logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

धार जिले के कुशावदा में जमीनी विवाद और पैसों के लेन-देन को लेकर हुई फायरिंग के मामले में कानवन पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 9 जून 2026 की रात करीब 10 बजे हुई थी, जब फरियादी नाहरू पटेल (35) के घर के बाहर अज्ञात व्यक्तियों ने डराने की नीयत से हवाई फायर किए थे। थाना कानवन में अपराध क्रमांक 206/2026 के तहत धारा 125 बीएनएस, 25(1), और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धार श्री सचिन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल वेलापुरकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विजय डाबर और एसडीओपी श्री अरविन्दसिंह तोमर के निर्देशन में निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया और कानवन थाना टीम ने जांच शुरू की। फरियादी के संदेह और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने शरदचन्द्र शर्मा (35), निवासी हटवाड़ा डाबरी, थाना नौगांव, जिला धार और चिराग पाटीदार (34), निवासी लबरावदा, थाना नौगांव, जिला धार को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि नाहरू पटेल ने उनसे कुशावदा स्थित 2 बीघा जमीन बेचने की बात की थी, लेकिन बाद में वह जमीन किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दी। इसी गुस्से में उन्होंने रात में नाहरू पटेल के घर के बाहर एक देसी पिस्टल से हवाई फायर किए और फरार हो गए थे। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों से घटना में प्रयुक्त एक देसी पिस्टल (कीमत ₹20 हजार) और एक स्विफ्ट कार (कीमत ₹4 लाख) जब्त की है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी शरदचन्द्र के खिलाफ थाना नौगांव, जिला धार में दो आपराधिक मामले (अप.क्र. 39/2019 और 170/2021) धारा 294, 323, 327, 506 भादवि के तहत दर्ज हैं। वहीं, आरोपी चिराग के खिलाफ भी थाना नौगांव, जिला धार में दो मामले (अप.क्र. 65/2018 धारा 2307 भादवि, 25,27, 30 आर्म्स एक्ट तथा अप.क्र. 92/2018 धारा 120-B, 409, 420, 467, 468, 471 भादवि) पंजीबद्ध हैं। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया, उनि कमल किशोर चौहान, सउनि मोहन जाट, प्रधान आरक्षक 30 रामेन्द्रसिंह चौहान, आरक्षक 1033 नवीन राठौड़, आरक्षक 727 भगवती चौहान, आरक्षक 611 संजय शिवहरे और साइबर सेल धार की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

4 days ago
user_पत्रकार निलेश शर्मा गुरु
पत्रकार निलेश शर्मा गुरु
पत्रकार धार, धार, मध्य प्रदेश•
4 days ago

धार जिले के कुशावदा में जमीनी विवाद और पैसों के लेन-देन को लेकर हुई फायरिंग के मामले में कानवन पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 9 जून 2026 की रात करीब 10 बजे हुई थी, जब फरियादी नाहरू पटेल (35) के घर के बाहर अज्ञात व्यक्तियों ने डराने की नीयत से हवाई फायर किए थे। थाना कानवन में अपराध क्रमांक 206/2026 के तहत धारा 125 बीएनएस, 25(1), और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक

13dc08f4-b951-4d03-a610-b7db37d10135

धार श्री सचिन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल वेलापुरकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विजय डाबर और एसडीओपी श्री अरविन्दसिंह तोमर के निर्देशन में निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया और कानवन थाना टीम ने जांच शुरू की। फरियादी के संदेह और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने शरदचन्द्र शर्मा (35), निवासी हटवाड़ा डाबरी, थाना नौगांव, जिला धार और चिराग पाटीदार (34), निवासी लबरावदा, थाना नौगांव, जिला धार को गिरफ्तार कर पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि नाहरू पटेल ने उनसे कुशावदा स्थित 2 बीघा जमीन बेचने की बात की

2df9e632-6281-4d3f-9d0c-c76256cbeaff

थी, लेकिन बाद में वह जमीन किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दी। इसी गुस्से में उन्होंने रात में नाहरू पटेल के घर के बाहर एक देसी पिस्टल से हवाई फायर किए और फरार हो गए थे। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों से घटना में प्रयुक्त एक देसी पिस्टल (कीमत ₹20 हजार) और एक स्विफ्ट कार (कीमत ₹4 लाख) जब्त की है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी शरदचन्द्र के खिलाफ थाना नौगांव, जिला धार में दो आपराधिक मामले (अप.क्र. 39/2019 और 170/2021)

