मथुरा के लक्ष्मी नगर क्षेत्र में एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही और पुलिस प्रशासन पर प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया। परिजनों का दावा है कि यह घटना 20 जून को लक्ष्मी नगर चौराहे के पास हुए एक सड़क हादसे से जुड़ी है, जहाँ प्रीति नामक युवती ऑटो से गिरने के कारण अपने घुटने के नीचे के हिस्से में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें तत्काल वर्मन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि पैर में चोट होने के बावजूद युवती का कमर का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद 22 जून को प्रीति की अस्पताल में ही मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने कथित तौर पर इस बात को छिपाते हुए उनकी हालत गंभीर बताई और उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, यह कहते हुए कि वे उन्हें वहां नहीं रख सकते। जब परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, तो वहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रीति को मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार को पता चला कि वह पहले ही मर चुकी थीं। मृतका प्रीति लक्ष्मी नगर निवासी भूपेंद्र कुमार की पत्नी थीं। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और शव परिजनों को सौंप दिया। मामला बढ़ने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) आसना चौधरी को मौके पर पहुंचना पड़ा, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें वहां से भी कोई राहत या न्याय का भरोसा नहीं मिला। फिलहाल, परिजन और ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। नोट: अस्पताल और पुलिस प्रशासन पर लगाए गए आरोप परिजनों के कथन पर आधारित हैं। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।
मथुरा के लक्ष्मी नगर क्षेत्र में एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही और पुलिस प्रशासन पर प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया। परिजनों का दावा है कि यह घटना 20 जून को लक्ष्मी नगर चौराहे के पास हुए एक सड़क हादसे से जुड़ी है, जहाँ प्रीति नामक युवती ऑटो से गिरने के कारण अपने घुटने के नीचे के हिस्से में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें तत्काल वर्मन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि पैर में चोट होने के बावजूद युवती का कमर का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद 22 जून को प्रीति की अस्पताल में ही मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने कथित तौर पर इस बात को छिपाते हुए उनकी हालत गंभीर बताई और उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, यह कहते हुए कि वे उन्हें वहां नहीं रख सकते। जब परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, तो वहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रीति को मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार को पता चला कि वह पहले ही मर चुकी थीं। मृतका प्रीति लक्ष्मी नगर निवासी भूपेंद्र कुमार की पत्नी थीं। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और शव परिजनों को सौंप दिया। मामला बढ़ने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) आसना चौधरी को मौके पर पहुंचना पड़ा, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें वहां से भी कोई राहत या न्याय का भरोसा नहीं मिला। फिलहाल, परिजन और ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। नोट: अस्पताल और पुलिस प्रशासन पर लगाए गए आरोप परिजनों के कथन पर आधारित हैं। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।
- वृंदावन के रुक्मणि विहार क्षेत्र स्थित राधा सुंदरम सोसाइटी से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वायरल वीडियो में स्थानीय लोगों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि क्षेत्र में खुलेआम बिजली चोरी हो रही है और इसमें विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत होने की आशंका भी जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि जो उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते हैं, उन्हें बार-बार बिजली कटौती की समस्या का सामना करना पड़ता है, जबकि कथित रूप से अवैध कनेक्शन लेने वालों के यहां पूरी रात बिजली उपलब्ध रहती है। स्थानीय निवासियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन और उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना यह होगा कि विद्युत विभाग और जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या जांच के बाद सच्चाई सामने आ पाती है।1
