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उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की सहसवान तहसील के अमनपुर गांव में एक युवती के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। आरोपी पर युवती को दिल्ली में ₹20,000 में बेचने का भी आरोप है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसके घर में घुसकर चाकू से जान से मारने की धमकी भी दी है।
Irfan Pathan
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की सहसवान तहसील के अमनपुर गांव में एक युवती के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। आरोपी पर युवती को दिल्ली में ₹20,000 में बेचने का भी आरोप है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसके घर में घुसकर चाकू से जान से मारने की धमकी भी दी है।
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- बिल्सी के गांव बेहटाजवी निवासी रामचंद्र वैध, जो पहले मोच और सामान्य शारीरिक समस्याओं का इलाज करते थे, आजकल अपने बढ़ते और गंभीर दावों के कारण चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के बाद, उनकी पहचान एक साधारण वैध से बदलकर "गुरु जी" के रूप में हो गई है। जिस काजल शाक्य नामक लड़की ने उन्हें वायरल किया था, उसी ने अब उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उनके दावों की सच्चाई पर "सच या छल" का सवाल उठ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पहले केवल हाथ-पैर और गर्दन की मोच देखने वाले वैध जी अब दुआ, आशीर्वाद और कथित चमत्कारों के जरिए कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों सहित गंभीर रोगों को ठीक करने का दावा कर रहे हैं। इन दावों का कोई वैज्ञानिक या चिकित्सकीय प्रमाण सामने नहीं आया है। साथ ही, पहले निःशुल्क सेवा का दावा करने वाले वैध जी के यहां अब दान पात्र रखा जाने लगा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सेवा है या श्रद्धा और मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने का माध्यम। क्षेत्र के कई जागरूक लोगों का मानना है कि बीमारी से परेशान लोग उम्मीद में ऐसे बड़े-बड़े दावों का शिकार बन सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी स्पष्ट किया है कि कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है, और ऐसे मामलों में चमत्कारिक इलाज के दावों पर भरोसा करना मरीज की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह सवाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी पूछा जा रहा है कि क्या खुलेआम किए जा रहे इन गंभीर दावों की जांच होगी, या आस्था के नाम पर ये दावे ऐसे ही चलते रहेंगे। रिपोर्ट इंडिया टीवी 24 न्यूज ब्यूरो चीफ बदायूं विवेक चौहान की है, जिसमें यह भी रेखांकित किया गया है कि आस्था रखना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आस्था के नाम पर झूठे दावे कर लोगों को गुमराह करना समाज और मरीजों दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।1
- रूदायन नगर में स्थित एक देवालय में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न होने के उपरांत एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह देवालय, जो मूल रूप से राधा कृष्ण के नाम से जाना जाता था और अब साईं मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है, का पुनर्निर्माण और मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य नगर के समाजसेवियों रामनाथ रस्तोगी जी, प्रभु रस्तोगी जी, नारायण रस्तोगी जी और रामेश्वर रस्तोगी जी द्वारा करवाया गया। सफेद पत्थर से बना यह चमचमाता देवालय किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं लगता। विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनेक दैवीय रूपों की प्राण-प्रतिष्ठा कराई। इसके बाद निकाली गई आकर्षक शोभायात्रा में पीतल बैंड की धुन पर देवी-देवताओं की मूर्ति रूप और रंग-बिरंगी पोशाक में सजे पुरुष और महिलाओं ने नगर की भलाई के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मंगलमय अवसर पर नगर पंचायत कार्यालय की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं। शोभायात्रा में शामिल भक्तों के मार्ग पर साफ-सफाई, जल छिड़काव और भगवान की बारात के स्वागत में चूना डलवाया गया। इसके साथ ही, नगर के विभिन्न स्थानों पर भक्तों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई; राजपुर रोड स्थित नत्थूलाल गुप्ता ने आइसक्रीम, मुरली मनोहर गुप्ता ने हलवा, तथा मेडिकल के सामने खुले चौक के बीचों-बीच अंकित गुप्ता, मोनू गुप्ता और रमन गुप्ता आदि ने भक्तों को जलपान कराकर उनकी थकान दूर की। शोभायात्रा के दौरान नगर में जगह-जगह सामूहिक रूप से फूलों की वर्षा की गई। इस अवसर पर दीपक गुप्ता, चुनमुन गुप्ता, किसन रस्तोगी, अंकित गुप्ता, मोनू गुप्ता, मृदुल गुप्ता, नत्थू लाल गुप्ता, मा. रामप्रकाश गुप्ता सहित सैकड़ों भक्तगण मौजूद रहे।1
