Shuru
Apke Nagar Ki App…
बाड़मेर और बालोतरा क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों पर मुख्यमंत्री न्यूट्री किट की आपूर्ति नहीं हो पाई है, जिससे गर्भवती महिलाओं को पोषण किट नहीं मिल सके। आरोप है कि इस मामले में एक ठेकेदार अधिकारियों पर हावी है, जिसके चलते सप्लाई बाधित हुई है। यह समस्या धनाऊ, सेड़वा, फागलिया, चौहटन सहित अन्य ब्लॉकों में भी बनी हुई है, जहाँ भी किट नहीं पहुँचे हैं। प्रत्येक न्यूट्री किट में 1 किलोग्राम देसी घी, 500 ग्राम खजूर, मखाने या अन्य ड्राई फ्रूट्स, भुने हुए चने और मूंगफली शामिल होते हैं। इस विषय से संबंधित Diya Kumari और Dr. Manju Baghmar का नाम भी सामने आया है।
GORDHAN SINGH BANGRWA
बाड़मेर और बालोतरा क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्रों पर मुख्यमंत्री न्यूट्री किट की आपूर्ति नहीं हो पाई है, जिससे गर्भवती महिलाओं को पोषण किट नहीं मिल सके। आरोप है कि इस मामले में एक ठेकेदार अधिकारियों पर हावी है, जिसके चलते सप्लाई बाधित हुई है। यह समस्या धनाऊ, सेड़वा, फागलिया, चौहटन सहित अन्य ब्लॉकों में भी बनी हुई है, जहाँ भी किट नहीं पहुँचे हैं। प्रत्येक न्यूट्री किट में 1 किलोग्राम देसी घी, 500 ग्राम खजूर, मखाने या अन्य ड्राई फ्रूट्स, भुने हुए चने और मूंगफली शामिल होते हैं। इस विषय से संबंधित Diya Kumari और Dr. Manju Baghmar का नाम भी सामने आया है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- बायतु स्थित श्री गुरु कृपा वेद विद्यालय में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पुरुषोत्तम मास पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भोजन प्रसादी का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन श्रीमती खेतु देवी मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष हीराराम गोदारा के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को सात्विक भोजन परोसा गया। इस कार्यक्रम में झुंझुनूं निवासी पूर्व आर्मी अधिकारी सुभाष चंद्र रैपस्वाल अपने परिवार सहित विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यालय पहुंचकर श्रीमती खेतु देवी और दीपाराम जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में हीराराम गोदारा के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, ज्योतिष शिविर के विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। विद्यालय सचिव दमाराम गौड़ ने बताया कि वेद विद्यालय में कक्षा 6 से 12वीं तक निशुल्क शिक्षा, भोजन, वस्त्र एवं छात्रवृत्ति की सुविधा उपलब्ध है। वर्तमान में विद्यालय में नए प्रवेश की प्रक्रिया जारी है, साथ ही 33 दिवसीय आवासीय ज्योतिष शिविर का भी संचालन किया जा रहा है।1
- सीतामढ़ी के बथनाहा प्रखंड कार्यालय में एक नए भवन के निर्माण कार्य की शुरुआत होते ही उस पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण स्थल पर कीचड़ के ऊपर घटिया किस्म की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जिस पर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मौके पर कोई भी जिम्मेदार इंजीनियर मौजूद नहीं था। इन शुरुआती अनियमितताओं के कारण भवन की गुणवत्ता और जनता के टैक्स के पैसे की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या सरकारी योजनाओं में जनता का पैसा इसी तरह खर्च किया जाएगा और क्या इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।1
- सिंगर शेयर खान डांगरी ने राजस्थान में एक अनोखी प्रस्तुति दी है। उन्होंने शादी के सूट में गीत गाए, जिसे राजस्थान में पहली बार इस अंदाज में देखा गया।1
- बालोतरा में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर एक नगर परिक्रमा का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के निवासियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इस नगर परिक्रमा की शुरुआत के साथ ही लोगों में खासा जोश और भागीदारी देखने को मिली।1
- जैसलमेर जिले में भारत-पाक सीमा से सटे रामगढ़ कस्बे में रेत का एक भीषण बवंडर आया। इस दौरान, पूरे कस्बे में एक काली-पीली आंधी छा गई, जिसने दिन के समय ही क्षेत्र को अंधेरे के आगोश में ले लिया। आंधी के कारण आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया, और इसके साथ ही पूरे इलाके की बिजली भी गुल हो गई।1
- योगी जी के प्रति लोगों में जबरदस्त उत्साह और जोश देखा जा रहा है, जिससे उनका 'फायर' अंदाज स्पष्ट रूप से झलक रहा है।1
- शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने गिरल कोयला खदान के उन मज़दूरों के साथ मिलकर एक सद्बुद्धि यज्ञ किया, जो बीते डेढ़ महीने से अपनी जायज़ मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। यह यज्ञ विशेष रूप से प्रदेश की सरकार को सद्बुद्धि प्राप्त होने की कामना के साथ आयोजित किया गया।1
- 'प्यासे को पानी मिशन' टीम ने गुड़ामालानी क्षेत्र का दौरा किया है, जहाँ पानी का भीषण संकट गहरा गया है। इस दौरान पाया गया कि भीषण गर्मी के चलते पशु-पक्षी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। टीम ने गुड़ामालानी से रवाना होकर गादेवी, डांगरिया, गांधव, पालियारी, रोली, बेरीगांव और डाबड़ी जैसे कई गांवों का दौरा किया, जहाँ पानी का गंभीर संकट देखने को मिला। कई स्थानों पर तो बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद वीरावा, पनावाली, रामजी गोल, पिपराली, फांटा और बांटा क्षेत्रों का भी जायजा लिया गया। इस दौरे में जलदाय विभाग द्वारा बनाई गई अधिकांश पानी की टंकियां जर्जर हालत में मिलीं, और रामजी गोल के पास स्थित टंकी में तो पानी तक उपलब्ध नहीं था। ग्रामीण अपनी जरूरतों के लिए अपने स्तर पर टैंकरों से पानी मंगवाकर काम चला रहे हैं। हालांकि, इन कठिन हालातों में बेजुबान पशु-पक्षी भीषण गर्मी में प्यास से बुरी तरह परेशान हैं। इस स्थिति ने जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि विभाग की जिम्मेदारियां जमीन पर पूरी तरह से नदारद दिख रही हैं।1