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जयपुर में VVIP कल्चर का फिर दिखा अमानवीय चेहरा: बारिश में यात्री शेड में खड़े लोगों को पुलिस ने बाहर भगाया जयपुर: राजधानी में वीआईपी मूवमेंट के नाम पर आम जनता को परेशान करने और पुलिस की संवेदनहीनता का एक और मामला सामने आया है। जयपुर में वीआईपी (VIP) काफिला गुजरने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने तैनात पुलिसकर्मियों ने बारिश से बचने के लिए यात्री शेड में शरण लिए आम लोगों को बाहर खदेड़ दिया। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के एक व्यस्त मार्ग पर वीआईपी मूवमेंट को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और पूरे रास्ते पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रास्ते से गुजर रहे राहगीर और आम लोग खुद को भीगने से बचाने के लिए पास में बने यात्री शेड (Bus Shelter) के नीचे जाकर खड़े हो गए। हालांकि, सुरक्षा का हवाला देते हुए वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से तुरंत हटने को कहा। जब लोगों ने बारिश रुकने तक वहीं खड़े रहने की गुजारिश की, तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जबरन उन्हें शेड से बाहर निकाल दिया और बारिश में भीगने पर मजबूर कर दिया। जनता में भारी आक्रोश और VVIP कल्चर पर सवाल सोशल मीडिया और आम जनता के बीच इस घटना का वीडियो/जानकारी सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस के इस रवैये को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया है। जनता का सवाल: "क्या आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से बढ़कर नेताओं और अधिकारियों का काफिला है?" सुरक्षा के नाम पर संवेदनहीनता: लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाना पुलिस का काम है, लेकिन बारिश में यात्री शेड जैसी सार्वजनिक सुविधा से लोगों को खदेड़ना अधिकारियों की संवेदनहीनता को दर्शाता है। फिलहाल इस मामले पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर राजस्थान में वीआईपी कल्चर और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

3 hrs ago
user_Jitendra Kumar
Jitendra Kumar
Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
3 hrs ago

जयपुर में VVIP कल्चर का फिर दिखा अमानवीय चेहरा: बारिश में यात्री शेड में खड़े लोगों को पुलिस ने बाहर भगाया जयपुर: राजधानी में वीआईपी मूवमेंट के नाम पर आम जनता को परेशान करने और पुलिस की संवेदनहीनता का एक और मामला सामने आया है। जयपुर में वीआईपी (VIP) काफिला गुजरने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने तैनात पुलिसकर्मियों ने बारिश से बचने के लिए यात्री शेड में शरण लिए आम लोगों को बाहर खदेड़ दिया। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के एक व्यस्त मार्ग पर वीआईपी मूवमेंट को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और पूरे रास्ते पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रास्ते से गुजर रहे राहगीर और आम लोग खुद को भीगने से बचाने के लिए पास में बने यात्री शेड (Bus Shelter) के नीचे जाकर खड़े हो गए। हालांकि, सुरक्षा का हवाला देते हुए वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से तुरंत हटने को कहा। जब लोगों ने बारिश रुकने तक वहीं खड़े रहने की गुजारिश की, तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जबरन उन्हें शेड से बाहर निकाल दिया और बारिश में भीगने पर मजबूर कर दिया। जनता में भारी आक्रोश और VVIP कल्चर पर सवाल सोशल मीडिया और आम जनता के बीच इस घटना का वीडियो/जानकारी सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस के इस रवैये को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया है। जनता का सवाल: "क्या आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से बढ़कर नेताओं और अधिकारियों का काफिला है?" सुरक्षा के नाम पर संवेदनहीनता: लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाना पुलिस का काम है, लेकिन बारिश में यात्री शेड जैसी सार्वजनिक सुविधा से लोगों को खदेड़ना अधिकारियों की संवेदनहीनता को दर्शाता है। फिलहाल इस मामले पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर राजस्थान में वीआईपी कल्चर और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

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  • कोटा मंडल रेल चिकित्सालय में विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यशाला में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गोयल ने हेपेटाइटिस को "साइलेंट किलर" बताते हुए समय पर जांच, उपचार और हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण का संदेश दिया। उन्होंने स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित इंजेक्शन और संक्रमण से बचाव को बीमारी रोकने के लिए जरूरी बताया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुपर्णा सेन रॉय के मार्गदर्शन में हुआ। कोटा मंडल रेल चिकित्सालय में विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यशाला में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गोयल ने हेपेटाइटिस को "साइलेंट किलर" बताते हुए समय पर जांच, उपचार और हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण का संदेश दिया। उन्होंने स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित इंजेक्शन और संक्रमण से बचाव को बीमारी रोकने के लिए जरूरी बताया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुपर्णा सेन रॉय के मार्गदर्शन में हुआ।
