूर और कोलार तहसीलों में 5 से 8 वर्षों से पदस्थ पटवारी शामिल थे, जिनमें से कुछ अपनी गृह तहसील में भी कार्यरत थे। संशोधित सूची में जिन पटवारियों को राहत मिली है, उनमें निधि नेमा और किशोर सिंह दांगी भी शामिल हैं, जिनके नाम दो वर्ष पहले कथित पैसों के लेन-देन से जुड़े एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए थे। सदाशिव गौंड, किशोर सिंह दांगी, नरेंद्र रैकवार, केवल सिंह कौर, रेनु पटेल, बुजकिशोर नागर, अभिषेक शर्मा, मुकुल सराठे, दीक्षा शर्मा, संदीप शर्मा, प्रियंका सिंह, सौरभ सोलंकी, प्रदीप पटेल, पूजा ठाकुर, प्रियंका दुबे और अन्य कई पटवारी 2015 से 2022 तक लगातार हुजूर और कोलार क्षेत्र में पदस्थ रहे थे और उन्हें भी इस बदलाव से राहत मिली है। सूत्रों का आरोप है कि प्रभावशाली संपर्कों के माध्यम से कुछ पटवारियों ने अपने नाम सूची से हटवा लिए। संशोधित सूची से बाहर हुए 24 पटवारियों में से 20 हुजूर तहसील और 4 कोलार क्षेत्र में पदस्थ थे, जो विधायक रामेश्वर शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। वहीं बैरसिया क्षेत्र से केवल एक पटवारी का नाम हटने की जानकारी सामने आई है, जिससे राजनीतिक हस्तक्षेप की चर्चाएँ तेज हो गई हैं। स्थानांतरण नीति के अनुसार किसी जिले में कुल कर्मचारियों के 20 प्रतिशत से अधिक तबादले नहीं किए जा सकते; भोपाल में 243 पटवारियों के लिए अधिकतम 47 तबादले ही संभव हैं। हालांकि, 15 जून को 46 तबादले किए गए थे, और 16 जून की संशोधित सूची के बाद कुल 76 स्थानांतरण संबंधी आदेशों की स्थिति बनी, जिस पर नीति के जानकारों ने सवाल उठाए हैं। स्थानांतरण आदेश जारी करने की प्रक्रिया भी जांच के घेरे में है, क्योंकि नीति की कंडिका-42 के अनुसार सभी आदेश ई-ऑफिस प्रणाली से जारी होने चाहिए। जबकि 15 जून का मूल आदेश हस्ताक्षरित (इंक पेन) रूप में जारी हुआ, वहीं 16 जून का संशोधित आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से निकला। यह भी उल्लेखनीय है कि संशोधित आदेश में पहले वाले आदेश को स्पष्ट रूप से निरस्त करने का उल्लेख नहीं है। यह पूरा मामला अब सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) तक पहुँचने और जांच होने की संभावना है।
राजधानी भोपाल में पटवारियों की स्थानांतरण सूची सिर्फ़ 24 घंटे के भीतर बदल गई है, जिससे प्रशासनिक निर्णयों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 15 जून को जारी मूल स्थानांतरण आदेश में जिन 46 पटवारियों को वर्षों से एक ही तहसील में जमे रहने के कारण हटाया गया था, उनमें से आधे से अधिक को अगले ही दिन राहत मिल गई। 16 जून को जारी संशोधित सूची में 46 में से 24 पटवारियों के नाम हटा दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप उनके तबादले निरस्त हो गए। प्रारंभिक आदेश में हुजूर और कोलार तहसीलों में 5 से 8 वर्षों से पदस्थ पटवारी शामिल थे, जिनमें से कुछ अपनी गृह तहसील में भी कार्यरत थे। संशोधित सूची में जिन पटवारियों को राहत मिली है, उनमें निधि नेमा और किशोर सिंह दांगी भी शामिल हैं, जिनके नाम दो वर्ष पहले कथित पैसों के लेन-देन से जुड़े एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए थे। सदाशिव गौंड, किशोर सिंह दांगी, नरेंद्र रैकवार, केवल सिंह कौर, रेनु पटेल, बुजकिशोर नागर, अभिषेक शर्मा, मुकुल सराठे, दीक्षा शर्मा, संदीप शर्मा, प्रियंका सिंह, सौरभ सोलंकी, प्रदीप पटेल, पूजा ठाकुर, प्रियंका दुबे और अन्य कई पटवारी 2015 से 2022 तक लगातार हुजूर और कोलार क्षेत्र में पदस्थ रहे थे और उन्हें भी इस बदलाव से राहत मिली है। सूत्रों का आरोप है कि प्रभावशाली संपर्कों के माध्यम से कुछ पटवारियों ने अपने नाम सूची से हटवा लिए। संशोधित सूची से बाहर हुए 24 पटवारियों में से 20 हुजूर तहसील और 4 कोलार क्षेत्र में पदस्थ थे, जो विधायक रामेश्वर शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। वहीं बैरसिया क्षेत्र से केवल एक पटवारी का नाम हटने की जानकारी सामने आई है, जिससे राजनीतिक हस्तक्षेप की चर्चाएँ तेज हो गई हैं। स्थानांतरण नीति के अनुसार किसी जिले में कुल कर्मचारियों के 20 प्रतिशत से अधिक तबादले नहीं किए जा सकते; भोपाल में 243 पटवारियों के लिए अधिकतम 47 तबादले ही संभव हैं। हालांकि, 15 जून को 46 तबादले किए गए थे, और 16 जून की संशोधित सूची के बाद कुल 76 स्थानांतरण संबंधी आदेशों की स्थिति बनी, जिस पर नीति के जानकारों ने सवाल उठाए हैं। स्थानांतरण आदेश जारी करने की प्रक्रिया भी जांच के घेरे में है, क्योंकि नीति की कंडिका-42 के अनुसार सभी आदेश ई-ऑफिस प्रणाली से जारी होने चाहिए। जबकि 15 जून का मूल आदेश हस्ताक्षरित (इंक पेन) रूप में जारी हुआ, वहीं 16 जून का संशोधित आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से निकला। यह भी उल्लेखनीय है कि संशोधित आदेश में पहले वाले आदेश को स्पष्ट रूप से निरस्त करने का उल्लेख नहीं है। यह पूरा मामला अब सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) तक पहुँचने और जांच होने की संभावना है।
- मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील में स्थित ककरी गांव में सड़क योजना की स्थिति खराब बताई गई है। यह गांव हीरापुर पोस्ट के अंतर्गत आता है।1
- अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित समझौते की खबर ने वैश्विक तेल बाजारों में खलबली मचा दी है, जिसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ गिरावट दर्ज की गई है। इस घटनाक्रम का सीधा और महत्वपूर्ण लाभ भारत जैसे बड़े तेल आयात करने वाले देश को मिल सकता है।1
- योग दिवस के अवसर पर, महामहिम राष्ट्रपति महोदय, महामहिम राज्यपाल महोदय और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- मध्य प्रदेश के जबलपुर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योगाभ्यास किया।1
- भोपाल के चूना भट्टी इलाके में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस पर एक युवक के साथ अभद्रता करने का आरोप लगा है। वायरल हो रहे वीडियो में दिखाया गया है कि चेकिंग के समय पुलिसकर्मियों ने युवक का हाथ पकड़ा, जिसके बाद कथित तौर पर बदसलूकी हुई। इस घटना को लेकर भोपाल पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने योग को हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित अष्टांग योग की अवधारणा केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तन, मन और आत्मा के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि योग के नियमित अभ्यास से व्यक्ति अपने शरीर को स्वस्थ, मन को शांत तथा जीवन को सुखी, संतुलित और आनंदमय बना सकता है।1
- रतनपुर पंचायत के तहत आने वाले ककरारी गाँव में गंदगी और सड़क योजना की खराब स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज की गई है। सबलगढ़ तहसील और हीरापुर पोस्ट के अंतर्गत यह गाँव आता है। शिकायत के अनुसार, ककरारी गाँव में अत्यधिक गंदगी है और सड़क निर्माण या रखरखाव की योजना सही ढंग से लागू नहीं की गई है। स्थानीय संदर्भ में सरपंच का भी उल्लेख किया गया है।1
- भोपाल के शाहजहाँनाबाद थाना क्षेत्र में एक व्यापारी से लूटपाट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस वारदात में दुकान के ही एक नौकर की संलिप्तता का खुलासा हुआ है, जिन्होंने एक व्यापारी से चाकू दिखाकर 2 लाख रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने आरोपियों से घटना में प्रयुक्त चाकू, वाहन और 1 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। दिनांक 16/17 जून 2026 की मध्य रात्रि को फरियादी दिलीप आरतवानी (46) ने शाहजहाँनाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी के अनुसार, 16 जून 2026 की रात करीब 11:00 बजे जब वे अपनी किराने की दुकान बंद करके 2 लाख रुपये अपनी एक्टिवा गाड़ी की डिग्गी में रखकर घर जा रहे थे, तब देवीबाई धर्मशाला के पास गड्ढे के कारण गाड़ी धीमी करने पर पीछे से एक स्कूटी पर सवार तीन लड़कों ने उनकी गाड़ी रोक दी। असंतुलित होकर गिरने के बाद एक लड़के ने उनकी गर्दन पर चाकू रखकर धमकी दी, जबकि दूसरे लड़के ने गाड़ी की चाबी निकालकर डिग्गी से 2 लाख रुपये लूट लिए और फरार हो गए। इस रिपोर्ट पर थाना शाहजहाँनाबाद में अप.क्र. 342/26 धारा 309(6), 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस आयुक्त नगरीय भोपाल श्री संजय कुमार ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई संपत्ति की बरामदगी के निर्देश दिए। इन निर्देशों के बाद, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान और पुलिस उपायुक्त जोन-03 भोपाल श्री आयुष गुप्ता के मार्गदर्शन में, अति. पुलिस उपायुक्त जोन-03 श्रीमती शालिनी दीक्षित व सहायक पुलिस आयुक्त अनुभाग शाहजहाँनाबाद श्री अनिल वाजपेयी के पर्यवेक्षण में शाहजहाँनाबाद संभाग की संयुक्त पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने घटना स्थल और आसपास के 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी सहायता व मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। मुखबिर की सूचना पर प्रेम शर्मा (20) निवासी कोच फैक्ट्री छोला भोपाल और अभिषेक पंथी (20) निवासी रासला खेड़ी भानपुर भोपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिस पर दोनों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी प्रेम शर्मा से 50,000 रुपये नकद और आरोपी अभिषेक पंथी से 50,000 रुपये नकद, एक चाकू तथा घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किया है। शेष अन्य लूटी गई राशि के संबंध में गहन पूछताछ जारी है। गिरफ्तार आरोपी प्रेम शर्मा के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का एक आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज है। इस सफल कार्यवाही में थाना प्रभारी उमेश पाल सिंह चौहान सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।1