60527e64-8620-4066-bcd1-3654bce497b4

धारा 294, 323, 327, 506 भादवि के तहत दर्ज हैं। वहीं, आरोपी चिराग के खिलाफ भी थाना नौगांव, जिला धार में दो मामले (अप.क्र. 65/2018 धारा 2307 भादवि, 25,27, 30 आर्म्स एक्ट तथा अप.क्र. 92/2018 धारा 120-B, 409, 420, 467, 468, 471 भादवि) पंजीबद्ध हैं। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया, उनि कमल किशोर चौहान, सउनि मोहन जाट, प्रधान आरक्षक 30 रामेन्द्रसिंह चौहान, आरक्षक 1033 नवीन राठौड़, आरक्षक 727 भगवती चौहान, आरक्षक 611 संजय शिवहरे और साइबर सेल धार की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • इंदौर में पुलिस चेकिंग के दौरान एक विवाद सामने आया है। यह घटना अन्नपूर्णा क्षेत्र से संबंधित है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    1
    इंदौर में पुलिस चेकिंग के दौरान एक विवाद सामने आया है। यह घटना अन्नपूर्णा क्षेत्र से संबंधित है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    user_PM NEWS
    PM NEWS
    Journalist इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • इंदौर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत द्वारकापुरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक आईशर ट्रक में पार्सलों के बीच बेहद सुनियोजित तरीके से छुपाई गई 12 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 2 लाख रुपए कीमत की शराब और करीब 27 लाख रुपए कीमत का आईशर ट्रक जब्त किया गया, जिससे कुल मिलाकर लगभग 29 लाख रुपए का मशरूका पुलिस के कब्जे में आया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबारियों और तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह द्वारा शहर में अवैध शराब तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए जारी विशेष निर्देशों के पालन में, पुलिस उपायुक्त जोन-4 सुनील मेहता, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दीशेष अग्रवाल तथा सहायक पुलिस आयुक्त अन्नपूर्णा शिवेन्दु जोशी के मार्गदर्शन में, थाना द्वारकापुरी पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गुजरात नंबर का एक आईशर ट्रक फूटी कोठी ब्रिज से चंदन नगर की तरफ आ रहा है, जिसमें सामान्य माल और पार्सलों के बीच बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब छिपी है। सूचना के आधार पर पुलिस ने आस्था हॉस्पिटल के सामने मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर ट्रक को रोका। तलाशी में पार्सलों के पीछे और बीच में मैजिक मोमेंट और बेकपाइपर ब्रांड की कुल 12 पेटी (108 बल्क लीटर) अंग्रेजी शराब मिली। पुलिस ने ट्रक चालक इरफान पिता निशार अहमद (33 वर्ष), निवासी मऊ, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि शराब को पकड़े जाने से बचाने के लिए पार्सलों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था। अब पुलिस इस शराब की खेप के स्रोत, इंदौर या आसपास के किस क्षेत्र में इसे खपाया जाना था, और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य सप्लायरों, खरीदारों तथा पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जिसके लिए आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा, उप निरीक्षक मुकेश झारिया, प्रधान आरक्षक तनमय तोमर, प्रधान आरक्षक नितेश बघेल, आरक्षक कृष्णचंद शर्मा तथा आरक्षक शिवपाल सोलंकी की अहम भूमिका रही, जिनकी वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
    1
    इंदौर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत द्वारकापुरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक आईशर ट्रक में पार्सलों के बीच बेहद सुनियोजित तरीके से छुपाई गई 12 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान लगभग 2 लाख रुपए कीमत की शराब और करीब 27 लाख रुपए कीमत का आईशर ट्रक जब्त किया गया, जिससे कुल मिलाकर लगभग 29 लाख रुपए का मशरूका पुलिस के कब्जे में आया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबारियों और तस्करों में हड़कंप मच गया है।

पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह द्वारा शहर में अवैध शराब तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए जारी विशेष निर्देशों के पालन में, पुलिस उपायुक्त जोन-4 सुनील मेहता, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दीशेष अग्रवाल तथा सहायक पुलिस आयुक्त अन्नपूर्णा शिवेन्दु जोशी के मार्गदर्शन में, थाना द्वारकापुरी पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गुजरात नंबर का एक आईशर ट्रक फूटी कोठी ब्रिज से चंदन नगर की तरफ आ रहा है, जिसमें सामान्य माल और पार्सलों के बीच बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब छिपी है। सूचना के आधार पर पुलिस ने आस्था हॉस्पिटल के सामने मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर ट्रक को रोका। तलाशी में पार्सलों के पीछे और बीच में मैजिक मोमेंट और बेकपाइपर ब्रांड की कुल 12 पेटी (108 बल्क लीटर) अंग्रेजी शराब मिली। पुलिस ने ट्रक चालक इरफान पिता निशार अहमद (33 वर्ष), निवासी मऊ, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि शराब को पकड़े जाने से बचाने के लिए पार्सलों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था। अब पुलिस इस शराब की खेप के स्रोत, इंदौर या आसपास के किस क्षेत्र में इसे खपाया जाना था, और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य सप्लायरों, खरीदारों तथा पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जिसके लिए आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा, उप निरीक्षक मुकेश झारिया, प्रधान आरक्षक तनमय तोमर, प्रधान आरक्षक नितेश बघेल, आरक्षक कृष्णचंद शर्मा तथा आरक्षक शिवपाल सोलंकी की अहम भूमिका रही, जिनकी वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    14 hrs ago
  • इंदौर शहर में अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जहाँ पिछले 24 घंटे के भीतर दूसरी हत्या की वारदात सामने आई है। एरोड्रम थाना क्षेत्र के साहू नगर में एक निजी बैंक कर्मचारी जितेन्द्र मेढ़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और प्रारंभिक जाँच में इसे हत्या का मामला माना जा रहा है। घटनास्थल से एक टूटी हुई काँच की बीयर बोतल भी बरामद हुई है, जिससे हमले की आशंका जताई जा रही है। पुलिस की जाँच में पता चला है कि मृतक जितेन्द्र मेढ़ और उसके पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र पंवार ने बीती रात साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जो इतना बढ़ गया कि जितेन्द्र के सिर पर हमला कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक तलाकशुदा था और यह कहासुनी उसकी पत्नी से जुड़े किसी मुद्दे को लेकर हुई थी। पुलिस ने धर्मेंद्र पंवार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आगे की जाँच की जा रही है।
    1
    इंदौर शहर में अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जहाँ पिछले 24 घंटे के भीतर दूसरी हत्या की वारदात सामने आई है। एरोड्रम थाना क्षेत्र के साहू नगर में एक निजी बैंक कर्मचारी जितेन्द्र मेढ़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और प्रारंभिक जाँच में इसे हत्या का मामला माना जा रहा है। घटनास्थल से एक टूटी हुई काँच की बीयर बोतल भी बरामद हुई है, जिससे हमले की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस की जाँच में पता चला है कि मृतक जितेन्द्र मेढ़ और उसके पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र पंवार ने बीती रात साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जो इतना बढ़ गया कि जितेन्द्र के सिर पर हमला कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक तलाकशुदा था और यह कहासुनी उसकी पत्नी से जुड़े किसी मुद्दे को लेकर हुई थी।

