राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 में शाही स्नान को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है, और लाखों श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना के मद्देनजर जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा एवं सुविधा संबंधी तैयारियां की हैं। राजगीर स्थित विभिन्न कुंडों एवं सरोवरों में स्नान का धार्मिक महत्व होने के कारण यह मेला बिहार ही नहीं बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। आज दिनांक 27 मई 2026 को नालंदा के जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री भारत सोनी द्वारा नियंत्रण कक्ष से संपूर्ण मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं के आवागमन की लगातार निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए मेला क्षेत्र में आधुनिक तकनीक की सहायता से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। एक अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहाँ से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। किसी भी असामान्य स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु नियंत्रण कक्ष में प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। पुलिस अधीक्षक श्री भारत सोनी ने जानकारी दी कि शाही स्नान के दौरान भीड़ प्रबंधन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक पुलिस बल की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है, जिसमें मेला क्षेत्र के प्रमुख प्रवेश-निकास द्वारों, स्नान घाटों, मंदिर परिसरों, पार्किंग स्थलों तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस पदाधिकारी और जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल की भी पर्याप्त तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है, और विभिन्न मार्गों पर यातायात नियंत्रण हेतु दंडाधिकारी एवं पुलिस बल तैनात हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं ताकि मेला क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ और जाम न हो। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और सहायता केंद्रों की भी व्यवस्था की गई है, जहाँ सूचना और सहायता शिविरों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी मिल रही है। खोया-पाया केंद्र भी सक्रिय है। स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ किया गया है, जिसमें अस्थायी स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस और चिकित्सा दल की तैनाती शामिल है, और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मी अलर्ट पर हैं। अग्निशमन विभाग की टीम भी आवश्यक उपकरणों के साथ मौजूद है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर संबंधित पदाधिकारियों को श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके तहत नियमित सफाई सुनिश्चित करने और विभिन्न स्थानों पर पेयजल एवं शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आमजन से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को देने की अपील की है। जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि यह मेला भारतीय संस्कृति, आस्था एवं परंपरा का प्रतीक बनकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध करा सके।
राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 में शाही स्नान को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है, और लाखों श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना के मद्देनजर जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा एवं सुविधा संबंधी तैयारियां की हैं। राजगीर स्थित विभिन्न कुंडों एवं सरोवरों में स्नान का धार्मिक महत्व होने के कारण यह मेला बिहार ही नहीं बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। आज दिनांक 27 मई 2026 को नालंदा के जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री भारत सोनी द्वारा नियंत्रण कक्ष से संपूर्ण मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं के आवागमन की लगातार निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए मेला क्षेत्र में आधुनिक तकनीक की सहायता से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। एक अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहाँ से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। किसी भी असामान्य स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु नियंत्रण कक्ष में प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। पुलिस अधीक्षक श्री भारत सोनी ने जानकारी दी कि शाही स्नान के दौरान भीड़ प्रबंधन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक पुलिस बल की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है, जिसमें मेला क्षेत्र के प्रमुख प्रवेश-निकास द्वारों, स्नान घाटों, मंदिर परिसरों, पार्किंग स्थलों तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस पदाधिकारी और जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल की भी पर्याप्त तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं के सुगम
