बिलासपुर में राष्ट्रीय बजरंग दल इकाई ने बीते 13 जून को 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भेजकर इस मामले में निष्पक्ष जांच और पुनर्विचार की मांग की है, क्योंकि इस फैसले से देशभर के गौभक्तों और सनातन समाज में गहरा आक्रोश और पीड़ा व्याप्त है। यह विरोध प्रदर्शन सोमवार को जिला उपाध्यक्ष प्रमोद दिवाकर के नेतृत्व में हुआ, जहां भारी संख्या में कार्यकर्ता साप्ताहिक पैठ पर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए स्थानीय तहसील भवन तक मार्च किया और उप जिलाधिकारी अरुण कुमार से मिलकर उन्हें राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति, परंपरा और सनातन जीवन मूल्यों का अभिन्न हिस्सा रही है। इसलिए, गौ माता की रक्षा और सेवा के लिए कार्यरत गौ सेवकों को दी गई इस कठोर सजा के मामले में मानवीय और न्यायोचित दृष्टिकोण अपनाते हुए पुनः समीक्षा की जानी चाहिए। संगठन ने न्याय व्यवस्था के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं चाहते। इसके बजाय, वे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर तथ्यों के आधार पर पुनर्विचार की अपेक्षा रखते हैं। राष्ट्रीय बजरंग दल ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि इस प्रकरण में उचित कार्रवाई कर गौ सेवकों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाए। संगठन ने उम्मीद जताई कि उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए एक निष्पक्ष जांच और न्यायोचित निर्णय सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान पुष्पेंद्र गंगवार, प्रदीप गंगवार, अनिल राठौर, आकाश राठौर, विपिन सैनी, अंकुश देओल, अंश कश्यप, सुभाष कश्यप, सुनील कश्यप मिंटू सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बिलासपुर में राष्ट्रीय बजरंग दल इकाई ने बीते 13 जून को 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भेजकर इस मामले में निष्पक्ष जांच और पुनर्विचार की मांग की है, क्योंकि इस फैसले से देशभर के गौभक्तों और सनातन समाज में गहरा आक्रोश और पीड़ा व्याप्त है। यह विरोध प्रदर्शन सोमवार को जिला उपाध्यक्ष प्रमोद दिवाकर के नेतृत्व में हुआ, जहां भारी संख्या में कार्यकर्ता साप्ताहिक पैठ पर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं ने जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए स्थानीय तहसील भवन तक मार्च किया और उप जिलाधिकारी अरुण कुमार से मिलकर उन्हें राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति, परंपरा और सनातन जीवन मूल्यों का अभिन्न हिस्सा रही है। इसलिए, गौ माता की रक्षा और सेवा के लिए कार्यरत गौ सेवकों को दी गई इस कठोर सजा के मामले में मानवीय और न्यायोचित दृष्टिकोण अपनाते हुए पुनः समीक्षा की जानी चाहिए। संगठन ने न्याय व्यवस्था के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं चाहते। इसके बजाय, वे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर तथ्यों के आधार पर पुनर्विचार की अपेक्षा रखते हैं। राष्ट्रीय बजरंग दल ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि इस प्रकरण में उचित कार्रवाई कर गौ सेवकों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाए। संगठन ने उम्मीद जताई कि उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए एक निष्पक्ष जांच और न्यायोचित निर्णय सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान पुष्पेंद्र गंगवार, प्रदीप गंगवार, अनिल राठौर, आकाश राठौर, विपिन सैनी, अंकुश देओल, अंश कश्यप, सुभाष कश्यप, सुनील कश्यप मिंटू सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- बिलासपुर में बार-बार शिकायत के बाद भी समस्याओं का समाधान न होने से आक्रोशित दो सभासदों ने विरोध का एक अनोखा और चौंकाने वाला रास्ता चुना। उन्होंने नगरपालिका प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रतीकात्मक रूप से पिंडदान करने का प्रयास कर अपना रोष व्यक्त किया, जिससे पालिका में हड़कंप मच गया। सभासद मोहसिन खां और फैजान खां का कहना है कि उनके वार्डों की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, जिसमें सड़कों पर गड्ढे, चोक नालियां और लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें शामिल हैं। वे आरोप लगाते हैं कि पालिका अधिकारी उन्हें केवल खोखले आश्वासन देते हैं और सीधे तौर पर पालिका चेयरमैन व अधिशासी अधिकारी पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया है। सभासदों के अनुसार, चुनिंदा वार्डों में तो बजट ठिकाने लगाया जा रहा है, जबकि उनके वार्डों के प्रस्तावों को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सभासदों द्वारा पिंडदान किए जाने की सूचना पर पालिका में खलबली मच गई और पालिका कर्मियों ने उन्हें इस कार्य से रोका, साथ ही समस्याओं का निस्तारण करवाने का आश्वासन दिया। सभासदों ने यह भी कहा कि सोमवार को उन्हें चेयरमैन और ईओ नहीं मिल पाए, जिसकी वजह से वे पिंडदान करने से रुक गए, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विकास कार्य शुरू नहीं हुए, तो वे फिर दोबारा इन दोनों की मौजूदगी में इस कार्य को अंजाम देकर रहेंगे। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी डा. नितिन कुमार गंगवार ने कहा कि नगर पालिका द्वारा सभी वार्डों में कार्य करवाए जा रहे हैं और विरोध जताने वाले सभासदों के वार्डों की समस्याओं का फिर से निरीक्षण कर उन्हें दूर करवाया जाएगा।1
- रामपुर जनपद में मोहर्रम के त्योहार को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है, जिसके चलते पूरे जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। शांति और भाईचारा कायम रखने के उद्देश्य से, जनपद भर के सभी थानों में पुलिस द्वारा धर्मगुरुओं के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोमेंद्र मीना ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद की पुलिस मुस्तैद है और मोहर्रम का पर्व क्षेत्र में शांतिपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाएगा। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों की मौजूदगी में धर्मगुरुओं को जुलूस में निकाले जाने वाले ऊँचे ताज़ियों के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।1
- रामपुर जिले के स्वार क्षेत्र की ग्राम पंचायत मिर्जापुर मोहब्बत नगर में रविवार सुबह करीब 5 बजे एक तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि तेंदुए को गांव के पास खेतों और बाग क्षेत्र में देखा गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। तेंदुए की तलाश के लिए आसपास के खेतों और बागों में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका था। तेंदुए के भय से गांव में तनाव का माहौल है, और लोग अपने बच्चों व पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों को घरों से बाहर न निकलने और खेतों में अकेले जाने से बचने की सलाह दी गई है। वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने का प्रयास जारी है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की भी अपील की है।1
- जनपद रामपुर की तहसील स्वार क्षेत्र के गांव मुंशीगंज की बेटी कंचन मौर्य ने अपने कठिन संघर्ष और कड़ी मेहनत के दम पर उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पहली बार गांव लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहाँ ग्राम प्रधान मोहम्मद आरिफ के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ फूल-मालाएं पहनाकर उनका जोरदार अभिनंदन किया। इस अवसर पर पूरे गांव में खुशी का माहौल रहा और हजारों लोगों ने कंचन मौर्य को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बताया गया कि कंचन मौर्य के पिता का पहले ही निधन हो चुका था, जिसके बाद उनके भाई सूरज मौर्य ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली। भाई ने अपनी बहन की पढ़ाई जारी रखने और पिता के सपनों को पूरा करने में हर संभव सहयोग दिया। भाई के इस संघर्ष और त्याग को देखते हुए, कंचन मौर्य ने भी पूरी मेहनत और लगन से पुलिस भर्ती की तैयारी की, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025 में उनका चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में हो गया। प्रशिक्षण पूरा कर जब कंचन मौर्य अपने गांव पहुंचीं तो कार से उतरते ही उन्होंने अपने दिवंगत पिता का फोटो सीने से लगा