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    कोटा मंडल रेल चिकित्सालय में विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यशाला में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गोयल ने हेपेटाइटिस को "साइलेंट किलर" बताते हुए समय पर जांच, उपचार और हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण का संदेश दिया। उन्होंने स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित इंजेक्शन और संक्रमण से बचाव को बीमारी रोकने के लिए जरूरी बताया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुपर्णा सेन रॉय के मार्गदर्शन में हुआ।
कोटा मंडल रेल चिकित्सालय में विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यशाला में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गोयल ने हेपेटाइटिस को "साइलेंट किलर" बताते हुए समय पर जांच, उपचार और हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण का संदेश दिया। उन्होंने स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित इंजेक्शन और संक्रमण से बचाव को बीमारी रोकने के लिए जरूरी बताया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुपर्णा सेन रॉय के मार्गदर्शन में हुआ।
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • कोटा में 1 अगस्त को कांग्रेस करेगी कलेक्ट्रेट का घेराव, नेताओं को भीड़ जुटाने का दिया टारगेट, बैठक में पूछा- कौन कितने छात्र और कार्यकर्ता लाएगा? कोटा में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज अभियान के तहत होने वाले आंदोलन के दौरान 1 अगस्त को कांग्रेस कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी। आंदोलन की रणनीति को लेकर आयोजित कांग्रेस की बैठक में नेताओं और पदाधिकारियों को भीड़ जुटाने का टारगेट दिया गया। उनसे पूछा गया कि कौन कितने छात्र और कार्यकर्ता लाएगा।
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    कोटा में 1 अगस्त को कांग्रेस करेगी कलेक्ट्रेट का घेराव, नेताओं को भीड़ जुटाने का दिया टारगेट, बैठक में पूछा- कौन कितने छात्र और कार्यकर्ता लाएगा?
कोटा में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज अभियान के तहत होने वाले आंदोलन के दौरान 1 अगस्त को कांग्रेस कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी। आंदोलन की रणनीति को लेकर आयोजित कांग्रेस की बैठक में नेताओं और पदाधिकारियों को भीड़ जुटाने का टारगेट दिया गया। उनसे पूछा गया कि कौन कितने छात्र और कार्यकर्ता लाएगा।
    user_Anubhav Mittal Journalist
    Anubhav Mittal Journalist
    Court reporter Ladpura, Kota•
    15 hrs ago
  • 📰 राजनीतिक/प्रशासनिक हलचल: "झूठ से बेहतर इस्तीफा..." — अंतरात्मा की आवाज पर दिया त्यागपत्र, सोशल मीडिया पर मिला भारी समर्थन ​नई दिल्ली / ब्यूरो: ​जब सत्ता, कुर्सी और सच के बीच चुनाव करने का वक्त आता है, तो अक्सर लोग पदों को चुनते हैं। लेकिन हालिया घटनाक्रम में एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ तब आया जब एक शीर्ष प्रतिनिधि ने झूठे दावों और दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने पद से इस्तीफा (Resignation) देने का फैसला किया। ​हालांकि, इस कड़े फैसले और अंतरात्मा की आवाज को जनता तक पहुँचने और समझे जाने में थोड़ा वक्त ज़रूर लगा, लेकिन जैसे ही इस्तीफे की मुख्य वजह सामने आई, लोगों ने उनके इस कदम की सराहना करना शुरू कर दिया है। ​🔹 क्या है पूरा मामला? ​सूत्रों और हालिया बयानों के मुताबिक, व्यवस्था के भीतर उठ रहे सवालों और राजनीतिक दबावों के बीच लगातार सच्चाई को छिपाने की कोशिशें की जा रही थीं। लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि वे झूठे आश्वासनों और बयानों का हिस्सा बनने के बजाय पद त्यागना ज्यादा सम्मानजनक मानते हैं। ​"झूठ बोलकर कुर्सी पर बने रहने से बेहतर है कि सच्चाई के साथ पद छोड़ दिया जाए।" — इस्तीफे के बाद की चर्चाओं से उभरा मुख्य संदेश ​🔹 जनता और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया ​इस फैसले के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके साहस, ईमानदारी और जज्बे की जमकर तारीफ हो रही है। आम जनता और समर्थकों का कहना है: ​सच्चाई की जीत: जनता का मानना है कि आज के दौर में जहां नैतिकता की बात कम होती है, वहां ऐसा बलिदान एक मिसाल प्रस्तुत करता है। ​नैतिकता का सम्मान: 'सलामी और समर्थन' के संदेशों से डिजिटल प्लेटफॉर्म भर चुके हैं, जहां लोग उनके इस आत्म-सम्मान और ईमानदारी से भरे कदम को नमन कर रहे हैं। ​🔹 आगे क्या? ​इस इस्तीफे ने न केवल सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि अंतरात्मा की आवाज़ देर से ही सही, लेकिन जब जागती है तो इतिहास बनाती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस इस्तीफे का राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर क्या दूरगामी प्रभाव पड़ता है।
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    📰 राजनीतिक/प्रशासनिक हलचल: "झूठ से बेहतर इस्तीफा..." — अंतरात्मा की आवाज पर दिया त्यागपत्र, सोशल मीडिया पर मिला भारी समर्थन
​नई दिल्ली / ब्यूरो:  
​जब सत्ता, कुर्सी और सच के बीच चुनाव करने का वक्त आता है, तो अक्सर लोग पदों को चुनते हैं। लेकिन हालिया घटनाक्रम में एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ तब आया जब एक शीर्ष प्रतिनिधि ने झूठे दावों और दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने पद से इस्तीफा (Resignation) देने का फैसला किया।
​हालांकि, इस कड़े फैसले और अंतरात्मा की आवाज को जनता तक पहुँचने और समझे जाने में थोड़ा वक्त ज़रूर लगा, लेकिन जैसे ही इस्तीफे की मुख्य वजह सामने आई, लोगों ने उनके इस कदम की सराहना करना शुरू कर दिया है।  
​🔹 क्या है पूरा मामला?