आवागमन के लिए विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है, और विभिन्न मार्गों पर यातायात नियंत्रण हेतु दंडाधिकारी एवं पुलिस बल तैनात हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं ताकि मेला क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ और जाम न हो। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और सहायता केंद्रों की भी व्यवस्था की गई है, जहाँ सूचना और सहायता शिविरों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी मिल रही है। खोया-पाया केंद्र भी सक्रिय है। स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ किया गया है, जिसमें अस्थायी स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस और चिकित्सा दल की तैनाती शामिल है, और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मी अलर्ट पर हैं। अग्निशमन विभाग की टीम भी आवश्यक उपकरणों के साथ मौजूद है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर संबंधित पदाधिकारियों को श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके तहत नियमित सफाई सुनिश्चित करने और विभिन्न स्थानों पर पेयजल एवं शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आमजन से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को देने की अपील की है। जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि यह मेला भारतीय संस्कृति, आस्था एवं परंपरा का प्रतीक बनकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध करा सके।
- यह पोस्ट राधा रानी को समर्पित एक भक्तिपूर्ण अभिव्यक्ति है, जिसमें उन्हें ब्रज के लोगों के मन को सुख प्रदान करने वाली बताया गया है। इस प्रेमपूर्ण संदेश में श्याम (भगवान कृष्ण) और श्यामा (राधा) के दिव्य स्वरूप का भी उल्लेख है, जो उनकी शाश्वत जोड़ी और मनमोहक आभा को दर्शाता है।1
- जन सुराज के प्रशांत किशोर ने 27 मई 2026 को सीतामढ़ी में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखे हमले किए। उन्होंने NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान को घेरते हुए आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि दो साल पहले भी NEET का पेपर लीक हुआ था, तब भी धर्मेंद्र प्रधान ही शिक्षा मंत्री थे। प्रशांत किशोर के अनुसार, उस समय प्रधान ने दावा किया था कि अब पेपर लीक नहीं होगा, लेकिन अब सरकार इस पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान धर्मेंद्र प्रधान जन सुराज के प्रत्याशियों को डराने, धमकाने और खरीदने में लगे थे, और प्रत्याशियों का खरीद-फरोख्त करते-करते अब शायद पेपर का भी खरीद-फरोख्त शुरू हो गया है। इसी ब्रीफिंग में प्रशांत किशोर ने पटना में एक छात्रा के साथ हुई अभद्रता की घटना पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे जंगलराज के नाम पर वोट लेने वालों के मुँह पर तमाचा बताया और कहा कि बिहार में फिर उसी जंगलराज की आहट सुनाई देने लगी है, जहाँ दिनदहाड़े और खुलेआम ऐसी घटनाएँ होती थीं। प्रशांत किशोर ने पटना के बीचों-बीच एक होटल में किसी लड़की को उसके पिता के सामने खींचकर ले जाने जैसी घटना को बेहद शर्मनाक करार दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि तेल इसलिए महँगा हो रहा है क्योंकि अगले छह महीने में कोई चुनाव नहीं है, और जैसे ही चुनाव नजदीक आएगा, पेट्रोल-डीजल के दाम फिर से कम कर दिए जाएँगे।1
- बकरीद 2026 के मद्देनजर, बिहारशरीफ जिला प्रशासन ने शहर में एक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। यह योजना 28 मई की सुबह 5 बजे से शुरू होकर पर्व की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी, जिसके तहत शहर के कई मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों के साथ-साथ तीनपहिया और चारपहिया वाहनों के परिचालन पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी। प्रशासन ने इन प्रतिबंधों के दौरान वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग और पार्किंग स्थल भी निर्धारित किए हैं। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इन ट्रैफिक नियमों का पालन करें और शांतिपूर्ण तथा सुचारु पर्व सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करें।1
