सीधी जिले की पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए, आरडीएसएस योजना के तहत विद्युत वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए रखे गए लाखों रुपये के लोहे के खंभे चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मड़वास पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुल चोरी हुए खंभों में से 71 नग H-Beam लोहे के खंभे बरामद किए हैं, जिनकी कीमत ₹25,80,424 आंकी गई है। पुलिस ने यह पूरा सामान आरोपी के कब्जे से जब्त किया। यह पूरा मामला तब सामने आया जब 19 मई 2026 को सिद्धार्थ सिंह परिहार (निवासी वार्ड क्रमांक 09 निराला नगर, रीवा) ने मड़वास थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, सिंगरौली वृत्त में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से वन चौकी सिकरा में रखे 33 के.व्ही. के 13 मीटर ऊंचे 55 नग H-Beam खंभे और ग्राम टिकरी स्थित राइस मिल के पास रखे 76 नग खंभे—यानी कुल 131 नग लोहे के खंभे, जिनकी कुल कीमत ₹47,61,064 थी—अज्ञात चोरों ने हाइड्रा वाहन और ट्रेलर की मदद से चुरा लिए थे। शिकायत मिलने पर मड़वास पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। चोरी की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव और एसडीओपी कुसमी संतोष तिवारी के मार्गदर्शन में, मड़वास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अतर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों की जांच की और मुखबिरों की जानकारी के आधार पर जिला मैहर के थाना रामनगर अंतर्गत ग्राम बिंदूनगर में दबिश दी। पुलिस ने आरोपी भूपेश कुमार पटेल को घेराबंदी कर पकड़ा, जिसने चोरी के खंभों को अपने ससुर दिवाकर सिंह के यहां छिपाकर रखा था। पुलिस ने उसके कब्जे से 71 नग H-Beam खंभे जब्त किए। इस सनसनीखेज चोरी के खुलासे और खंभों की बरामदगी में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अतर सिंह, प्रधान आरक्षक 34 सूर्यप्रताप सिंह और आरक्षक 548 राहुल गिरवाल की भूमिका बेहद सराहनीय रही। सीधी पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, मामले में शामिल अन्य आरोपियों और बाकी बचे चोरी के खंभों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
सीधी जिले की पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए, आरडीएसएस योजना के तहत विद्युत वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए रखे गए लाखों रुपये के लोहे के खंभे चुराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मड़वास पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुल चोरी हुए खंभों में से 71 नग H-Beam लोहे के खंभे बरामद किए हैं, जिनकी कीमत ₹25,80,424 आंकी गई है। पुलिस ने यह पूरा सामान आरोपी के कब्जे से जब्त किया। यह पूरा मामला तब सामने आया जब 19 मई 2026 को सिद्धार्थ सिंह परिहार (निवासी वार्ड क्रमांक 09 निराला नगर, रीवा) ने मड़वास थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, सिंगरौली वृत्त में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से वन चौकी सिकरा में रखे 33 के.व्ही. के 13 मीटर ऊंचे 55 नग H-Beam खंभे और ग्राम टिकरी स्थित राइस मिल के पास रखे 76 नग खंभे—यानी कुल 131 नग लोहे के खंभे, जिनकी कुल कीमत ₹47,61,064 थी—अज्ञात चोरों ने हाइड्रा वाहन और ट्रेलर की मदद से चुरा लिए थे। शिकायत मिलने पर मड़वास पुलिस ने धारा 303(2)
बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। चोरी की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव और एसडीओपी कुसमी संतोष तिवारी के मार्गदर्शन में, मड़वास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अतर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों की जांच की और मुखबिरों की जानकारी के आधार पर जिला मैहर के थाना रामनगर अंतर्गत ग्राम बिंदूनगर में दबिश दी। पुलिस ने आरोपी भूपेश कुमार पटेल को घेराबंदी कर पकड़ा, जिसने चोरी के खंभों को अपने ससुर दिवाकर सिंह के यहां छिपाकर रखा था। पुलिस ने उसके कब्जे से 71 नग H-Beam खंभे जब्त किए। इस सनसनीखेज चोरी के खुलासे और खंभों की बरामदगी में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अतर सिंह, प्रधान आरक्षक 34 सूर्यप्रताप सिंह और आरक्षक 548 राहुल गिरवाल की भूमिका बेहद सराहनीय रही। सीधी पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, मामले में शामिल अन्य आरोपियों और बाकी बचे चोरी के खंभों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
