जिला स्तरीय दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ नावाडीह (बोकारो): कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण आत्मा, बोकारो के संयुक्त तत्वावधान एवं आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति द्वारा संचालित कृषक पाठशाला के प्रशिक्षण केंद्र, नावाडीह में शनिवार को दो दिवसीय जिला स्तरीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति के सचिव बासुदेव शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 30 किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती, प्राकृतिक कृषि, उन्नत फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन, मूल्य संवर्धन तथा कृषि आधारित स्वरोजगार के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर सचिव बासुदेव शर्मा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बदलती तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। किसानों को वैज्ञानिक एवं उन्नत खेती की जानकारी उपलब्ध कराने से उत्पादन के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसानों को प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने तथा अन्य किसानों तक भी इसकी जानकारी पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कृषक पाठशाला के माध्यम से समय-समय पर उन्नत खेती, प्राकृतिक कृषि, फसल विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण एवं बाजार से जुड़ाव संबंधी प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं, ताकि किसान कम लागत में अधिक उत्पादन कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें। प्रशिक्षण के प्रथम दिन प्रशिक्षक नेमचंद नायक एवं संतोष कुमार ने उन्नत कृषि तकनीक, धान की वैज्ञानिक खेती, संतुलित पोषण प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों पर विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान किसानों को प्रायोगिक प्रशिक्षण के माध्यम से बीज उपचार, बीज से गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने की विधि तथा नर्सरी प्रबंधन का भी अभ्यास कराया गया। किसानों ने विशेषज्ञों से अपनी कृषि संबंधी समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान भी प्राप्त किए। कार्यक्रम में अनवर अंसारी, भुवनेश्वर महतो, अरुण कुमार, अजय कुमार, उदय साव, मदन महतो, सागर कुमार, कालेश्वर महतो, राकेश कुमार, सुनीता देवी, संजय कुमारी, प्रभा देवी, तुलावती देवी, मालती कुमारी, प्रेमलता देवी, बबीता देवी, अंजनी देवी, जगनी देवी सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान उपस्थित थे।
जिला स्तरीय दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ नावाडीह (बोकारो): कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण आत्मा, बोकारो के संयुक्त तत्वावधान एवं आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति द्वारा संचालित कृषक पाठशाला के प्रशिक्षण केंद्र, नावाडीह में शनिवार को दो दिवसीय जिला स्तरीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति के सचिव बासुदेव शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 30 किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती, प्राकृतिक कृषि, उन्नत फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन, मूल्य संवर्धन तथा कृषि आधारित स्वरोजगार के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर सचिव बासुदेव शर्मा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बदलती तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। किसानों को वैज्ञानिक एवं उन्नत खेती की जानकारी उपलब्ध कराने से उत्पादन के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसानों को प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने तथा अन्य किसानों तक भी इसकी जानकारी पहुंचाने का प्रयास
करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कृषक पाठशाला के माध्यम से समय-समय पर उन्नत खेती, प्राकृतिक कृषि, फसल विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण एवं बाजार से जुड़ाव संबंधी प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं, ताकि किसान कम लागत में अधिक उत्पादन कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें। प्रशिक्षण के प्रथम दिन प्रशिक्षक नेमचंद नायक एवं संतोष कुमार ने उन्नत कृषि तकनीक, धान की वैज्ञानिक खेती, संतुलित पोषण प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों पर विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान किसानों को प्रायोगिक प्रशिक्षण के माध्यम से बीज उपचार, बीज से गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने की विधि तथा नर्सरी प्रबंधन का भी अभ्यास कराया गया। किसानों ने विशेषज्ञों से अपनी कृषि संबंधी समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान भी प्राप्त किए। कार्यक्रम में अनवर अंसारी, भुवनेश्वर महतो, अरुण कुमार, अजय कुमार, उदय साव, मदन महतो, सागर कुमार, कालेश्वर महतो, राकेश कुमार, सुनीता देवी, संजय कुमारी, प्रभा देवी, तुलावती देवी, मालती कुमारी, प्रेमलता देवी, बबीता देवी, अंजनी देवी, जगनी देवी सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान उपस्थित थे।
- तेलो में पूर्व मंत्री स्व जगरनाथ महतो की जयंती मनायी गया, 1 सौ साड़ी एवं 50 किलो दूध का खीर का वितरण किया गया। पूर्व मंत्री स्वर्गीय जगरनाथ महतो की 59वीं जयंती समारोह तेलो के शंकर चौक में झारखंड नव निर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश वर्णवाल के नेतृत्व में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महतो मार्केट से गाजे बाजे के साथ जगरनाथ बाबू अमर, जबतक सूरज चांद रहेगा टाइगर जगरनाथ बाबू तेरा नाम अमर रहेगा के नारे लगाते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुँचकर कर जगरनाथ महतो के चित्र पर माल्यापर्ण करते हुए सभी लोगो ने नमन किया। इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष गणेश वर्णवाल के द्वारा 1सौ गरीब महिलाओं के बीच साड़ी वितरण एवं 50 किलो दूध का खीर वितरण किया। गणेश वर्णवाल ने कहा कि पूर्व मंत्री स्व. जगरनाथ महतो किसी एक पार्टी के नेता नहीं थे, बल्कि पूरे जनमानस के नेता थे। वे हर आदमी के दुख-सुख में खड़े रहते थे। गरीब, किसान, मजदूर और नौजवानों की आवाज बनकर उन्होंने हमेशा संघर्ष किया। शिक्षा और रोजगार के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है। स्व. जगरनाथ महतो का जन्म 4 जनवरी 1967 को बोकारो के डुमरी में हुआ था। वे "टाइगर" के नाम से प्रसिद्ध थे। डुमरी से 4 बार विधायक और झारखंड सरकार में शिक्षा मंत्री रहे। शिक्षा, रोजगार और आदिवासी-मूलवासी के हक की लड़ाई में उनकी अहम भूमिका रही। साथ ही कहा कि मंत्री के छोटे से कार्याकाल मे शिक्षा के क्षेत्र में जो कार्य किए है वो आज भी असमरणीय है। आज उनकी कमी पूरे झारखंड को खल रही है। ऐसे जननेता को हमारा शत-शत नमन। जयंती समारोह में अजीत सोनी, शक्ति ठाकुर, राजन कुमार, जगदीश रजक, पूर्व शिक्षक कुंज बिहारी महतो, लोकनाथ गोप, शंकर कुमार, सुनील कुमार, महेश बरनवाल, सुल्तान अंसारी, सबा खान, मोहम्मद इजहार समेत सैकड़ो की संख्या में लोग स्व जगन्नाथ बाबू की चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया।1
- धनबाद के बहुचर्चित के.के. पॉलिटेक्निक–उप डाकघर घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को ईडी की टीम लोयाबाद तीन नंबर स्थित पंकज चौहान के आवास पर पहुंची और छापेमारी की।1
- 👉 “ED की कार्रवाई से खुलेंगे सट्टेबाजों का राज?” 👉 “पंकज–बाघमारा का पप्पू और राका का खेल!” #लोयाबाद #बाघमारा #धनबाद #EDRaid #EDAction #ईडी #पंकजचौहान #सट्टेबाजी #सट्टाकनेक्शन #BreakingNews #DhanbadNews #Loyabad #Baghmara #BulandSandesh #बुलंदसंदेश #बेबाकखबरें1
- झारखण्ड नौकरी या व्यापार झारखण्ड सरकार,JPSC/JSSC नौकरी नियुक्ती निकाल कर व्यापार कर रही है #jpsc #jssc #jharkhand #dhanbad #paperleak1
- धनबाद में सखियाम फाउंडेशन का द्वितीय स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मना : राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत झारखंड प्रदेश अध्यक्ष जहीरूद्दीन खान को किया गया सम्मानित1
- एक आवाज प्रदूषण के खिलाफ संगठन और उसरी बचाव अभियान के लोगों ने चलाया जनसंपर्क अभियान एक आवाज प्रदूषण के खिलाफ संगठन और उसरी बचाव अभियान के लोगों ने मानव श्रृंखला बनाने को लेकर शुक्रवार शाम 5 बजे को टुंडी रोड के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान जल जंगल और जमीन बचाने को लेकर गंभीर चर्चा की गई। चतरो स्थित बालमुकुंद स्पंज आयरन फैक्ट्री द्वारा उसरी नदी से पाइपलाइन के माध्यम से फैक्ट्री में पानी लाने के लिए बिछाए जा रहे पाइपलाइन के विरोध में ग्रामीणों ने अभियान छेड़ दिया है।1
