बांदा जनपद के मार्का खंड संख्या 03 व खंड संख्या 04 यमुना नदी रामनगर कौहन पुल होते हुए असोथर नगर पंचायत में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद: ओवरलोड ट्रकों ने ध्वस्त की सड़कें, धूल के गुबार में घुट रहा जनता का दम राष्ट्रीय भारत ब्यूरो चीफ असोथर फतेहपुर उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में प्रतिबंधित खनन और ओवरलोडिंग का काला कारोबार एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जिसने न केवल सरकारी दावों की पोल खोल दी है बल्कि आम जनजीवन को नरक बना दिया है। बांदा मार्का खंड संख्या 03 व खंड संख्या 04 से निकलने वाले मोरम लदे भारी-भरकम ट्रक और डंपर एनजीटी (National Green Tribunal) के सख्त निर्देशों और खनन विभाग के नियमों को सरेआम ठेंगा दिखा रहे हैं। रामनगर कौहान से सिघुतारा और असोथर से थरियांव तक के मुख्य मार्ग इन दैत्याकार वाहनों की जद में हैं, जिसके कारण करोड़ों की लागत से बनी सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो रहीं हैं। सड़कों पर जगह-जगह हुए गहरे गड्ढे अब राहगीरों के लिए काल का ग्रास साबित हो रहे हैं और आए दिन होने वाले भीषण हादसों ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। सड़कों की बदहाली के साथ-साथ इस क्षेत्र में स्वास्थ्य का संकट भी गहराता जा रहा है। ओवरलोड वाहनों के गुजरने से दिन भर उड़ने वाली धूल और 'धूल-धक्कड़' ने स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का जीना मुहाल कर दिया है। हवा में तैरते धूल के बारीक कणों के कारण लोगों को सांस लेने में भारी कठिनाई हो रही है, जबकि आंखों में जलन और त्वचा संबंधी एलर्जी अब आम समस्या बन चुकी है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका बेहद घातक असर पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन की चुप्पी और खनन माफियाओं की दबंगई के बीच पिस रही जनता अब आक्रोशित है, क्योंकि जाम और प्रदूषण के इस दोहरे वार ने न केवल व्यापार चौपट कर दिया है बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी हाशिए पर धकेल दिया है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते मुख्य मार्गों की स्थिति किसी खंडर जैसी हो गई है, जहाँ से पैदल निकलना भी दूभर है।
बांदा जनपद के मार्का खंड संख्या 03 व खंड संख्या 04 यमुना नदी रामनगर कौहन पुल होते हुए असोथर नगर पंचायत में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद: ओवरलोड ट्रकों ने ध्वस्त की सड़कें, धूल के गुबार में घुट रहा जनता का दम राष्ट्रीय भारत ब्यूरो चीफ असोथर फतेहपुर उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में प्रतिबंधित खनन और ओवरलोडिंग का काला कारोबार एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जिसने न केवल सरकारी दावों की पोल खोल दी है बल्कि आम जनजीवन को नरक बना दिया है। बांदा
मार्का खंड संख्या 03 व खंड संख्या 04 से निकलने वाले मोरम लदे भारी-भरकम ट्रक और डंपर एनजीटी (National Green Tribunal) के सख्त निर्देशों और खनन विभाग के नियमों को सरेआम ठेंगा दिखा रहे हैं। रामनगर कौहान से सिघुतारा और असोथर से थरियांव तक के मुख्य मार्ग इन दैत्याकार वाहनों की जद में हैं, जिसके कारण करोड़ों की लागत से बनी सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो रहीं हैं। सड़कों पर जगह-जगह हुए गहरे गड्ढे अब राहगीरों के लिए काल का ग्रास साबित हो रहे हैं
और आए दिन होने वाले भीषण हादसों ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। सड़कों की बदहाली के साथ-साथ इस क्षेत्र में स्वास्थ्य का संकट भी गहराता जा रहा है। ओवरलोड वाहनों के गुजरने से दिन भर उड़ने वाली धूल और 'धूल-धक्कड़' ने स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का जीना मुहाल कर दिया है। हवा में तैरते धूल के बारीक कणों के कारण लोगों को सांस लेने में भारी कठिनाई हो रही है, जबकि आंखों में जलन और त्वचा संबंधी एलर्जी अब आम समस्या
