हरदा/टिमरनी के पर्यावरण सभा कक्ष में किसान कल्याण तथा कृषि विकास के तत्वावधान में एक प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को जैविक खेती की विस्तृत जानकारी देना और उन्हें इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। इस कार्यक्रम में झाड़बीड़ा, पानतलाई, आमसागर, आलमपुर, सोडलपुर, रहटगांव, फुलड़ी, नजरपुरा सहित विभिन्न ग्रामों के लगभग 200 कृषक उपस्थित रहे। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विरेन्द्र साहू ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यशाला के दौरान, कृषि वैज्ञानिक डॉ. आर.सी. जाटव ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए भविष्य में इसके संवर्धन के लिए किसानों को प्रेरित किया। कृषक गेंदलाल देवराले सिरकंबा ने अपने स्वयं के प्राकृतिक खेती के अनुभवों को साझा किया। भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा ने किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती के लाभों और इससे जुड़ी संभावित कठिनाइयों से अवगत कराया, साथ ही अपने अनुभव के आधार पर इन समस्याओं के हल भी बताए। उन्होंने सभी किसानों को कम से कम एक एकड़ भूमि में जैविक और प्राकृतिक खेती करने की सलाह दी और नई पीढ़ी के युवाओं से इस दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उपसंचालक कृषि जवाहर लाल कास्दे ने प्राकृतिक खेती में सूक्ष्म जीव वृद्धि के महत्व पर बल दिया, यह समझाते हुए कि इससे मृदा की उर्वरक उपयोग क्षमता का विकास होगा, आवश्यक तत्व पौधों को आसानी से प्राप्त होंगे, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और कृषक की लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने पशुधन पालने की भी सलाह दी। इस कार्यशाला में जनपद पंचायत अध्यक्ष रजनी राजेश कलम, उपसंचालक कृषि जवाहर लाल कास्दे, सहायक संचालक कृषि रामकृष्ण मंडलोई एवं डॉ भगवत सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ आरसी जाटव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विरेन्द्र कुमार साहू, कृषि विस्तार अधिकारी राहुल चौहान, ऋतिक तंवर एवं शिवम कुशवाह, पानतलाई कृषि क्षेत्र अधीक्षक मुकेश मेहता, आत्मा विभाग से सहायक तकनीकी प्रबंधक तृप्ति तिवारी, जनपद पंचायत हरदा से डीपीएम रामनिवास कालेश्वर, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा दिलीप गौर, जनपद उपाध्यक्ष अनिल वर्मा, प्रगतिशील कृषक एवं कार्यक्रम संयोजक रामकृष्ण मंडलोई और नर्मदाप्रसाद सावनेर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हरदा/टिमरनी के पर्यावरण सभा कक्ष में किसान कल्याण तथा कृषि विकास के तत्वावधान में एक प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को जैविक खेती की विस्तृत जानकारी देना और उन्हें इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। इस कार्यक्रम में झाड़बीड़ा, पानतलाई, आमसागर, आलमपुर, सोडलपुर, रहटगांव, फुलड़ी, नजरपुरा सहित विभिन्न ग्रामों के लगभग 200 कृषक उपस्थित रहे। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विरेन्द्र साहू ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यशाला के दौरान, कृषि वैज्ञानिक डॉ. आर.सी. जाटव ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए भविष्य में इसके संवर्धन के लिए किसानों को प्रेरित किया। कृषक गेंदलाल देवराले सिरकंबा ने अपने स्वयं के प्राकृतिक खेती के अनुभवों को साझा किया। भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा ने किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती के लाभों और इससे जुड़ी संभावित कठिनाइयों से अवगत कराया, साथ ही अपने अनुभव के आधार पर इन समस्याओं के हल भी बताए। उन्होंने सभी किसानों को कम से कम एक एकड़ भूमि में जैविक और प्राकृतिक खेती करने की सलाह दी और नई पीढ़ी के युवाओं से इस दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उपसंचालक कृषि जवाहर लाल कास्दे ने प्राकृतिक खेती में सूक्ष्म जीव वृद्धि के महत्व पर बल दिया, यह समझाते हुए कि इससे मृदा की उर्वरक उपयोग क्षमता का विकास होगा, आवश्यक तत्व पौधों को आसानी से प्राप्त होंगे, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और कृषक की लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने पशुधन पालने की भी सलाह दी। इस कार्यशाला में जनपद पंचायत अध्यक्ष रजनी राजेश कलम, उपसंचालक कृषि जवाहर लाल कास्दे, सहायक संचालक कृषि रामकृष्ण मंडलोई एवं डॉ भगवत सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ आरसी जाटव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विरेन्द्र कुमार साहू, कृषि विस्तार अधिकारी राहुल चौहान, ऋतिक तंवर एवं शिवम कुशवाह, पानतलाई कृषि क्षेत्र अधीक्षक मुकेश मेहता, आत्मा विभाग से सहायक तकनीकी प्रबंधक तृप्ति तिवारी, जनपद पंचायत हरदा से डीपीएम रामनिवास कालेश्वर, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा दिलीप गौर, जनपद उपाध्यक्ष अनिल वर्मा, प्रगतिशील कृषक एवं कार्यक्रम संयोजक रामकृष्ण मंडलोई और नर्मदाप्रसाद सावनेर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
- हरदा जिले में जिला स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला सह कृषक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया है। इस कार्यक्रम के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती के विषय पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।1
- कन्नौद पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ दरियाव सिंह परमार का एक सड़क हादसे में निधन हो गया है।1
