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जिला मुरैना मध्य प्रदेश कलेक्टर महोदय मुरैना छुट्टी के बावजूद

1 day ago
user_Girraj Kushwah
Girraj Kushwah
Farmer मुरैना, मुरैना, मध्य प्रदेश•
1 day ago
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जिला मुरैना मध्य प्रदेश कलेक्टर महोदय मुरैना छुट्टी के बावजूद

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • खेत में जुताई करते वक्त ट्रैक्टर पलट गया पलटने से ड्राइवरको ही मौत
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    खेत में जुताई करते वक्त ट्रैक्टर पलट गया पलटने से ड्राइवरको ही मौत
    user_Girraj Kushwah
    Girraj Kushwah
    Farmer मुरैना, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रेस विज्ञप्ति *दिनांक : 29 दिसंबर 2025* *स्टे मिलने से आदिवासी परिवारों को राहत, न्याय की जीत : जीतू पटवारी* आज पीड़ित आदिवासी परिवार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी के निवास पहुंचे। इस दौरान जैसे ही उनके आवास पर स्टे (रोक आदेश) लगने की सूचना मिली, पीड़ित परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई और लंबे समय से चली आ रही चिंता समाप्त हो गई। स्टे मिलने से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिली, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर श्री जीतू पटवारी ने कहा कि यह मामला केवल मकानों का नहीं, बल्कि गरीब आदिवासी परिवारों की जीवन भर की पूंजी, आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा और उनके अस्तित्व से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की होती है, गरीबों की होती है। यदि गरीब जनता ही सरकार में पीड़ित होकर खून के आँसू रोने लगे, तो ऐसी सरकार लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है। श्री पटवारी ने बताया कि आदिवासी बस्ती की महिलाएं पिछले 60–70 वर्षों से इसी झुग्गी बस्ती में रह रही हैं। तंग गलियों में कर्ज लेकर उन्होंने जैसे-तैसे अपने छोटे-छोटे घर बनाए, लेकिन प्रशासन ने मानस भवन के नाम पर इन घरों को तोड़ने का नोटिस दे दिया। यह अन्यायपूर्ण और असंवेदनशील कदम है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर गांधी जी के नाम से चलने वाली संस्था है और दूसरी ओर मानस भवन—बीच में दशकों से बसी आदिवासी बस्ती। गांधी जी के जो अनुयाई है वह उनके घरों को नहीं तोड़ना चाहते लेकिन मानस भवन से जगा देना है इस वजह से गरीबों के घर तोड़ना की न्याय संगत नहीं है हर संस्था में भारतीय जनता पार्टी और संघ के लोग बैठे हैं जो गरीब का विरोध करते है श्री पटवारी ने कहा कि सरकार लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की बात करती है, लेकिन महंगाई चरम पर है और जब बेटियों के परीक्षा के दिन आते हैं, तब उनके घर तोड़े जाते हैं। ऐसी सरकार हमने पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि आज जिन परिवारों की आँखों में खुशी है, जिन चेहरों पर अपने घर बचने का सुकून दिख रहा है, उसका पूरा श्रेय माननीय न्यायालय को जाता है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा एवं नगर निगम भोपाल में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सविस्ता ज़की का आभार व्यक्त किया, जो पिछले दो वर्षों से लगातार इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। श्री जीतू पटवारी ने मीडिया का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ ने इस संघर्ष में आदिवासी परिवारों का साथ दिया और सच्चाई को मजबूती से सामने रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा गरीबों, आदिवासियों और वंचितों की लड़ाई लड़ती रहेगी और किसी भी कीमत पर उन्हें उजड़ने नहीं दिया जाएगा। *इस अवसर पर उपस्थित:* पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा नगर निगम भोपाल में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सविस्ता ज़की, श्री पार्षद गुड्डू चौहान, सहित समस्त पीड़ित परिवार उपस्थित रहा।
