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धरातल की हकीकत छुपाता नहीं दिखाता है, "राष्ट्र सर्च न्यूज़ देश की आवाज एक बार पुनः उत्तर प्रदेश के वासी लाइन में लगने को मजबूर "जुमले बाजों की फौज झूठ बोलने में नहीं छोड़ रही कोई कोर कसर? (सुल्तानपुर) साथ ही साथ जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी अपने बयान बाजी के जरिए सेक रहे रोटी नहीं है, कोई कमी स्टॉक की पर्याप्त मात्रा में मौजूद तो लाइन क्यों *देश में अमन-चैन है पर जमीनी हकीकत पर एक नजर "आम जनमानस का डबल इंजन की सरकार से सवाल जब पेट्रोल-डीजल एवं एल पी जी गैस की कोई कमी नहीं है,तो फिर पेट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों पर लम्बी लाइनें क्यों जनपद सुलतानपुर के तहसील बल्दीराय क्षेत्र स्थित हलियापुर के अंतर्गत जरईकलाँ भारत गैस एजेंसी पर आज सुबह 5 बजे से ही ग्रामीणों की भीड़ दिखाई देने लगी यह मामला एक ही एजेंसी का नहीं है जनपद के समस्त गैस एजेंसियों पर आपको लाइन दिखाई देगी साथ ही साथ गांव गांव जाकर सिलेंडर सप्लाई करने वाली गाड़ी हुई दूज की चांद यदि दिखाई दी तो वहां पर भी भीड़ डबल इंजन की सरकार केवल बयान देकर वाह-वाही स्वयं लूट रही है, "जिम्मेदार अधिकारी अपनी नौकरशाही का फर्ज निभा रहे। वही एक नजर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर प्रकाश डाले तो सो रहे कुंभकर्णी नींद अब देखना यह है कि जुमले बाजों की फौज आम जनमानस को मूल सुविधा उपलब्ध करा पाती है, या यूं ही जुमले बाजों के जादूगरी में पिसते रहेंगे लोग* नेता व नौकर शाही के बयानों से यही कहावत चरितार्थ होती हैं, अंधेर नगरी चौपट राजा टके सेर भाजी टके सेर खाजा

5 hrs ago
user_Sapna thakur
Sapna thakur
एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

धरातल की हकीकत छुपाता नहीं दिखाता है, "राष्ट्र सर्च न्यूज़ देश की आवाज एक बार पुनः उत्तर प्रदेश के वासी लाइन में लगने को मजबूर "जुमले बाजों की फौज झूठ बोलने में नहीं छोड़ रही कोई कोर कसर? (सुल्तानपुर) साथ ही साथ जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी अपने बयान बाजी के जरिए सेक रहे रोटी नहीं है, कोई कमी स्टॉक की पर्याप्त मात्रा में मौजूद तो लाइन क्यों *देश में अमन-चैन है पर जमीनी हकीकत पर एक नजर "आम जनमानस का डबल इंजन की सरकार से सवाल जब पेट्रोल-डीजल एवं एल पी जी गैस की कोई कमी नहीं है,तो फिर पेट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों पर लम्बी लाइनें क्यों जनपद सुलतानपुर के तहसील बल्दीराय क्षेत्र स्थित हलियापुर के अंतर्गत जरईकलाँ भारत गैस एजेंसी पर आज सुबह 5 बजे से ही ग्रामीणों की भीड़ दिखाई देने लगी यह मामला एक ही एजेंसी का नहीं है जनपद के समस्त गैस एजेंसियों पर आपको लाइन दिखाई देगी साथ ही साथ गांव गांव जाकर सिलेंडर सप्लाई करने वाली गाड़ी हुई दूज की चांद यदि दिखाई दी तो वहां पर भी भीड़ डबल इंजन की सरकार केवल बयान देकर वाह-वाही स्वयं लूट रही है, "जिम्मेदार अधिकारी अपनी नौकरशाही का फर्ज निभा रहे। वही एक नजर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर प्रकाश डाले तो सो रहे कुंभकर्णी नींद अब देखना यह है कि जुमले बाजों की फौज आम जनमानस को मूल सुविधा उपलब्ध करा पाती है, या यूं ही जुमले बाजों के जादूगरी में पिसते रहेंगे लोग* नेता व नौकर शाही के बयानों से यही कहावत चरितार्थ होती हैं, अंधेर नगरी चौपट राजा टके सेर भाजी टके सेर खाजा

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  • अयोध्या में सरयू नदी के पास स्थित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ स्थल पर आग लग गई। दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पा लिया, जिससे आगे किसी भी तरह के नुकसान को टाल दिया गया। अयोध्या के डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि "यहां पर सरयू नदी कि किनारे एक महायज्ञ का आयोजन किया गया था। जिसमें हमें सूचना प्राप्त हुई कि एक पंडाल में आग लगी है। जिलाधिकारी ने बताया है कि कोई भी जनहानि या पशु हानि नहीं हुई है | यज्ञ समाप्त होने के बाद लगी आग