बन चुकी है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका बेहद घातक असर पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन की चुप्पी और खनन माफियाओं की दबंगई के बीच पिस रही जनता अब आक्रोशित है, क्योंकि जाम और प्रदूषण के इस दोहरे वार ने न केवल व्यापार चौपट कर दिया है बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी हाशिए पर धकेल दिया है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते मुख्य मार्गों की स्थिति किसी खंडर जैसी हो गई है, जहाँ से पैदल निकलना भी दूभर है।
- Post by Vimal kumar4
- Post by Vinod shriwastva1
- #फतेहपुर जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र के पथरकटा इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक पीएनजी गैस चैंबर से गैस लीकेज होने लगी। जानकारी के अनुसार रसोई गैस की पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल स्थिति को नियंत्रण में लिया। दमकल कर्मियों ने सतर्कता के साथ रिसाव को काबू में किया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। वहीं, संबंधित कंपनी के इंजीनियर भी मौके पर पहुंचे और तकनीकी जांच के बाद लीकेज को पूरी तरह बंद कर दिया गया। गौरतलब है कि पीएनजी गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है, ऐसे में समय रहते कार्रवाई न होने पर बड़ा हादसा हो सकता था।1
- अधिवक्ता ओ का प्रचार प्रसार1
- सलेमबाद रोड निर्माण मे भरस्टाचार1
- डलमऊ रायबरेली खेतों में लगे बिजली के खंभे में अचानक हुई शार्ट सर्किट से कई बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।सूचना के काफी देर बाद मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शुक्रवार को दोपहर बाद करीब 3:00 बजे डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के मधुकर नवीन गांव में खेतों के बीच लगे बिजली के खंबे में अचानक हुई शॉर्ट सर्किट से लहलहा रही गेहूं की फसलों में आग लग गई।आग ने अपना विकराल रूप धारण करते हुए कई बीघे गेहूं की फसल को अपनी आगोश में ले लिया जिससे लगभग 18 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया।आग बुझने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची।ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के काफी देर बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे।पुलिस व ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक सब कुछ नष्ट हो चुका था।खेतों में लगी आग से किसान कंधई,संतोष,अमरेश,रज्जन,जग्गू, नन्द किशोर, सुंदर लाल, शंकर, प्रिंसु,गुरु,मुकेश,कल्लू,हंसराज,सत्यनारायण,छेदी,कृष्ण कुमार,राकेश,महेश,राधेश्याम, राजकुमार,जमुना आदि किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई है। मौके पर पहुंचे राजस्व निरीक्षक शिव प्रकाश त्रिवेदी,क्षेत्रीय लेखपाल मनोज कुमार पाल ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।2
- 20 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, जिससे कई किसान प्रभावित हुए हैं। यह घटना बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण हुई बताई जा रही है। शॉर्ट सर्किट से लगी आग तेजी से खेतों में फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और फायर ब्रिगेड तथा पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने में जुट गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन तब तक किसानों की खड़ी फसल को भारी नुकसान हो चुका था। ग्राम प्रधान गुलाब सिंह ने बताया कि शीतलदीन, जयप्रकाश, जग्गू छेदीलाल, कृष्ण कुमार, सुंदरलाल, अभिषेक कुमार, हंसराज, नंदकिशोर सहित अन्य किसानों की लगभग 20 बीघा गेहूं की फसल जल गई है। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग को भी घटना की जानकारी दी। सूचना पाकर कानूनगो जयप्रकाश और क्षेत्रीय लेखपाल मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित किसानों को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है, क्योंकि विभाग के कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे।1
- Post by Vinod shriwastva1