- 👉बाउंसर -पोलटिक्स 👈 ✍️ अरविंद मिश्रा 🤳 8889463039 " मामा " की राजनैतिक ताकत है "अपनापन" इसीलिए सबसे अलग दिखते हैं शिवराज सिंह चौहान सिंगरौली - राजनीति में ...पद, प्रतिष्ठा और शक्ति ...की चर्चा अक्सर होती है...लेकिन कुछ नेता ऐसे भी होते हैं... जिनकी पहचान केवल उनके पद से नहीं...बल्कि लोगों के साथ उनके भावनात्मक रिश्तों से बनती है। “शिवराज का मोदी पर अपनापन…” दरअसल इसी राजनीतिक और मानवीय संबंध की पड़ताल करता है। यहां केवल... एक पुस्तक ‘अपनापन’ के बहाने शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्तों की चर्चा नहीं है... बल्कि भारतीय राजनीति में उस दुर्लभ तत्व को भी रेखांकित करना है...जिसे आज के दौर में सबसे अधिक संकटग्रस्त माना जाता है ...और वह है व्यक्तिगत आत्मीयता और संगठनात्मक निष्ठा। मूल प्रश्न यह है कि आखिर ऐसा क्या है जो शिवराज सिंह चौहान को भाजपा के अन्य नेताओं से अलग बनाता है? इसका उत्तर... उनके राजनीतिक कौशल में जितना छिपा है, उससे कहीं अधिक उनके व्यवहार और संबंधों में है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद से ...हटने के बाद भी शिवराज सिंह चौहान का राजनीतिक कद कम नहीं हुआ... इसके पीछे केवल उनका जनाधार नहीं... बल्कि वह विश्वास है जो उन्होंने कार्यकर्ताओं, किसानों और शीर्ष नेतृत्व के बीच... वर्षों में अर्जित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति ...उनकी सार्वजनिक आत्मीयता को कुछ लोग राजनीतिक रणनीति मान सकते हैं, लेकिन यह भी सच है कि भारतीय राजनीति में दीर्घकालिक संबंध केवल औपचारिकता से नहीं चलते। ‘अपनापन’ एक राजनीतिक पूंजी भी है। लोकतंत्र में चुनाव जीतने के लिए संगठन चाहिए, लेकिन संगठन को जीवंत बनाए रखने के लिए... भावनात्मक जुड़ाव भी आवश्यक होता है। शिवराज सिंह चौहान की राजनीति की सबसे बड़ी ताकत यही रही है... कि उन्होंने स्वयं को केवल प्रशासक के रूप में नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य के रूप में प्रस्तुत किया। “मामा” की छवि कोई राजनीतिक विज्ञापन भर नहीं थी...वह एक सामाजिक संवाद का माध्यम बनी... यही कारण है कि सत्ता परिवर्तन के बाद भी उनकी लोकप्रियता बनी रही। राजनीतिक विश्लेषकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अध्ययन का विषय है कि क्यों कुछ नेता पद छोड़ने के बाद भी प्रभावशाली बने रहते हैं... जबकि कुछ पद के साथ ही अप्रासंगिक हो जाते हैं। शिवराज का उदाहरण बताता है कि... जनता के साथ भावनात्मक निवेश, राजनीतिक निवेश से अधिक टिकाऊ होता है। शिवराज की कार्यशैली अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा की उस संगठनात्मक संस्कृति को भी सामने लाती है... जहां वैचारिक प्रतिबद्धता और नेतृत्व के प्रति सम्मान को महत्व दिया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी और शिवराज सिंह चौहान के संबंधों को ...केवल व्यक्ति-व्यक्ति का संबंध मानना पर्याप्त नहीं होगा। यह उस राजनीतिक परंपरा का भी संकेत है जिसमें संगठन व्यक्ति से बड़ा माना जाता है, लेकिन व्यक्ति की निष्ठा और योगदान का सम्मान भी किया जाता है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी ...शिवराज राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखाई देते हैं। यह प्रसंग केवल भाजपा या शिवराज तक सीमित नहीं है...यह पूरे राजनीतिक वर्ग के लिए एक संदेश है कि जनता केवल भाषणों और घोषणाओं से प्रभावित नहीं होती... वह नेताओं के व्यवहार, रिश्तों और संवेदनशीलता को भी देखती है। आज जब राजनीति में ...