- रोजगार के लिए गए काड़ामारा गांव के 35 वर्षीय युवक विजय सिंह की ओडिशा के एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत। रोजगार की तलाश में पलायन करना चंद्रपुरा प्रखंड के एक और परिवार के लिए भारी पड़ गया। तुरियो पंचायत अंतर्गत काड़ामारा गांव निवासी 35 वर्षीय विजय सिंह की ओडिशा के एक निजी अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गया। जानकारी के अनुसार विजय सिंह पिछले तीन महीने से ओडिशा राज्य के झारसुगुड़ा में स्थित रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड स्टील प्लांट में मजदूरी का काम कर रहा था। परिजनों ने बताया कि पिछले दो दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। बुधवार को सुबह अस्पताल से ही उसने वीडियो कॉल के माध्यम से पत्नी से बातचीत भी की थी। शाम में उनकी मृत्यु हो जाने की सूचना दी। मृतक की पत्नी ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण विजय रोजगार के लिए ओडिशा गया था। वह बहुत मेहनती था और परिवार का भरण-पोषण के लिए कठिन परिस्थितियों में भी काम करता था। उसका घर का भी स्थिति ठीक नहीं। खपरा का कच्चा मकान है। वह भी गिरने के कगार पर है। नतीजन वह अपने मायके में रहती थी। उनका शव गुरुवार-शुक्रवार की रात्रि 2 बजे पैतृक गांव कांडामारा लाया गया। इधर विजय की मौत की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियों और एक पुत्र को छोड़ गया है। चार छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। शव पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक अपने घर का इकलौता पुत्र था। उसके पिता भी 6 साल पहले मृत्यु हो गया है। शुक्रवार को उनका दाहसंस्कार किया जाएगा।1
- Slug:- मिड डे मील बनाते समय स्कूल में गैस सिलेंडर में लगी आग, बड़ा हादसा टला बलियापुर के हरिबोल थान प्राथमिक विद्यालय में मची अफरातफरी............ पंचायत समिति सदस्य और ग्रामीणों की सूझबूझ से बच्चों की जान बची............... Anchor:- धनबाद के बलियापुर प्रखंड स्थित नया प्राथमिक विद्यालय हरिबोल थान (मुकुंदा) में शुक्रवार को मिड डे मील तैयार करने के दौरान गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते सिलेंडर से तेज लपटें उठने लगीं और पूरे विद्यालय में अफरातफरी मच गई। बच्चों की चीख-पुकार के बीच प्रधानाध्यापक, पंचायत समिति सदस्य और ग्रामीणों की सूझबूझ से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जलते सिलेंडर को विद्यालय परिसर से बाहर कर आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। शुक्रवार को हरिबोल थान स्थित नया प्राथमिक विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाया जा रहा था। इसी दौरान गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठते ही विद्यालय परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। बच्चे डरकर कक्षाओं से बाहर निकलने लगे। सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। प्रधानाध्यापक गिरधारी महतो ने तत्काल सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया। इसी बीच मुकुंदा पंचायत समिति सदस्य हीरालाल मोदक मौके पर पहुंचे और साहस दिखाते हुए डंडे की सहायता से जलते गैस सिलेंडर को विद्यालय परिसर से बाहर कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने पानी, बालू और भीगे हुए बोरे की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि सिलेंडर में विस्फोट नहीं हुआ, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। एहतियात के तौर पर बिना मध्याह्न भोजन कराए ही बच्चों की छुट्टी कर दी गई। हीरालाल मोदक ने कहा कि जैसे ही सूचना मिली, मैं तुरंत विद्यालय पहुंचा। वहां देखा कि एमडीएम बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लगी हुई थी और बच्चे डरे हुए थे। सबसे पहले सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद जलते सिलेंडर को बाहर कर ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई गई। यह सिलेंडर आज ही मंगाया गया था। आग लगने के कारणों की जांच होनी चाहिए। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। Byte:- हीरालाल मोदक – पंचायत समिति सदस्य, मुकुंदा। V/O-Final:- विद्यालय में समय रहते आग पर काबू पा लेने से सभी बच्चों की जान सुरक्षित बच गई। हालांकि इस घटना ने स्कूलों में गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।2