शेखपुरा में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग-333A के बरबीघा क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग-333A के किनारे किए गए अतिक्रमण के कारण यातायात संचालन, सड़क सुरक्षा और आमजन की सुविधा पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों की विस्तृत समीक्षा की गई। अनुमंडल पदाधिकारी ने संबंधित विभागों और पदाधिकारियों को समन्वय स्थापित करते हुए नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न करता है, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ाता है। इसलिए, अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई पूरी पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत की जाएगी, जिसके लिए सभी विभागों से दैनिक अनुपालन प्रतिवेदन की भी मांग की गई है। बैठक में उपस्थित संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को अतिक्रमित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने तथा अभियान के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
शेखपुरा में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग-333A के बरबीघा क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित की गई। इस बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग-333A के किनारे किए गए अतिक्रमण के कारण यातायात संचालन, सड़क सुरक्षा और आमजन की सुविधा पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों की विस्तृत समीक्षा की गई। अनुमंडल पदाधिकारी ने संबंधित विभागों और पदाधिकारियों को समन्वय स्थापित करते हुए नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न करता है, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ाता है। इसलिए, अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई पूरी पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत की जाएगी, जिसके लिए सभी विभागों से दैनिक अनुपालन प्रतिवेदन की भी मांग की गई है। बैठक में उपस्थित संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को अतिक्रमित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने तथा अभियान के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- नगर पंचायत क्षेत्र के बहुआरा गांव में महाराष्ट्र के पूर्व सांसद संजय निरूपम के सहयोग से बने भगवान शिव के मंदिर के उपलक्ष्य में शुक्रवार को एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में कुंवारी कन्याओं, महिलाओं और ग्रामीण श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे पूरा गांव ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच शिवमय वातावरण में डूबा रहा। यह कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहाँ श्रद्धालुओं ने सिर पर कलश धारण कर भगवान शिव के जयकारे लगाए और पूजा-अर्चना की। यात्रा में शामिल महिलाओं और कन्याओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर आयोजन की शोभा बढ़ाई, जिसका दोपहर करीब तीन बजे शांतिपूर्ण ढंग से समापन हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान का समापन 5 जुलाई को होगा। इसी दिन वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान शिव के शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इस अवसर पर विशेष पूजा, हवन और भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इस भव्य आयोजन में गांव के चुनचुन राय, रणजीत सिन्हा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने गहरी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि इस शिव मंदिर के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को नियमित पूजा-अर्चना के लिए एक नया धार्मिक स्थल मिल गया है, और इससे गांव में धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।1
- शेखपुरा जिले में हत्या के प्रयास के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। अनुसूचित एवं अनुसूचित जनजाति थाना शेखपुरा पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर नगर थाना क्षेत्र के लालबाग मोहल्ले में आरोपी के घर पर इश्तेहार चिपकाया। पुलिस टीम ढोल-नगाड़ों के साथ आरोपी के घर पहुंची और पूरे कानूनी तरीके से यह इश्तेहार चस्पा किया। इस दौरान पुलिस ने आरोपी को निर्धारित समय के भीतर न्यायालय में उपस्थित होकर आत्मसमर्पण करने की कड़ी चेतावनी भी दी। थाना प्रभारी अजीतेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी तय समय में आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था, जिसके बाद न्यायालय से इश्तेहार जारी होने पर यह कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई को देखने के लिए मोहल्ले में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस का कहना है कि जिले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और कानून से बचने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच, जिले के पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और पुलिसिंग में सुधार को प्राथमिकता