जानकारी के मुताबिक, आग दोपहर करीब 12 बजे लगी, जिसने एक एकड़ में फैले पंडाल को कुछ ही मिनटों में राख में बदल दिया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, क्योंकि घटना के समय यज्ञ स्थल खाली था। यज्ञ समाप्त होने के कुछ ही देर बाद यह घटना हुई। यह यज्ञ स्थल राम मंदिर से लगभग 800 मीटर की दूरी पर स्थित है। शुरुआती जांच के मुताबिक, अनुष्ठान के बाद नारियल फोड़ते समय निकली एक चिंगारी से कपड़े के पंडाल में आग लग गई होगी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यज्ञ स्थल पर 1,251 हवन कुंड बनाए गए थे और अंतिम दिन 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने अनुष्ठान में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अधिकांश लोग वहां से जा चुके थे, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। यदि पंडाल में लोग मौजूद होते, तो इस घटना के कारण भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था | Updated News-28/मार्च /26- AIN नेटवर्क से संपादक अनुज रावत देश व प्रदेश की हर छोटी बड़ी खबर को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूलें | AIN NETWORK को आवश्यकता है पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले तहसील व ब्लॉक से पत्रकारिता करने हेतु युवक युवतियों की | संपर्क करें -9193250352 ( प्रधान संपादक -अनुज रावत )
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    अयोध्या में सरयू नदी के पास स्थित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ स्थल पर आग लग गई। दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पा लिया, जिससे आगे किसी भी तरह के नुकसान को टाल दिया गया। अयोध्या के डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि "यहां पर सरयू नदी कि किनारे एक महायज्ञ का आयोजन किया गया था। जिसमें हमें सूचना प्राप्त हुई कि एक पंडाल में आग लगी है। जिलाधिकारी ने बताया है कि कोई भी जनहानि या पशु हानि नहीं हुई है |  यज्ञ समाप्त होने के बाद लगी आग
जानकारी के मुताबिक, आग दोपहर करीब 12 बजे लगी, जिसने एक एकड़ में फैले पंडाल को कुछ ही मिनटों में राख में बदल दिया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, क्योंकि घटना के समय यज्ञ स्थल खाली था। यज्ञ समाप्त होने के कुछ ही देर बाद यह घटना हुई। यह यज्ञ स्थल राम मंदिर से लगभग 800 मीटर की दूरी पर स्थित है। शुरुआती जांच के मुताबिक, अनुष्ठान के बाद नारियल फोड़ते समय निकली एक चिंगारी से कपड़े के पंडाल में आग लग गई होगी। 
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यज्ञ स्थल पर 1,251 हवन कुंड बनाए गए थे और अंतिम दिन 5,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने अनुष्ठान में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अधिकांश लोग वहां से जा चुके थे, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। यदि पंडाल में लोग मौजूद होते, तो इस घटना के कारण भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था | 
Updated News-28/मार्च /26- AIN नेटवर्क से संपादक अनुज रावत 
देश व प्रदेश की हर छोटी बड़ी खबर को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूलें | AIN NETWORK को आवश्यकता है पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले तहसील व ब्लॉक से पत्रकारिता करने हेतु युवक युवतियों की | संपर्क करें -9193250352 ( प्रधान संपादक -अनुज रावत )
    user_Anuj Rawat Editor In Chief
    Anuj Rawat Editor In Chief
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मैनपुरी: बैलेंस देखते ही उड़ गए होश! रीता के खाते में अचानक आए 10 करोड़; क्या है इस 'खजाने' का सच? #Mainpuri #Honesty #BreakingNews #ViralVideo #UPNews #BankOfIndia #Miracle #InspirationalStory #MainpuriNews #DigitalIndia #NavratriSpecial #HonestIndia
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    मैनपुरी: बैलेंस देखते ही उड़ गए होश! रीता के खाते में अचानक आए 10 करोड़; क्या है इस 'खजाने' का सच?
