गाडरवारा स्थित शक्कर नदी के रेलवे पुल के पास चल रहे पिचिंग कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे लाइन सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य में गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई है, जिससे भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों के अनुसार, रेलवे की अप और डाउन दोनों लाइनों के किनारे करोड़ों रुपये की लागत से यह पिचिंग कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि कार्य के दौरान रेलवे लाइन से सटी मिट्टी का ही पिचिंग में उपयोग कर लिया गया, जबकि नियमानुसार बाहरी सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए था। ग्रामीणों का दावा है कि एक रेलवे लाइन के समीप लगभग 10 फीट तक खुदाई कर निकाली गई मिट्टी को दूसरी ओर पिचिंग कार्य में इस्तेमाल किया गया है, जिससे रेलवे ट्रैक की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने इतने बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति और निरीक्षण व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाया है। उनका मानना है कि यदि समय-समय पर निरीक्षण होता तो इन कथित अनियमितताओं को रोका जा सकता था। साथ ही, यह भी पूछा गया है कि रेलवे विभाग की भूमि से इतनी बड़ी खुदाई की अनुमति किस अधिकारी ने दी और क्या इसके लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की गई थीं। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कार्य की गुणवत्ता का तकनीकी परीक्षण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में रेलवे सुरक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। स्थानीय नागरिकों ने जोर देकर कहा है कि रेलवे पुल और ट्रैक से जुड़े निर्माण कार्य अत्यंत संवेदनशील होते हैं और इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। फिलहाल, रेलवे विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और अब यह देखना होगा कि शिकायतों और सवालों के बाद संबंधित अधिकारी इस मामले को किस प्रकार संज्ञान में लेते हैं।
गाडरवारा स्थित शक्कर नदी के रेलवे पुल के पास चल रहे पिचिंग कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे लाइन सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य में गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई है, जिससे भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों के अनुसार, रेलवे की अप और डाउन दोनों लाइनों के किनारे करोड़ों रुपये की लागत से यह पिचिंग कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि कार्य के दौरान रेलवे लाइन से सटी मिट्टी का ही पिचिंग में उपयोग कर लिया गया, जबकि नियमानुसार बाहरी सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए था। ग्रामीणों का दावा है कि एक रेलवे लाइन के समीप लगभग 10 फीट तक खुदाई कर निकाली गई मिट्टी को दूसरी ओर पिचिंग कार्य में इस्तेमाल किया गया है, जिससे रेलवे ट्रैक की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने इतने बड़े पैमाने पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति और निरीक्षण व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाया है। उनका मानना है कि यदि समय-समय पर निरीक्षण होता तो इन कथित अनियमितताओं को रोका जा सकता था। साथ ही, यह भी पूछा गया है कि रेलवे विभाग की भूमि से इतनी बड़ी खुदाई की अनुमति किस अधिकारी ने दी और क्या इसके लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की गई थीं। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कार्य की गुणवत्ता का तकनीकी परीक्षण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में रेलवे सुरक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। स्थानीय नागरिकों ने जोर देकर कहा है कि रेलवे पुल और ट्रैक से जुड़े निर्माण कार्य अत्यंत संवेदनशील होते हैं और इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। फिलहाल, रेलवे विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और अब यह देखना होगा कि शिकायतों और सवालों के बाद संबंधित अधिकारी इस मामले को किस प्रकार संज्ञान में लेते हैं।
- एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, किसान सम्मान निधि योजना ने किसानों के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाए हैं। इस रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि कैसे इस योजना ने किसानों की जिंदगी को बेहतर बनाया है।1
- सिंगपुर बड़ा निवासी ग्रामीण नरसिंहपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा। उन्होंने बताया कि वे 2024 से सिधेश्वर आदिवासी समिति में अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, लेकिन अधिकारी जांच का हवाला देकर नाम नहीं जोड़ रहे हैं। अपनी इसी परेशानी को लेकर, ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्टर को आवेदन दिया और समिति में नाम जुड़वाने की मांग की। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि वे मछुवारा समिति में नाम जुड़वाने को लेकर भी 2024 से परेशान हैं।1
- छिंदवाड़ा कृषि मंडी में बढ़े हुए टैक्स को लेकर व्यापारियों ने एक दिवसीय हड़ताल की है। व्यापारियों ने सरकार द्वारा की गई टैक्स वृद्धि का कड़ा विरोध किया। उनकी स्पष्ट मांग है कि सरकार को जल्द से जल्द बढ़ाए गए टैक्स को वापस लेना चाहिए।1
- नरसिंहपुर से मिली रिपोर्ट के अनुसार, करेली नगर के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण आया जब नगर पालिका परिषद करेली में कार्यरत और महात्मा गांधी महाविद्यालय करेली के पूर्व छात्र रोहित कुमार नामदेव को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के 36वें दीक्षांत समारोह में पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय में उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए जबलपुर पत्रकार संघ स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर का यह 36वां दीक्षांत समारोह रविवार, 21 जून 2026 को पंडित कुंजीलाल दुबे प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ। इस गरिमामय समारोह में भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार सहित कई विधायक एवं संसद सदस्य भी शामिल हुए। समारोह के दौरान विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और उपाधियां प्रदान की गईं। चयनित 20 विद्यार्थियों को महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के करकमलों से स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जबकि अन्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने स्वर्ण पदक और शोध उपाधियां प्रदान कीं। रोहित नामदेव ने इस उपलब्धि के लिए पत्रकारिता विभाग के 2022 के पूर्व विभाग प्रमुख रहे सृजनेश सिलाकारी का आभार भी व्यक्त किया है।1
- गोटेगांव के करकबेल रेलवे स्टेशन पर देर रात एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान देवनगर पुराना निवासी 30 वर्षीय विक्रम सिंह कोरी के रूप में हुई है, जिसकी सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मामले की जाँच शुरू कर दी है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि विक्रम सिंह घटना के एक दिन पहले सुबह करीब 10:00 बजे खेत जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिवार वालों ने गोटेगांव पुलिस थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। देर रात करकबेल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से कटकर उनकी मौत की खबर परिवार को मिली, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घटनास्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में मर्ग कायम किया और पंचनामा कार्यवाही पूरी करने के बाद शव को गोटेगांव अस्पताल भिजवाया, जहाँ डॉक्टर द्वारा पोस्टमार्टम की कार्यवाही की गई। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।1
- जबलपुर में आज शाम लगभग 5 बजे से तेज़ बारिश हुई, जिसने गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत पहुँचाई।1
- यह एक्सप्रेस एमपी सीजी न्यूज़ से जुड़ी सुर्खियां हैं।1
- एनएच-45 पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक स्कॉर्पियो गाड़ी का टायर अचानक फट गया। टायर फटने के प्रभाव से गाड़ी लगभग 10 फीट ऊपर उछल गई। इस गंभीर दुर्घटना में कुल 7 लोग घायल हुए हैं।1