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    प्रेस विज्ञप्ति
*दिनांक : 29 दिसंबर 2025*
*स्टे मिलने से आदिवासी परिवारों को राहत, न्याय की जीत : जीतू पटवारी*
आज पीड़ित आदिवासी परिवार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी के निवास पहुंचे। इस दौरान जैसे ही उनके आवास पर स्टे (रोक आदेश) लगने की सूचना मिली, पीड़ित परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई और लंबे समय से चली आ रही चिंता समाप्त हो गई। स्टे मिलने से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिली, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।
इस अवसर पर श्री जीतू पटवारी ने कहा कि यह मामला केवल मकानों का नहीं, बल्कि गरीब आदिवासी परिवारों की जीवन भर की पूंजी, आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा और उनके अस्तित्व से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की होती है, गरीबों की होती है। यदि गरीब जनता ही सरकार में पीड़ित होकर खून के आँसू रोने लगे, तो ऐसी सरकार लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है।
श्री पटवारी ने बताया कि आदिवासी बस्ती की महिलाएं पिछले 60–70 वर्षों से इसी झुग्गी बस्ती में रह रही हैं। तंग गलियों में कर्ज लेकर उन्होंने जैसे-तैसे अपने छोटे-छोटे घर बनाए, लेकिन प्रशासन ने मानस भवन के नाम पर इन घरों को तोड़ने का नोटिस दे दिया। यह अन्यायपूर्ण और असंवेदनशील कदम है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर गांधी जी के नाम से चलने वाली संस्था है और दूसरी ओर मानस भवन—बीच में दशकों से बसी आदिवासी बस्ती। गांधी जी के जो अनुयाई है वह उनके घरों को नहीं तोड़ना चाहते लेकिन मानस भवन से जगा देना है इस वजह से गरीबों के घर तोड़ना की न्याय संगत नहीं है हर संस्था में भारतीय जनता पार्टी और संघ के लोग बैठे हैं जो गरीब का विरोध करते है  
श्री पटवारी ने कहा कि सरकार लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की बात करती है, लेकिन महंगाई चरम पर है और जब बेटियों के परीक्षा के दिन आते हैं, तब उनके घर तोड़े जाते हैं। ऐसी सरकार हमने पहले कभी नहीं देखी।
उन्होंने कहा कि आज जिन परिवारों की आँखों में खुशी है, जिन चेहरों पर अपने घर बचने का सुकून दिख रहा है, उसका पूरा श्रेय माननीय न्यायालय को जाता है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा एवं नगर निगम भोपाल में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सविस्ता ज़की का आभार व्यक्त किया, जो पिछले दो वर्षों से लगातार इस लड़ाई को लड़ रहे हैं।
श्री जीतू पटवारी ने मीडिया का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ ने इस संघर्ष में आदिवासी परिवारों का साथ दिया और सच्चाई को मजबूती से सामने रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा गरीबों, आदिवासियों और वंचितों की लड़ाई लड़ती रहेगी और किसी भी कीमत पर उन्हें उजड़ने नहीं दिया जाएगा।
*इस अवसर पर उपस्थित:*
पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा
नगर निगम भोपाल में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सविस्ता ज़की, श्री पार्षद गुड्डू चौहान, सहित समस्त पीड़ित परिवार उपस्थित रहा।
    user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    Journalist Morena Nagar, Madhya Pradesh•
    9 hrs ago
