पाकुड़ जिला प्रशासन आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने जिला मुख्यालय में एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जिले के सभी थाना प्रभारियों ने भाग लिया। इस बैठक में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले की विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश जारी किए। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत, संवेदनशील इलाकों और जुलूस के निर्धारित मार्गों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी का उपयोग किया जाएगा। पुलिस बल द्वारा सभी थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला जाएगा, साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का अभ्यास करने के निर्देश दिए गए हैं। भ्रामक ख़बरों, अफवाहों और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए साइबर सेल को पूरी तरह सक्रिय और सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन ने मुहर्रम के दौरान ध्वनि प्रदूषण और कानून-व्यवस्था की समस्या को देखते हुए डीजे और लाउडस्पीकर पर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें भड़काऊ गानों, अश्लील संगीत और किसी भी प्रकार के विवादास्पद नारों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी डीजे संचालकों से नियमों का उल्लंघन न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए लिखित अंडरटेकिंग (मुचलका) ली जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि पर्व में व्यवधान डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा; पूर्व में सांप्रदायिक मामलों में संलिप्त रहे लोगों को चिन्हित कर निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी, और नशा करके माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। मुहर्रम जुलूस का संचालन केवल तय मार्गों पर होगा, और जुलूस समितियों को स्वयंसेवकों के लिए विशिष्ट ड्रेस कोड रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके और भीड़ को नियंत्रित करना आसान रहे। 'जागता झारखंड' ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जिले में शांति व भाईचारे को बनाए रखने में स्थानीय प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें।
पाकुड़ जिला प्रशासन आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने जिला मुख्यालय में एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जिले के सभी थाना प्रभारियों ने भाग लिया। इस बैठक में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले की विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश जारी किए। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत, संवेदनशील इलाकों और जुलूस के निर्धारित मार्गों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी का उपयोग किया जाएगा। पुलिस बल द्वारा सभी थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला जाएगा, साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का अभ्यास करने के निर्देश दिए गए हैं। भ्रामक ख़बरों, अफवाहों और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए साइबर सेल को पूरी तरह सक्रिय और सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन ने मुहर्रम के दौरान ध्वनि प्रदूषण और कानून-व्यवस्था की समस्या को देखते हुए डीजे और लाउडस्पीकर पर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें भड़काऊ गानों, अश्लील संगीत और किसी भी प्रकार के विवादास्पद नारों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी डीजे संचालकों से नियमों का उल्लंघन न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए लिखित अंडरटेकिंग (मुचलका) ली जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि पर्व में व्यवधान डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा; पूर्व में सांप्रदायिक मामलों में संलिप्त रहे लोगों को चिन्हित कर निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी, और नशा करके माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। मुहर्रम जुलूस का संचालन केवल तय मार्गों पर होगा, और जुलूस समितियों को स्वयंसेवकों के लिए विशिष्ट ड्रेस कोड रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके और भीड़ को नियंत्रित करना आसान रहे। 'जागता झारखंड' ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जिले में शांति व भाईचारे को बनाए रखने में स्थानीय प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें।
- आज स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार PMCH अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उनके इस अचानक दौरे से अस्पताल के सुपरिटेंडेंट, डॉक्टर और नर्स, सभी की हालत खराब हो गई। मंत्री के पहुँचते ही PMCH में ऐसी भागम भाग मच गई कि कोई स्ट्रेचर लेकर दौड़ने लगा तो कोई दवाई लेकर भागता हुआ दिखाई दिया।1
- पोस्ट में शाम के समय का जिक्र करते हुए वर्तमान मौसम का नज़ारा साझा किया गया है। बताया गया है कि चूँकि उनका घर देहात में है, इसलिए उन्हें वहाँ घूमने में बहुत मज़ा आता है। पोस्ट का समापन 'जोहार झारखण्ड' और 'जय जवान जय किसान' के नारों के साथ किया गया है।1
- झारखंड से एक ऐसा अजब नज़ारा सामने आया है, जो इस बात को दर्शाता है कि राज्य में 'कुछ भी हो सकता है'। इस दृश्य में, एक सांप को जिस तरह से उठाकर देखा जा रहा है, वह हैरतअंगेज है।1
- Post by Abdul Qayyum1
- झारखंड के साहिबगंज में मदन शाही रोड पर मरम्मत का काम चल रहा है। इस सड़क के नवीनीकरण या सुधार कार्य पर लोगों का ध्यान गया है।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गाँव में स्थित साहेबगंज स्टेशन पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। स्टेशन पर एक बकरी ने अपनी जान देने की कोशिश की, जिसका वीडियो लोगों ने देखा है।1
- जब कोई भी व्यक्ति किसी नए कार्य को पहली बार शुरू करता है, तो शुरुआती दौर में उससे गलतियाँ होना एक सामान्य बात है। इसी तरह, जब कोई बेरोजगार व्यक्ति पहली बार काम पर जाता है, तो उनसे भी गलतियाँ होना स्वाभाविक है।1
- बांका जिले में नए पुलिस कप्तान अमितेश कुमार ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालते ही उन्होंने मीडिया से बातचीत की और जिले की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के संबंध में विचार-विमर्श किया। इस दौरान, उन्होंने विशेष रूप से आने वाली प्रसिद्ध श्रावणी मेला के मद्देनजर कानून व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया।1
- हिंदी में एक मुहावरे के रूप में प्रयोग होने वाला वाक्यांश 'मौत का खिलाड़ी', ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो बेहद खतरनाक काम करने से नहीं घबराता। यह ऐसे साहसी व्यक्ति का वर्णन करता है जो जोखिम भरे हालात का हिम्मत के साथ सामना करता है और जान की परवाह किए बिना स्टंट करता है या चुनौतियों को स्वीकार करता है। उदाहरण के तौर पर, कोई व्यक्ति जो ऊँचे पहाड़ों पर बिना किसी डर के चढ़ जाता है, उसे सचमुच 'मौत का खिलाड़ी' कहा जा सकता है।1