अवनीश कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, पटना के फतुहा में आयोजित 'शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा' को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद (एमएलसी) प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने आज इस यात्रा के अंतर्गत पटना जिले के फतुहा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों का सघन दौरा किया और शिक्षकों, शिक्षिकाओं, प्राध्यापकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से आत्मीय संवाद किया। प्रमुख शिक्षण संस्थानों में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, फतुहा, राजकीयकृत व्यापार मंडल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, फतुहा, संत कबीर महंथ विद्यानन्द महाविद्यालय, फतुहा और सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, डुमरी, फतुहा शामिल थे। यात्रा के दौरान शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS), समयबद्ध पदोन्नति, सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगतियों के समाधान, स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं के विकास, डिजिटल शिक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार और सुझाव रखे। डॉ. दिव्या ज्योति ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और विश्वास दिलाया कि शिक्षक समाज की प्रत्येक आवाज़ को पूरी मजबूती के साथ उचित मंच तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं बनाते, बल्कि राष्ट्र के चरित्र और समाज की दिशा तय करते हैं। इसलिए शिक्षक का सम्मान, सुरक्षा और अधिकार किसी भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होने चाहिए। डॉ. दिव्या ज्योति ने संकल्प लिया कि शिक्षक समाज की हर आवाज़ को विधान परिषद में पूरी मजबूती के साथ उठाएँगी और उनके अधिकारों की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुँचाएँगी। उन्होंने यह भी कहा कि फतुहा में मिला अपार समर्थन यह संदेश देता है कि शिक्षक समाज अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि परिणाम देने वाला नेतृत्व चाहता है। शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसका उद्देश्य केवल चुनाव नहीं, बल्कि शिक्षक सम्मान, शिक्षा सुधार और विकसित बिहार का निर्माण है। अंत में डॉ. दिव्या ज्योति ने सभी शिक्षक साथियों, शिक्षिकाओं, प्राध्यापकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका विश्वास और सहयोग ही इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।
अवनीश कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, पटना के फतुहा में आयोजित 'शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा' को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद (एमएलसी) प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने आज इस यात्रा के अंतर्गत पटना जिले के फतुहा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों का सघन दौरा किया और शिक्षकों, शिक्षिकाओं, प्राध्यापकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से आत्मीय संवाद किया। प्रमुख शिक्षण संस्थानों में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, फतुहा, राजकीयकृत व्यापार मंडल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, फतुहा, संत कबीर महंथ विद्यानन्द महाविद्यालय, फतुहा और सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, डुमरी, फतुहा शामिल थे। यात्रा के दौरान शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS), समयबद्ध पदोन्नति, सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगतियों के समाधान, स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं के विकास, डिजिटल शिक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार और सुझाव रखे। डॉ. दिव्या ज्योति ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और विश्वास दिलाया कि शिक्षक समाज की प्रत्येक आवाज़ को पूरी मजबूती के साथ उचित मंच तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं बनाते, बल्कि राष्ट्र के चरित्र और समाज की दिशा तय करते हैं। इसलिए शिक्षक का सम्मान, सुरक्षा और अधिकार किसी भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होने चाहिए। डॉ. दिव्या ज्योति ने संकल्प लिया कि शिक्षक समाज की हर आवाज़ को विधान परिषद में पूरी मजबूती के साथ उठाएँगी और उनके अधिकारों की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुँचाएँगी। उन्होंने यह भी कहा कि फतुहा में मिला अपार समर्थन यह संदेश देता है कि शिक्षक समाज अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि परिणाम देने वाला नेतृत्व चाहता है। शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसका उद्देश्य केवल चुनाव नहीं, बल्कि शिक्षक सम्मान, शिक्षा सुधार और विकसित बिहार का निर्माण है। अंत में डॉ. दिव्या ज्योति ने सभी शिक्षक साथियों, शिक्षिकाओं, प्राध्यापकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका विश्वास और सहयोग ही इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।
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- तेज प्रताप की जमानत याचिका दाखिल, वकीलों ने उठाए गंभीर सवाल बिहार बंद हिंसा मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय तेज प्रताप की जमानत याचिका दाखिल, वकीलों ने उठाए गंभीर सवाल बिहार बंद हिंसा मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई है। वकीलों ने दावा किया कि न्यायिक हिरासत के दौरान तेज प्रताप को सीने में दर्द उठा, लेकिन समय पर उचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसे उन्होंने प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताया। बचाव पक्ष का यह भी आरोप है कि तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी बिना एफआईआर दर्ज किए की गई, जो कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ है। वहीं, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून के तहत की गई है। अब मामले में अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।1