  • जगन फ़ाउंडेशन और द आज़ादी प्रोजेक्ट ने राजस्थान के विद्यालयों में जेंडर सेंसिटिव सिटिज़नशिप पर पायलट कार्यक्रम शुरू किया यह कार्यक्रम युवाओं को “जेंडर लीडर” बनाने का लक्ष्य रखता है ताकि वे लैंगिक भेदभाव को पहचानने और उसका सामना करने की क्षमता विकसित कर सकें। धौलपुर- जगन फ़ाउंडेशन ने, द आज़ादी प्रोजेक्ट के सहयोग से, धौलपुर के दो विद्यालयों में जेंडर सेंसिटिव सिटिज़नशिप (GSC) शीर्षक से एक पायलट कार्यक्रम की शुरुआत की घोषणा की है। यह पहल गहराई से जड़ जमाए हुए लैंगिक पूर्वाग्रहों को चुनौती देने और संरचित सेंसिटाइज़ेशन तथा नेतृत्व कार्यशालाओं के माध्यम से किशोरों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखती है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम द्वारा जारी 2025 ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स के अनुसार, भारत 146 देशों में से 131वें स्थान पर है, जो सामाजिक एवं शैक्षिक संस्थानों में लगातार बनी हुई लैंगिक असमानताओं को उजागर करता है। इसके जवाब में, GSC कार्यक्रम 8–16 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों पर केंद्रित है, जो वह अहम दौर है जब जेंडर भूमिकाओं और समानता के बारे में धारणाएँ बनना शुरू होती हैं। जगन फ़ाउंडेशन के संस्थापक दुश्यंत शर्मा ने कहा जेंडर-सेंसिटिव नागरिक बनाने की शुरुआत प्रारंभिक उम्र में संवाद और जागरूकता से होती है। यह कार्यक्रम युवाओं को अपने समुदायों के भीतर समानता के चैम्पियन बनने में सक्षम बनाता है। सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लुहरी के प्राचार्य अम्बरीश चौधरी ने कहा हम धौलपुर में इस जेंडर सेंसिटिव सिटिज़नशिप कार्यक्रम को जगन फ़ाउंडेशन और द आज़ादी प्रोजेक्ट के साथ मिलकर शुरू करने वाले मॉडल स्कूल बनने पर खुशी महसूस करते हैं। आज के उद्घाटन सत्र में हमने विद्यार्थियों में बहुत सकारात्मक ऊर्जा और आशा देखी है। जनवरी 2026 से शुरू हो रहे इस 12-सप्ताही पायलट में जेंडर संबंधी रूढ़िवादी धारणाओं, समानता और समावेशन पर इंटरैक्टिव वर्कशॉप, रोल-प्ले सेशन और चिंतनशील चर्चाएँ शामिल होंगी। सत्र धौलपुर के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय और एक माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किए जाएँगे। ट्रेन-द-ट्रेन्‍र्स (ToT) मॉडल पर आधारित यह कार्यक्रम प्रतिभागी विद्यार्थियों और युवा नेतृत्व को इस प्रकार तैयार करेगा कि वे अपने विद्यालयों और समुदायों में आगे चलकर सहपाठी-नेतृत्व वाले वर्कशॉप और संवाद चला सकें, जिससे कार्यक्रम की स्थिरता और स्थानीय स्वामित्व सुनिश्चित हो सके। सहयोग पर टिप्पणी करते हुए, द आज़ादी प्रोजेक्ट की संस्थापक और एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर प्रियाली सुर ने कहा ऐसी साझेदारियाँ हमें क्षेत्रीय समुदायों के युवा स्वरों तक पहुँचने और जमीनी स्तर से जेंडर-सचेत नेतृत्व को बढ़ावा देने में मदद करती हैं। यह कार्यक्रम लिब्रा फ़िलान्थ्रॉपीज़ के सहयोग से संचालित हो रहा है। पायलट चरण के बाद, जेंडर सेंसिटिव सिटिज़नशिप कार्यक्रम को राजस्थान के विद्यालयों में दो वर्ष की विस्तृत पहल के रूप में विस्तार दिया जाएगा, जिसका उद्देश्य ऐसे सुरक्षित और समावेशी शैक्षिक वातावरण बनाना है जहाँ लड़के और लड़कियाँ समान नागरिकों की तरह सीख सकें, सवाल पूछ सकें और आगे बढ़ सकें।
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    जगन फ़ाउंडेशन और द आज़ादी प्रोजेक्ट ने राजस्थान के विद्यालयों में जेंडर सेंसिटिव सिटिज़नशिप पर पायलट कार्यक्रम शुरू किया
यह कार्यक्रम युवाओं को “जेंडर लीडर” बनाने का लक्ष्य रखता है ताकि वे लैंगिक भेदभाव को पहचानने और उसका सामना करने की क्षमता विकसित कर सकें।
धौलपुर- जगन फ़ाउंडेशन ने, द आज़ादी प्रोजेक्ट के सहयोग से, धौलपुर के दो विद्यालयों में जेंडर सेंसिटिव सिटिज़नशिप (GSC) शीर्षक से एक पायलट कार्यक्रम की शुरुआत की घोषणा की है। यह पहल गहराई से जड़ जमाए हुए लैंगिक पूर्वाग्रहों को चुनौती देने और संरचित सेंसिटाइज़ेशन तथा नेतृत्व कार्यशालाओं के माध्यम से किशोरों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखती है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम द्वारा जारी 2025 ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स के अनुसार, भारत 146 देशों में से 131वें स्थान पर है, जो सामाजिक एवं शैक्षिक संस्थानों में लगातार बनी हुई लैंगिक असमानताओं को उजागर करता है। इसके जवाब में, GSC कार्यक्रम 8–16 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों पर केंद्रित है, जो वह अहम दौर है जब जेंडर भूमिकाओं और समानता के बारे में धारणाएँ बनना शुरू होती हैं।
