बांदा की तहसील सदर अंतर्गत ग्राम पंचायत अछरौंड़ भीषण गर्मी के बीच गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है। पिछले 10 दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे ग्रामीण लगभग दो किलोमीटर दूर नदी से दूषित पानी लाने को विवश हैं। इस स्थिति के कारण गांव में उल्टी-दस्त समेत कई बीमारियां फैलने लगी हैं और ग्रामीणों ने इस संकट को 'अभिशाप' बताया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल विभाग की घोर लापरवाही और वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं के कारण यह त्रासदी उत्पन्न हुई है। गांव में जल संस्थान भूरागढ़ और जल जीवन मिशन-नमामि गंगे योजना के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जानी है, लेकिन 10 दिनों से एक बूंद पानी नहीं पहुंचा है। गांव की पूरी पेयजल व्यवस्था रिंगबोर (नलकूप) पर निर्भर है, जहाँ से टंकी तक बिछाई गई प्लास्टिक की पाइपलाइन जर्जर हो चुकी है और नलकूप के दबाव को सहन न कर पाने के कारण आए दिन फट जाती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पाइपलाइन बिछाने में भारी धांधली हुई थी। वर्ष 2022 में इस समस्या से उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन जलशक्ति राज्यमंत्री मा. रामकेश निषाद को भी अवगत कराया गया था, जिसके बाद सर्किट हाउस बांदा में तत्कालीन महाप्रबंधक पुरूषोत्तम यादव की मौजूदगी में जांच के बाद पाइपलाइन बदलने के आदेश दिए गए थे। हालांकि, आज तक न तो जांच रिपोर्ट सामने आई और न ही पाइपलाइन बदली गई। गांव में हैंडपंप भी खारे पानी के कारण सफल नहीं हैं और अधिकांश कुएं सूख चुके हैं, जिससे पूरा गांव अब केवल एक कुएं और नदी के दूषित पानी पर निर्भर है। ग्रामीणों ने, जिनमें विमल कुमार द्विवेदी, घासीराम निषाद, रामदेव द्विवेदी, रामनारायण शुक्ला, दिनेश शुक्ला, संत कुमार मिश्रा, सुधीर द्विवेदी, ज्ञान सिंह सहित दर्जनों लोग शामिल हैं, जिलाधिकारी बांदा, अमित असेरी को प्रार्थना पत्र सौंपकर तुरंत बोर से टंकी तक मजबूत लोहे की पाइपलाइन डलवाने, नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल करने और लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी अमित असेरी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभाग से दो दिनों के भीतर रिपोर्ट तलब करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, जिलाधिकारी कार्यालय से बाहर निकलने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता घासीराम निषाद ने पत्रकारों से बात करते हुए चेतावनी दी कि यदि आने वाले एक सप्ताह के भीतर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो 01 जून 2026 दिन सोमवार को समस्त ग्रामीण – महिलाएं, पुरुष, बच्चे-बच्चियां – डिब्बे, बाल्टी और घड़े लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर संबंधित लापरवाह विभाग के विरोध में शांतिपूर्ण धरना देने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई और गांव की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। गांव में बढ़ते जल संकट और ग्रामीणों के आक्रोश ने अब प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है, और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
बांदा की तहसील सदर अंतर्गत ग्राम पंचायत अछरौंड़ भीषण गर्मी के बीच गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है। पिछले 10 दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे ग्रामीण लगभग दो किलोमीटर दूर नदी से दूषित पानी लाने को विवश हैं। इस स्थिति के कारण गांव में उल्टी-दस्त समेत कई बीमारियां फैलने लगी हैं और ग्रामीणों ने इस संकट को 'अभिशाप' बताया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जल विभाग की घोर लापरवाही और वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं के कारण यह त्रासदी उत्पन्न हुई है। गांव में जल संस्थान भूरागढ़ और जल जीवन मिशन-नमामि गंगे योजना के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जानी है, लेकिन 10 दिनों से एक बूंद पानी नहीं पहुंचा है। गांव की पूरी पेयजल व्यवस्था रिंगबोर (नलकूप) पर निर्भर है, जहाँ से टंकी तक बिछाई गई प्लास्टिक की पाइपलाइन जर्जर हो चुकी है और नलकूप के दबाव को सहन न कर पाने के कारण आए दिन फट जाती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया
