जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय पेंशन सोसाइटी (रजिस्टर्ड) प्रेस विज्ञप्ति दिनांक-20-04-2026 जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय की पेंशन सोसायटी के तत्वावधान में पिछले चार माह की बकाया पेंशन का भुगतान न होने से परेशान होकर पेंशनरों द्वारा आज विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय में प्रदर्शन किया गया जिसमें लगभग 250 से अधिक पेंशनरों ने भाग लिया और सभी ने एक स्वर से पेंशन भुगतान न करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को ज़िम्मेदार ठहराते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कुलगुरू की निंदा की। यहाँ यह बताना समीचीन होगा कि पेंशन न मिलने के कारण उम्र के इस पड़ाव में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि वे अपनी वृद्धावस्था असाध्य बीमारियों यथा कैन्सर आदि का उपचार भी नहीं करवा पा रहे हैं हैं। इतना ही नहीं अनेक पेंशनर्स पेंशन के इंतजार में अकाल मृत्यु को भी प्राप्त कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों को पूर्व कुलपति (महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय),प्रोफेसर गंगा राम जाखड़, पूर्व आर.पी.एस.सी.के अध्यक्ष प्रोफेसर एस.एस.टाक, प्रोफेसर राम निवास शर्मा ( अध्यक्ष,पेंशन सोसाइटी) प्रोफेसर खरता राम पटेल तथा अशोक व्यास आदि ने संबोधित करते हुए पेंशन भुगतान करने में विफल होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कुलगुरु की निंदा करते हुए कहा कि जब तक हमारी बकाया पेंशन का भुगतान नहीं हो जाता तब तक हम निरंतर संघर्ष करेंगे। प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित पेंशनरों ने दस मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की कि वह कुलगुरु को सद्बुद्धि दें जिससे कि उनके अंदर की मानवता जाग्रत हो सके और वे उनकी बकाया पेंशन का भुगतान कर दें साथ ही सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सद्व्यवहार कर सकें। प्रदर्शन में भाग लेने वालों में अनेक वरिष्ठ प्रोफेसर एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी, पारिवारिक पेंशन प्राप्त पेंशनर्स सम्मिलित थे। जिनमें प्रोफेसर विनीता परिहार, प्रोफेसर प्रभा भण्डारी प्रोफेसर कौशल नाथ उपध्याय एवं प्रोफेसर के. एन. व्यास, प्रोफेसर लोकेंद्र सिंह शक्तावत, प्रोफेसर एम.जी.सोनी श्री राधे श्याम शर्मा, रामदत्त हर्ष, राम अवतार, आदि थे। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय द्वारा इस वित्त वर्ष में अपनी आय से केवल तीन महीने की पेंशन का भुगतान किया है। बाक़ी पैसा कहाँ गया। विश्वविद्यालय इसका आज तक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। हाँ कुलगुरू ने प्रदर्शन से पूर्व पेंशन प्रकरण निवारण समिति की बैठक में भाग लेने की अपील की जिसमें पेंशन सोसाइटी की ओर से प्रोफेसर कैलाश नाथ व्यास, प्रोफेसर विनीता परिहार, प्रोफेसर सुखवीर सिंह बैस, अशोक व्यास तथा रामदत्त हर्ष आदि ने भाग लिया। विश्वविद्यालय की ओर से गठित कमेटी पेंशन भुगतान के मामले में कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय न केवल पेंशन का भुगतान करने में असमर्थ रहा है वरन् जब से वर्तमान कुलगुरु आए हैं तब से इन्होंने पेंशनर्स के प्रति अत्यंत ही अपमानजनक व्यवहार किया है। उदाहरण के लिए पेंशन सोसाइटी हेतु पूर्व कुलपतियों द्वारा कार्यालय हेतु आवंटित कक्ष को बंद ही नहीं करवाया वरन् विश्वविद्यालय गेस्ट हाऊस में कार्यकारिणी की बैठक और केंद्रीय कार्यालय में स्थित बृहस्पति भवन में साधारण सभा की बैठक करने की अनुमति भी नहीं दी गई जो कि अभी तक सभी पूर्व कुलपतियों द्वारा सहर्ष प्रदान की गई। प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित सभी पूर्व शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने एक स्वर में यह निर्णय लिया कि जब तक पेंशन का भुगतान नहीं हो जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अतः प्रदर्शन कल भी 11.00 से 12.00 बजे तक रहेगा।
