पीलीभीत:-जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय से संबद्ध एक इंटर कॉलेज के चपरासी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी को करोड़ों रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है..!! आरोप है कि शम्सी ने वेतन बिल और टोकन जनरेशन से जुड़े अपने कार्य का दुरुपयोग करते हुए एक फर्जी बेनिफिशियरी आईडी बनाई और वर्ष 2024 से 2026 के बीच करीब 5 करोड़ रुपये सरकारी खाते से निकाल लिए..!! जांच में सामने आया है कि गबन की रकम उसने अपनी पत्नियों ,, साली और सास समेत कुल सात महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की.. जिनमें लुबना के खाते में 2.37 करोड़ रुपये ,, आजरा खान के खाते में 2.12 करोड़ रुपये ,, फातिमा के खाते में 1.03 करोड़ रुपये ,, नाहिद के खाते में 95 लाख रुपये ,, आफिया के खाते में 80 लाख रुपये ,, परवीन के खाते में 48 लाख रुपये और आशकारा के खाते में 95 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए..!! पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है..!!
पीलीभीत:-जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय से संबद्ध एक इंटर कॉलेज के चपरासी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी को करोड़ों रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है..!! आरोप है कि शम्सी ने वेतन बिल और टोकन जनरेशन से जुड़े अपने कार्य का दुरुपयोग करते हुए एक फर्जी बेनिफिशियरी आईडी बनाई और वर्ष 2024 से 2026 के बीच करीब 5 करोड़ रुपये सरकारी खाते से निकाल लिए..!! जांच में सामने आया है कि गबन की रकम उसने अपनी पत्नियों ,, साली और सास समेत कुल सात महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की.. जिनमें लुबना के खाते में 2.37 करोड़ रुपये ,, आजरा खान के खाते में 2.12 करोड़ रुपये ,, फातिमा के खाते में 1.03 करोड़ रुपये ,, नाहिद के खाते में 95 लाख रुपये ,, आफिया के खाते में 80 लाख रुपये ,, परवीन के खाते में 48 लाख रुपये और आशकारा के खाते में 95 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए..!! पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है..!!
- Post by संदीप कुमार शर्मा2
- Post by Anurag Patel1
- ईरान पर ट्रंप: “हमें नहीं पता कि हम किससे डील कर रहे हैं वे फ़ोन करते हैं, ‘यह मोहम्मद फलाना बोल रहा हूँ, वो मोहम्मद फलाना बोल रहा हूं’ मैं कहता हूँ, ‘क्या आप लीडर हैं? हम ढूंढ रहे हैं… हम एक लीडर ढूंढ रहे हैं’ यह दुनिया का अकेला ऐसा देश है — जहाँ कोई भी लीडर नहीं बनना चाहता”1
- मैलानी/बांकेगंज: थाना प्रभारी मैलानी बृजेश मौर्या एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। बताया जा रहा है कि एक पत्रकार से मोबाइल पर बातचीत के बाद कॉल काटना भूल जाने पर उनकी कथित आपत्तिजनक भाषा रिकॉर्ड हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल ऑडियो में थाना प्रभारी द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया जा रहा है, जिससे पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और पत्रकारों में इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान किसी मुद्दे पर तनावपूर्ण माहौल था, लेकिन कॉल समाप्त न होने की वजह से थाना प्रभारी की पूरी टिप्पणी रिकॉर्ड हो गई। अगर रिकॉर्डिंग सामने न आती, तो मामला दबा रह सकता था। पहले से बढ़ी हुई हैं मुश्किलें: बांकेगंज में अंबेडकर जयंती के दौरान हुए बवाल के बाद से ही मैलानी थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे। अब इस नई वायरल रिकॉर्डिंग ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। क्या होगी कार्रवाई? फिलहाल इस मामले में उच्च अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल रिकॉर्डिंग के बाद जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।1
- Post by खीरी न्यूज़ अपडेट1
- विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है। आइए हम सच बोलने और दिखाने वाले हर पत्रकार का सम्मान करें और अभिव्यक्ति की आज़ादी को मजबूत बनाएं।1
- मैलानी (लखीमपुर खीरी)। पत्रकार से मोबाइल पर बातचीत समाप्त होने के बाद कॉल काटना भूलना मैलानी थाना प्रभारी को भारी पड़ गया। कॉल ऑन ही रह गई और इसी दौरान कही गई आपत्तिजनक बातें रिकॉर्ड हो गईं। अब वही ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे पुलिस विभाग की कार्यशैली और भाषा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल ऑडियो में थाना प्रभारी द्वारा पत्रकार के लिए अमर्यादित और अभद्र भाषा का प्रयोग सुना जा सकता है। बातचीत में प्रयुक्त शब्द न केवल पत्रकारिता की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले हैं, बल्कि एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के आचरण पर भी प्रश्नचिह्न लगाते हैं। सूत्रों के मुताबिक, यदि मोबाइल कॉल रिकॉर्डिंग की सुविधा न होती तो यह पूरा मामला सामने ही नहीं आता। वायरल ऑडियो यह भी दर्शाता है कि पत्रकारों के प्रति थाना स्तर पर किस तरह की मानसिकता रखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि बांकेगंज में अंबेडकर जयंती के अवसर पर हुए बवाल के बाद से ही मैलानी थाना प्रभारी बृजेश मौर्या लगातार विवादों में घिरे हुए हैं। पहले कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठे और अब यह ऑडियो प्रकरण उनकी मुश्किलें और बढ़ाता नजर आ रहा है। ऑडियो वायरल होने के बाद पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह प्रवृत्ति और बढ़ेगी। वहीं, आम जनता भी यह जानना चाहती है कि क्या पुलिस विभाग इस मामले में निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी केवल बयानबाजी तक सीमित रह जाएगा। फिलहाल पूरा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है।1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1