Shuru
Apke Nagar Ki App…
आरिया जिला के फारबिसगंज मैं जो मामला हुआ हैं पूरे दुनिया को शर्मसार कर देने वाली घटना हैं रवि चौहान नामक एक युवक ने 42 वर्षीय अली हसन को सिर काटकर अलग कर दिया हैं आरिया जिला के फारबिसगंज मैं जो मामला हुआ हैं पूरे दुनिया को शर्मसार कर देने वाली घटना हैं रवि चौहान नामक एक युवक ने 42 वर्षीय अली हसन को सिर काटकर अलग कर दिया हैं
Today Real News
आरिया जिला के फारबिसगंज मैं जो मामला हुआ हैं पूरे दुनिया को शर्मसार कर देने वाली घटना हैं रवि चौहान नामक एक युवक ने 42 वर्षीय अली हसन को सिर काटकर अलग कर दिया हैं आरिया जिला के फारबिसगंज मैं जो मामला हुआ हैं पूरे दुनिया को शर्मसार कर देने वाली घटना हैं रवि चौहान नामक एक युवक ने 42 वर्षीय अली हसन को सिर काटकर अलग कर दिया हैं
More news from बिहार and nearby areas
- बिहार के अलग अलग जिलों मैं आंधी तूफान का कहर देखिए पूरा वीडियो1
- विशेष समकालीन अभियान के तहत कटिहार जिला के सभी थानों के पुलिस पदाधिकारियों द्वारा कुर्की निष्पादन हेतु व्यापक अभियान चलाया गया।1
- Post by Aßíf ælæm1
- Post by RAYEES GANDHI Vlogs1
- कसबा (पूर्णिया) मजदूर दिवस के अवसर पर स्थानीय मज़दूरों ने अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन जिला अध्यक्ष सह मजदूर क्रांति संघ के संयोजक बमबम साह के अगुवाई में प्रभात फेरी निकाल कर अपने हक की आवाज बुलंद की। प्रभात फेरी के माध्यम से बमबम साह ने मजदूरों के हित में सरकार से सरकारी मजदूर रजिस्ट्रेशन के साथ मुफ्त बीमा एवं मजदूरी दर बढ़ाने की मांग किया। बमबम साह ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सभी पंचायत एवं नगर के वार्ड स्तर पर शिविर आयोजित कर आम मजदूरों का रजिस्ट्रेशन करने तथा अन्य राज्यों की तरह मुफ्त मजदूर बीमा करने की प्रक्रिया सुनिश्चित किया जाए। बमबम साह ने कहा कि पूरे विश्व मजदूर के भरोसे ही आगे बढ़ रहा है और विकसित हो रही हैं। जिसमें मजदूरों की ही भूमिका अहम है। आज आम मजदूरों की समुचित रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण प्रदेश में मजदूरी कर रहे मजदूरों की श्रम करने के दौरान हो रहे मौत पर उनके आश्रित परिजनों को उचित सरकारी मुआवजा मिलने से वंचित होना पड़ रहा है।1
- Post by लोकल 18 न्यूज़ कटिहार1
- Post by NEWS7 PURNEA NEWSAGENCE1
- उड़ीसा मैं हुए मामले मैं जीतू मुंडा नामक एक इंसान ने बैंक के सिस्टम से परेशान होकर बीस हजार रुपया के लिए अपनी ही बहन का कब्र से कंकाल निकालकर पहुंच गया बैंक1