मीरजापुर में 22 जून 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कर स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं जैसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ, नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, आयुष्मान भारत योजना, संचारी रोग नियंत्रण अभियान, परिवार कल्याण कार्यक्रम तथा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए और सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, साथ ही गुणवत्ता में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सुधारात्मक कार्रवाई करने और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से, आईपीडी (IPD) की संतोषजनक स्थिति न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सीएचसी (CHC) और पीएचसी (PHC) में मरीजों का बेहतर उपचार करने तथा गंभीर मरीजों को भर्ती कर समुचित उपचार प्रदान करने को कहा गया। टीबी (TB) की समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी को मॉनिटरिंग कर समुचित उपचार करवाकर जनपद को टीबी मुक्त करने का निर्देश दिया। मोतियाबिंद के कम आपरेशन पर भी कड़ी नाराजगी जताते हुए, उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर शिविर लगाकर लोगों को जागरूक करने और मोतियाबिंद के आपरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कई पैरामीटर्स में डेटा एंट्री की गड़बड़ी पर भी गंभीर आपत्ति व्यक्त की और सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अगली बैठक से पहले डेटा संबंधी सुधार करने का निर्देश दिया, चेतावनी दी कि खराब प्रगति होने पर कठोरतम कार्यवाही की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी को इसकी निरंतर मॉनिटरिंग करने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि अच्छा कार्य करने वाली आशाओं को प्रभारी चिकित्साधिकारी अपने स्तर पर और मुख्य चिकित्साधिकारी जनपद स्तर पर सम्मानित करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार मिश्र सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
मीरजापुर में 22 जून 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कर स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं जैसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ, नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, आयुष्मान भारत योजना, संचारी रोग नियंत्रण अभियान, परिवार कल्याण कार्यक्रम तथा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को
आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए और सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, साथ ही गुणवत्ता में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सुधारात्मक कार्रवाई करने और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से, आईपीडी (IPD) की संतोषजनक स्थिति न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सीएचसी (CHC) और पीएचसी (PHC) में मरीजों का बेहतर उपचार करने तथा
गंभीर मरीजों को भर्ती कर समुचित उपचार प्रदान करने को कहा गया। टीबी (TB) की समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी को मॉनिटरिंग कर समुचित उपचार करवाकर जनपद को टीबी मुक्त करने का निर्देश दिया। मोतियाबिंद के कम आपरेशन पर भी कड़ी नाराजगी जताते हुए, उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर शिविर लगाकर लोगों को जागरूक करने और मोतियाबिंद के आपरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कई पैरामीटर्स में डेटा एंट्री की गड़बड़ी पर भी गंभीर आपत्ति व्यक्त की और सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों
को अगली बैठक से पहले डेटा संबंधी सुधार करने का निर्देश दिया, चेतावनी दी कि खराब प्रगति होने पर कठोरतम कार्यवाही की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी को इसकी निरंतर मॉनिटरिंग करने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि अच्छा कार्य करने वाली आशाओं को प्रभारी चिकित्साधिकारी अपने स्तर पर और मुख्य चिकित्साधिकारी जनपद स्तर पर सम्मानित करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार मिश्र सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- मिर्ज़ापुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक कैंसर पीड़ित बुज़ुर्ग की इकलौती बेटी न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। विन्ध्याचल थाना क्षेत्र के इस मामले में, पुलिस पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होने और पीड़िता को जान से मारने की धमकियां मिलने के बावजूद हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने का आरोप है, जिससे परिवार खौफ के साए में जी रहा है। शिवपुरी कोइरान की रहने वाली स्वस्तिका पांडे उर्फ खुशी ने पुलिस उपमहानिरीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता के अनुसार, उसने अपने 82 वर्षीय कैंसर पीड़ित पिता के इलाज के लिए अजय सोनकर नामक एक ड्राइवर को रखा था, जिसने उसके साथ गलत हरकतें कीं। इस पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर मुख्य आरोपी अजय सोनकर को जेल भेज दिया था। हालांकि, अब मुख्य आरोपी के साथी पीड़िता को लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने इस संबंध में केस संख्या 121/2026 भी दर्ज किया था, जिसके बाद थाना प्रभारी ने नामजद आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया, लेकिन कथित तौर पर उन्हें बिना किसी ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस इस मामले में ढिलाई बरत रही है और आरोपियों के साथ कथित तौर पर मिलीभगत की आशंका है। धमकियों के साए में जीने को मजबूर पीड़िता और उसका परिवार अब सीधे उच्च अधिकारियों से सुरक्षा की मांग कर रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की है।3