#Mainpuri #Honesty #BreakingNews #ViralVideo #UPNews #BankOfIndia #Miracle #InspirationalStory #MainpuriNews #DigitalIndia #NavratriSpecial #HonestIndia
    user_Kantap tv
    Kantap tv
    Content Creator (YouTuber) आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    58 min ago
  • Post by Soni Verma
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    Post by Soni Verma
    user_Soni Verma
    Soni Verma
    Voice of people आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Babiu
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    Post by Babiu
    user_Babiu
    Babiu
    आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सरकार ने यह गाना बहन कर दिया था क्योंकि इसमें सच्चाई है 😊😊🥰 इसमें नेताओं की सब चीज करते हुए दिखाइए...... इंडिया में क्या-क्या होता है
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    सरकार ने यह गाना बहन कर दिया था 
क्योंकि इसमें सच्चाई है 😊😊🥰
इसमें नेताओं की सब चीज करते हुए दिखाइए......  इंडिया में क्या-क्या होता है
    user_Arun Kumarroy
    Arun Kumarroy
    Police Officer आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • खाकी का ‘गाली-पुराण’: रील वाले ‘सिंघम’ और रियल वाले ‘बदजुबान’ उत्तर प्रदेश पुलिस अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी 'मित्र पुलिस' वाली छवि चमकाने के लिए करोड़ों का बजट और घंटों का समय खर्च करती है। सुंदर-सुंदर पोस्टर, मदद करते हुए सिपाही की फोटो और ट्विटर पर 'त्वरित कार्रवाई' के दावे... लेकिन बदायूँ के कोतवाल राजेन्द्र सिंह पुंडीर ने एक झटके में उस सारे 'पाउडर-क्रीम' को धोकर खाकी का असली और डरावना चेहरा सामने रख दिया है। वर्दी की ठसक या संस्कारों का दिवालियापन? वीडियो में साहब जिस रौब से 'वादी की माँ' को याद कर रहे हैं, उसे सुनकर ऐसा लगता है कि पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में अब कानून की धाराओं से ज्यादा 'गालियों के शब्दकोश' पढ़ाए जा रहे हैं। एक फरियादी, जो न्याय की उम्मीद में थाने की चौखट लांघता है, उसे क्या पता कि वहाँ उसे इंसाफ नहीं, बल्कि उसके खानदान को सरेआम नीलाम करने वाली भाषा मिलेगी। 'रील' बनाम 'रियल' की कड़वी हकीकत रील वाली पुलिस: फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बुजुर्गों को सड़क पार कराती, लाचारों को खाना खिलाती और 'सलाम' ठोकती दिखती है। रियल वाली पुलिस: बदायूँ के इस वायरल वीडियो जैसी है, जहाँ कोतवाल साहब की जुबान किसी सड़क छाप गुंडे से भी ज्यादा बेलगाम है। अजीत मिश्रा 'खोजी' जी ने बिल्कुल सही पकड़ा है—यह "मित्र पुलिस" का वह चेहरा है जो थानों के बंद कमरों में आम आदमी को लहूलुहान करता है। यहाँ वर्दी का मतलब सेवा नहीं, बल्कि 'सत्ता की हनक' और 'जुबान की गंदगी' बन गया है। DGP साहब, क्या यही है आपकी 'अनुशासित' फौज? उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) अक्सर थानों को 'जन-सुनवाई केंद्र' बनाने का निर्देश