पुलिस ने धर्मेंद्र पंवार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आगे की जाँच की जा रही है।
    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
    Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर, आकाश पाठक, की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध की गई है। इस आरोप के अनुसार, इस नियम विरुद्ध नियुक्ति के चलते यूनिवर्सिटी को प्रतिमाह ₹50,000 का नुकसान हो रहा है।
    1
    देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर, आकाश पाठक, की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध की गई है। इस आरोप के अनुसार, इस नियम विरुद्ध नियुक्ति के चलते यूनिवर्सिटी को प्रतिमाह ₹50,000 का नुकसान हो रहा है।
    user_पत्रकार नलिन दीक्षित
    पत्रकार नलिन दीक्षित
    Court reporter इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • धार और इंदौर जिले की सीमा से लगे ग्राम खण्डवा, कल्याणसी खेड़ी और भरदला क्षेत्र में करोड़ों रुपये के कथित मुरम घोटाले का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों की निजी भूमि पर अवैध उत्खनन, स्वीकृत पट्टों से बाहर खनन, राजस्व चोरी और खनिज माफियाओं को संरक्षण दिए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र कटघरे में खड़ा हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्षेत्र में लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और आखिर एक आर्मी ऑफिसर के दखल के बाद ही खनिज विभाग क्यों सक्रिय हुआ। सूत्रों के अनुसार, प्रभावित किसानों और एक आर्मी ऑफिसर द्वारा मामले को उच्च स्तर तक पहुंचाने के बाद ही खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शिकायत में किसानों की निजी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का उल्लेख था। ग्रामीणों का आरोप है कि सीमित खनन की अनुमति वाले क्षेत्रों से बाहर निकलकर आसपास की निजी कृषि भूमि तक खुदाई कर दी गई, जिसमें बिना अनुमति जेसीबी और भारी मशीनों का उपयोग किया गया। इसके परिणामस्वरूप कई खेतों में गहरे गड्ढे बन गए हैं और उपजाऊ भूमि को भारी क्षति पहुंची है। ग्रामीणों का दावा है कि यदि ड्रोन सर्वे और वैज्ञानिक मापन कराया जाए तो उत्खनन की वास्तविक मात्रा और करोड़ों की राजस्व चोरी सामने आ सकती है। मामले की जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों से पत्रकारों ने अवैध उत्खनन, स्वीकृत पट्टों की सीमा के उल्लंघन, राजस्व चोरी के प्रमाण और किसी अधिकारी की संदिग्ध भूमिका जैसे कई सवाल पूछे, साथ ही दोषियों पर कार्रवाई को लेकर भी प्रश्न किए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जांच दल ने किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया और मीडिया से दूरी बनाते हुए मौके से लौट गया। अधिकारियों की इस चुप्पी से अब नए संदेह पैदा हो गए हैं, और ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि जांच निष्पक्ष है तो मीडिया और जनता से जानकारी क्यों छिपाई जा रही है। प्रभावित किसानों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश है, क्योंकि उनकी भूमि को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से अवैध उत्खनन की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव खनिज, संभागायुक्त, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की गुहार लगाई है। उन्होंने ड्रोन सर्वे, जीपीएस मैपिंग और वैज्ञानिक मापन कराने की मांग भी दोहराई है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल, क्षेत्र की जनता की निगाहें इस पूरे मामले पर टिकी हुई हैं और सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या करोड़ों के इस कथित मुरम घोटाले की निष्पक्ष जांच होगी, किसानों को न्याय मिलेगा, और खनिज माफियाओं तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी, या फिर यह जांच भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।
    1
    धार और इंदौर जिले की सीमा से लगे ग्राम खण्डवा, कल्याणसी खेड़ी और भरदला क्षेत्र में करोड़ों रुपये के कथित मुरम घोटाले का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों की निजी भूमि पर अवैध उत्खनन, स्वीकृत पट्टों से बाहर खनन, राजस्व चोरी और खनिज माफियाओं को संरक्षण दिए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र कटघरे में खड़ा हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्षेत्र में लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, और आखिर एक आर्मी ऑफिसर के दखल के बाद ही खनिज विभाग क्यों सक्रिय हुआ।

सूत्रों के अनुसार, प्रभावित किसानों और एक आर्मी ऑफिसर द्वारा मामले को उच्च स्तर तक पहुंचाने के बाद ही खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शिकायत में किसानों की निजी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का उल्लेख था। ग्रामीणों का आरोप है कि सीमित खनन की अनुमति वाले क्षेत्रों से बाहर निकलकर आसपास की निजी कृषि भूमि तक खुदाई कर दी गई, जिसमें बिना अनुमति जेसीबी और भारी मशीनों का उपयोग किया गया। इसके परिणामस्वरूप कई खेतों में गहरे गड्ढे बन गए हैं और उपजाऊ भूमि को भारी क्षति पहुंची है। ग्रामीणों का दावा है कि यदि ड्रोन सर्वे और वैज्ञानिक मापन कराया जाए तो उत्खनन की वास्तविक मात्रा और करोड़ों की राजस्व चोरी सामने आ सकती है।