- जनपद कासगंज के सोरों कोतवाली क्षेत्र में मानपुर नगरिया स्थित एक पेट्रोल पंप के निकट बुधवार सुबह एक गार्ड का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान जखेरा महेशपुर, थाना ढोलना निवासी केशव देव (60) पुत्र शालिग्राम के रूप में हुई है, जिसकी मौत को परिजन संदिग्ध बताकर हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस को सुबह करीब छह बजे नगरिया चौकी क्षेत्र में पेट्रोल पंप से आगे सड़क किनारे केशव देव का शव पड़ा होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरना शुरू किया और पोस्टमार्टम के लिए कासगंज भेजने लगी। इसी दौरान घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय रहते सूचना नहीं दी गई और पुलिस बिना एंबुलेंस की व्यवस्था किए या उनके आने का इंतजार किए बिना शव को मैक्स लोडर वाहन में ले जाने लगी। इस बात से नाराज परिजन और ग्रामीण कासगंज-बरेली मार्ग पर कछला गेट फाटक पार ब्लॉक कार्यालय के सामने जमा हो गए, उन्होंने शव वाहन को रोककर लगभग दो घंटे तक जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। परिजनों का गंभीर आरोप है कि कुछ दिन पहले पेट्रोल पंप पर नकदी चोरी की घटना हुई थी, जिसके बाद पंप मालिक ने कर्मचारियों को बंधक बनाकर पूछताछ की थी और उनके साथ मारपीट भी की थी। इसी आधार पर वे पेट्रोल पंप मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। मृतक केशव देव अविवाहित था और उसके परिवार में भाई, बहन, भाभी और भतीजे हैं, जो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे थे। घटनास्थल पर महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। जाम की सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक लोकेश भाटी पुलिस बल के साथ पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। क्षेत्राधिकारी आंचल सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच और विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए और जाम समाप्त किया गया। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।3
- आजकल सोशल मीडिया पर चंद्रमा और मंगल के एक साथ मिलने को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इस खगोलीय घटनाक्रम को भविष्य के लिए शुभ संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे लोगों के जीवन में कुछ अच्छा होने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- कासगंज के सहसवार में नगर पालिका की घोर लापरवाही के कारण एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक 6 वर्षीय मासूम अभिनव की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के पीछे सीधे तौर पर नगर पालिका की लापरवाही को वजह बताया जा रहा है।1
- कासगंज जनपद में अवैध जुआ और सट्टे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के पर्यवेक्षण में, क्षेत्राधिकारी सहावर शाहिदा नसरीन के नेतृत्व में थाना अमांपुर पुलिस ने 15 जून 2026 की देर शाम कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने मोहल्ला सुभाष नगर स्थित एक खाली प्लॉट से हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेलते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान नसीर अहमद पुत्र सहजाद, सुनील पुत्र राम सिंह और मानपाल पुत्र चन्द्रपाल के रूप में हुई है, ये सभी मौ० सुभाष नगर, थाना अमांपुर, जिला कासगंज के निवासी हैं। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से कुल 8850 रुपये नकद और ताश के पत्ते बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना अमांपुर में मुकदमा अपराध संख्या 153/26, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। थाना स्तर पर मामले में नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- कासगंज के अमांपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक जुए के अड्डे पर छापा मारकर हार-जीत की बाजी लगाते हुए तीन जुआरियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार शाम को की गई, जब पुलिस गश्त कर रही थी। पुलिस ने जुआरियों के पास से ₹8850 नकद और ताश की एक गड्डी बरामद की है। पकड़े गए जुआरियों की पहचान नसीर पुत्र सहजानंद, सुनील पुत्र रामसिंह, और मानपाल पुत्र चन्द्रपाल के रूप में हुई है, ये सभी अमांपुर के सुभाष नगर के निवासी हैं। थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि कस्बा के सुभाष नगर में एक खाली पड़े प्लांट में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी दिनेश सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, अड्डे को घेरा और तीनों जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दिनेश सिंह, उपनिरीक्षक जगदीश कुमार, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, कांस्टेबल अवनीश कुमार, कांस्टेबल प्रतीक कुमार और कांस्टेबल संजीव कुमार मौजूद रहे।1
- बिल्सी क्षेत्र के बेहटाजवी गाँव में रहने वाले रामचंद्र वैध, जिन्हें अब सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि मिलने के बाद “गुरु जी” के नाम से जाना जाता है, अपने इलाज के बढ़ते दावों को लेकर चर्चा और सवालों के घेरे में हैं। पहले केवल मोच और सामान्य शारीरिक समस्याओं को देखने वाले वैध जी पर अब ग्रामीणों द्वारा गंभीर से गंभीर बीमारियों, यहाँ तक कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को भी दुआ, आशीर्वाद और कथित चमत्कारों के ज़रिए ठीक करने का दावा करने का आरोप लगाया जा रहा है। इन दावों का कोई भी वैज्ञानिक या चिकित्सकीय प्रमाण सामने नहीं आया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो व्यक्ति पहले निःशुल्क सेवा देने का दावा करता था, उसके यहाँ अब दान पात्र क्यों रखा गया है। जागरूक लोगों का कहना है कि यह सेवा कम और श्रद्धा व मजबूरी का आर्थिक लाभ उठाने का माध्यम ज़्यादा प्रतीत होता है, जो बीमार लोगों की उम्मीदों का फायदा उठा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार केवल आधुनिक चिकित्सा पद्धति से ही संभव है, और चमत्कारिक इलाज के दावों पर भरोसा करना मरीज की जान के लिए खतरा बन सकता है। अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से यह पूछा जा रहा है कि क्या खुलेआम किए जा रहे इन गंभीर बीमारियों के इलाज के दावों की जाँच की जाएगी, या फिर आस्था के नाम पर ऐसे दावे यूँ ही चलते रहेंगे। यह रेखांकित किया गया है कि आस्था रखना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आस्था के नाम पर झूठे दावे कर लोगों को गुमराह करना समाज और मरीजों दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।2