जगन फ़ाउंडेशन के संस्थापक दुश्यंत शर्मा ने कहा जेंडर-सेंसिटिव नागरिक बनाने की शुरुआत प्रारंभिक उम्र में संवाद और जागरूकता से होती है। यह कार्यक्रम युवाओं को अपने समुदायों के भीतर समानता के चैम्पियन बनने में सक्षम बनाता है।
सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लुहरी के प्राचार्य अम्बरीश चौधरी ने कहा हम धौलपुर में इस जेंडर सेंसिटिव सिटिज़नशिप कार्यक्रम को जगन फ़ाउंडेशन और द आज़ादी प्रोजेक्ट के साथ मिलकर शुरू करने वाले मॉडल स्कूल बनने पर खुशी महसूस करते हैं। आज के उद्घाटन सत्र में हमने विद्यार्थियों में बहुत सकारात्मक ऊर्जा और आशा देखी है।
जनवरी 2026 से शुरू हो रहे इस 12-सप्ताही पायलट में जेंडर संबंधी रूढ़िवादी धारणाओं, समानता और समावेशन पर इंटरैक्टिव वर्कशॉप, रोल-प्ले सेशन और चिंतनशील चर्चाएँ शामिल होंगी। सत्र धौलपुर के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय और एक माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किए जाएँगे।
ट्रेन-द-ट्रेन्‍र्स (ToT) मॉडल पर आधारित यह कार्यक्रम प्रतिभागी विद्यार्थियों और युवा नेतृत्व को इस प्रकार तैयार करेगा कि वे अपने विद्यालयों और समुदायों में आगे चलकर सहपाठी-नेतृत्व वाले वर्कशॉप और संवाद चला सकें, जिससे कार्यक्रम की स्थिरता और स्थानीय स्वामित्व सुनिश्चित हो सके।
सहयोग पर टिप्पणी करते हुए, द आज़ादी प्रोजेक्ट की संस्थापक और एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर प्रियाली सुर ने कहा ऐसी साझेदारियाँ हमें क्षेत्रीय समुदायों के युवा स्वरों तक पहुँचने और जमीनी स्तर से जेंडर-सचेत नेतृत्व को बढ़ावा देने में मदद करती हैं।
यह कार्यक्रम लिब्रा फ़िलान्थ्रॉपीज़ के सहयोग से संचालित हो रहा है। पायलट चरण के बाद, जेंडर सेंसिटिव सिटिज़नशिप कार्यक्रम को राजस्थान के विद्यालयों में दो वर्ष की विस्तृत पहल के रूप में विस्तार दिया जाएगा, जिसका उद्देश्य ऐसे सुरक्षित और समावेशी शैक्षिक वातावरण बनाना है जहाँ लड़के और लड़कियाँ समान नागरिकों की तरह सीख सकें, सवाल पूछ सकें और आगे बढ़ सकें।
    user_Deepu Verma Journalist Dholpur
    Deepu Verma Journalist Dholpur
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • https://youtu.be/nNKS1bhndHE?si=A4_mIVNgQy51BjT2 @ChupkeSeBeats
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    https://youtu.be/nNKS1bhndHE?si=A4_mIVNgQy51BjT2
@ChupkeSeBeats
    user_ChupkeSeBeats
    ChupkeSeBeats
    जौरा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पिता ने 5000₹ में बेच दी अपने बेटी,रो जाएँगे आप सुनकर
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    पिता ने 5000₹ में बेच दी अपने बेटी,रो जाएँगे आप सुनकर
    user_Vipin Singh
    Vipin Singh
    City Center, Gwalior•
    13 hrs ago
  • जिला प्रशासन ने दिखाए अपने तेवर तो डरी कांग्रेस। मोहना में कल कांग्रेस की निकलने वाली थी जन आक्रोश यात्रा सभी तैयारियां हो चुकी थी पूर्ण ओर फिर जिला प्रशासन ने दिखाए अपने तेवर तो डरी कांग्रेस। कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने प्रेस वार्ता कर मीडिया को कही ये बड़ी बात देखें कांग्रेस के पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव ने मीडिया से क्या कहा ओर कौन कौन नेता इसमें शामिल रहे। #GwaliorNews #NewsImpact #gwaliorpolice #gwaliorcity #कांग्रेस #बीजेपीसरकार Indiannational Congress BJP Madhya Pradesh Collector Office Gwalior Gwalior Police Lakhan Singh Yadav Ashok Singh Gwalior Dr. Satish Singh Sikarwar Sahab Singh Gurjar Mohan Singh Rathore