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- मिर्ज़ापुर के मुकेरी बाज़ार क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ गरीबों के हित की बात करने वाली सत्ताधारी पार्टी की एक महिला नेता पर जमीन कब्जा करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित धर्मेंद्र कुमार और गौरव कुशवाहा ने भाजपा नेत्री दीपा उमर और उनके बेटे प्रिंस उमर पर उनकी रजिस्ट्रीशुदा जमीन को जबरन कब्जाने और विरोध करने पर बड़े नेताओं के नाम की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि उन्होंने इस जमीन का विधिवत बैनामा कराया था, लेकिन जब वे निर्माण कार्य कराने पहुंचे तो भाजपा नेत्री और उनके बेटे ने काम रुकवा दिया। पीड़ितों ने अत्यंत गंभीर आरोप लगाया है कि दीपा उमर को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है और वे बड़े विधायकों तथा सांसदों का खौफ दिखाकर यह दावा कर रही हैं कि उन पर कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होगी। आज सुबह इसी विवाद को लेकर एक बार फिर झड़प भड़क उठी। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कटरा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार पाठक पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर हटाया और विवादित जगह पर ताला लगवा दिया, ताकि मामला और न बढ़े। कटरा पुलिस का कहना है कि यह मामला जमीन से जुड़ा है, इसलिए तहसील और न्यायालय के आदेश पर ही उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त हिदायत दी गई है और किसी भी तरह का व्यवधान उत्पन्न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। अब देखना यह होगा कि क्या पीड़ितों को न्याय मिलता है या यह मामला राजनीतिक रसूख के आगे दबकर रह जाता है।1
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- मीरजापुर नगर में जलनिगम की मनमानी खुदाई और ठेकेदारों व अधिकारियों की लापरवाही के कारण कई वार्डों की जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार सुबह गुडहट्टी रोड पर जलनिगम द्वारा जेसीबी से की जा रही खुदाई के दौरान कई घरों के पाइपलाइन कनेक्शन टूट गए, जिससे स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने तत्काल नपाध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी से शिकायत की। नपाध्यक्ष अपने कैंप कार्यालय के पास सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए इस खुदाई पर नजर पड़ी थी। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए नपाध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी ने जलनिगम के अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने सवाल उठाया कि किसकी अनुमति से, बिना बोर्ड लगाए जेसीबी से खुदाई की जा रही है, और नगर पालिका अधिकारियों, स्थानीय जनता और सभासद को सूचना क्यों नहीं दी गई। उन्होंने याद दिलाया कि जिलाधिकारी से मैनुअल खुदाई को लेकर बात हुई थी, फिर जेसीबी का इस्तेमाल क्यों किया गया। नपाध्यक्ष ने जोर देकर पूछा कि जेसीबी खुदाई से जिनके घरों के पानी और सीवर कनेक्शन टूट रहे हैं, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। केशरी ने मौके पर ही जलनिगम के कई अधिकारियों को फोन कर कड़ी डांट पिलाई और कहा कि जलनिगम के कार्यों के कारण नगर पालिका की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने जलनिगम के अधिकारियों को अपने कैंप कार्यालय बुलाकर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। भविष्य के कार्यों के लिए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां भी खुदाई हो, वहां जलनिगम का बोर्ड लगाया जाए, जिस पर संबंधित ठेकेदार और जेई का नाम दर्ज हो। साथ ही, खुदाई से आम जनता के पानी और सीवर कनेक्शन न टूटें, और यदि टूटें तो उन्हें तुरंत सही किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जलनिगम का जेई मौके पर मौजूद रहकर खुदाई करवाए और जांच के बाद ही मिट्टी पाटी जाए, तथा पानी और सीवर लाइन वाले स्थानों पर मैनुअल खुदाई ही की जाए। नपाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि जनता की सुविधा सर्वोपरि है और जलनिगम द्वारा फैलाई जा रही यह अव्यवस्था बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सभासद अलंकार जायसवाल, रवि टंडन, पप्पू टंडन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।1
- गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के चूड़िहारी मोहल्ला में मां की डांट से नाराज़ होकर एक 15 वर्षीय किशोरी हैदरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से उसके परिवार में गहरा कोहराम मच गया है। हैदरी ख्वाजा मैनुद्दीन की पुत्री थी। जानकारी के अनुसार, सोमवार की सुबह किसी बात को लेकर हैदरी की मां ने उसे डांटा था। इससे नाराज़ होकर किशोरी अपने कमरे में चली गई और रोशनदान में दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर के बाहर थे। जब परिजन कुछ देर बाद घर लौटे और कमरा अंदर से बंद पाया, तो काफी प्रयासों के बाद दरवाजा तोड़ दिया। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। परिजनों ने आनन-फानन में किशोरी को फंदे से उतारा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतका के पिता ख्वाजा मैनुद्दीन ने थाने में लिखित तहरीर दी है, जिसमें बताया गया है कि उनकी पुत्री ने मां की डांट से नाराज़ होकर यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।1
- मीरजापुर पुलिस ने अपराधियों और वांछित अभियुक्तों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, 12 घंटे के विशेष अभियान "ऑपरेशन चक्रव्यूह" के तहत कुल 73 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह अभियान अपराध नियंत्रण और फरार अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए चलाया गया था, जिसमें पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन राजकुमार मीणा और अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान, जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की गई। गिरफ्तार किए गए 73 अभियुक्तों में 48 वारण्टी, 5 वांछित और 20 अन्य आरोपी शामिल हैं। पुलिस टीमों ने कोतवाली कटरा, कछवां, कोतवाली देहात, जिगना और विन्ध्याचल समेत कई थाना क्षेत्रों में यह कार्रवाई की। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। "ऑपरेशन चक्रव्यूह" के तहत हुई इस बड़ी कार्रवाई को मीरजापुर पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।1
- मिर्ज़ापुर में गाज़ी मियां के मैदान के पास एक युवक पर हमला किया गया। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया गया।1