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय पेंशन सोसाइटी (रजिस्टर्ड) प्रेस विज्ञप्ति दिनांक-20-04-2026 जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय की पेंशन सोसायटी के तत्वावधान में पिछले चार माह की बकाया पेंशन का भुगतान न होने से परेशान होकर पेंशनरों द्वारा आज विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय में प्रदर्शन किया गया जिसमें लगभग 250 से अधिक पेंशनरों ने भाग लिया और सभी ने एक स्वर से पेंशन भुगतान न करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को ज़िम्मेदार ठहराते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कुलगुरू की निंदा की। यहाँ यह बताना समीचीन होगा कि पेंशन न मिलने के कारण उम्र के इस पड़ाव में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि वे अपनी वृद्धावस्था असाध्य बीमारियों यथा कैन्सर आदि का उपचार भी नहीं करवा पा रहे हैं हैं। इतना ही नहीं अनेक पेंशनर्स पेंशन के इंतजार में अकाल मृत्यु को भी प्राप्त कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों को पूर्व कुलपति (महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय),प्रोफेसर गंगा राम जाखड़, पूर्व आर.पी.एस.सी.के अध्यक्ष प्रोफेसर एस.एस.टाक, प्रोफेसर राम निवास शर्मा ( अध्यक्ष,पेंशन सोसाइटी) प्रोफेसर खरता राम पटेल तथा अशोक व्यास आदि ने संबोधित करते हुए पेंशन भुगतान करने में विफल होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कुलगुरु की निंदा करते हुए कहा कि जब तक हमारी बकाया पेंशन का भुगतान नहीं हो जाता तब तक हम निरंतर संघर्ष करेंगे। प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित पेंशनरों ने दस मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की कि वह कुलगुरु को सद्बुद्धि दें जिससे कि उनके अंदर की मानवता जाग्रत हो सके और वे उनकी बकाया पेंशन का भुगतान कर दें साथ ही सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सद्व्यवहार कर सकें। प्रदर्शन में भाग लेने वालों में अनेक वरिष्ठ प्रोफेसर एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी, पारिवारिक पेंशन प्राप्त पेंशनर्स सम्मिलित
थे। जिनमें प्रोफेसर विनीता परिहार, प्रोफेसर प्रभा भण्डारी प्रोफेसर कौशल नाथ उपध्याय एवं प्रोफेसर के. एन. व्यास, प्रोफेसर लोकेंद्र सिंह शक्तावत, प्रोफेसर एम.जी.सोनी श्री राधे श्याम शर्मा, रामदत्त हर्ष, राम अवतार, आदि थे। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय द्वारा इस वित्त वर्ष में अपनी आय से केवल तीन महीने की पेंशन का भुगतान किया है। बाक़ी पैसा कहाँ गया। विश्वविद्यालय इसका आज तक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। हाँ कुलगुरू ने प्रदर्शन से पूर्व पेंशन प्रकरण निवारण समिति की बैठक में भाग लेने की अपील की जिसमें पेंशन सोसाइटी की ओर से प्रोफेसर कैलाश नाथ व्यास, प्रोफेसर विनीता परिहार, प्रोफेसर सुखवीर सिंह बैस, अशोक व्यास तथा रामदत्त हर्ष आदि ने भाग लिया। विश्वविद्यालय की ओर से गठित कमेटी पेंशन भुगतान के मामले में कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय न केवल पेंशन का भुगतान करने में असमर्थ रहा है वरन् जब से वर्तमान कुलगुरु आए हैं तब से इन्होंने पेंशनर्स के प्रति अत्यंत ही अपमानजनक व्यवहार किया है। उदाहरण के लिए पेंशन सोसाइटी हेतु पूर्व कुलपतियों द्वारा कार्यालय हेतु आवंटित कक्ष को बंद ही नहीं करवाया वरन् विश्वविद्यालय गेस्ट हाऊस में कार्यकारिणी की बैठक और केंद्रीय कार्यालय में स्थित बृहस्पति भवन में साधारण सभा की बैठक करने की अनुमति भी नहीं दी गई जो कि अभी तक सभी पूर्व कुलपतियों द्वारा सहर्ष प्रदान की गई। प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित सभी पूर्व शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने एक स्वर में यह निर्णय लिया कि जब तक पेंशन का भुगतान नहीं हो जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अतः प्रदर्शन कल भी 11.00 से 12.00 बजे तक रहेगा।
- पचपदरा रिफाइनरी में आग: मौके पर पहुंची कई दमकल, काबू पाने की कोशिश जारी राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि जिस स्थल पर नरेंद्र मोदी द्वारा रिफाइनरी का उद्घाटन किया जाना था, वहां एक दिन पहले ही यह हादसा हो गया। आग लगते ही मौके पर एक दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियां पहुंच गईं और आग पर काबू पाने के प्रयास तेज कर दिए गए। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और हालात को नियंत्रित करने में जुट गईं। फिलहाल आग बुझाने का काम जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रशासन हर पहलू की जांच में लगा हुआ है।2
