अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा क्षेत्र की बेटी आकृति मिश्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन कर पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। उन्होंने जबलपुर में आयोजित चौथे विश्व रामायण सम्मेलन के अंतर्गत MYRA (Making Youth Ramayana Ambassador) ऑनलाइन प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभागियों के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेताओं की सूची में अपना स्थान बनाया। इस उपलब्धि के फलस्वरूप, आकृति को 17 से 22 जून 2026 तक होने वाली 6 दिवसीय श्रीलंका सांस्कृतिक एवं रामायण अध्ययन यात्रा के लिए चुना गया है। इस प्रतियोगिता में देशभर से केवल पाँच प्रतिभागियों का चयन हुआ था, जिनमें अनूपपुर जिले की आकृति मिश्रा भी शामिल हैं। आकृति मिश्रा, भालूमाड़ा वार्ड क्रमांक 17 हालो ब्लॉक निवासी श्री जानकी शरण मिश्रा और श्रीमती प्रतिमा मिश्रा की सुपुत्री हैं। उनके माता-पिता दोनों ही शिक्षा जगत से जुड़े प्रतिष्ठित शिक्षक हैं। आकृति की प्रारंभिक शिक्षा जमुना कॉलरी के जे.ई.एम. हायर सेकेंडरी स्कूल में हुई। वे शुरू से ही पढ़ाई, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के क्षेत्र में उत्कृष्ट रही हैं, जिसका प्रमाण है कि उन्होंने वर्ष 2024 की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया था। विश्व रामायण सम्मेलन के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष यात्रा के दौरान युवा रामायण एम्बेसडरों का दल श्रीलंका में रामायण काल से जुड़े ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेगा। इस यात्रा में अशोक वाटिका और सीता अम्मन मंदिर सहित रामायण से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण स्थलों के दर्शन और सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता की जाएगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और रामायण के वैश्विक संदेश को युवा पीढ़ी तक पहुँचाना है। श्रीलंका पहुँचने पर आकृति मिश्रा और अन्य युवा रामायण एम्बेसडरों का पारंपरिक स्वागत किया गया, जहाँ उन्होंने भारतीय संस्कृति और रामायण के आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हुए जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। आकृति की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर भालूमाड़ा, अनूपपुर और पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का वातावरण है। सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए कहा है कि उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। एक छोटे नगर की बेटी का अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे अनूपपुर जिले के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा क्षेत्र की बेटी आकृति मिश्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन कर पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। उन्होंने जबलपुर में आयोजित चौथे विश्व रामायण सम्मेलन के अंतर्गत MYRA (Making Youth Ramayana Ambassador) ऑनलाइन प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभागियों के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेताओं की सूची में अपना स्थान बनाया। इस उपलब्धि के फलस्वरूप, आकृति को 17 से 22 जून 2026 तक होने वाली 6 दिवसीय श्रीलंका सांस्कृतिक एवं रामायण अध्ययन यात्रा के लिए चुना गया है। इस प्रतियोगिता में देशभर से केवल पाँच प्रतिभागियों का चयन हुआ था, जिनमें अनूपपुर जिले की आकृति मिश्रा भी शामिल हैं। आकृति मिश्रा, भालूमाड़ा वार्ड क्रमांक 17 हालो ब्लॉक निवासी श्री जानकी शरण मिश्रा और श्रीमती प्रतिमा मिश्रा की सुपुत्री हैं। उनके माता-पिता दोनों ही शिक्षा जगत से जुड़े प्रतिष्ठित शिक्षक हैं। आकृति की प्रारंभिक शिक्षा जमुना कॉलरी के जे.ई.एम. हायर सेकेंडरी स्कूल में हुई। वे शुरू से ही पढ़ाई, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के क्षेत्र में उत्कृष्ट रही हैं, जिसका प्रमाण है कि उन्होंने वर्ष 2024 की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया था। विश्व रामायण सम्मेलन के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष यात्रा के दौरान युवा रामायण एम्बेसडरों का दल श्रीलंका में रामायण काल से जुड़े ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेगा। इस यात्रा में अशोक वाटिका और सीता अम्मन मंदिर सहित रामायण से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण स्थलों के दर्शन और सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता की जाएगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और रामायण के वैश्विक संदेश को युवा पीढ़ी तक पहुँचाना है। श्रीलंका पहुँचने पर आकृति मिश्रा और अन्य युवा रामायण एम्बेसडरों का पारंपरिक स्वागत किया गया, जहाँ उन्होंने भारतीय संस्कृति और रामायण के आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हुए जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। आकृति की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर भालूमाड़ा, अनूपपुर और पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का वातावरण है। सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए कहा है कि उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। एक छोटे नगर की बेटी का अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे अनूपपुर जिले के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
- अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन करने वाले माफिया के खिलाफ लगातार चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। 20 जून, 2026 को वेंकटनगर चौकी पुलिस को ग्राम कदमसरा में मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम भेलमा गूजर नाला से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर एक ट्रेक्टर-ट्रॉली लपटा की ओर रेत बेचने जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम मुण्डा से लपटा की ओर जाने वाले मार्ग पर दबिश दी और अवैध रेत का परिवहन कर रहे एक ट्रेक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। इस कार्रवाई में 20 वर्षीय चालक आशीष राठौर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर ट्रेक्टर-ट्रॉली की जाँच की गई तो उसमें 02 घन मीटर रेत खनिज लोड पाया गया। चालक आशीष राठौर, निवासी ग्राम मुण्डा, थाना जैतहरी ने पूछताछ में बताया कि ट्रेक्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर MP65ZC7738) उसके पिता होरीलाल राठौर के नाम पर है, जो मजदूरी करने उड़ीसा गए हैं। उसने स्वीकार किया कि रेत गूजर नाला से लाई गई थी और उसके पास रेत परिवहन से संबंधित कोई वैध कागजात (टीपी) नहीं थे। आशीष राठौर ने ट्रेक्टर के रजिस्ट्रेशन कार्ड, बीमा कागजात और अपने लर्निंग लाइसेंस की छायाप्रतियां भी पेश कीं। आशीष राठौर द्वारा अवैध रूप से रेत (खनिज) चोरी कर परिवहन करना पाए जाने पर, उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 303(2), 305(ई), 317(5) और खनिज अधिनियम की धारा 4/21 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने नीले रंग के स्वराज 742 XT ट्रेक्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर MP65ZC7738, इंजन नंबर DE.4001/SHF22348, चेसिस नंबर MBNBT53NDSCF74255) को उसकी ट्रॉली और उसमें लदी 02 घन मीटर अवैध रेत सहित जब्त कर लिया। जब्त किए गए ट्रेक्टर-ट्रॉली और अवैध रेत की कुल अनुमानित कीमत ₹5,03,000/- बताई गई है (जिसमें ट्रेक्टर-ट्रॉली की कीमत ₹5,00,000/- और रेत की कीमत ₹3,000/- शामिल है)। जब्त संपत्ति को वेंकटनगर चौकी परिसर में सुरक्षा के लिए खड़ा कराया गया है। इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी वेंकटनगर उप निरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक सुरेश कुमार अहिरवार और आरक्षक विजय टाटू की सराहनीय भूमिका रही।1
- 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, अनूपपुर पुलिस लाइन में एक विशाल योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस लाइन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ उन्होंने सामूहिक रूप से योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और श्वास-प्रक्रियाओं का संचालन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने योग के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी बेहतर होता है, तनाव कम होता है, और कार्यक्षमता व एकाग्रता में वृद्धि होती है। पुलिस विभाग ने यह पहल अधिकारियों और कर्मचारियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा अधिक दायित्वनिष्ठ एवं कुशल बनाए रखने के उद्देश्य से की थी। इस अवसर पर, सभी उपस्थित कर्मियों ने अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने का संकल्प लिया।4
- मरवाही वनमंडल के मरवाही वन परिक्षेत्र में, सिवनी प. स. वृत्त के घुसरिया बीट में 21 जून 2026 को दोपहर 12:30 बजे चार हाथियों का एक दल विचरण करते देखा गया है। इन हाथियों के कारण घुसरिया, चिचगोहना और कुम्हारी क्षेत्रों में कुल 11 फसलों का नुकसान हुआ है, हालांकि किसी भी मकान को कोई क्षति या जनहानि की सूचना नहीं है। वर्तमान में, ये चारों हाथी मरवाही वनमंडल के मरवाही परिक्षेत्र में घुसरिया परिसर के कक्ष क्रमांक 2051 के नजदीकी राजस्व क्षेत्र सोन नदी के किनारे पलास और लेंटाना के झुरमुट में घूम रहे हैं। ये हाथी मध्यप्रदेश से घुसरिया परिसर में प्रवेश किए हैं और इनके मरवाही परिसर, सचराटोला परिसर और पंडरी परिसर की ओर जाने की संभावना है। परिसर रक्षक नागेश साहू (घुसरिया) और रामकुमार ओटृऻ (मरवाही) सहित मरवाही वन परिक्षेत्र के कर्मचारी हाथियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और हाथियों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने स्थिति को सामान्य बताया है। अधिक जानकारी के लिए मरवाही वन मंडल, वन परिक्षेत्र मरवाही के मोबाइल नंबर 7828465059 और 8718915506 पर संपर्क किया जा सकता है।4
- अनूपपुर जिले के निगवानी के मुख्य बाजार में लंबे समय से एक खतरनाक गड्ढा लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई, हालांकि गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत ग्राम पंचायत के सरपंच से की तो उन्होंने गंभीरता दिखाने के बजाय "जो करना हो कर लो" जैसा असंवेदनशील जवाब दिया। यदि यह आरोप सही है, तो यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बाजार क्षेत्र में रोजाना सैकड़ों लोग और बच्चे आते-जाते हैं, ऐसे में प्रशासन और पंचायत से तत्काल इस गड्ढे की मरम्मत कर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।1
- सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के विरुद्ध आपत्तिजनक चित्र और अभद्र टिप्पणी युक्त पोस्ट करने के मामले में प्रबोध पांडे के खिलाफ थाना में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि इस पोस्ट से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराते समय सिल्लू रजक, अविनाश मिश्रा, धीरू मिश्रा, मुकेश दुवेदी, विकाश जोतवानी, अमन यादव, देव केवट, मोनु सेन, अमित धुर्वे, शनि रिशु पनिका, नितिन सूरी, रज्जन रजक एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, देवी-देवता अथवा धार्मिक प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन सभी ने कहा कि सभी धर्मों एवं आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।3
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- कोरिया कलेक्टर ने एक स्कूल का दौरा कर बच्चों को पढ़ाया। इस दौरान, उन्होंने वहां के शिक्षकों को भी फटकार लगाई। कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।3
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज अनूपपुर की पुलिस लाइन में एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस लाइन में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाएँ कराई गईं। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नियमित योगाभ्यास से तनाव में कमी आती है, साथ ही कार्यक्षमता और एकाग्रता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने और एक स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया। पुलिस विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और अपने कार्य के प्रति अधिक दक्ष बनाना है।1