देते हैं। लेकिन क्या इन निर्देशों में गाली-गलौज की भी कोई 'गाइडलाइन' शामिल है? जब रक्षक ही भक्षक की भाषा बोलने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि विभाग के भीतर अनुशासन का अंतिम संस्कार हो चुका है। कुछ चुभते सवाल: क्या वर्दी पहनते ही किसी को भी किसी की माँ-बहन को गाली देने का 'लाइसेंस' मिल जाता है? क्या पुलिस का इकबाल सिर्फ गालियों और बदतमीजी से ही कायम रहता है? क्या ऐसे 'बदजुबान' अधिकारियों पर सिर्फ लाइन हाजिर या निलंबन की खानापूर्ति होगी, या कोई कठोर नजीर पेश की जाएगी? निष्कर्ष: बदायूँ के कोतवाल साहब ने जो किया, वह सिर्फ एक व्यक्ति की गलती नहीं है, बल्कि उस पूरे तंत्र की सड़न है जो आम आदमी को 'कीड़ा-मकौड़ा' समझता है। जनता को "रील वाली पुलिस" नहीं चाहिए, साहब! हमें वह पुलिस चाहिए जो कम से कम इंसान की तरह बात करना जानती हो। अजीत मिश्रा 'खोजी' का यह प्रहार उस सिस्टम के मुँह पर तमाचा है, जो खुद को 'रक्षक' कहता है लेकिन व्यवहार 'भक्षक' जैसा रखता है।🇮🇳 भारतसूत्र लाइव टीवी न्यूज चैनल सह सम्पादक ् ओल इंडिया भारत राजीव कुमार सिंह सिकरवार (उ.प्र) 🙏🌹🇮🇳🚩बस्ती में रंजिश का खूनी अंत: दुबौलिया में लाठी-डंडों से बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात बस्ती। जनपद के दुबौलिया थाना क्षेत्र के सेमरा मुस्तकाम गांव में शनिवार की रात रंजिश की भेंट चढ़ गई। दो पक्षों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में 80 वर्षीय बुजुर्ग राम कुबेर की जान चली गई। घटना के बाद गांव में पसरा सन्नाटा और भारी संख्या में पुलिस की तैनाती इलाके में व्याप्त तनाव की गवाही दे रही है। क्या कहती है पुलिस? क्षेत्राधिकारी कलवारी, संजय सिंह ने बताया कि 28 मार्च 2026 की रात लगभग 9 बजे PRV 112 के माध्यम से मारपीट की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दुबौलिया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। मारपीट में विपिन और बुजुर्ग राम कुबेर गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस ने तत्काल दोनों को जिला अस्पताल भेजा, जहाँ से उन्हें मेडिकल कॉलेज कैली रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान बुजुर्ग राम कुबेर ने दम तोड़ दिया। पुरानी रंजिश और कानून के सवाल CO संजय सिंह के अनुसार, दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसने शनिवार रात उग्र रूप ले लिया। पुलिस अब पीड़ित परिवार की 'तहरीर' (शिकायत) के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है। खोजी दृष्टिकोण: अजीत मिश्रा की रिपोर्ट गांव के सूत्रों की मानें तो रंजिश की आग काफी समय से सुलग रही थी। सवाल यह उठता है कि क्या स्थानीय पुलिस ने इस रंजिश को गंभीरता से लिया था? एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत ने गांव के सामाजिक ताने-बाने को हिलाकर रख दिया है। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। 🌹🙏🇮🇳🙏🇮🇳🚩🚩🚩मंडल ब्यूरो चीफ प्रैस रिपोर्टर राजीव सिकरवार वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज चैनल आगरा (उत्तर प्रदेश) प्रमुख सुर्खियां : बस्ती ब्रेकिंग: सेमरा गांव में खूनी खेल, पुरानी रंजिश ने ली बुजुर्ग की जान। आधी रात तांडव: दुबौलिया में दो पक्षों में चले लाठी-डंडे, इलाज के दौरान वृद्ध की मौत। पुलिस के साये में सेमरा: रंजिश में हत्या के बाद गांव में तनाव, CO कलवारी ने संभाली कमान।
