संतकबीरनगर में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। खलीलाबाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे और एसओजी प्रभारी रजनीश राय के नेतृत्व में गठित टीम ने पांच आरोपियों को अवैध असलहों और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नितेश चौरसिया और सत्यम चौरसिया (दोनों गोरखपुर के मुस्तफाबाद उर्फ मलउर निवासी), कृष्णा यादव (संतकबीरनगर के ऊनखास निवासी), रुद्र प्रताप यादव (गोरखपुर के रानूखुर्द निवासी) और रोहित कुमार गोड (बस्ती के गौरा रोहारी निवासी, जो वर्तमान में पटखौली, खलीलाबाद में रह रहा था) शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें बनकटिया गांव के पश्चिम स्थित एक बाग से दबोचा। इनके पास से एक .32 बोर की पिस्टल, एक जिंदा और एक मिसफायर कारतूस .32 बोर, तीन .315 बोर के तमंचे, तीन जिंदा कारतूस .315 बोर, एक .12 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस .12 बोर बरामद हुआ है। साथ ही, आरोपियों की तलाशी में तीन मोबाइल फोन, 750 रुपये नकद और दो मोटरसाइकिलें भी मिली हैं। इस संबंध में कोतवाली में मु0अ0सं0 513/2026 धारा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरामद की गई दोनों मोटरसाइकिलों के कागजात प्रस्तुत न किए जाने पर उन्हें धारा 207 एमवी एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है। इस सफल अभियान में उपनिरीक्षक शैलेंद्र कुमार, ध्रुव नारायण यादव, धर्मनाथ यादव सहित हेड कांस्टेबल हरि नारायण प्रसाद, रामरतन, अनुप राय और कांस्टेबल दीपक सिंह, सर्वेश मिश्रा, शुभम कुमार, विवेक मिश्रा, ज्ञानप्रकाश सिंह (सर्विलांस सेल) की टीम शामिल रही। पुलिस अधीक्षक ने इस सराहनीय कार्य के लिए पूरी पुलिस टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
संतकबीरनगर में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। खलीलाबाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे और एसओजी प्रभारी रजनीश राय के नेतृत्व में गठित टीम ने पांच आरोपियों को अवैध असलहों और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नितेश चौरसिया और सत्यम चौरसिया (दोनों गोरखपुर के मुस्तफाबाद उर्फ मलउर निवासी), कृष्णा यादव (संतकबीरनगर के ऊनखास निवासी), रुद्र प्रताप यादव (गोरखपुर के रानूखुर्द निवासी) और रोहित कुमार गोड (बस्ती के गौरा रोहारी निवासी,
जो वर्तमान में पटखौली, खलीलाबाद में रह रहा था) शामिल हैं। पुलिस ने इन्हें बनकटिया गांव के पश्चिम स्थित एक बाग से दबोचा। इनके पास से एक .32 बोर की पिस्टल, एक जिंदा और एक मिसफायर कारतूस .32 बोर, तीन .315 बोर के तमंचे, तीन जिंदा कारतूस .315 बोर, एक .12 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस .12 बोर बरामद हुआ है। साथ ही, आरोपियों की तलाशी में तीन मोबाइल फोन, 750 रुपये नकद और दो मोटरसाइकिलें भी मिली हैं। इस संबंध में कोतवाली में मु0अ0सं0 513/2026 धारा 3/25 आयुध अधिनियम
के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरामद की गई दोनों मोटरसाइकिलों के कागजात प्रस्तुत न किए जाने पर उन्हें धारा 207 एमवी एक्ट के तहत जब्त कर लिया गया है। इस सफल अभियान में उपनिरीक्षक शैलेंद्र कुमार, ध्रुव नारायण यादव, धर्मनाथ यादव सहित हेड कांस्टेबल हरि नारायण प्रसाद, रामरतन, अनुप राय और कांस्टेबल दीपक सिंह, सर्वेश मिश्रा, शुभम कुमार, विवेक मिश्रा, ज्ञानप्रकाश सिंह (सर्विलांस सेल) की टीम शामिल रही। पुलिस अधीक्षक ने इस सराहनीय कार्य के लिए पूरी पुलिस टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के फरेंदा तहसील क्षेत्र स्थित पिपरा मौनी आईटीआई कॉलेज, जिसे सरकार ने करोड़ों रुपये की लागत से बनवाया था, अब निजी हाथों में बेच दिया गया है। इस पूरे मामले को लेकर 'नया-नया खेल' चलने का आरोप लगाया जा रहा है, जिससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर संवादहीनता और उत्पीड़न भरी कार्रवाई जारी रखने का गंभीर आरोप लगाया है। समिति का कहना है कि प्रबंधन की इन गतिविधियों से ऊर्जा निगमों का औद्योगिक वातावरण लगातार बिगड़ रहा है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ना स्वाभाविक है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली कर्मियों के विरुद्ध की जा रही दंडात्मक कार्रवाई को नहीं रोका गया, तो इसकी स्वाभाविक और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्वस्थ कार्य वातावरण और पर्याप्त मानव संसाधन अत्यंत अनिवार्य हैं। उन्होंने मांग की है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन अपनी हठधर्मिता छोड़कर संघर्ष समिति के साथ तत्काल सार्थक संवाद शुरू करे और बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तुरंत वापस ले। प्रजापति ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली कर्मियों के खिलाफ की जा रही अधिकांश दंडात्मक कार्रवाई निजीकरण की नीति से प्रेरित है, जिसके तहत 45 प्रतिशत से अधिक संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। उनका कहना है कि इससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले कर्मचारियों को भी दंडित किया जा रहा है। एक अन्य पदाधिकारी नारायण चंद्र चौरसिया ने मार्च 2023 में हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए बताया कि उस दौरान बिजली कर्मियों पर की गई कार्रवाई आज