धनाई ने सारजूला क्षेत्र का किया भ्रमण, बोले- अधर में लटकी विकास योजनाओं को पूरा कराने की जरूरत नई टिहरी। पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश सिंह धनाई ने टिहरी विधानसभा क्षेत्र के बालमा, पाटा, सगवाण गांव और देवरी-चंबा क्षेत्र का भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। धनाई ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र में स्वीकृत कराई गई विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सारजूला क्षेत्र में उनके कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण योजनाएं स्वीकृत हुई थीं। इनमें बीएससी नर्सिंग कॉलेज काण्डा, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बालमा, होटल मैनेजमेंट कॉलेज नई टिहरी, पशु अस्पताल ज्ञानसू, खेल एवं साहसिक एकेडमी कोटी कॉलोनी तथा सारजूला पंपिंग पेयजल योजना प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि कोटी कॉलोनी-नई टिहरी रोपवे, परिवहन निगम डिपो और संगीत महाविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं भी उनके कार्यकाल में स्वीकृत हुई थीं, लेकिन वर्तमान में इनमें से कई योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। उन्होंने सरकार से इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में गंभीरता से कार्य करने की मांग की। पूर्व मंत्री ने कहा कि सुर्सिंगधार-ज्ञानसू मोटर मार्ग, पाटा गांव मोटर मार्ग और ज्ञानसू-डोबरा मोटर मार्ग उनके कार्यकाल में स्वीकृत होकर निर्मित हुए। उन्होंने कहा कि ज्ञानसू-डोबरा मोटर मार्ग का निर्माण हुए करीब दस वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन मार्ग अभी तक पक्का नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धनाई ने कहा कि सारजूला पट्टी जिला मुख्यालय से सटी हुई है, इसके बावजूद क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने अधिकारों और क्षेत्र की विकास योजनाओं को लेकर जागरूक होने तथा समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। ग्रामीण पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ उठाएं और क्षेत्र के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। भ्रमण कार्यक्रम में ज्येष्ठ प्रमुख संजय मैठाणी, पूर्व प्रधान देव सिंह पुंडीर, व्यापार मंडल अध्यक्ष बलबीर पुंडीर, प्रधान संगठन अध्यक्ष भूपेंद्र रावत, पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष संजय रावत, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य बालेन्दु उनियाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद सुयाल, प्रधान देवरी सरला देवी, प्रधान बालमा पिंकी देवी, उपप्रधान विनीता नेगी, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख जगमोहन नेगी, दिनेश कुमार, प्रधान पाटा प्रवेश भट्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य कुलानंद चमोली, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीराम भट्ट, पूर्व प्रधान मनीष रतूड़ी, प्रधान सगवाण गांव प्रदीप सजवाण, गैणा सिंह नेगी, उपप्रधान राजेश्वरी बेलवाल, कर्म सिंह तोपवाल, पूर्व प्रधान केंद्र सिंह चौहान, किशोरी लाल चमोली, धुनी लाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
धनाई ने सारजूला क्षेत्र का किया भ्रमण, बोले- अधर में लटकी विकास योजनाओं को पूरा कराने की जरूरत नई टिहरी। पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश सिंह धनाई ने टिहरी विधानसभा क्षेत्र के बालमा, पाटा, सगवाण गांव और देवरी-चंबा क्षेत्र का भ्रमण कर ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। धनाई ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र में स्वीकृत कराई गई विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सारजूला क्षेत्र में उनके कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण योजनाएं स्वीकृत हुई थीं। इनमें बीएससी नर्सिंग कॉलेज काण्डा, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बालमा, होटल मैनेजमेंट कॉलेज नई टिहरी, पशु अस्पताल ज्ञानसू, खेल एवं साहसिक एकेडमी कोटी कॉलोनी तथा सारजूला पंपिंग पेयजल योजना प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि कोटी कॉलोनी-नई टिहरी रोपवे, परिवहन निगम डिपो और संगीत महाविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं भी उनके कार्यकाल में स्वीकृत हुई थीं, लेकिन वर्तमान में इनमें से कई योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। उन्होंने सरकार से इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में गंभीरता से कार्य करने की मांग की। पूर्व मंत्री ने कहा कि सुर्सिंगधार-ज्ञानसू मोटर मार्ग, पाटा गांव मोटर मार्ग और ज्ञानसू-डोबरा मोटर मार्ग उनके कार्यकाल में स्वीकृत होकर निर्मित हुए। उन्होंने कहा कि ज्ञानसू-डोबरा मोटर मार्ग का निर्माण हुए करीब दस वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन मार्ग अभी तक पक्का नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धनाई ने कहा कि सारजूला पट्टी जिला मुख्यालय से सटी हुई है, इसके बावजूद क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने अधिकारों और क्षेत्र की विकास योजनाओं को लेकर जागरूक होने तथा समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। ग्रामीण पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ उठाएं और क्षेत्र के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। भ्रमण कार्यक्रम में ज्येष्ठ प्रमुख संजय मैठाणी, पूर्व प्रधान देव सिंह पुंडीर, व्यापार मंडल अध्यक्ष बलबीर पुंडीर, प्रधान संगठन अध्यक्ष भूपेंद्र रावत, पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष संजय रावत, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य बालेन्दु उनियाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद सुयाल, प्रधान देवरी सरला देवी, प्रधान बालमा पिंकी देवी, उपप्रधान विनीता नेगी, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख जगमोहन नेगी, दिनेश कुमार, प्रधान पाटा प्रवेश भट्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य कुलानंद चमोली, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीराम भट्ट, पूर्व प्रधान मनीष रतूड़ी, प्रधान सगवाण गांव प्रदीप सजवाण, गैणा सिंह नेगी, उपप्रधान राजेश्वरी बेलवाल, कर्म सिंह तोपवाल, पूर्व प्रधान केंद्र सिंह चौहान, किशोरी लाल चमोली, धुनी लाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
- पैर फिसलने से 50 मीटर गहरी खाई में गिरा चालक, SDRF ने बचाया The Aman Times | उत्तरकाशी पैर फिसलने से 50 मीटर गहरी खाई में गिरा चालक, SDRF ने बचाया उत्तरकाशी के राणाचट्टी-स्यानाचट्टी के बीच पैर फिसलने से वाहन चालक करीब 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। सूचना पर जानकीचट्टी SDRF टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर घायल को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल की पहचान उपेंद्र (50), निवासी मेरठ के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।2
- उत्तरकाशी*मोरी में बोलेरो कैंपर वाहन दुर्घटनाग्रस्त, SDRF ने 11 घायलों का किया सफल रेस्क्यू* दिनांक 15 सितंबर 2026 को थाना मोरी से SDRF को सूचना प्राप्त हुई कि उजली कन्याशनि नामक स्थान पर एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। सूचना मिलते ही पोस्ट मोरी प्रभारी हेड कांस्टेबल जयप्रकाश रमोला के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचने पर ज्ञात हुआ कि बोलेरो कैंपर वाहन लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिरा था, जिसमें 12 लोग सवार थे। SDRF टीम द्वारा संयुक्त रेस्क्यू टीम एवं स्थानीय लोगों के साथ मिलकर त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए 11 घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। वहीं एक व्यक्ति की घटनास्थल पर मृत्यु हो गई थी। SDRF टीम द्वारा शव को खाई से बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया। रेस्क्यू अभियान पूर्ण होने के उपरांत टीम वापस कैंप के लिए रवाना हुई।1
- सहसपुर में 2,500 महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता की बड़ी पहल! देहरादून के सहसपुर (शंकरपुर) में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी’ संकल्प को नई गति देते हुए स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामान्य सुविधा केंद्र (Common Facility Centre) का शुभारंभ किया गया। इस केंद्र से 223 स्वयं सहायता समूहों की करीब 2,500 महिलाएं जुड़ी हैं, जो अब जूट बैग, कपड़े की थैलियां और सिलाई के अन्य उत्पाद तैयार कर अपनी आय बढ़ा सकेंगी। यह पहल न सिर्फ महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देगी, बल्कि सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्प को भी बढ़ावा देगी। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि इस मॉडल को उत्तराखंड के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। वहीं, सीडीओ अभिनव शाह ने बताया कि जिला प्रशासन महिलाओं को प्रशिक्षण, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ने में पूरा सहयोग देगा।1
- घर पर गोलगप्पे बनाने से डर लगता है तो ये रेसिपी आपके लिए है।1