- मथुरा के गोकुल स्थित विश्व प्रसिद्ध एवं पौराणिक ब्रह्मांड घाट पर सोमवार को ब्रज को स्वच्छ, सुंदर और पवित्र बनाए रखने के उद्देश्य से एक व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू किया गया। "हम सबने यह ठाना है—ब्रज को स्वच्छ बनाना है" अभियान के तहत, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह अभियान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, हार्टफुलनेस संस्था, नगर पंचायत, विभिन्न अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के सहयोग से आयोजित किया गया। इसमें घाट परिसर, सीढ़ियों, आवागमन मार्गों और यमुना तट की गहन सफाई की गई। जिलाधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से प्लास्टिक और अन्य कचरे को एकत्रित कर ब्रह्मांड घाट को स्वच्छ बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। इस कार्यक्रम में हार्टफुलनेस स्वयंसेवकों और सनराइज पब्लिक स्कूल के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और श्रमदान कर सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने ब्रजभूमि को हमारी अमूल्य सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर बताया, जिसकी स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से ब्रज में दर्शन के साथ-साथ स्वच्छता का भी ध्यान रखने और प्लास्टिक व अन्य कचरा फैलाने से बचने की अपील की। हार्टफुलनेस मथुरा के समन्वयक निशांत शर्मा ने जानकारी दी कि यह जनअभियान पद्मभूषण डॉ. कमलेश डी. पटेल (डाजी) के आह्वान पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जिला प्रशासन के सहयोग से प्रारंभ किया गया है। ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र ने घोषणा की कि ब्रह्मांड घाट से शुरू हुआ यह अभियान पूरे ब्रज क्षेत्र में निरंतर चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से प्रशासन, स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी, ताकि ब्रज की सांस्कृतिक गरिमा और पवित्रता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।3
- मथुरा जनपद की छाता तहसील स्थित उप निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में चल रही हड़ताल आज 14वें दिन भी जारी रही। आंदोलनरत दस्तावेज लेखक संघ और अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एक विरोध रैली निकाली, जिसके बाद प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर से रैली निकालकर अपना तीव्र रोष व्यक्त किया। उन्होंने सरकार पर रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि इस कदम से हजारों लोगों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित होगी। हड़ताल पर बैठे संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि निजीकरण के फैसले को वापस लिए जाने तक उनका संघर्ष और अधिक तेज किया जाएगा। इस विरोध रैली और पुतला दहन के दौरान तहसील परिसर में काफी संख्या में दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता एवं अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सभी आंदोलनकारियों ने एक स्वर में सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। फिलहाल, इस हड़ताल के चलते उप निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व जिला अध्यक्ष सपा लोकमणिकांत जादौन ने भी मीडिया से बात करते हुए बताया कि छाता के उप निबंधन कार्यालय में 14वें दिन भी हड़ताल जारी है और राज्य मंत्री का पुतला दहन कर विरोध जताया गया है।4
- मथुरा जनपद के छाता स्थित उप निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में दस्तावेज लेखक संघ और अधिवक्ताओं की हड़ताल आज 14वें दिन भी जारी रही। आंदोलनकारियों ने अपना विरोध जताते हुए एक रैली निकाली और स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस निजीकरण के कदम से हजारों दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं और अन्य कर्मचारियों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण रजिस्ट्री से जुड़े सभी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष लोकमणिकांत जादौन ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से तत्काल इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।4
- पवित्र बृज भूमि को मांस, अंडा और शराब से मुक्त बनाने को लेकर एक अहम सवाल उठाया गया है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह तीर्थ क्षेत्र तभी मांस, अंडा और शराब से मुक्त हो पाएगा जब बृज वासी सनातनी जन मानस एकजुट होकर इस पवित्र मुहिम में सक्रिय रूप से सहयोग करेंगे। विशेष रूप से, यमुना जी घाट और वृंदावन के परिक्रमा मार्ग पर शराब पीने की प्रथा को सनातन वैदिक धर्म की आस्था का सीधा और गंभीर अपमान बताया गया है, जो पूरी तरह अनुचित है।1
