Shuru
Apke Nagar Ki App…
इसे मिड-डे मील कहें या बच्चों के निवाले से मजाक -यूपी के सीतापुर जिले के एक सरकारी स्कूल का वीडियो आया है सामने यूपी के सीतापुर जिले के एक सरकारी स्कूल का वीडियो सामने आया है, जहां बच्चों को मिड-डे मील में परोसी जा रही सब्जी की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। बच्चों की थाली में कितनी 'पौष्टिक' सब्जी पहुंच रही है, वीडियो में खुद देखिए...
Vipin patrkaar G.t.m
इसे मिड-डे मील कहें या बच्चों के निवाले से मजाक -यूपी के सीतापुर जिले के एक सरकारी स्कूल का वीडियो आया है सामने यूपी के सीतापुर जिले के एक सरकारी स्कूल का वीडियो सामने आया है, जहां बच्चों को मिड-डे मील में परोसी जा रही सब्जी की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। बच्चों की थाली में कितनी 'पौष्टिक' सब्जी पहुंच रही है, वीडियो में खुद देखिए...
More news from Kanpur Nagar and nearby areas
- ANM gaytri Devi Kshetra chulha ke dwara primary Vidyalay mein Bina Kisi abhibhavak ki permission ke bacchon ko krurta purvak Tika lagaya jaaye sambandh mein aise bhrasht A,n,m ki Seva samapt kiya jaane chahiy2
- कानपुर रेल बाजार से स्थानांतरित हुआ साइबर थाना अब सिविल लाइन्स स्थित नए भवन में हुआ कानपुर रेल बाजार से स्थानांतरित हुआ साइबर थाना अब सिविल लाइन्स स्थित नए भवन में हुआ1
- संसद द्वार पर अखिलेश यादव और भाजपा के फायर ब्रांड तथाकथित हिन्दुत्ववादी चेहरा और उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज की बॉन्डिंग देखिये! समर्थक व्यक्ति देखें और यदि खोपड़ी में कुछ बचा हो तो सोचो,समझो अन्यथा लड़ते रहो आपस में और बच्चों का भविष्य बर्बाद करते रहिए1
- बरसात ने खोली नगर निगम के दावों की पोल।गोविंद नगर की चरण सिंह जेपी कॉलोनी में बारिश के बाद गलियां तालाब में तब्दील हो गईं। कानपुर ब्रेकिंग कई वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि नगर निगम और पार्षद से कई बार शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। गोविंद नगर के चरणसिंह कालोनी ओर जेपी कालोनी का है पूरा मामला1
- Post by Mahesh Sharma4
- किदवई नगर स्थित यूपी किराना सेवा समिति आईसीएसई बोर्ड स्कूल के बाहर मूसलाधार बारिश और जर्जर सड़क के बीच बच्चों से भरा ई-रिक्शा पलटने से यूकेजी सहित कई बच्चे घायल हो गए। कानपुर, उत्तर प्रदेश "क्या अब स्कूलों की प्रतिष्ठा मासूमों की ज़िंदगी से भी बड़ी हो गई है? अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि खराब मौसम और जलभराव के बावजूद स्कूल प्रशासन ने अवकाश घोषित नहीं किया तथा मोबाइल संदेश भेजकर बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य बताई, जिसके चलते नन्हे बच्चों की जान जोखिम में डालकर उन्हें स्कूल भेजना पड़ा। घटना के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना है कि जब पूरे शहर में भारी बारिश और बदहाल सड़कें हादसों को न्योता दे रही थीं, तब आखिर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाती? यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। स्कूल प्रशासन अपनी प्रतिष्ठा के चलते पूरे समाज और जिम्मेदार जिला प्रशासन के सामने खड़ा होता है बड़ा सवाल,क्या अब कुछ स्कूल अपनी प्रतिष्ठा बचाने की होड़ में मासूम बच्चों के जीवन से भी खिलवाड़ करने लगे हैं?1