मामले की जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों से पत्रकारों ने अवैध उत्खनन, स्वीकृत पट्टों की सीमा के उल्लंघन, राजस्व चोरी के प्रमाण और किसी अधिकारी की संदिग्ध भूमिका जैसे कई सवाल पूछे, साथ ही दोषियों पर कार्रवाई को लेकर भी प्रश्न किए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जांच दल ने किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया और मीडिया से दूरी बनाते हुए मौके से लौट गया। अधिकारियों की इस चुप्पी से अब नए संदेह पैदा हो गए हैं, और ग्रामीण पूछ रहे हैं कि यदि जांच निष्पक्ष है तो मीडिया और जनता से जानकारी क्यों छिपाई जा रही है।

प्रभावित किसानों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश है, क्योंकि उनकी भूमि को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से अवैध उत्खनन की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव खनिज, संभागायुक्त, कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की गुहार लगाई है। उन्होंने ड्रोन सर्वे, जीपीएस मैपिंग और वैज्ञानिक मापन कराने की मांग भी दोहराई है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

फिलहाल, क्षेत्र की जनता की निगाहें इस पूरे मामले पर टिकी हुई हैं और सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या करोड़ों के इस कथित मुरम घोटाले की निष्पक्ष जांच होगी, किसानों को न्याय मिलेगा, और खनिज माफियाओं तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी, या फिर यह जांच भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।
    user_Jaypal Gurjar
    Jaypal Gurjar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • इंदौर जिले के महू थाना में आगामी मोहर्रम के त्यौहार की तैयारियों के संबंध में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महू श्री राज कृष्णा, तहसीलदार महू श्री अनिल मेहता, कैंट बोर्ड व विद्युत विभाग के अधिकारी और थाना प्रभारी महू उपस्थित रहे। मीटिंग के दौरान, मोहर्रम में अखाड़े, दुलदुल और ताजिए के आयोजकों को यह हिदायत दी गई कि वे त्यौहार को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से मनाएं। इसके अतिरिक्त, डीजे संचालकों को बड़े वाहनों के उपयोग और ध्वनि सीमा के संबंध में भी समझाइश दी गई। यह बैठक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
    1
    इंदौर जिले के महू थाना में आगामी मोहर्रम के त्यौहार की तैयारियों के संबंध में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महू श्री राज कृष्णा, तहसीलदार महू श्री अनिल मेहता, कैंट बोर्ड व विद्युत विभाग के अधिकारी और थाना प्रभारी महू उपस्थित रहे।

मीटिंग के दौरान, मोहर्रम में अखाड़े, दुलदुल और ताजिए के आयोजकों को यह हिदायत दी गई कि वे त्यौहार को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से मनाएं। इसके अतिरिक्त, डीजे संचालकों को बड़े वाहनों के उपयोग और ध्वनि सीमा के संबंध में भी समझाइश दी गई। यह बैठक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
    user_Dinesh Chandra Rathore
    Dinesh Chandra Rathore
    Local News Reporter महू, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • इंदौर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं उपस्थित लोगों से सीधा संवाद किया, उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान आर्थिक सहायता से जुड़े कई विषयों के साथ-साथ राजस्व संबंधी और पुलिस संबंधी प्रकरण भी सामने आए। इसके अतिरिक्त, माता-पिता और पुत्र के बीच विवाद जैसे पारिवारिक मामले भी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए गए। कलेक्टर ने जानकारी दी कि सभी प्रकरणों को दर्ज कर लिया गया है और उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से, तत्कालीन प्रकृति के गंभीर प्रकरणों में मौके पर ही तत्काल सहायता भी उपलब्ध कराई गई। जनसुनवाई में बिजली, पानी, पेंशन, नामांतरण और अतिक्रमण जैसी विभिन्न शिकायतें भी प्राप्त हुईं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का प्राथमिक रूप से निराकरण किया जाए। साथ ही, किसी भी तरह की आकस्मिक स्थिति में सहायता की तत्काल व्यवस्था की जाए। प्रशासन इन्हीं निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहा है, और अधिकारियों को सभी शिकायतों का तय समय-सीमा में निराकरण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
    1
    इंदौर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं उपस्थित लोगों से सीधा संवाद किया, उनकी शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान आर्थिक सहायता से जुड़े कई विषयों के साथ-साथ राजस्व संबंधी और पुलिस संबंधी प्रकरण भी सामने आए। इसके अतिरिक्त, माता-पिता और पुत्र के बीच विवाद जैसे पारिवारिक मामले भी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए गए। कलेक्टर ने जानकारी दी कि सभी प्रकरणों को दर्ज कर लिया गया है और उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से, तत्कालीन प्रकृति के गंभीर प्रकरणों में मौके पर ही तत्काल सहायता भी उपलब्ध कराई गई। जनसुनवाई में बिजली, पानी, पेंशन, नामांतरण और अतिक्रमण जैसी विभिन्न शिकायतें भी प्राप्त हुईं।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का प्राथमिक रूप से निराकरण किया जाए। साथ ही, किसी भी तरह की आकस्मिक स्थिति में सहायता की तत्काल व्यवस्था की जाए। प्रशासन इन्हीं निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहा है, और अधिकारियों को सभी शिकायतों का तय समय-सीमा में निराकरण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
    user_SUNDARAM EXPRESS NEWS
    SUNDARAM EXPRESS NEWS
    Media company मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • इंदौर, मध्यप्रदेश में रेती माफियाओं के खिलाफ खनिज विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जिससे रेत कारोबारियों और वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया है। इंदौर कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने दूधिया रेती मंडी में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान ओवरलोड रेती से भरे कई वाहनों की जांच की गई और उनके रॉयल्टी दस्तावेजों का भी सत्यापन किया गया। प्रारंभिक कार्रवाई में 6 वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ व्यापारियों और वाहन चालकों द्वारा कथित तौर पर एक महिला अधिकारी पर कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया गया, वहीं कुछ स्थानीय नेताओं के भी हस्तक्षेप की बातें सामने आई हैं। खनिज विभाग ने साफ किया है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और रॉयल्टी से संबंधित अनियमितताओं के मामलों में उनकी जांच जारी रहेगी तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    1
    इंदौर, मध्यप्रदेश में रेती माफियाओं के खिलाफ खनिज विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जिससे रेत कारोबारियों और वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया है। इंदौर कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने दूधिया रेती मंडी में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया।

