शाहजहाँपुर में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती, डॉक्टर के फिंगरप्रिंट से ही चलेगी मशीन शाहजहाँपुर में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती, डॉक्टर के फिंगरप्रिंट से ही चलेगी मशीन शाहजहाँपुर। जनपद के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने नई तकनीकी व्यवस्था लागू करने की पहल की है। अब अल्ट्रासाउंड मशीनें केवल संबंधित पंजीकृत चिकित्सक के बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) सत्यापन के बाद ही संचालित हो सकेंगी। डॉक्टर की अनुपस्थिति में मशीन किसी भी स्थिति में शुरू नहीं होगी। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा के साथ सदर बाजार स्थित चौधरी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचकर नई तकनीक का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली से मशीन के संचालन का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे प्रत्येक अल्ट्रासाउंड की निगरानी संभव होगी और किसी भी शिकायत का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से जनपद के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना है। वहीं शाहजहाँपुर में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती, डॉक्टर के फिंगरप्रिंट से ही चलेगी मशीन शाहजहाँपुर। जनपद के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने नई तकनीकी व्यवस्था लागू करने की पहल की है। अब अल्ट्रासाउंड मशीनें केवल संबंधित पंजीकृत चिकित्सक के बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) सत्यापन के बाद ही संचालित हो सकेंगी। डॉक्टर की अनुपस्थिति में मशीन किसी भी स्थिति में शुरू नहीं होगी। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा के साथ सदर बाजार स्थित चौधरी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचकर नई तकनीक का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली से मशीन के संचालन का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे प्रत्येक अल्ट्रासाउंड की निगरानी संभव होगी और किसी भी शिकायत का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से जनपद के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना है। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि नई प्रणाली लागू होने के बाद मानकों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शाहजहाँपुर में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती, डॉक्टर के फिंगरप्रिंट से ही चलेगी मशीन शाहजहाँपुर में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती, डॉक्टर के फिंगरप्रिंट से ही चलेगी मशीन शाहजहाँपुर। जनपद के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने नई तकनीकी व्यवस्था लागू करने की पहल की है। अब अल्ट्रासाउंड मशीनें केवल संबंधित पंजीकृत चिकित्सक के बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) सत्यापन के बाद ही संचालित हो सकेंगी। डॉक्टर की अनुपस्थिति में मशीन किसी भी स्थिति में शुरू नहीं होगी। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा के साथ सदर बाजार स्थित चौधरी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचकर नई तकनीक का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली से मशीन के संचालन का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे प्रत्येक अल्ट्रासाउंड की निगरानी संभव होगी और किसी भी शिकायत का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से जनपद के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना है। वहीं शाहजहाँपुर में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती, डॉक्टर के फिंगरप्रिंट से ही चलेगी मशीन शाहजहाँपुर। जनपद के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने नई तकनीकी व्यवस्था लागू करने की पहल की है। अब अल्ट्रासाउंड मशीनें केवल संबंधित पंजीकृत चिकित्सक के बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) सत्यापन के बाद ही संचालित हो सकेंगी। डॉक्टर की अनुपस्थिति में मशीन किसी भी स्थिति में शुरू नहीं होगी। शुक्रवार को जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा के साथ सदर बाजार स्थित चौधरी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचकर नई तकनीक का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली से मशीन के संचालन का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे प्रत्येक अल्ट्रासाउंड की निगरानी संभव होगी और किसी भी शिकायत का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से जनपद के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना है। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि नई प्रणाली लागू होने के बाद मानकों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- संसद में विपक्ष राम मंदिर चंदा चोरी में अलग अंदाज में प्रदर्शन करता नजर आया जिसमें सांसद पप्पू यादव चंदा की पेटी लेकर भागते नजर आए1
- गढ़मुक्तेश्वर बहादुरगढ़ विधवा महिला को घर से निकालने का आरोप, बहादुरगढ़ पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल हापुड़। थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र में एक विधवा महिला ने पड़ोसियों पर उसके मकान का ताला तोड़कर जबरन कब्जा करने और उसे घर से बाहर निकालने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि घटना की सूचना 112 पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम और चौकी प्रभारी सचिन मौके पर पहुंचे, लेकिन उसे उसके ही घर में प्रवेश नहीं दिलाया गया। पीड़िता के अनुसार, मृतक महबूब की पत्नी होने के नाते वह अपने मकान में रह रही थी, लेकिन दबंग पड़ोसियों ने ताला तोड़कर घर पर कब्जा कर लिया और उसे बाहर निकाल दिया। देर रात करीब एक बजे तक महिला सड़क पर बैठकर न्याय की गुहार लगाती रही। गांव के कई लोग भी उसके समर्थन में मौजूद रहे। महिला ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद थाना प्रभारी इंद्रकांत यादव मौके पर नहीं पहुंचे। साथ ही उनका सीयूजी नंबर भी थाने में असमर्थ (नॉट रीचेबल) बताया जा रहा था, जिससे पीड़िता को समय पर पुलिस सहायता नहीं मिल सकी। पीड़िता प्रशासन से अपने घर पर दोबारा कब्जा दिलाने तथा आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।2
- अंतरजनपदीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार मोबाइल छिनैती की घटना का भी हुआ खुलासा, सात लाख का माल बरामद अमरोहा। बछरायूं पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अंतरजनपदीय बाइक चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब सात लाख रुपये कीमत की चोरी की मोटरसाइकिलें, उनके पार्ट्स, छिना गया मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त तीन बाइक बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक, आठ जून को बछरायूं थाना क्षेत्र के घेरकुण्डा जंगल मार्ग पर प्रीतम सिंह के साथ मारपीट कर मोबाइल छीनने की घटना हुई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में अन्य धाराओं की बढ़ोतरी की गई। घटना के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम लगातार सुरागरसी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी थी। शनिवार को बछरायूं-घेरकुण्डा मार्ग स्थित तोमड़ा तिराहे पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने घेरकुण्डा जंगल मार्ग पर मोबाइल छीनने की घटना में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र की नहर पटरी समेत अन्य स्थानों से मोटरसाइकिल चोरी करते थे। चोरी की बाइकों को अलग-अलग कर उनके पार्ट्स बेचने का काम किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोबिन, मनीष, रोहित पुत्र बृहम सिंह, दीपक और रोहित पुत्र जयप्रकाश के रूप में हुई है। सभी आरोपी अमरोहा जनपद के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सैमसंग और वीवो मोबाइल फोन, दो स्प्लेंडर बाइक में से एक बिना पहियों के, एक मोटरसाइकिल चेसिस, पांच टायर, चार सीट, दो पेट्रोल टंकी, एक साइलेंसर, मोटरसाइकिल के विभिन्न पार्ट्स, औजारों से भरा कट्टा तथा घटना में प्रयुक्त तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब सात लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले से भी चोरी, मारपीट और आबकारी अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।1