- जनपद पंचायत कन्नौद की ग्राम पंचायत इकलेरा में पंचायत सचिव और सहायक सचिव की मनमानी के कारण ग्रामीण पिछले दो माह से भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत भवन में विगत दो माह से ताले लगे हुए हैं, जिसके चलते परिसर में बड़े पैमाने पर घास उग आई है और जहरीले जीव जंतुओं का खतरा बना रहता है। इस स्थिति के कारण ग्रामीणों को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, विशेषकर छात्रों को। शासकीय और अशासकीय विद्यालय खुलने के बाद छात्रों को जाति और निवासी प्रमाण पत्रों की आवश्यकता पड़ रही है, लेकिन पंचायत भवन बंद होने से उन्हें ये प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कत आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव से इस बारे में बात की, तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि “आप कहीं भी शिकायत करो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, पंचायत मेरी मनमर्जी से चलेगी।” ग्रामीणों ने जनपद पंचायत कन्नौद के सीईओ से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि पंचायत भवन नियमित रूप से खुलना चाहिए और सचिव व सहायक सचिव को वहां बैठकर ग्राम वासियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। अपनी मनमर्जी के कारण ग्रामीणों को परेशान करने वाले सचिव के खिलाफ अब ग्राम इकलेरा के ग्रामीण कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत करने की बात कह रहे हैं।1
- केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश सरकार के अनुरोध पर राज्य में मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत मूंग उपार्जन की अनुमति दे दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले का उद्देश्य बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच किसानों को उनकी तीसरी फसल, यानी ग्रीष्मकालीन मूंग, का सही और लाभकारी मूल्य दिलाना है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिले के बाड़ी से मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को मंजूरी देने की आधिकारिक घोषणा की है। जो किसान अपनी मूंग (और उड़द) की उपज सरकार को बेचना चाहते हैं, उन्हें ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया का पालन करना होगा। यह पंजीकरण एमपी ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से आयोजित किया जाएगा। इस बार पंजीयन और खरीदी केंद्रों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन के नियमों में बदलाव किया गया है; ओटीपी के स्थान पर बायोमेट्रिक फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा पहचान प्रणाली) को अनिवार्य किया गया है। पंजीयन के लिए किसानों के पास आधार कार्ड, आधार से लिंक बैंक खाता और भूमि संबंधी दस्तावेज (खसरा/किताब) होना आवश्यक है।1
- संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन समर कैंप का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आज एक उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में कैंप में भाग लेने वाले बच्चों ने योग, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों से संबंधित अपनी आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिससे उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया। समापन समारोह के दौरान, बच्चों ने विभिन्न विशिष्ट योगासनों का प्रदर्शन किया और अनेक स्टंट तथा मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों को बच्चों के अभिभावकों और उपस्थित अतिथियों ने खूब सराहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावक, संकल्प फाउंडेशन के विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी श्रीमती पूजा हुरकट, श्रीमती पूनम झवर, श्रीमती स्मृति चौधरी, श्रीमती रुचिता मालपानी, श्रीमती ब्रजलता तोमर और श्रीमती नीलम चौधरी उपस्थित रहीं। वरिष्ठ समाजसेवी श्री सुखदेव सिंह कालोटी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। बलराम पाटर, जितेंद्र पुरविया, लोटन सिंह रघुवंशी और अनुराग मालपानी सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक भी समारोह में उपस्थित थे। ब्लॉक खेल अधिकारी अरविंद शर्मा, खेल समन्वयक प्रीतम सिंह पुरविया और कोच सचिन पुरविया ने विशेष रूप से कार्यक्रम में सहभागिता कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष केसर सिंह चौधरी ने समर कैंप के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका लक्ष्य बच्चों में सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास, अनुशासन तथा शारीरिक एवं मानसिक क्षमता का विकास करना है। उन्होंने सभी प्रतिभागी बच्चों और उनके अभिभावकों को बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही। कार्यक्रम के अंत में, समर कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार, प्रमाण-पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। सफल आयोजन के लिए अभिभावकों और अतिथियों ने संकल्प फाउंडेशन की सराहना की और संस्था के सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यों की प्रशंसा की। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।2
- इटारसी में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता दिख रहा है, जहाँ हाल ही में दो बड़ी आपराधिक घटनाएँ सामने आई हैं। दैनिक भास्कर डिजिटल के पत्रकार राकेश पटेल पर हमला किया गया, जिसके बाद नर्मदापुरम के विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा ने अस्पताल पहुँचकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, दूसरी घटना में कृषि उपज मंडी में मूँग बेचने आए शाहगंज के एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया। अज्ञात हमलावरों ने युवक की गर्दन और कमर पर चाकू से वार किया। पुलिस इन मामलों की जाँच में जुटी है और आवश्यक एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है।1
- खातेगांव कृषि उपज मंडी के उड़नदस्ते ने हरदा-इंदौर मार्ग पर टोल प्लाजा के पास चने की उपज का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रक को पकड़ा है। इस मामले में मंडी अधिनियम के तहत विधिवत कार्रवाई की जा रही है, और जांच अभी भी जारी है। पकड़े गए ट्रक में लगभग 300 क्विंटल चना भरा हुआ था। इस चने को छिंदवाड़ा से इंदौर ले जाया जाना था, लेकिन यह ट्रक खंडवा की ओर जा रहा था।1
- “जय आदिवासी” और “जय जोहार” के उद्घोष के साथ, आदिवासी समुदाय अपनी पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों को उजागर करता है। इस संदेश में प्रकृति पूजा को आदिवासियों का एक केंद्रीय सिद्धांत बताया गया है, जिसके साथ ‘सेवा जोहार’ की भावना भी जुड़ी है।1