वाराणसी में एक पेंटर ने एक बुजुर्ग के भरोसे का फायदा उठाते हुए उनके बैंक खाते से ₹12 लाख की बड़ी रकम निकाल ली। यह घटना पुलिस लाइन स्थित इंजीनियर हॉल के एक घर में हुई, जहाँ बलिया निवासी विनय कुमार नामक पेंटर पिछले एक महीने से रंग-रोगन का काम कर रहा था और अपनी शांत छवि से उसने घर वालों का विश्वास जीत लिया था। पुलिस के अनुसार, विनय कुमार ने काम के दौरान बुजुर्ग शिवदत्त हरिजन के मोबाइल से चुपचाप सिम कार्ड निकाल लिया और उनके आधार कार्ड व पैन कार्ड की तस्वीरें खींच लीं। इसके बाद, उसने अपने साथी सुरेंद्र कुमार के साथ मिलकर नए मोबाइल में वही सिम एक्टिव किया और पीड़ित के नाम पर Paytm, PhonePe और GPay अकाउंट शुरू कर दिए। इन दोनों ने फर्जी आधार कार्ड और नकली पहचान का इस्तेमाल कर अलग-अलग CSP और जनसेवा केंद्रों से किस्तों में रकम निकाली, जिससे धीरे-धीरे बुजुर्ग की पूरी जमा पूंजी ₹12 लाख उनके खाते से गायब होती गई और उन्हें इसका आभास तक नहीं हुआ। यह ठगी 24 मई को शिवदत्त हरिजन को पता चली, जिसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम ने सर्विलांस की मदद से 27 मई को दोनों आरोपी विनय कुमार और सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 3 मोबाइल फोन, ₹70 हजार नकद और 4 फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए। पुलिस ने ₹8 लाख की रकम फ्रीज भी करा दी है। एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने बताया कि आरोपी पहले भी मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर ठगी और फर्जी चेक के मामलों में जेल जा चुके हैं। यह मामला वाराणसी में केवल साइबर फ्रॉड नहीं, बल्कि भरोसे की हत्या के रूप में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि चोर इस बार दरवाजा तोड़कर नहीं, बल्कि दीवार रंगने के बहाने घर में दाखिल हुआ था।
वाराणसी में एक पेंटर ने एक बुजुर्ग के भरोसे का फायदा उठाते हुए उनके बैंक खाते से ₹12 लाख की बड़ी रकम निकाल ली। यह घटना पुलिस लाइन स्थित इंजीनियर हॉल के एक घर में हुई, जहाँ बलिया निवासी विनय कुमार नामक पेंटर पिछले एक महीने से रंग-रोगन का काम कर रहा था और अपनी शांत छवि से उसने घर वालों का विश्वास जीत लिया था। पुलिस के अनुसार, विनय कुमार ने काम के दौरान बुजुर्ग शिवदत्त हरिजन के मोबाइल से चुपचाप सिम कार्ड निकाल लिया और उनके आधार कार्ड व पैन कार्ड की तस्वीरें खींच लीं। इसके बाद, उसने अपने साथी सुरेंद्र कुमार के साथ मिलकर नए मोबाइल में वही सिम एक्टिव किया और पीड़ित के नाम पर Paytm, PhonePe और GPay अकाउंट शुरू कर दिए। इन दोनों ने फर्जी आधार कार्ड और नकली पहचान का इस्तेमाल कर अलग-अलग CSP और जनसेवा केंद्रों से किस्तों में रकम निकाली, जिससे धीरे-धीरे बुजुर्ग की पूरी
जमा पूंजी ₹12 लाख उनके खाते से गायब होती गई और उन्हें इसका आभास तक नहीं हुआ। यह ठगी 24 मई को शिवदत्त हरिजन को पता चली, जिसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम ने सर्विलांस की मदद से 27 मई को दोनों आरोपी विनय कुमार और सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 3 मोबाइल फोन, ₹70 हजार नकद और 4 फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए। पुलिस ने ₹8 लाख की रकम फ्रीज भी करा दी है। एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने बताया कि आरोपी पहले भी मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर ठगी और फर्जी चेक के मामलों में जेल जा चुके हैं। यह मामला वाराणसी में केवल साइबर फ्रॉड नहीं, बल्कि भरोसे की हत्या के रूप में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि चोर इस बार दरवाजा तोड़कर नहीं, बल्कि दीवार रंगने के बहाने घर में दाखिल हुआ था।
- जौनपुर जिले के जलालगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन पर लगा हैंडपंप कई महीनों से खराब पड़ा है और अब केवल एक शोपीस बनकर रह गया है, जिसके कारण यात्रियों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।1
- कौशांबी में फतेहपुर डिपो की एक रोडवेज बस के बीच रास्ते में खराब हो जाने से यात्री परेशान हो गए। यह बस फतेहपुर से प्रयागराज जा रही थी और सैनी बस स्टॉप के पास बंद हो गई। यात्रियों ने मिलकर बस को धक्का लगाया, जिसका एक वीडियो वायरल हो रहा है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में कर्मयोगी पीठ द्वारा पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित इक्कीस दिवसीय गीता चेतना यात्रा का प्रथम पड़ाव अत्यंत भव्य, उत्साहपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। गिरधरपुर (व्यासपुर ग्रामसभा) स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और मातृशक्ति की सहभागिता देखने को मिली। पूरे क्षेत्र में 'गीता संदेश' और 'जय श्रीकृष्ण' के उद्घोषों से वातावरण ऊर्जावान बना रहा, जिससे कार्यक्रम में युवाओं का अद्भुत उत्साह साफ झलक रहा था।1