देते हुए जिले के कई थानों का औचक निरीक्षण किया। एसपी के अचानक दौरे की खबर मिलते ही संबंधित थानों में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के बीच हलचल मच गई, और वे सभी आवश्यक अभिलेखों तथा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए। निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना परिसर की साफ-सफाई, मालखाना, हाजत, रिकॉर्ड संधारण, लंबित कांडों की समीक्षा और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का त्वरित और निष्पक्ष निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा आम लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। हिमांशु कुमार ने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन, नियमित गश्ती, वारंटियों की गिरफ्तारी तथा अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसपी के इन लगातार औचक निरीक्षणों से जिले के पुलिस महकमे में जवाबदेही बढ़ी है। माना जा रहा है कि उनकी यह कार्यशैली पुलिस व्यवस्था में अनुशासन और कार्यकुशलता को नई मजबूती प्रदान करेगी, जिससे आम जनता को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध हो सकेगी।1
- लखीसराय जिले के तेतरहाट थाना ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर एक रक्तदान शिविर और पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।1
- लखीसराय पुलिस ने जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल कुख्यात अपराधी नितेश कुमार उर्फ नीतीश को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। नितेश पुलिस पर हमले के एक मामले में फरार चल रहा था। उसे क्यूल थाना क्षेत्र के लाखौंचक गांव से गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी के संबंध में एसडीपीओ शिवम कुमार ने एक प्रेस वार्ता में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 मार्च को तेतरहाट थाना क्षेत्र की पुलिस क्यूल नदी में अवैध बालू खनन के खिलाफ छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान वहां मौजूद वाहन मालिकों और चालकों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और वाहन लेकर भागने की कोशिश की। इस मामले में तेतरहाट थाना में कांड संख्या 37/26 दर्ज किया गया था, और नितेश तभी से फरार था। पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार के निर्देश पर और एसडीपीओ शिवम कुमार के नेतृत्व में पुलिस पर हमले के वांछित अभियुक्तों के खिलाफ एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। इसी अभियान के तहत उपेंद्र यादव के पुत्र नितेश कुमार उर्फ नीतीश को दबोचा गया। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि गिरफ्तार नितेश के खिलाफ क्यूल थाना में पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और वह जिले के टॉप-10 अपराधियों में शामिल था। इस कार्रवाई में तेतरहाट थाना अध्यक्ष इलू उपाध्याय, एसआई रमेश पासवान, डीआईयू और एसटीएफ लखीसराय की टीम ने संयुक्त रूप से भाग लिया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध और पुलिस पर हमला करने वाले अभियुक्तों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तेजी से जारी रहेगा।1
- यह पोस्ट इस गहरे विश्वास को व्यक्त करती है कि यदि किसी पर दया हो, तो हर संकट और समस्या पल भर में समाप्त हो जाती है।1
- लखीसराय जिले की तेतरहाट थाना पुलिस ने टॉप टेन बालू माफिया की सूची में शामिल नितेश कुमार को किऊल थाना क्षेत्र के लाखोचक गांव से गिरफ्तार कर लिया है। नितेश कुमार पर बीते 2 मार्च को अवैध बालू खनन पर हुई छापेमारी के दौरान पुलिस पर हमला करने और वाहन छुड़ाकर भागने जैसे गंभीर आरोप हैं, जिसके संबंध में किऊल थाना में दो मामले दर्ज हैं। एसडीपीओ शिवम् कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टॉप टेन बालू माफिया नितेश कुमार अपने घर लाखोचक आया हुआ है। इसी सूचना के आधार पर तेतरहाट पुलिस ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। नितेश पर पुलिस पर हमला कर बालू गाड़ियाँ छुड़ाकर भागने का आरोप है, और वह अपने साथियों के साथ मिलकर किऊल नदी से अवैध बालू खनन का काम कर रहा था।1
- लखीसराय जिले के कवैया थाना क्षेत्र के लाल पहाड़ी में महज 1 कट्ठा 17 धूर जमीन के विवाद ने सगे भाइयों के रिश्तों को खून से रंग दिया। आरोप है कि पंचायत में मुखिया द्वारा सुनाए गए एक पक्षपातपूर्ण फैसले के बाद यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जहाँ तीन भाइयों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। बताया जा रहा है कि छह भाइयों के इस परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए एक पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन पंचायत के इस फैसले पर एक पक्ष ने पक्षपात का आरोप लगाया। इसके बाद कहासुनी इतनी बढ़ गई कि इसने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस आंगन में कभी ये सभी भाई एक साथ रहते थे, आज उसी परिवार में जमीन के एक छोटे से टुकड़े ने उनके रिश्तों को दुश्मनी में बदल दिया है।1