है कि पाइपलाइन बिछाने में भारी धांधली हुई थी। वर्ष 2022 में इस समस्या से उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन जलशक्ति राज्यमंत्री मा. रामकेश निषाद को भी अवगत कराया गया था, जिसके बाद सर्किट हाउस बांदा में तत्कालीन महाप्रबंधक पुरूषोत्तम यादव की मौजूदगी में जांच के बाद पाइपलाइन बदलने के आदेश दिए गए थे। हालांकि, आज तक न तो जांच रिपोर्ट सामने आई और न ही पाइपलाइन बदली गई। गांव में हैंडपंप भी खारे पानी के कारण सफल नहीं हैं और अधिकांश कुएं सूख चुके हैं, जिससे पूरा गांव अब केवल एक कुएं और नदी के दूषित पानी पर निर्भर है। ग्रामीणों ने, जिनमें विमल कुमार द्विवेदी, घासीराम निषाद, रामदेव द्विवेदी, रामनारायण शुक्ला, दिनेश शुक्ला, संत कुमार मिश्रा, सुधीर द्विवेदी, ज्ञान सिंह सहित दर्जनों लोग शामिल हैं, जिलाधिकारी बांदा, अमित असेरी को प्रार्थना पत्र सौंपकर तुरंत बोर से टंकी तक मजबूत लोहे की पाइपलाइन डलवाने, नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल करने और लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी अमित
असेरी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभाग से दो दिनों के भीतर रिपोर्ट तलब करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, जिलाधिकारी कार्यालय से बाहर निकलने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता घासीराम निषाद ने पत्रकारों से बात करते हुए चेतावनी दी कि यदि आने वाले एक सप्ताह के भीतर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो 01 जून 2026 दिन सोमवार को समस्त ग्रामीण – महिलाएं, पुरुष, बच्चे-बच्चियां – डिब्बे, बाल्टी और घड़े लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर संबंधित लापरवाह विभाग के विरोध में शांतिपूर्ण धरना देने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई और गांव की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। गांव में बढ़ते जल संकट और ग्रामीणों के आक्रोश ने अब प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है, और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
- बांदा की सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक ने बताया कि दिनांक 23.05.2026 को थाना कोतवाली नगर में आयोजित थाना समाधान दिवस पर एक मामला सामने आया था। इस दौरान एक प्रतिवादी को थाने बुलाया गया था, जिसने वहाँ उपस्थित उपजिलाधिकारी के साथ अभद्रता की। इस घटना के बाद उपजिलाधिकारी के आदेश पर उस व्यक्ति का चालान किया गया। यह भी संज्ञान में आया है कि उसी शाम, इस प्रतिवादी की बेटी ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी स्थिति सामान्य बताई गई है। इस पूरे प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में रेलवे स्टेशन से एक 2 वर्षीय मासूम बच्चे के अपहरण और उसे नहर में फेंकने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 3 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। यह घटना रविवार शाम करीब 8:30 बजे डायल-112 पर मिली सूचना से शुरू हुई, जिसमें बताया गया कि बांदा रेलवे स्टेशन से एक अज्ञात व्यक्ति 2 साल के बच्चे को उठा ले गया है। सूचना मिलते ही बांदा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, एसओजी और अन्य पुलिस टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया। उच्चाधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू करवाई। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला कि यह घटना शाम करीब 5:30 बजे हुई थी, जब बच्चे की मां और परिवार के सदस्य मुंबई जाने के लिए ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंचे थे और इसी दौरान आरोपी बच्चे को अपने साथ ले गया। पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और त्रिनेत्र ऐप की मदद से आरोपी की लोकेशन तिंदवारी रोड की ओर ट्रेस की। इसी बीच, कोतवाली देहात और एसओजी की टीम महोकर चौराहे के पास गश्त कर रही थी। पुलिस की घेराबंदी देखकर आरोपी ने बच्चे को नहर में फेंक दिया और भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी किशन निवासी तिंदवारी को मौके से पकड़ लिया और तुरंत नहर से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बांदा पुलिस और आरपीएफ टीम ने मासूम बच्चे को उसके परिजनों को सकुशल सौंप दिया है। इस मामले में पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खण्डेह गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब कलारन तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चे गहरे गड्ढे में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि तालाब में पिछले साल हुए अवैध मिट्टी खनन के कारण कई गहरे गड्ढे बन गए थे और इन्हीं गड्ढों में बच्चे फंस गए। मृतकों की पहचान 10 वर्षीय प्रबल यादव, 9 वर्षीय आदित्य कुशवाहा और 10 वर्षीय भोला कुशवाहा के रूप में हुई है। हादसे के बाद साथी बच्चों और ग्रामीणों ने तीनों को तालाब से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मौदहा पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुमार वर्मा ने बताया कि इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।3
- उन व्यक्तियों के लिए घर बैठे काम करने का एक अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है, जो अपने घर से ही काम करना चाहते हैं। इस अवसर का लाभ उठाने के इच्छुक लोग व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें 9913082546 नंबर पर 'YES' लिखकर भेजना होगा।1
- जारी की गई एक महत्वपूर्ण चेतावनी में लोगों से अत्यंत सावधान रहने का आग्रह किया गया है। कहा गया है कि एक विशेष वीडियो को ध्यान से सुनना और बताई गई बातों पर गौर करना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि ज़रा सी लापरवाही से आपके बैंक खाते में जमा सारी रकम एक ही सेकंड में खाली हो सकती है। यह चेतावनी संभावित वित्तीय धोखाधड़ी से बचने और सतर्कता बरतने के महत्व को रेखांकित करती है।1
- जनपद महोबा में, किसानों की मेहनत पर डाका डालने वाले वायरिंग चोरों का आखिरकार ग्रामीणों ने खुद भंडाफोड़ कर दिया है। यह कार्रवाई ग्रामीणों द्वारा उन चोरों के खिलाफ की गई, जो क्षेत्र में किसानों की वायरिंग चुराते थे।1
- जनपद बांदा में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से बांदा पुलिस को डायल यूपी-112 के लिए 9 नए पीआरवी वाहन प्राप्त हुए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक और नोडल अधिकारी डायल यूपी-112 शिवराज ने बुधवार को पुलिस लाइन से इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डायल यूपी-112 मुख्यालय से बांदा को मिले इन 9 वाहनों में 3 चार पहिया स्कॉर्पियो और 6 दो पहिया पल्सर बाइक शामिल हैं, जिससे जिले में पीआरवी वाहनों की संख्या में वृद्धि हुई है। एएसपी शिवराज ने बताया कि इन नए पीआरवी वाहनों से आपातकालीन पुलिस सेवा अधिक प्रभावी होगी। इससे जिले में गश्त की सघनता बढ़ेगी और किसी भी सूचना पर पुलिस का रिस्पांस टाइम काफी कम हो जाएगा, जिससे 112 पर कॉल करने पर पुलिस और तेजी से मौके पर पहुंचेगी। इस अवसर पर सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ नगर/लाइन मेविस टॉक और क्षेत्राधिकारी सदर/डायल यूपी-112 सौरभ सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- फेल्प्स 3डी के भव्य शुभारंभ समारोह के अवसर पर, भाजपा के वरिष्ठ नेता श्याम मोहन धुरिया ने प्रतिष्ठान का अवलोकन किया। उन्होंने इस दौरान प्रतिष्ठान की गतिविधियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।1
- जो लोग घर बैठे काम करने के इच्छुक हैं, उनके लिए एक अवसर उपलब्ध कराया गया है। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए, इच्छुक व्यक्ति दिए गए नंबर 9913082546 पर WhatsApp के माध्यम से 'YES' लिखकर भेज सकते हैं।1