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    जिला प्रशासन ने दिखाए अपने तेवर तो डरी कांग्रेस।
मोहना में कल कांग्रेस की निकलने वाली थी जन आक्रोश यात्रा सभी तैयारियां हो चुकी थी पूर्ण ओर फिर जिला प्रशासन ने दिखाए अपने तेवर तो डरी कांग्रेस। कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने प्रेस वार्ता कर मीडिया को कही ये बड़ी बात देखें कांग्रेस के पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव ने मीडिया से क्या कहा ओर कौन कौन नेता इसमें शामिल रहे।
#GwaliorNews #NewsImpact #gwaliorpolice #gwaliorcity #कांग्रेस #बीजेपीसरकार Indiannational Congress 
BJP Madhya Pradesh 
Collector Office Gwalior 
Gwalior Police 
Lakhan Singh Yadav 
Ashok Singh Gwalior 
Dr. Satish Singh Sikarwar 
Sahab Singh Gurjar 
Mohan Singh Rathore
    user_NEWS IMPACT GWALIOR
    NEWS IMPACT GWALIOR
    सिटी सेंटर, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • कलेक्टर भिण्ड के निर्देशन में एवं अभिहित अधिकारी के मागदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुश्री रेखा सोनी, श्रीमती रीना बंसल एवं श्रीमती किरन सेंगर ने ग्राम -गहेली, तहसील- मेहगाँव स्थित मुकेश राठौर की डेयरी पर छापामार कार्यवाही कर मौके से मिलावटी दूध तैयार करने वाले पदार्थ आर.एम. कैमीकल, लिक्विड ग्लूकोज, रिफायंड सोयाबीन ऑयल को जप्त कर दूध, आर.एम. कैमीकल, लिक्विड ग्लूकोज, रिफायंड सोयाबीन ऑयल के नमूने जांच वास्ते लिये गये। जिसमें आर.एम. कैमीकल 34 कि.ग्रा., लिक्विड ग्लूकोज 12 कि.ग्रा., रिफायंड सोयाबीन ऑयल 24 कि.ग्रा. एवं दूध 600 लीटर मौके पर संग्रहित पाया गया। डेयरी संचालक मुकेश राठौर मौके पर खाद्य लायसेंस भी नहीं दिखा सके, डेयरी पर खाद्य लायसेंस नहीं पाये जाने एवं डेयरी पर मिलावटी दूध तैयार करने के लिए पाये गये अपद्रव्य के आधार पर डेयरी परिसर को सील्ड किया गया।
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    कलेक्टर भिण्ड के निर्देशन में एवं अभिहित अधिकारी के मागदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुश्री रेखा सोनी, श्रीमती रीना बंसल एवं श्रीमती किरन सेंगर ने ग्राम -गहेली, तहसील- मेहगाँव स्थित मुकेश राठौर की डेयरी पर छापामार कार्यवाही कर मौके से मिलावटी दूध तैयार करने वाले पदार्थ आर.एम. कैमीकल, लिक्विड ग्लूकोज, रिफायंड सोयाबीन ऑयल को जप्त कर दूध, आर.एम. कैमीकल, लिक्विड ग्लूकोज, रिफायंड सोयाबीन ऑयल के नमूने जांच वास्ते लिये गये। जिसमें आर.एम. कैमीकल 34 कि.ग्रा., लिक्विड ग्लूकोज 12 कि.ग्रा., रिफायंड सोयाबीन ऑयल 24 कि.ग्रा. एवं दूध 600 लीटर मौके पर संग्रहित पाया गया।
डेयरी संचालक मुकेश राठौर मौके पर खाद्य लायसेंस भी नहीं दिखा सके, डेयरी पर खाद्य लायसेंस नहीं पाये जाने एवं डेयरी पर मिलावटी दूध तैयार करने के लिए पाये गये अपद्रव्य के आधार पर डेयरी परिसर को सील्ड किया गया।
    user_मुकेश सिंह भदौरिया
    मुकेश सिंह भदौरिया
    Journalist गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • नदी में गिर गई फोर व्हीलर गाड़ी तो ड्राइवर गाड़ी में फंस चुका लेकिन गांव वालों ने जाकर गाड़ी वाले ड्राइवर की बचाईजान
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    नदी में गिर गई फोर व्हीलर गाड़ी तो ड्राइवर गाड़ी में फंस चुका लेकिन गांव वालों ने जाकर गाड़ी वाले ड्राइवर की बचाईजान
    user_Girraj Kushwah
    Girraj Kushwah
    Farmer मुरैना, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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