- आज आईपीएल 2026 का सबसे बड़ा और निर्णायक 'करो या मरो' मुकाबला खेला जाएगा, जहाँ Rajasthan Royals और Sunrisers Hyderabad मैदान में भिड़ेंगी। यह एलिमिनेटर मैच 27 मई 2026 को निर्धारित है, जिसका परिणाम सीधा टूर्नामेंट के भविष्य को तय करेगा: हारने वाली टीम प्रतियोगिता से बाहर हो जाएगी, जबकि जीतने वाली टीम अगले बड़े मुकाबले में अपनी जगह पक्की करेगी। सबकी नजरें युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी पर होंगी कि क्या वह फिर से तूफानी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करेंगे, या फिर पैट कमिंस के नेतृत्व वाली सनराइजर्स हैदराबाद की खतरनाक गेंदबाजी राजस्थान का सफर खत्म कर देगी। इस मैच को सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि एक 'महायुद्ध' के रूप में देखा जा रहा है, और दर्शकों से अपनी भविष्यवाणियां साझा करने तथा धमाकेदार IPL अपडेट्स के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने का आह्वान किया गया है।1
- नवादा जिले के रजौली प्रखंड के अंतर्गत आने वाली हरदिया पंचायत की जनता आज भी सरकारी लाभ से वंचित है। स्थानीय निवासियों को अभी तक विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का फायदा नहीं मिल पाया है।1
- एनएच20 पर रजौली महादेव मोड़ ओवर ब्रिज के पास सर्विस रोड की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया है कि यह सर्विस रोड लगभग एक से दो साल से इसी बदतर हालत में है और अभी तक इसका पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। पिछले 10 से 15 दिनों से इस सर्विस रोड को ब्लॉक कर दिया गया है, लेकिन सड़क मरम्मत का काम अब भी शुरू नहीं हुआ है। सर्विस रोड के बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में भारी दुश्वारियां हो रही हैं। इसके साथ ही, इस स्थिति से दुर्घटनाओं और यातायात जाम की संभावना भी बनी हुई है। मरम्मत करने की बजाय, बदहाल सर्विस रोड को ही ब्लॉक कर दिया गया है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।1
- एक भक्त ने राधा रानी से विनम्रतापूर्वक विनती की है, जिसमें उन्होंने 🙏 कृपा बरसाए रखने का आग्रह किया है। 🤗1
- राजगीर मलमास मेला में जिला प्रशासन की कुछ अव्यवस्थाओं को लेकर साधु-संतों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। साधु-संतों का यह गुस्सा विशेष तौर पर शाही स्नान के दौरान स्पष्ट रूप से सामने आया, जिससे मेले के प्रबंधन को लेकर उनकी नाराजगी उजागर हुई है।1
- बीते 25 मई को एक दुखद घटना में सुनामी झूले से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद 26 मई को उसकी सहानुभूति में मेला लगभग 2 से 4 घंटे के लिए बंद कर दिया गया ताकि संवेदना प्रकट की जा सके। इसके बाद मेला रात्रि 10:00 बजे से विधिवत पहले की भांति फिर से चालू कर दिया गया। हालांकि, घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुनामी झूला और स्क्रीन टावर झूला को इस मलमास मेला के लिए स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। मेला ठेकेदार संजय सिंह ने इस घटना को काफी दुखद बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूर-दराज से आए छोटे-बड़े दुकानदारों को भारी क्षति हो रही थी। ठेकेदार ने बताया कि उन्होंने सभी लोगों को बहुत समझाया और जिला प्रशासन के अथक प्रयासों से सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें पुनः चालू कीं और मेला के शो भी शुरू कर दिए गए। अब पहले की भांति सभी झूले, सर्कस, जादूगर, जलपरी के साथ-साथ थिएटर भी संध्या 6:00 बजे से अगले दिन सुबह 4:00 बजे तक चालू रहेंगे। इसके साथ ही, मेला ठेकेदार ने सरकार से अपील की है कि उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार के सभी दिशानिर्देशों का पालन किया है और आगे भी करते रहेंगे। उनकी यह भी अपील है कि मेला क्षेत्र में जितने भी छोटे-बड़े दुकानदार आए हुए हैं, वे सभी खुशी-खुशी कमा-खाकर मेला के अंतिम तक रहें और किसी भी तरह की शिकायत उन पर न करें। उन्होंने प्रशासन से इसमें पूरा सहयोग करने का आग्रह किया है। शाही स्नान के लिए भी मेला ठेकेदार और जिला प्रशासन संयुक्त प्रयास से पूरे कुंड परिसर को साफ-सुथरा रखने के लिए संकल्पित हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को शिकायत का मौका न मिले। मेले में आए एक दर्शक श्रवण कुमार ने जिला प्रशासन से अपील की कि वे मनमानी न करें और मेला ठेकेदार को हर संभव मदद करें, ताकि मेला संचालन में कोई कठिनाई न हो और वे उनकी सहायता करें।1