श्योपुर शहर के बस स्टैंड पर बुधवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब इंदौर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे पिता-पुत्र पर नकाबपोश युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने डंडों से दोनों के साथ जमकर मारपीट की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बोहरा बाजार निवासी 75 वर्षीय मोहम्मद सज्जाद हुसैन, जो मुल्ला बदरूद्दीन के पुत्र हैं, अपने बेटे मुर्तजा दाऊदी के साथ बुधवार शाम करीब 7 बजे बस स्टैंड पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे और बिना किसी विवाद के उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिसके कारण मुर्तजा दाऊदी के सिर में गंभीर चोट आई है। घायल को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घायल की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है, साथ ही घटना के पीछे के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।
श्योपुर शहर के बस स्टैंड पर बुधवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब इंदौर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे पिता-पुत्र पर नकाबपोश युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने डंडों से दोनों के साथ जमकर मारपीट की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बोहरा बाजार निवासी 75 वर्षीय मोहम्मद सज्जाद हुसैन, जो मुल्ला बदरूद्दीन के पुत्र हैं, अपने बेटे मुर्तजा दाऊदी के साथ बुधवार शाम करीब 7 बजे बस स्टैंड पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे और बिना किसी विवाद के उन पर हमला
कर दिया। आरोपियों ने डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिसके कारण मुर्तजा दाऊदी के सिर में गंभीर चोट आई है। घायल को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घायल की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है, साथ ही घटना के पीछे के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।
- श्योपुर में आपराधिक घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि के बीच एक और मामला सामने आया है, जहाँ पंकज वैष्णव को कृष्णा शर्मा ने चाकू मार दिया है। इस घटना ने एक बार फिर जिले की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं, क्योंकि स्थानीय लोग बढ़ती अपराध दर को लेकर चिंतित हैं।1
- ग्राम पंचायत सारसोप में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिसे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों तक पहुँचाया। पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने की पूरी प्रक्रिया भी समझाई गई। शिविर के दौरान, अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों को प्राथमिकता के साथ सुना। कई समस्याओं का समाधान तो मौके पर ही कर दिया गया, जबकि अन्य मामलों में आवश्यक आवेदन लेकर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न सरकारी सेवाओं का फायदा उठाया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन तक सरकारी सुविधाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से पहुँचाना है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने से उनके समय और धन दोनों की बचत हुई है।1
- सवाई माधोपुर के गरीब सफाईकर्मियों ने अपने बकाए वेतन को लेकर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को एक ज्ञापन सौंपा है। इन सफाईकर्मियों के अनुसार, उन्होंने 'स्टार ग्लोबल सिक्यूरिटी सर्विस' के ठेकेदार केदार सिंह नरूका के नेतृत्व में शहर की सफाई का काम किया था, लेकिन उन्हें फरवरी, मार्च और अप्रैल 2026 के कुल 2 महीने 10 दिन का वेतन नहीं मिला है। ठेकेदार केदार सिंह नरूका से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई है, लेकिन वे भुगतान नहीं कर रहे हैं और न ही कोई जवाब दे रहे हैं। उनका मोबाइल नंबर 9588884921 बताया गया है। इसके अलावा, मई 2025 में सीएलसी के 3 जोन शहर और मानटाउन हाउसिंग बोर्ड के 30 दिनों का वेतन भी बकाया है। वहीं, सीएलसी का 10 अप्रैल से मई तक का दिन और रात दोनों का वेतन भी लंबित है। वेतन समय पर न मिलने और ठेकेदार द्वारा आनाकानी करने के कारण इन सफाईकर्मियों के लिए अपना जीवन यापन करना बेहद मुश्किल हो गया है। इसी समस्या के समाधान की मांग करते हुए यह ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है।1
- यह मांग उठाई गई है कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो दो समुदायों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रहे हैं और उनके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं।1
- दिनारा थाना क्षेत्र के ग्राम छितीपुर में धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसके बाद गांव में आक्रोश और तनाव का माहौल बन गया। सूत्रों के अनुसार, गांव के ही एक व्यक्ति ने माता मंदिर एवं भगवान शिव के मंदिर परिसर में कथित रूप से मल-मूत्र डालकर धार्मिक स्थलों को अपवित्र करने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही दिनारा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सतीश जाटव को गिरफ्तार कर लिया।1
- कैबिनेट मंत्री और कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पांचना बांध एवं नहरी जल प्रवाह से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए सवाई माधोपुर-करौली क्षेत्र के सभी किसान भाइयों और आमजन से शांति, संयम तथा आपसी सौहार्द बनाए रखने की महत्वपूर्ण अपील की है। डॉ. मीणा ने आग्रह किया कि कुछ लोग वातावरण को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से किसी भी प्रकार की हिंसा, उग्र प्रदर्शन अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने को कहा। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक एवं भड़काऊ टिप्पणियों पर ध्यान न देने, अफवाहों और अनर्गल टिप्पणियों से बचने तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही विश्वास करने का आग्रह किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे कमांड क्षेत्र एवं कैचमेंट क्षेत्र दोनों के किसानों के साथ समान रूप से खड़े हैं, और राज्य सरकार सभी किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से आंदोलनरत किसान भाइयों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का आग्रह किया, यह दोहराते हुए कि किसी भी प्रकार की हिंसा, हथियारों का प्रदर्शन अथवा कानून हाथ में लेने जैसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं। डॉ. मीणा ने सभी से प्रशासन का सहयोग करने और शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।1
- सवाई माधोपुर में खैरदा अंडरपास को आम जनता की सुरक्षा के मद्देनज़र बंद कर दिया गया है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह अस्थायी बंद कब तक जारी रहेगा और लोगों को यह जानने की उत्सुकता है कि आखिर यह रोक कब हटेगी।1
- प्रशासन के साथ मिलकर सफर को सुरक्षित बनाने की एक पहल और बदलाव की बात कही गई है। हालाँकि, इस पूरी कवायद को 'लीपापोती' बताते हुए सवाल उठाया गया है कि आखिर यह कब तक चलता रहेगा।1