- मथुरा के गाँव सीगापट्टी स्थित ओढ़म गाँव में माँ ओढ़म देवी मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश की भाजपा सरकारें विकास के लिए सदैव तत्पर रहती हैं। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश में 'गुंडा राज' और 'जंगल राज' व्याप्त था, जहाँ महिलाओं का उत्पीड़न होता था, 'माफिया राज' चलता था और गरीबों को न्याय तक नहीं मिलता था। मंत्री ने जोर देकर कहा कि जनता द्वारा योगी सरकार बनाने के बाद से गरीबों, किसानों और मजदूरों के लिए योजनाएँ बनाई जा रही हैं और भाजपा ने प्रदेश को दंगा मुक्त बनाने का काम किया है, जो योगी सरकार के मान-सम्मान का प्रतीक है। इस शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान, करीब दो करोड़ रुपये की लागत से माँ ओढ़म देवी मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जहाँगीरपुर के महालक्ष्मी मंदिर में लगभग 50 लाख रुपये, ग्राम माल के मार्कण्डेय ऋषि की तपोभूमि में भी करीब 50 लाख रुपये और वृंदावन के शोध संस्थान के भवन जीर्णोद्धार पर एक करोड़ 22 लाख रुपये के विकास कार्य होंगे। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि योगी सरकार ने प्रदेश के धार्मिक स्थलों के विकास के लिए तीर्थ विकास परिषद का गठन किया है और मथुरा जिले में पर्यटन विभाग ने अब तक 581 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन संबंधी सुविधाएँ प्रदान की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह दिन दूर नहीं जब श्रीकृष्ण की नगरी में हर तरफ 'राधे-राधे' की गूंज सुनाई देगी। शिलान्यास पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, भाजपा के महानगर अध्यक्ष हरीशंकर राजू यादव, गोवर्धन विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह, ब्लॉक प्रमुख विपिन सिंह और वीरपाल सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इससे पहले, वीरपाल सिंह प्रधान ने अतिथियों को गदा, तलवार और स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। ग्रामीण समाजसेविका डॉक्टर पूनम चौधरी ने सीएम योगी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में हुए विकास की सराहना करते हुए खुटेल पट्टी की कुल देवी माँ मंशा देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण की मांग की। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह को हेमराज सिंह ने हल और ब्लॉक प्रमुख विपिन सिंह ने स्मृति चिह्न भेंट किए। मंत्री ने अपने संबोधन में एक बार फिर दोहराया कि योगी सरकार प्रदेश के मान-सम्मान का प्रतीक है, और भाजपा सरकार प्रदेश की दिशा और दशा बदलने का काम कर रही है।4
- मथुरा के थाना गोवर्धन पुलिस ने 22 जून 2026 को तड़के 02:15 बजे डकैती की योजना बनाते हुए पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी सकीतरा की ओर जाने वाले एक कच्चे रास्ते के पास सुनसान इलाके से हुई। पुलिस ने इन अभियुक्तों के पास से अवैध असलहे और डकैती के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान दीपक (पुत्र नाहर सिंह, उम्र करीब 23 वर्ष, निवासी शाहपुर, जिला डींग, राजस्थान), राकेश (पुत्र जगदीश, उम्र करीब 32 वर्ष, निवासी सकीतरा, गोवर्धन, मथुरा), सोनू (पुत्र बाबू लाल, उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी सकीतरा, गोवर्धन, मथुरा), हर्षित (पुत्र देवेन्द्र, उम्र करीब 23 वर्ष, निवासी डॉ. पाण्डेय वाली गली, गोवर्धन, मथुरा) और रतन उर्फ टल्लू (पुत्र विजय, उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी सकरवा रोड, गोवर्धन, मथुरा) के रूप में हुई है। पुलिस को दीपक के पास से 01 अवैध तमंचा .315 बोर, 01 जिंदा कारतूस .315 बोर और 2010 रुपये नकद मिले। राकेश से 01 अवैध चाकू, एक एन्ड्रॉइड मोबाइल रेडमी और 1420 रुपये नकद बरामद हुए। सोनू के पास से 01 सब्बल, एक लाल रंग की टॉर्च, एक एन्ड्रॉइड मोबाइल वीवो और 2040 रुपये जब्त किए गए, जबकि हर्षित से 01 प्लास, 02 एन्ड्रॉइड मोबाइल, एक टॉर्च और 1100 रुपये नकद मिले। रतन उर्फ टल्लू के पास से 01 पेंचकस, एक टॉर्च और 1850 रुपये नकद बरामद हुए। इन अभियुक्तों के खिलाफ थाना गोवर्धन पर मु0अ0सं0 314/26 धारा 310(4)/310(5) बीएनएस व 3/25, 4/25 शस्त्र अधि0 के तहत मामला दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- यमुना पार थाना क्षेत्र के अंतर्गत शिव नगर कॉलोनी में एक ऑक्सीजन सिलेंडर फट गया, जिससे कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि इस घटना में मकान मालिक सहित अन्य लोग बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार, जिस मकान में यह घटना हुई, वह एक आवासीय कॉलोनी में स्थित था और मकान मालिक उसे ऑक्सीजन गैस के गोदाम के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया।4