कामां में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान चरण पहाड़ी अगरावली पुलिया पर ड्यूटी कर रहे एक पुलिस कांस्टेबल पर श्रद्धालुओं से अभद्र भाषा में बात करने और अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग व्यवस्था के दौरान कांस्टेबल ने कुछ श्रद्धालुओं के साथ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे परिक्रमार्थियों में गहरी नाराजगी व्याप्त हो गई है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसमें स्थानीय लोगों और परिक्रमा यात्रियों को कथित पुलिसकर्मी से तीखी बहस करते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। श्रद्धालुओं ने बताया कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं और ऐसे धार्मिक आयोजनों में पुलिसकर्मियों से संयमित तथा सौहार्दपूर्ण व्यवहार की अपेक्षा रहती है। आरोप है कि संबंधित कांस्टेबल के इस व्यवहार से कुछ यात्रियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। इसी बीच, जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. परिक्रमा मार्ग का लगातार दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। एसपी स्वयं श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं, जिसकी परिक्रमार्थियों ने सराहना भी की है। श्रद्धालुओं का यह भी कहना है कि जहाँ अधिकतर पुलिसकर्मी सेवा और सहयोग की भावना से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वहीं एक पुलिसकर्मी पर लगे ऐसे आरोप पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित कर सकते हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जाँच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कामां में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान चरण पहाड़ी अगरावली पुलिया पर ड्यूटी कर रहे एक पुलिस कांस्टेबल पर श्रद्धालुओं से अभद्र भाषा में बात करने और अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग व्यवस्था के दौरान कांस्टेबल ने कुछ श्रद्धालुओं के साथ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे परिक्रमार्थियों में गहरी नाराजगी व्याप्त हो गई है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसमें स्थानीय लोगों और परिक्रमा यात्रियों को कथित पुलिसकर्मी से तीखी बहस करते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। श्रद्धालुओं ने बताया कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं और ऐसे धार्मिक आयोजनों में पुलिसकर्मियों से संयमित तथा सौहार्दपूर्ण व्यवहार की अपेक्षा रहती है। आरोप है कि संबंधित कांस्टेबल के इस व्यवहार से कुछ यात्रियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। इसी बीच, जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. परिक्रमा मार्ग का लगातार दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। एसपी स्वयं श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं, जिसकी परिक्रमार्थियों ने सराहना भी की है। श्रद्धालुओं का यह भी कहना है कि जहाँ अधिकतर पुलिसकर्मी सेवा और सहयोग की भावना से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वहीं एक पुलिसकर्मी पर लगे ऐसे आरोप पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित कर सकते हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जाँच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
- राज्य सरकार के निर्देशों के तहत जिले में संचालित वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 ग्रामीण विकास और स्वावलंबन का एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। इस महाअभियान के अंतर्गत जहाँ जल एवं पर्यावरण संरक्षण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अभूतपूर्व कदम उठाए जा रहे हैं। इसी सकारात्मक पहल के फलस्वरूप ग्रामीण महिलाएँ राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) से जुड़कर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरक और सफल कहानी डीग जिले के बहताना गाँव की निवासी रीना कुमारी सैनी की है। वन्दे गंगा अभियान के तहत ग्रामीण सशक्तीकरण की मुहिम से प्रेरित होकर रीना ने स्वयं को राजीविका से जोड़ा और आज वे ग्रामीण अंचल में वित्तीय साक्षरता की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी हैं। रीना ने बताया कि वे अपने गाँव के ओम शांति राजीविका स्वयं सहायता समूह की एक सक्रिय सदस्य हैं और इसमें बीके के पद पर सेवाएँ दे रही हैं। इसके अतिरिक्त, वे ज्योति राजीविका महिला ग्राम संगठन से भी जुड़ी हुई हैं, जहाँ वे वीओए का दायित्व निभा रही हैं। रीना ने राजीविका के माध्यम से बैंक सखी का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया और वर्तमान में एक बैंक सखी के रूप में कार्यरत हैं, जो दूरदराज के ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने का उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। रीना ने साझा किया कि बैंक सखी के रूप में कार्य करते हुए उन्हें हर स्तर पर सकारात्मक सहयोग मिला है, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर हो गई हैं। अपनी इस उल्लेखनीय सफलता, आर्थिक सुदृढ़ीकरण और आजीविका के नए एवं सम्मानजनक अवसर प्रदान करने के लिए उन्होंने राजस्थान सरकार और राजीविका का हृदय से आभार व्यक्त किया है। वन्दे गंगा अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं के जीवन में व्यापक बदलाव आ रहा है और रीना कुमारी सैनी राजीविका से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी हैं।1
- राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में चल रहा वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 ग्रामीण विकास और स्वावलंबन का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। इस महाभियान के तहत न केवल जल और पर्यावरण संरक्षण के उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी सकारात्मक पहल के परिणामस्वरूप ग्रामीण महिलाएं राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) से जुड़कर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। डीग जिले के बहताना की निवासी रीना कुमारी सैनी ऐसी ही एक प्रेरक और सफल कहानी का हिस्सा हैं। वन्दे गंगा अभियान के तहत ग्रामीण सशक्तिकरण की मुहिम से प्रेरित होकर रीना ने खुद को राजीविका से जोड़ा। आज वह ग्रामीण अंचल में वित्तीय साक्षरता की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी हैं। रीना ने बताया कि वह अपने गांव के ओम शांति राजीविका स्वयं सहायता समूह की एक सक्रिय सदस्य हैं और उसमें बीके के पद पर सेवा दे रही हैं। इसके अतिरिक्त, वह ज्योति राजीविका महिला ग्राम संगठन से भी जुड़ी हुई हैं, जहां वह वीओए का दायित्व निभा रही हैं। राजीविका के माध्यम से बैंक सखी का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, वह वर्तमान में बैंक सखी के रूप में कार्यरत हैं और दूरदराज के ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। रीना ने साझा किया कि बैंक सखी के रूप में कार्य करते हुए उन्हें हर स्तर पर सकारात्मक सहयोग मिला है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर हो गई हैं। अपनी इस उल्लेखनीय सफलता, आर्थिक सुदृढ़ीकरण और आजीविका के नए एवं सम्मानजनक अवसर प्रदान करने के लिए उन्होंने राजस्थान सरकार और राजीविका का हृदय से आभार व्यक्त किया है, जो वन्दे गंगा अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं के जीवन में व्यापक बदलाव ला रहा है।1
- भागवत कथा, रामकथा, भजन संध्या, सुंदरकांड और रामायण जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान व्यापार न चलाने का निर्देश दिया गया है।1
- पुण्य और धार्मिक आयोजनों के लिए सर्वश्रेष्ठ माने जाने वाले अधिक मास में शनिवार को पूर्णिमा के दिन लाखों भक्तों ने गिरिराज परिक्रमा की। इस दौरान अत्यधिक भीड़ और भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के कारण मंदिर दानघाटी पर भयंकर जाम की स्थिति बन गई। दूर-दूर से आए भक्तों ने गिरिराज जी को दूध और प्रसाद चढ़ाकर अपनी परिक्रमा पूरी की। भक्ति का यह सैलाब अधिक मास के 15 दिन पूरे कर चुका है और यह सिलसिला 15 जून तक जारी रहेगा। पुरुषोत्तम मास में उमड़े इस जनसैलाब के दौरान ब्रज चौरासी परिक्रमा में भी बुजुर्ग, बच्चे, महिला और पुरुष सभी भक्ति में लीन दिखाई दिए। पूरी गिरिराज तलहटी गिरिराज जी के जयकारों से गूँजती रही, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।1
- राजस्थान के डीग जिले के ग्राम दीदावली में सड़क किनारे लगा एक बिजली का खंभा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में गहरा डर और चिंता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह खंभा सड़क के बेहद करीब होने के कारण किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता है और वाहन चालकों के इससे टकराने की प्रबल संभावना बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया है कि इस खतरनाक खंभे को हटाने के लिए उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। वर्तमान में 84 कोस ब्रज परिक्रमा चल रही है, जिससे इस मार्ग पर श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। ऐसे में सड़क किनारे स्थित यह खंभा परिक्रमार्थियों और आमजन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा संकट बन गया है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग और प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए खंभे को तुरंत सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।3
- कामां क्षेत्र के कलतरिया गाँव में सड़कों पर भारी जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर जाता है और जल निकासी के लिए कोई जगह नहीं बचती, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने सरकार से इस समस्या का संज्ञान लेने और उचित समाधान करने का आग्रह किया है।1
- मथुरा की पावन धरती पर 1 जून से 8 जून 2026 तक एक भव्य श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस मंगलमय कार्यक्रम में श्रद्धालु सात दिनों तक श्रीहरि की अमृतमयी कथा का रसपान कर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम अनुभव करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ 1 जून को सायं 3 बजे एक शानदार कलश यात्रा के साथ होगा। कथा के दौरान भीष्म चरित्र, कुंती चरित्र, ध्रुव चरित्र, वामन अवतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजा, दिव्य रासलीला, रुक्मिणी विवाह और कृष्ण-सुदामा चरित्र जैसे प्रेरणादायक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। कथा के साथ ही पत्रकार एवं मीडिया सम्मान, मात-पितृ सम्मान, वरिष्ठ जन सम्मान और नारी शक्ति सम्मान समारोह भी आयोजित किए जाएंगे। इस भव्य धार्मिक आयोजन का समापन 8 जून को पूर्णाहुति हवन और एक विशाल भंडारे के साथ होगा। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है, क्योंकि नारी शक्ति उड़ान एनजीओ के तत्वावधान में यह श्रीमद्भागवत कथा 1 जून से गूंजेगी और भक्ति व संस्कारों का महाकुंभ साबित होगी।1
- कटारा धाम सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, वहां प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को दरबार लगाया जाता है। इस दरबार को लाइव देखा जा सकता है। यह सूचना रिपोर्टर राजेश चौधरी द्वारा दी गई है।4