तक वापस नहीं ली गई है। उन्होंने याद दिलाया कि उस आंदोलन के समय ऊर्जा मंत्री और संघर्ष समिति के बीच हुए एक समझौते में इन कार्रवाइयों को वापस लेने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, संबंधित कर्मचारियों को कठोर दंड दिए जा रहे हैं, जिससे कार्य का वातावरण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। पदाधिकारी दिलीप सिंह ने जोर देकर कहा कि जिन मामलों में कार्रवाई हो रही है, उन सभी में बिजली कर्मियों ने आंदोलन के दौरान भी उपभोक्ता हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन किया था। संघर्ष समिति ने ऊर्जा मंत्री के निर्देशों और पूर्व समझौते की भावना का सम्मान करते हुए सभी लंबित उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेने तथा स्वस्थ औद्योगिक वातावरण बहाल करने के लिए समिति के साथ तुरंत वार्ता शुरू करने की मांग की है। इसी क्रम में, मंगलवार को संतकबीरनगर में विद्युत कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, चंद्रकेश मौर्य, प्रदुम्न कुमार, रितेश कुमार, राघवेंद्र सिंह, अमरनाथ यादव, अशोक कुमार, भास्कर पांडेय, ओंकार चौरसिया और विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्युत कर्मचारी शामिल हुए।1
- आकाशवाणी पर 17 जून 2026 को एक अत्यंत श्रद्धापूर्ण गणेश वन्दना की गई। इस पवित्र अवसर पर, भगवान गणेश की वन्दना के साथ ही अन्य प्रभावशाली मंत्रों का भी स्मरण किया गया, जिनमें 'अऊम गंग गणपतये नमः', 'अऊम गुरुवे नम:', 'अऊम नमो भगवते वासुदेवाय' और 'अऊम नम: शिवाय' शामिल थे। यह सम्पूर्ण पाठ गहरी भक्ति और आदर भाव के साथ प्रस्तुत किया गया।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने एक जानलेवा फायरिंग की घटना में संलिप्त आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, कुछ कारतूस और एक खाली खोखा बरामद किया। इसके साथ ही, घटना में उपयोग किए गए तीन चारपहिया वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है। इस संबंध में जानकारी क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद द्वारा दी गई।1
- सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कोतवाली क्षेत्र के पिपरा मिश्र गांव में मंगलवार सुबह विद्युत स्पर्शाघात की चपेट में आने से 16 वर्षीय किशोर राज कुमार शुक्ला की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद परिवार में गहरा कोहराम मच गया है, वहीं गांव और आसपास के क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। पिपरा मिश्र निवासी गणेश दत्त शुक्ला के पुत्र राज कुमार शुक्ला मंगलवार सुबह अपने घर के बाहर मौजूद थे, तभी यह हादसा हुआ। बताया गया है कि मकान के सामने लगे टीन शेड के ऊपर से विद्युत केबल गुजरी हुई थी। इसी दौरान किसी कारणवश विद्युत पोल से आए तार का संपर्क टीन शेड से हो गया, जिससे उसमें करंट प्रवाहित होने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब आठ से नौ बजे के बीच राज कुमार करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। वह कंप्यूटर संबंधी कार्य कर परिवार की आजीविका में सहयोग करता था, और उसके असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की जानकारी होते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राज कुमार को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर बांसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल शुरू की। कोतवाली प्रभारी मृत्युंजय पाठक ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से क्षेत्र में जर्जर एवं असुरक्षित विद्युत तारों की तत्काल जांच कर सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- गोरखपुर में पहली बार बिना सीमेंट के घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement) किया गया है। यह सफल ऑपरेशन 26 वर्षीय एक युवक का हुआ है। यह विशेष तकनीक, जिसमें सीमेंट का उपयोग नहीं किया जाता, अब गोरखपुर में भी उपलब्ध हो गई है।1
- संतकबीरनगर पुलिस आम जनता और पुलिसकर्मियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना ने थाना महुली परिसर में नवनिर्मित आधुनिक पुलिस मेस, इंटरलॉकिंग मार्ग और अत्याधुनिक आगंतुक कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान, एसपी ने थाना परिसर, कार्यालय और सीसीटीएनएस कक्ष का निरीक्षण कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम जनता को बेहतर सुविधाएं और पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य वातावरण उपलब्ध कराना भी है। थाना परिसर में हुए शानदार निर्माण कार्य और कम समय में हुए कायाकल्प से प्रभावित होकर पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय सहित पूरी थाना महुली टीम को 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की। इस अवसर पर, एसपी ने पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जनपद के अन्य थानों में भी इसी प्रकार आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे जनता को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम पुलिस सेवा मिल सके। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र, थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय, पीआरओ मनीष कुमार जायसवाल, प्रभारी निरीक्षक धनघटा दिलीप कुमार सिंह सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। थाना महुली में विकसित की गई ये आधुनिक सुविधाएं न केवल पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाएंगी, बल्कि फरियादियों को भी सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराएंगी।1