​सूत्रों और हालिया बयानों के मुताबिक, व्यवस्था के भीतर उठ रहे सवालों और राजनीतिक दबावों के बीच लगातार सच्चाई को छिपाने की कोशिशें की जा रही थीं। लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि वे झूठे आश्वासनों और बयानों का हिस्सा बनने के बजाय पद त्यागना ज्यादा सम्मानजनक मानते हैं।  
​"झूठ बोलकर कुर्सी पर बने रहने से बेहतर है कि सच्चाई के साथ पद छोड़ दिया जाए।"
— इस्तीफे के बाद की चर्चाओं से उभरा मुख्य संदेश  
​🔹 जनता और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
​इस फैसले के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके साहस, ईमानदारी और जज्बे की जमकर तारीफ हो रही है। आम जनता और समर्थकों का कहना है:
​सच्चाई की जीत: जनता का मानना है कि आज के दौर में जहां नैतिकता की बात कम होती है, वहां ऐसा बलिदान एक मिसाल प्रस्तुत करता है।
​नैतिकता का सम्मान: 'सलामी और समर्थन' के संदेशों से डिजिटल प्लेटफॉर्म भर चुके हैं, जहां लोग उनके इस आत्म-सम्मान और ईमानदारी से भरे कदम को नमन कर रहे हैं।  
​🔹 आगे क्या?
​इस इस्तीफे ने न केवल सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि अंतरात्मा की आवाज़ देर से ही सही, लेकिन जब जागती है तो इतिहास बनाती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस इस्तीफे का राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर क्या दूरगामी प्रभाव पड़ता है।
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • कोटा शहर पुलिस ने 'ऑपरेशन गरुड़व्यूह' के तहत नशा तस्करों पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए 28 किलो 889 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा पाउडर बरामद किया है। आर.के. पुरम थाना पुलिस ने रावतभाटा रोड स्थित बोरावास चेक पोस्ट पर नाकाबंदी के दौरान पंजाब के तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के बैग से भारी मात्रा में डोडाचूरा जब्त किया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि मादक पदार्थ मध्यप्रदेश से खरीदकर पंजाब ले जाया जा रहा था। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क और मुख्य सप्लायरों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि 'ऑपरेशन गरुड़व्यूह' के तहत नशे के कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कोटा शहर पुलिस ने 'ऑपरेशन गरुड़व्यूह' के तहत नशा तस्करों पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए 28 किलो 889 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा पाउडर बरामद किया है। आर.के. पुरम थाना पुलिस ने रावतभाटा रोड स्थित बोरावास चेक पोस्ट पर नाकाबंदी के दौरान पंजाब के तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के बैग से भारी मात्रा में डोडाचूरा जब्त किया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि मादक पदार्थ मध्यप्रदेश से खरीदकर पंजाब ले जाया जा रहा था। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क और मुख्य सप्लायरों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि 'ऑपरेशन गरुड़व्यूह' के तहत नशे के कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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    कोटा शहर पुलिस ने 'ऑपरेशन गरुड़व्यूह' के तहत नशा तस्करों पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए 28 किलो 889 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा पाउडर बरामद किया है। आर.के. पुरम थाना पुलिस ने रावतभाटा रोड स्थित बोरावास चेक पोस्ट पर नाकाबंदी के दौरान पंजाब के तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के बैग से भारी मात्रा में डोडाचूरा जब्त किया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि मादक पदार्थ मध्यप्रदेश से खरीदकर पंजाब ले जाया जा रहा था। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क और मुख्य सप्लायरों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि 'ऑपरेशन गरुड़व्यूह' के तहत नशे के कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कोटा शहर पुलिस ने 'ऑपरेशन गरुड़व्यूह' के तहत नशा तस्करों पर एक और बड़ा प्रहार करते हुए 28 किलो 889 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा पाउडर बरामद किया है। आर.के. पुरम थाना पुलिस ने रावतभाटा रोड स्थित बोरावास चेक पोस्ट पर नाकाबंदी के दौरान पंजाब के तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के बैग से भारी मात्रा में डोडाचूरा जब्त किया। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि मादक पदार्थ मध्यप्रदेश से खरीदकर पंजाब ले जाया जा रहा था। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क और मुख्य सप्लायरों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि 'ऑपरेशन गरुड़व्यूह' के तहत नशे के कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    12 hrs ago
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