- वाराणसी जनपद के शिवपुर थाना क्षेत्र में, गिलट बाजार पुलिस चौकी से कुछ ही कदम की दूरी पर स्थित एक अंग्रेजी शराब की दुकान पर देर रात अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। एक वीडियो में यह सामने आया है कि रात्रि 11:30 बजे दुकानदार मालिक के सहयोग से ऊंचे दामों पर शराब की बोतलें बेच रहा है। यह सब तब हो रहा है, जब उसी गिलट बाजार पुलिस चौकी पर हमेशा दर्जनों की संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इसके बावजूद, दुकानदार बिना किसी डर के आधी रात को भी खुलेआम अवैध शराब की बिक्री कर रहा है। इस स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की गई है कि यदि वाराणसी पुलिस इस मामले पर ध्यान नहीं देती है, तो शराब के नशे में धुत लोग आए दिन सड़क दुर्घटनाओं, मारपीट, हत्या और लूटपाट जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देते रहेंगे। रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि नियम और कानून को ताक पर रखकर, पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर रात 11:30 बजे अवैध शराब की बिक्री बेखौफ जारी है।1
- जनपद भदोही में पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशों पर, आगामी ईद उल अजहा (बकरीद) त्यौहार के दृष्टिगत, सीओ औराई राजीव कुमार सिंह ने पर्याप्त पुलिस बल के साथ थाना औराई क्षेत्र में पैदल गस्त किया। इस अभियान के तहत पुलिस दल ने मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों, चौराहों और बाजारों का भ्रमण किया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों, वस्तुओं और वाहनों की गहनता से जाँच की गई।4
- वाराणसी में पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बुजुर्ग के बैंक खाते से ₹12 लाख की साइबर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने सर्विलांस की मदद से बलिया निवासी विनय कुमार और गाजीपुर निवासी सुरेंद्र कुमार को 27 मई को वाराणसी से गिरफ्तार किया। एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने बताया कि इस ठगी की कड़ियाँ एक महीने पहले से जुड़ी हैं। गिरफ्तार आरोपी विनय कुमार एक पेंटर है, जो करीब एक महीने पहले सेवानिवृत्त कर्मी शिवदत्त हरिजन के घर पेंटिंग का काम करने गया था। शिवदत्त हरिजन वर्तमान में इंजीनियर हाल पुलिस लाइन, वाराणसी में रहते हैं। काम के दौरान विनय ने बड़ी चालाकी से बुजुर्ग के मोबाइल से उनका सिम कार्ड निकाल लिया और घर में रखे उनके आधार कार्ड व पैन कार्ड की तस्वीरें खींचकर उनकी डुप्लीकेट कॉपियाँ तैयार कर लीं। विनय ने यह सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज अपने साथी सुरेंद्र कुमार को सौंप दिए। इसके बाद दोनों ने एक नए मोबाइल में सिम कार्ड डालकर पीड़ित के नाम पर Paytm, PhonePe और G-Pay जैसे यूपीआई अकाउंट एक्टिवेट कर लिए। सिम और केवाईसी दस्तावेज उपलब्ध होने के कारण वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत नहीं हुई। आरोपियों ने पिछले एक महीने के दौरान विभिन्न जनसेवा केंद्रों और सीएसपी काउंटरों पर जाकर फर्जी पहचान पत्रों का उपयोग कर किस्तों में कुल ₹12 लाख की निकासी की। जब 24 मई 2026 को पीड़ित शिवदत्त हरिजन को अपने खाते से रकम गायब होने का पता चला, तो उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए 27 मई को दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन (जिनमें दो कीपैड फोन हैं), ₹70,000 नकद और 4 फर्जी कूट रचित डुप्लीकेट आधार कार्ड बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने ठगी से जुड़े खातों में ₹8 लाख फ्रीज भी करा दिए हैं। एसीपी ने यह भी बताया कि पकड़े गए दोनों अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास है और वे पहले भी मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने तथा एक फर्जी चेक के मामले में जेल जा चुके हैं। साइबर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घर में काम करने वाले बाहरी लोगों जैसे पेंटर, प्लंबर और कारपेंटर पर नज़र रखें। साथ ही, अपने मोबाइल, सिम कार्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे आधार, पैन और पासबुक कभी भी खुले में न छोड़ें।1
- गुवाहाटी में, असम विधानसभा द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित किए जाने के बाद, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही असम में कानून का रूप लेगा और राज्य में इसे लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, इस विधेयक का मूल मसौदा उत्तराखंड से तैयार हुआ था, जिसके बाद गुजरात में इसमें कुछ सुधार किए गए। असम ने इसे अपने राज्य की विशिष्ट परिस्थितियों के अनुरूप बनाया है। सरमा ने स्पष्ट किया कि कानून लागू होने के दौरान यदि किसी भी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता महसूस हुई, तो वे निश्चित रूप से किए जाएंगे। उन्होंने इस बात पर विश्वास जताया कि इस कानून को लागू करने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी।1
- जौनपुर में आज मौसम में बदलाव देखने को मिला है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मानसून के संकेत मिलने के बाद अब किसान भी सक्रिय हो गए हैं और खेतों की सफाई में जुट गए हैं।1
- आज वाराणसी के चौबेपुर स्थित स्वर्गीय सूबेदार सिंह स्मृति महिला महाविद्यालय, कटेसर कलां में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मेधावी छात्राओं का सम्मान किया गया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएँ दी गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के सचिव अनुज कुमार सिंह, निदेशक डॉ. स्वतंत्र कुमार सिंह और प्राचार्या डॉ. पुष्पा सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण करके किया गया। इस समारोह में छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत सहित विभिन्न शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।1