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कोतवाली थाना के ठीक पीछे स्थित एक दुकान में अचानक मॉनिटर लिज़र्ड घुस गया। इस अप्रत्याशित घटना से दुकान के अंदर मौजूद लोगों और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
Ashish parihar Parihar
कोतवाली थाना के ठीक पीछे स्थित एक दुकान में अचानक मॉनिटर लिज़र्ड घुस गया। इस अप्रत्याशित घटना से दुकान के अंदर मौजूद लोगों और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
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- कांकेर जिला पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देश पर यातायात पुलिस और आरटीओ की संयुक्त टीम ने नरहरदेव मैदान में जिले के 19 स्कूलों की लगभग 58 बसों का कड़ा निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चालकों और परिचालकों के स्वास्थ्य व नेत्रों की भी जांच की। इस गहन जांच में यातायात प्रभारी दीपक साव और आरटीओ प्रकाश रावटे की टीम ने बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट, स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशामक यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स की बारीकी से पड़ताल की। जिन बसों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई, उन्हें तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग से नेत्र सहायक सपन वट्टी और उनकी टीम भी इस अभियान में शामिल रही, जिन्होंने चालकों की आंखों की जांच की ताकि सड़क पर बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। निरीक्षण के दौरान पुलिस और परिवहन विभाग ने सभी स्कूल बस चालकों और संचालकों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए कई अहम दिशा-निर्देश भी जारी किए। इनमें प्रत्येक स्कूली गाड़ी में हेल्पर का होना और चालक-परिचालक का निर्धारित वर्दी में रहना अनिवार्य किया गया है। सड़क पार कराते समय हेल्पर द्वारा बच्चों की अनिवार्य मदद सुनिश्चित करने को कहा गया है, साथ ही स्कूल बसों में स्कूली बच्चों के अलावा किसी भी अन्य या अज्ञात व्यक्ति को नहीं बिठाया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षमता से अधिक बच्चे नहीं बैठाए जाएंगे, और ओवर स्पीडिंग व शराब पीकर वाहन चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई स्कूल नया वाहन चालक रखता है, तो पहले उसके दस्तावेजों का पुलिस और संबंधित विभाग से सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।4
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के माकड़ी ब्लॉक स्थित ग्राम शामपुर में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने सड़क पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें किसानों की प्रमुख मांगों को रेखांकित किया गया। कांग्रेस ने अपनी मांगों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, केसीसी ऋण का शीघ्र वितरण करने और बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की अपील की। इसके अतिरिक्त, वनाधिकार पट्टा धारक किसानों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ प्रदान करने की भी मांग की गई। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी ये महत्वपूर्ण मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो वे किसानों के हक में अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे।1
- दुर्ग जिले की रानीतराई पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है, जिसने फर्जी भूमि पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र तैयार कर आवास ऋण प्राप्त करने का प्रयास किया था। आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई है। यह मामला 06 जून 2026 को सामने आया, जब ग्राम पंचायत तेलीगुंडरा की सरपंच श्रीमती हुलेश्वरी साहू ने थाना रानीतराई में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, ग्राम तेलीगुंडरा निवासी धनेश्वर कुमार निर्मलकर ने लगभग 1800 वर्गफुट भूमि का फर्जी पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र तैयार करके आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, न्यू दीपक नगर, दुर्ग में आवास ऋण के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान सरपंच और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पंचायत अभिलेखों के परीक्षण में यह पुष्टि हुई कि संबंधित पट्टा प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत द्वारा कभी जारी नहीं किया गया था, और उस पर अंकित मुहर व प्रमाणीकरण भी वास्तविक नहीं थे। आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड द्वारा आंतरिक परीक्षण में भी दस्तावेजों में विसंगति पाई गई, जिसके बाद ऋण आवेदन को अस्वीकृत कर निरस्त कर दिया गया। विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर थाना रानीतराई में आरोपी धनेश्वर कुमार निर्मलकर, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम तेलीगुंडरा, थाना रानीतराई, जिला दुर्ग के विरुद्ध अपराध क्रमांक 71/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 62, 338, 336(3), 340(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी से फर्जी भूमि पट्टा प्रमाण पत्र, फर्जी पंचायत प्रमाण पत्र और ऋण आवेदन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। इस पूरी कार्यवाही में थाना रानीतराई पुलिस की विवेचना टीम ने शिकायत का गहन परीक्षण करते हुए पंचायत अभिलेखों और संबंधित वित्तीय संस्था से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर तथ्यात्मक जांच की, जिसके आधार पर आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हुई। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेज तैयार कर या प्रस्तुत कर अनुचित लाभ प्राप्त करने का प्रयास न करें, क्योंकि ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।2
- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ एक चौराहे को खून से लाल कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, फरसे के ताबड़तोड़ वार से एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल में यातायात पुलिस के पूर्व हेड कांस्टेबल विवेकानंद तिवारी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस अब उनके द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से किए गए वित्तीय लेनदेन और उनकी पत्नी के आय के स्रोतों की गहन जांच कर रही है। तिवारी को 3 जून को निलंबित किया गया था। निलंबन का कारण 15 दिनों तक बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहना और वर्दी में रहते हुए व्यक्तिगत लाभ के लिए वीडियो बनाना बताया गया था। इस निलंबन के बाद, उन्होंने 15 जून को पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया और वर्तमान में सड़क सुरक्षा व जनजागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं। अब इस पूरे प्रकरण में जांच का दायरा बढ़ाया गया है, जिसमें पुलिस विशेष रूप से तिवारी द्वारा सोशल मीडिया के जरिए किए गए सभी वित्तीय लेनदेनों और उनकी पत्नी के आय के विभिन्न स्रोतों की पड़ताल कर रही है।1
- छत्तीसगढ़ के मगराहाट में दिन दहाड़े एक व्यवसायी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि घटना के वक्त वहां इतनी भीड़ मौजूद थी कि लोग तमाशा देखते रहे, लेकिन उनमें से कोई भी व्यवसायी को बचाने के लिए सामने नहीं आया। हमलावरों ने व्यवसायी को पहले सड़क पर बेरहमी से घसीटा, खूब मारा, और फिर उसे मौत के घाट उतार दिया। यह पूरी घटना भीड़ के बीच हुई, और किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।1
- छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की उन महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी की घोषणा की है, जो पहले महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन करने से वंचित रह गई थीं। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के अनुसार, ऐसी पात्र महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना का पोर्टल जल्द ही फिर से खोला जाएगा। इस कदम से छूटी हुई महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त करने का एक और अवसर मिलेगा।1
- खैरागढ़ में शराब पीने के लिए पैसे नहीं मिलने पर एक आदतन आरोपी अमन उर्फ फनीस रजक (19 वर्ष) ने खुलेआम गुंडागर्दी करते हुए एक युवक और उसके साथी पर डंडे से हमला कर दिया। यह घटना 27 जून को धरमपुरा स्थित शराब भट्टी के पास हुई थी, जब ग्राम खैरबना निवासी कौशल पटेल अपने साथियों के साथ वहां गए थे। बरेठपारा निवासी आरोपी अमन ने उनसे शराब के लिए पैसे मांगे और पैसे देने से इनकार करने पर अश्लील गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी, और हाथ में रखे डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें घायल कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर खैरागढ़ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 254/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, गवाहों के बयान लिए और तकनीकी जांच की, जिसके बाद आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और उसकी निशानदेही पर हमले में प्रयुक्त डंडा भी बरामद किया गया। पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में आदतन अपराधियों, असामाजिक तत्वों और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।1
- महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्थित एक प्री-स्कूल में 23 महीने के एक मासूम बच्चे पर कथित तौर पर दूसरे बच्चे ने हमला कर दिया, जिससे हर माता-पिता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। इस दर्दनाक वाकये में बच्चे के शरीर पर 17 से अधिक काटने के निशान मिले हैं। आरोप है कि यह हमला करीब 30 मिनट तक चला, क्योंकि उस दौरान बच्चों की निगरानी के लिए कोई भी स्टाफ सदस्य मौजूद नहीं था। इसी अवधि में मासूम को कई बार काटा और मारा गया। परिवार का आरोप है कि स्कूल ने शुरुआत में इन चोटों को मामूली बताया था, और बाद में सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए हैं। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं शिक्षा विभाग ने भी स्कूल की कार्यप्रणाली की गहन जांच शुरू कर दी है। यह मामला बच्चों की सुरक्षा में जरा-सी लापरवाही के गंभीर परिणामों का एक भयावह उदाहरण बन गया है।1