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सीहोर से कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने मुख्यमंत्री की भाषा शैली पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान सुनकर ऐसा लगता है कि अब राजनीतिक मंचों पर कम और सड़क किनारे बहस ज्यादा हो रही है। पटेल ने यह टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को 'दो कौड़ी का प्रदेश अध्यक्ष' कहे जाने के संदर्भ में की। पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि विपक्ष को 'दो कौड़ी' कहने से पहले वे अपनी कुर्सी का इतिहास याद कर लें, क्योंकि उनकी सत्ता जनता के जनादेश से ज्यादा 'पर्ची की मेहरबानी' के कारण चर्चा में रही है। शैलेंद्र पटेल ने आगे कहा कि जब सत्ता का नशा सिर चढ़ता है, तब शब्दों से संस्कार नहीं, बल्कि केवल घमंड टपकता है।
Haseeb Khan Mansuri Journalist
सीहोर से कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने मुख्यमंत्री की भाषा शैली पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान सुनकर ऐसा लगता है कि अब राजनीतिक मंचों पर कम और सड़क किनारे बहस ज्यादा हो रही है। पटेल ने यह टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को 'दो कौड़ी का प्रदेश अध्यक्ष' कहे जाने के संदर्भ में की। पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि विपक्ष को 'दो कौड़ी' कहने से पहले वे अपनी कुर्सी का इतिहास याद कर लें, क्योंकि उनकी सत्ता जनता के जनादेश से ज्यादा 'पर्ची की मेहरबानी' के कारण चर्चा में रही है। शैलेंद्र पटेल ने आगे कहा कि जब सत्ता का नशा सिर चढ़ता है, तब शब्दों से संस्कार नहीं, बल्कि केवल घमंड टपकता है।
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- भोपाल जिले के बैरसिया क्षेत्र के ग्राम पथरिया निवासी 60 वर्षीय बदामी बाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। चार दिन से लापता महिला का शव जंगल में मिलने पर उनके परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने बैरसिया अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने, लापरवाही बरतने और रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि बदामी बाई के लापता होने के बाद उन्होंने बैरसिया पुलिस को कई बार सूचना दी और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने जसमत नामक व्यक्ति और उसके 10 से 15 साथियों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाते हुए, आरोपियों के खिलाफ तत्काल हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। इस मामले में परिजनों ने कुछ पुलिस अधिकारियों पर रिश्वत लेने और शिकायत को दबाने का भी आरोप लगाया, जिनकी विभागीय जांच कर उन्हें निलंबित करने की मांग की गई है। हालांकि, इन रिश्वत के आरोपों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। महिला का शव मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन एसडीओपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। घटना के बाद से बैरसिया क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की प्रमुख मांगों में बदामी बाई की मौत की निष्पक्ष जांच, आरोपी जसमत और उसके साथियों की तत्काल गिरफ्तारी, एफआईआर दर्ज न करने और रिश्वत लेने के आरोपों की जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय व सुरक्षा प्रदान करना शामिल है।2
- मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। इस फैसले पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह इसके खिलाफ अदालत का रुख करेगी। इसी बीच, विधायकों को लेकर बेंगलुरु जा रहा एक विमान रनवे से वापस लौट आया।1
- उमंग सिंगार के नेतृत्व में कांग्रेस के सभी सदस्य निर्वाचन आयोग के सामने लेटकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।1
- भोपाल में कांग्रेस के नेताओं और विधायकों ने चुनाव आयोग के दफ्तर के गेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने के खिलाफ किया गया।1
- भोपाल में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के मुख्य द्वार के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह कदम कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद उठाया गया है, जिसके चलते पार्टी नेताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस धरने में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। कांग्रेस ने इस पूरी कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आई है। यहाँ, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ सभी वरिष्ठ नेता निर्वाचन आयोग के कार्यालय के सामने लेटकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।1
- भोपाल से कांग्रेस के विधायक दोपहर 2:30 बजे एक विशेष विमान से कर्नाटक के लिए रवाना होंगे। वे अपने परिवार के साथ कर्नाटक जाएंगे और आगामी 17 जून तक वहीं के एक रिसोर्ट में रुकेंगे। इसके बाद, सभी कांग्रेस विधायक 18 तारीख को भोपाल में होने वाले राज्यसभा चुनाव में शामिल होंगे।2
- बताया जा रहा है कि विधानसभा में कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने भारी हंगामा किया। इस दौरान वे एक-दूसरे को धक्का मारते हुए भी देखे गए। यह पूरी गहमागहमी रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर हुई।1