- संतकबीरनगर जनपद में पुलिस व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी और पुलिसकर्मियों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने मंगलवार को थाना महुली परिसर में नवनिर्मित आधुनिक पुलिस मेस, इंटरलॉकिंग मार्ग और सुसज्जित आगंतुक कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने थाना परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उद्घाटन के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिसकर्मियों के कल्याण और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आधुनिक आगंतुक कक्ष के निर्माण से थाने आने वाले फरियादियों, महिलाओं और बुजुर्गों को प्रतिकूल मौसम में भी आरामदायक वातावरण मिलेगा, जिससे वे सम्मानपूर्वक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। पुलिस अधीक्षक ने नवनिर्मित पुलिस मेस का अवलोकन करते हुए कहा कि दिन-रात कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिसकर्मियों के लिए स्वच्छ, पौष्टिक और समय पर भोजन आवश्यक है, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने थाना परिसर में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय और उनकी टीम के प्रयासों को प्रशंसनीय बताया, साथ ही कम समय में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण कराने पर पूरी टीम को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की, जिससे पुलिसकर्मियों में उत्साह का माहौल देखा गया। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक ने मीडिया प्रतिनिधियों से भी वार्ता की, जिसमें उन्होंने भयमुक्त समाज की स्थापना और जनसुनवाई को सुगम बनाने को पुलिस का लक्ष्य बताया। उन्होंने मीडिया को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए आश्वासन दिया कि जनपद के अन्य थानों में भी इसी प्रकार के आधारभूत सुविधाओं के विकास के प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम के बाद, पुलिस अधीक्षक ने थाना महुली के पुलिसकर्मियों के साथ सैनिक सम्मेलन आयोजित कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए, साथ ही सभी पुलिसकर्मियों से पीड़ितों के प्रति संवेदनशील एवं निष्पक्ष व्यवहार अपनाने का आह्वान किया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण भी किया। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र, थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक के पीआरओ मनीष कुमार जायसवाल, प्रभारी निरीक्षक धनघटा दिलीप कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।2
- मंगलवार को संत कबीर नगर के पुलिस अधीक्षक संदीप मीना ने जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत करने और जनहितकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने महुली थाना परिसर में स्थापित अन्नपूर्णा भोजनालय के निकट फरियादियों की सुविधा के लिए निर्मित टिन शेड और इंटरलॉकिंग मार्ग का विधिवत उद्घाटन किया, जिससे थाना परिसर में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। उद्घाटन के उपरांत पुलिस अधीक्षक संदीप मीना ने जोर देकर कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद की मजबूत कड़ी स्थापित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि थानों में आने वाले फरियादियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि संवेदनशील पुलिसिंग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। इन नई सुविधाओं, जैसे टिन शेड और इंटरलॉकिंग व्यवस्था से, आमजन को अब मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी राहत मिलेगी और उन्हें अधिक सुव्यवस्थित वातावरण प्राप्त होगा। इस अवसर पर, पुलिस अधीक्षक ने महुली थाना परिसर का निरीक्षण भी किया। उन्होंने थाना परिसर की सुरक्षा और सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए, थाना बाउंड्रीवाल के निर्माण के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने तथा उसे जल्द से जल्द मूर्त रूप देने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर आधारभूत संरचना से पुलिस की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी तथा व्यवस्थित बनेगी। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा, थाना प्रभारी महुली दुर्गेश पांडे, उप निरीक्षक सोमनाथ मिश्रा, तथा काली जगदीशपुर, हरिहरपुर, शनिचरा बाबू, मुखलिसपुर के चौकी प्रभारी सहित थाना एवं चौकी स्तर के अनेक पुलिस अधिकारी, संभ्रांत नागरिक और कर्मचारी उपस्थित रहे। कांस्टेबल सुनील सिंह, अरविंद यादव, आनंद दूबे, महिला कांस्टेबल पूनम चौहान, तथा क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों की भी उल्लेखनीय सहभागिता रही। उपस्थित लोगों ने पुलिस अधीक्षक की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए इसे आमजन की सुविधाओं के प्रति प्रशासन की संवेदनशील सोच का परिचायक बताया। यह पहल न केवल फरियादियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का संदेश भी देती है, और इसी सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।4