लिया, जिससे वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। इसके बाद उन्होंने अपने परिजनों से मुलाकात की, अपने शिक्षकों का आशीर्वाद लिया और मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपने घर पहुंचीं। कंचन मौर्य की यह सफलता आज क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। उनका संघर्ष यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि संघर्ष और मेहनत की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। यह घटना युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा और मेहनत को अपनाने के लिए प्रेरित करती है, ताकि वे भी अपने परिवार और समाज का नाम रोशन कर सकें।1
- मिलक पुलिस ने चोरी के चार अभियोगों का सफलतापूर्वक अनावरण करते हुए एक अंतरजनपदीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान चोरी किया गया माल भी बरामद कर लिया गया है। रामपुर के पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है।1
- बरेली के पीएस कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित एलए मॉल में लिफ्ट रुकने का एक मामला सामने आया है। यह घटना लिफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण हुई, जिसके चलते लिफ्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। घटना के बाद लिफ्ट में फंसे सभी व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस पूरे प्रकरण की जानकारी क्षेत्राधिकारी नगर-01, बरेली, श्री आशुतोष शिवम द्वारा दी गई है।1
- बिलासपुर में ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ता, स्टांप वेंडर और डीड राइटरों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी है। सोमवार को भी इन सभी ने अपने चैंबर बंद रखते हुए एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया और ई-पंजीकरण के निजीकरण का विरोध करते हुए जोरदार नारेबाजी की। इस बीच, दोपहर में कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख तहसील पहुँचकर हड़ताल पर बैठे लोगों से मिले। राज्यमंत्री ने वकीलों से ई-पंजीकरण के विरोध के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। वकीलों ने उन्हें बताया कि उत्तर प्रदेश में लागू की गई आनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 अलोकतांत्रिक और जनविरोधी है। उन्होंने तर्क दिया कि बयनामा, इकरारनामा और रहननामा जैसे दस्तावेजों की रजिस्ट्री से लाखों लोग रोजगार पाते हैं, और नई व्यवस्था से उनके तथा उनके परिवारों के जीवन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वकीलों ने सरकार से इस व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की और राज्यमंत्री को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। राज्यमंत्री औलख ने वकीलों को आश्वासन दिया कि वह इस मामले पर आईजी (स्टांप) और निबंधन मंत्री से बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे मुख्यमंत्री से भी इस संबंध में मुलाकात करेंगे। बार अध्यक्ष राजेंद्र सक्सेना, सचिव राकेश शर्मा, लायर्स अध्यक्ष अरविंद गुप्ता और सचिव प्रवेश चौहान ने राज्यमंत्री की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि वे राज्यमंत्री के आश्वासन के बाद मामले के शीघ्र समाधान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तब तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। इस प्रदर्शन में हरीश चंद्र गुप्ता, विमल सक्सेना, अमरीक सिंह चौहान, नवीन चंद्र गुप्ता, शिव कुमार गुप्ता, विजय सक्सेना, नब्बू अली अंसारी, संतोख खैहरा, दीपांकर बैरागी, ओमप्रकाश यादव, मुस्तफा हुसैन अंसारी, अशफाक अली, संतोष जौहरी, जिया उल अंसारी, उदय तिवारी, अमान खान, विपुल जैन, गौहर अली, भगवंत सिंह, अहकाम मिर्जा, गुलाम अहमद, संतोष जौहरी, सपन अग्रवाल, मुनीश चंद्र गुप्ता सहित अनेक अधिवक्ता, स्टांप वेंडर और डीड राइटर शामिल रहे।1
- लखनऊ के अलीगढ़ इलाके से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई और पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के वक्त कोचिंग सेंटर में कितने लोग मौजूद थे और आग लगने का असली कारण क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।1