कटुता, आरोप-प्रत्यारोप और व्यक्तिगत हमले बढ़ रहे हैं, तब ‘अपनापन’ जैसे शब्द का राजनीतिक विमर्श में आना अपने आप में महत्वपूर्ण है। शिवराज सिंह चौहान और नरेंद्र मोदी के संबंधों पर केंद्रित यह चर्चा अंततः एक बड़े सत्य की ओर संकेत करती है.. कि राजनीति की वास्तविक शक्ति केवल सत्ता नहीं, बल्कि विश्वास है। पद बदलते हैं, सरकारें बदलती हैं, समीकरण बदलते हैं, लेकिन जो नेता लोगों और नेतृत्व के बीच "भरोसे" का पुल बना लेते हैं...वे राजनीतिक परिदृश्य में लंबे समय तक प्रासंगिक बने रहते हैं। शिवराज सिंह चौहान की राजनीति का यही “अपनापन” शायद उनकी सबसे बड़ी पूंजी है...एक ऐसी पूंजी, जिसे न चुनावी आंकड़ों में मापा जा सकता है और न ही केवल राजनीतिक समीकरणों से समझा जा सकता है। यह वह पूंजी है जो व्यक्ति को... नेता और.. नेता को "जननेता" बनाती है। ........1
- रीवा पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर की जा रही विवादित पोस्टों पर पैनी नजर रख रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल ध्यान दिया जाए।1
- सिंगरौली जिले की गढ़वा पुलिस ने नशीली कफ सिरप की एक फरार महिला सप्लायर को एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री षियाज़ के.एम. के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सर्वप्रिय सिन्हा और एसडीओपी चितरंगी श्री राहुल सैयाम के मार्गदर्शन में की गई। थाना गढ़वा में दर्ज अपराध क्रमांक 63/2026 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट की विवेचना के दौरान आरोपिया उर्मिला उर्फ रसियन गुप्ता, जो भरहरी, जिला सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) की निवासी है, की तलाश की जा रही थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपिया को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 19 नग कोडीन फास्फेट युक्त ESCODYL कफ सिरप बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹3,230 बताई गई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपिया को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जिला जेल पचौर भेज दिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी गढ़वा निरीक्षक विद्यावारिधि तिवारी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।1
- प्रयागराज में एक अधिवक्ता ने झूसी के एसीपी और थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर इलाके में चर्चा है।1
- सतना के रामपुर बाघेलान क्षेत्र में शनिवार शाम मौसम ने अचानक करवट बदली, जिससे भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को तेज आंधी के साथ शुरू हुई बूंदाबांदी से बड़ी राहत मिली। शाम करीब 2:30 बजे आसमान में काले बादल छा गए, जिसके बाद 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली और फिर रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली और बाजारों में भी रौनक लौट आई। शुरू ऐप न्यूज के रिपोर्टर ऋषिकेश त्रिपाठी ने मौके से बताया कि एक हफ्ते से 44 डिग्री सेल्सियस की आग बरस रही थी, और आज इंद्रदेव मेहरबान हुए हैं। उन्होंने इस बूंदाबांदी को केवल मौसम में बदलाव नहीं, बल्कि किसानों के लिए संजीवनी बताया, जिससे धान की नर्सरी डालने वाले किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। हालांकि, उन्होंने बिजली विभाग से अपील की है कि आंधी से होने वाले फॉल्ट को तत्काल सुधारा जाए ताकि यह राहत किसी मुसीबत में न बदल जाए। फिलहाल हल्की बारिश जारी है, और मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में तेज बारिश की संभावना जताई है।1
- सतना शहर में दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग की एक वारदात सामने आई है, जिसमें मीरा गुप्ता नाम की महिला को निशाना बनाया गया। यह घटना तब हुई जब महिला बाजार से अपने घर लौट रही थी। एक बाइक सवार नकाबपोश बदमाश ने इस वारदात को अंजाम दिया और घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे शहर में सनसनी फैल गई है।1