- बड़कोट सीएचसी में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर उठी आवाज, मांग पूरी नही होने पर आंदोलन की चेतावनी । NIU देहरादून NIU ✍️ #BadkotCHC उत्तरकाशी में यमुनाघाटी क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट में डॉक्टरों के रिक्त पदों का मामला एक बार फिर गरमा गया है। लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे अस्पताल को लेकर क्षेत्रवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। लोगों ने मुख्यमंत्री से अस्पताल में स्वीकृत सभी चिकित्सकीय पदों पर तत्काल नियुक्ति करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, वर्ष 2015 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट के लिए आठ चिकित्सकीय पद स्वीकृत किए गए थे। लेकिन इन पदों के सापेक्ष अब तक सिर्फ एक दंत चिकित्सक की नियुक्ति हो सकी है। बाकी पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने से मरीजों को सामान्य उपचार के लिए भी जिला अस्पताल या देहरादून सहित दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्र में दूरी, खराब मौसम और सीमित परिवहन व्यवस्था के कारण गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। बड़कोट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसी केंद्र पर निर्भर है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अस्पताल में प्रसव सुविधा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और अन्य जरूरी विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बेहद आवश्यक है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। इससे कई बार मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक बोझ के साथ-साथ जान जोखिम में डालकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।1
- मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे का कारोबार, कलियर पुलिस-STF ने दो तस्करों को दबोचा मूल पैकिंग और लेबल हटाकर बेचते थे नशीले कैप्सूल, 1150 ट्रामाडोल कैप्सूल व 10 कोडीन कफ सिरप बरामद मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे का कारोबार, कलियर पुलिस-STF ने दो तस्करों को दबोचा मूल पैकिंग और लेबल हटाकर बेचते थे नशीले कैप्सूल, 1150 ट्रामाडोल कैप्सूल व 10 कोडीन कफ सिरप बरामद कलियर (सुमित सैनी)। पिरान कलियर क्षेत्र में मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित रूप से नशीली दवाओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ कलियर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मोनी मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 1150 अवैध/अनलेबल्ड Puroxiwin Spas कैप्सूल तथा 10 कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 को एसटीएफ निरीक्षक भवानी शंकर पंत को सूचना मिली थी कि पिरान कलियर क्षेत्र में स्थित मोनी मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना पर एसटीएफ ने ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ संयुक्त टीम गठित की। इसके बाद टीम कलियर पुलिस को साथ लेकर सावरी नावेद टी स्टॉल के सामने स्थित मोनी मेडिकल स्टोर पहुंची। संयुक्त टीम ने मेडिकल स्टोर की नियमानुसार तलाशी ली। तलाशी के दौरान काउंटर के ऊपरी रैक से Codectus TR कोडीन कफ सिरप की 10 शीशियां बरामद हुईं। इसके अलावा पारदर्शी और सिल्वर पैकिंग में रखे Puroxiwin Spas के कुल 1150 कैप्सूल बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने कैप्सूल को ट्रामाडोल कैप्सूल बताया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे कैप्सूल की मूल पैकिंग और लेबल हटाकर उन्हें लूज में बेचते थे, ताकि पकड़े जाने से बच सकें। आरोपियों के पास इन दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित कोई अभिलेख अथवा मौके पर चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन भी नहीं मिला।पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी नशीले कैप्सूल और कोडीन सिरप को नशे के आदी लोगों को कथित तौर पर मोटे मुनाफे पर बेचते थे। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को धारा 8/22/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुर्बान अली पुत्र अब्दुल माजिद, निवासी महमूदपुर, कोतवाली पिरान कलियर, उम्र 40 वर्ष तथा आदिल पुत्र जिन्दा हसन, निवासी मुकरपुर, कोतवाली पिरान कलियर, उम्र 24 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मु0अ0सं0 212/2026, धारा 8/22/29 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। संयुक्त कार्रवाई में यह टीम रही शामिल कार्रवाई में एसटीएफ देहरादून के निरीक्षक भवानी शंकर पंत, उपनिरीक्षक दीपक मैठाणी, हेड कांस्टेबल देशराज, कांस्टेबल रवि पंत, कलियर थाने के एएसआई रामअवतार, हेड कांस्टेबल इसरार, हेड कांस्टेबल माजिद तथा ड्रग इंस्पेक्टर विनोद जगुड़ी और हरिद्वार के ड्रग इंस्पेक्टर हरीश सिंह शामिल रहे।2
- देश में बढ़ते नशे के प्रकोप से बचने के जागरूकता लिए इस वीडियो को अवश्य देखें।1
- जमीन के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी का आरोप, दो गिरफ्तार The Aman Times | देहरादून जमीन के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी का आरोप, दो गिरफ्तार देहरादून के थाना बसंत विहार पुलिस ने जमीन के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भूमि धोखाधड़ी करने के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वादी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच की गई। विवेचना में दिलीप कुमार गुप्ता और कर्मदास की भूमिका सामने आई। दोनों को 14 सितंबर को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।1