इस अभियान के दौरान ओवरलोड रेती से भरे कई वाहनों की जांच की गई और उनके रॉयल्टी दस्तावेजों का भी सत्यापन किया गया। प्रारंभिक कार्रवाई में 6 वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ व्यापारियों और वाहन चालकों द्वारा कथित तौर पर एक महिला अधिकारी पर कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया गया, वहीं कुछ स्थानीय नेताओं के भी हस्तक्षेप की बातें सामने आई हैं।

खनिज विभाग ने साफ किया है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और रॉयल्टी से संबंधित अनियमितताओं के मामलों में उनकी जांच जारी रहेगी तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    16 hrs ago
  • देश के सबसे स्वच्छ और नंबर वन शहर इंदौर के वार्ड क्रमांक 70 स्थित आदर्श इंदिरा नगर के रहवासी पानी की भीषण किल्लत और नलों से आ रहे नाली के गंदे, बदबूदार पानी से त्रस्त हैं। इस क्षेत्र में 'आदर्श' केवल नाम में है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि यहाँ के लोगों के हलक सूखे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, नर्मदा की पाइपलाइन में पानी का प्रेशर लगभग न के बराबर है, जिसके चलते उन्हें पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इतना ही नहीं, जो पानी आता भी है, वह पीने लायक नहीं होता, क्योंकि नलों से 'अमृत' के बजाय नाली का बदबूदार और गंदा पानी खौल रहा है। पार्षद भरत रघुवंशी के इस क्षेत्र में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। इस गंभीर समस्या के कारण रहवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है और वे बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
    1
    देश के सबसे स्वच्छ और नंबर वन शहर इंदौर के वार्ड क्रमांक 70 स्थित आदर्श इंदिरा नगर के रहवासी पानी की भीषण किल्लत और नलों से आ रहे नाली के गंदे, बदबूदार पानी से त्रस्त हैं। इस क्षेत्र में 'आदर्श' केवल नाम में है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि यहाँ के लोगों के हलक सूखे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, नर्मदा की पाइपलाइन में पानी का प्रेशर लगभग न के बराबर है, जिसके चलते उन्हें पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इतना ही नहीं, जो पानी आता भी है, वह पीने लायक नहीं होता, क्योंकि नलों से 'अमृत' के बजाय नाली का बदबूदार और गंदा पानी खौल रहा है। पार्षद भरत रघुवंशी के इस क्षेत्र में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है।

इस गंभीर समस्या के कारण रहवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है और वे बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
    user_Ck_news
    Ck_news
    Video Creator इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.