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नरसिंहगढ़ -मायईम सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ बेरोजगार युवाओं का ज्ञापन प्रदर्शन अल्टीमेटम..15 दिन में मांगें नहीं मानी तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
भगवत सिंह लोधी पत्रकार
नरसिंहगढ़ -मायईम सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ बेरोजगार युवाओं का ज्ञापन प्रदर्शन अल्टीमेटम..15 दिन में मांगें नहीं मानी तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
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- महिला आत्महत्या कांड में ढीमरखेड़ा पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन तीन आरोपी गिरफ्तार, गांव में उबाल—जेल भेजे गए आरोपी कटनी। सोशल मीडिया पर की गई अभद्र और अमानवीय टिप्पणी आखिरकार एक महिला की जान ले बैठी। ग्राम कटरिया में घटित इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अपमान से आहत सलमा बी ने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद गांव में आक्रोश की लहर दौड़ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा (आई.पी.एस.) ने खुद मोर्चा संभाला। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेडरिया एवं एसडीओपी श्रीमती आकांक्षा चतुर्वेदी के सख्त मार्गदर्शन में ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पोस्ट पर टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद, मौत पर खत्म हुई कहानी जानकारी के अनुसार, 27 दिसंबर को सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आरोपियों ने महिला पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। मानसिक प्रताड़ना से टूट चुकी सलमा बी यह अपमान सह नहीं सकीं और आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना के बाद ग्राम कटरिया में भारी जनआक्रोश देखने को मिला, ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। पुलिस जांच में बड़ा खुलासा, तीनों आरोपी दबोचे गए ढीमरखेड़ा पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर गहन जांच शुरू की। जांच में सामने आए ठोस साक्ष्यों के आधार पर शिवम चौधरी, रमेश चौधरी एवं फूलबाई चौधरी (निवासी ग्राम कटरिया) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया। सोशल मीडिया पर ज़हर उगला तो जेल तय पुलिस ने दो टूक चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी की गरिमा और जीवन से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में कानून पूरी सख्ती से लागू होगा। इनकी रही अहम भूमिका इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक अभिषेक चौबे, प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास, आरक्षक 608 पंकज सिंह, 730 डुमनदास एवं 10 जागेश्वर की सराहनीय और निर्णायक भूमिका रही।2
- कटनी। गरीबों के हक पर डाका, सोसायटी संचालक के ऊपर लगा गंभीर आरोप1
- *नशीली दवा और कट्टा-कारतूस के साथ पकड़े गए दो बदमाश* सतना।🅰️पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह के निर्देश पर नशीली दवाओं के सप्लायर, कट्टा-कारतूस के अवैध धंधे से जुड़े बदमाशों के धर-पकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत चित्रकूट थाना पुलिस को मिली सफलता।थाना प्रभारी गिरिजा शंकर बाजपेई की अगुवाई में पुलिस टीम ने स्कूटी से जा रहे सतना शहर के शातिर बदमाश इशू कुशवाहा उर्फ योगेंद को 51 सीसी नशीली कफ सिरफ के साथ पकड़ा।इसी तरह मोहम्मद फारुख निवासी जवान सिंह कालोनी को 315 बोर के कट्टा व 2 जिंदा कारतूस के साथ किया गिरफ्तार।2
- कटनी में L&T कंपनी के 300 श्रमिकों का काम बंद, अधिकारों और लंबित भुगतान को लेकर धरना1
- माँ विंध्यवासिनी का दरवार10
- ऐतिहासिक बरमान मेले के लिए 600 पुलिसकर्मियों का बल को मेला परिसर में किया गया तैनात1
- ❗गलत दवा, उजड़ी फसल… कर्ज में डूबा किसान❗ कृषि केंद्र की लापरवाही से 1.5 लाख का नुकसान, न्याय के लिए एसपी–कलेक्टर की चौखट पर पहुंचा गरीब अन्नदाता कटनी/बरही। एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, तो दूसरी ओर निजी कृषि केंद्रों की लापरवाही गरीब किसानों की कमर तोड़ रही है। बरही तहसील के ग्राम ताली मोहनी में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां गलत दवा दिए जाने से किसान की पूरी चने की फसल जलकर नष्ट हो गई। पीड़ित किसान नागेन्द्र कुमार पाण्डेय पिता मोहनराम पाण्डेय, निवासी ताली रोहनिया, थाना बरही, जिला कटनी, ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 को वह बरही स्थित अग्रवाल कृषि केन्द्र, कटनी रोड से चने की फसल में डालने के लिए फूल वर्धक दवा लेने गया था। लेकिन दुकानदार ने उसे फूल बढ़ाने की दवा की जगह “Cloud 58 Selective Herbicide” नामक खरपतवार नाशक ज़हरीली दवा थमा दी। जैसे ही किसान ने दवा का छिड़काव किया, डेढ़ एकड़ में बोई गई चने की फसल देखते ही देखते सूख गई और कुछ ही समय में पूरी फसल बर्बाद हो गई। कर्ज लेकर की थी खेती, अब घर चलाना मुश्किल किसान नागेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि उसने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन कृषि केंद्र की एक गलती ने उसकी मेहनत, पूंजी और भविष्य—तीनों तबाह कर दिए। इस हादसे में उसे करीब ₹1,50,000 (एक लाख पचास हजार रुपये) का सीधा नुकसान हुआ है। फसल नष्ट होने से किसान और उसका पूरा परिवार मानसिक, आर्थिक और सामाजिक संकट में फंस गया है। न्याय की आस में प्रशासन के दरवाज़े पर गरीब किसान पीड़ित किसान ने न्याय की गुहार लगाते हुए कलेक्टर कटनी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखित शिकायत सौंपी है। प्रशासन की ओर से जांच का आश्वासन दिया गया है, लेकिन सवाल यह है कि— 👉 क्या गरीब किसान को उसका हक मिलेगा? 👉 क्या लापरवाह कृषि केंद्र पर सख्त कार्रवाई होगी? 👉 या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा? 🎙️ बाइट – पीड़ित किसान नागेन्द्र कुमार पाण्डेय “मैंने कर्ज लेकर चने की खेती की थी। दुकान से फूल की दवा मांगी थी, लेकिन गलत दवा दे दी गई। दवा डालते ही पूरी फसल जल गई। मेरा सब कुछ खत्म हो गया है। साहब, मुझे न्याय चाहिए, नहीं तो मेरा परिवार सड़क पर आ जाएगा।” ✊ यह सिर्फ एक किसान की कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम की उस बेरहमी का सच है, जो गरीब अन्नदाता को बर्बादी की ओर धकेल रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन दोषियों पर कब और कितनी सख्ती करता है।4
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