- पचपदरा में पीएम मोदी का होने वाला कार्यक्रम स्थगित आज रिफाइनरी में आग लगने के कारण कार्यक्रम स्थगित, सभी विभागों को दी जा रही तत्काल सूचना1
- बालोतरा के पचपदरा क्षेत्र में 21 तारीख हो होने वाले उद्घाटन रिफाइनरी एक हिस्से में आग *उद्घाटन से एक दिन पहले सोमवार दोपहर 2 बजे बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी के एक हिस्से में आग लग गई। 21 तारीख को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकार्पण करने के लिए चल रही तैयारियों के बीच आज 20 तारीख को रिफाइनरी में अचानक आग लग गई जहां अब तक तीस फायरब्रिगेड मौके पर पहुंच चुकी हे * **1
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- पाली,मनीष राठौड़।शहर के प्रसिद्ध लाखोटिया तालाब में पिछले तीन दिनों से चल रहा तलाशी अभियान आज सुबह एक दुखद अंत पर समाप्त हुआ। तालाब के तीसरे हिस्से में सिंधी कॉलोनी निवासी 23 वर्षीय युवक संजय खुशलानी का शव तैरता हुआ मिला। युवक पिछले तीन दिनों से घर से लापता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संजय खुशलानी तीन दिन पहले अपने घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो परिजनों ने कोतवाली थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। इसी बीच, लाखोटिया तालाब के बाहर संजय की बाइक लावारिस हालत में खड़ी मिली, जिससे अनहोनी की आशंका गहरा गई। बाइक मिलने के तुरंत बाद पुलिस और गोताखोरों की मदद से पिछले दो दिनों से तालाब में गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। सोमवार सुबह तालाब के तीसरे भाग में युवक का शव पानी के ऊपर दिखाई दिया, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। शिनाख्त होने पर मृतक की पहचान संजय खुशलानी के रूप में हुई। ### **पुलिस की कार्रवाई जारी** घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने बताया: शव को बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। प्रथम दृष्टया मौत का कारण **पानी में डूबनाबताया जा रहा है। परिजनों की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की आगामी जांच की जाएगी। युवक की मौत की खबर मिलते ही सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।3
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली 19 अप्रेल।पाली मे प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी भगवान श्री परशुराम की जयंती,अक्षय तृतीय पर संयोजक जय शंकर त्रिवेद्वी,के नैतृतव मे शौभायात्रा आमलिया महादेव(बाईसी बगैची)से गाँधी मूर्ति,अझबेडकर सर्किल,सूरजपोल,सोमनाथ मंदिर,घी का झंणडा,सर्राफा बाजार,प्रहलाद जी दुकान से चेतना रेसटोरेंट श्री सीतारामजी जौशी के मकान से पानी दरवाजा, से भेरूघाट सिरेघाट,नृंसिह टाँकीज,गाँधी मूर्ति से फिर आमलीया महादेव मंदिर तक शौभायात्रा निकाली ग ई। शौभायात्रा मे ब्राह्राण समाज बंधुओ मे सर्व श्री जय शंकर त्रिवेद्वी,वकील पी एम जौशी ,हीरालाल वयास,ताराचंद गौड,सतय नारायण जौशी,छगनलाल भारद्वाज,पपू शर्मा,सोहनलाल बी सिवाल कृषणकांत गौतम,मांगीलाल जौशी,अलकेश रोईसवाल , हनुमान प्रसाद गौड राजैश बौहरा,नरेश पंडित रामपाल राणेजा कमलेश भारद्वाज,मांगीलाल सुथार,शिवरतन शर्मा,गुडडू,हरबंश दवे,जितेंद्र वयास,दिनेश दवे ललित शर्मा अशोक कुमार जौशी,आदी सैकडो समाज के गणमानय नागरिको ने शोभायात्रा मे हिससा लिया गया। इस अवसर पर भगवान परशुराम के पारिवार की जानकारी संबधी प्रशनोतरी का सवाल जबाब लिखित मे माँगी गई। और मंच से उसमे प्रथम द्वितीय तृतीय की गौली जिनके नाम से निकलती उनको मंच पर बुलाकर समानित भी किये गये।औल सभी समाजो के उपसथीत अधयक्ष,महामंत्री,कोषाधयक्ष को मंच से समानित किया गया।अंत मे महाप्रसादी का आयोजन रखा गया।अंत मे संयोजक जय शंकर त्रिवेद्वी ने कार्यक्रम मे किसी प्रकार की त्रुटी या भुलचूक के लिए क्षमाप्रार्थी। (छगनलाल भारद्वाज,प्रधान संपादक)4
- *बाड़मेर CDU यूनिट में आग लगने की सूचना से हड़कंप मच गया, बड़ी संख्या में दमकल वाहन आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटे हुए हैं, रिफाइनरी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल है, यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब कल प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण प्रस्तावित है और आज शाम 4 बजे मुख्यमंत्री का भी रिफाइनरी पहुंचने का कार्यक्रम है, घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.1