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    खाकी का ‘गाली-पुराण’: रील वाले ‘सिंघम’ और रियल वाले ‘बदजुबान’
उत्तर प्रदेश पुलिस अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी 'मित्र पुलिस' वाली छवि चमकाने के लिए करोड़ों का बजट और घंटों का समय खर्च करती है। सुंदर-सुंदर पोस्टर, मदद करते हुए सिपाही की फोटो और ट्विटर पर 'त्वरित कार्रवाई' के दावे... लेकिन बदायूँ के कोतवाल राजेन्द्र सिंह पुंडीर ने एक झटके में उस सारे 'पाउडर-क्रीम' को धोकर खाकी का असली और डरावना चेहरा सामने रख दिया है।
वर्दी की ठसक या संस्कारों का दिवालियापन?
वीडियो में साहब जिस रौब से 'वादी की माँ' को याद कर रहे हैं, उसे सुनकर ऐसा लगता है कि पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में अब कानून की धाराओं से ज्यादा 'गालियों के शब्दकोश' पढ़ाए जा रहे हैं। एक फरियादी, जो न्याय की उम्मीद में थाने की चौखट लांघता है, उसे क्या पता कि वहाँ उसे इंसाफ नहीं, बल्कि उसके खानदान को सरेआम नीलाम करने वाली भाषा मिलेगी।
'रील' बनाम 'रियल' की कड़वी हकीकत
रील वाली पुलिस: फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बुजुर्गों को सड़क पार कराती, लाचारों को खाना खिलाती और 'सलाम' ठोकती दिखती है।
रियल वाली पुलिस: बदायूँ के इस वायरल वीडियो जैसी है, जहाँ कोतवाल साहब की जुबान किसी सड़क छाप गुंडे से भी ज्यादा बेलगाम है।
अजीत मिश्रा 'खोजी' जी ने बिल्कुल सही पकड़ा है—यह "मित्र पुलिस" का वह चेहरा है जो थानों के बंद कमरों में आम आदमी को लहूलुहान करता है। यहाँ वर्दी का मतलब सेवा नहीं, बल्कि 'सत्ता की हनक' और 'जुबान की गंदगी' बन गया है।
DGP साहब, क्या यही है आपकी 'अनुशासित' फौज?
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) अक्सर थानों को 'जन-सुनवाई केंद्र' बनाने का निर्देश देते हैं। लेकिन क्या इन निर्देशों में गाली-गलौज की भी कोई 'गाइडलाइन' शामिल है? जब रक्षक ही भक्षक की भाषा बोलने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि विभाग के भीतर अनुशासन का अंतिम संस्कार हो चुका है।
कुछ चुभते सवाल:
क्या वर्दी पहनते ही किसी को भी किसी की माँ-बहन को गाली देने का 'लाइसेंस' मिल जाता है?
क्या पुलिस का इकबाल सिर्फ गालियों और बदतमीजी से ही कायम रहता है?
क्या ऐसे 'बदजुबान' अधिकारियों पर सिर्फ लाइन हाजिर या निलंबन की खानापूर्ति होगी, या कोई कठोर नजीर पेश की जाएगी?
निष्कर्ष:
बदायूँ के कोतवाल साहब ने जो किया, वह सिर्फ एक व्यक्ति की गलती नहीं है, बल्कि उस पूरे तंत्र की सड़न है जो आम आदमी को 'कीड़ा-मकौड़ा' समझता है। जनता को "रील वाली पुलिस" नहीं चाहिए, साहब! हमें वह पुलिस चाहिए जो कम से कम इंसान की तरह बात करना जानती हो।
अजीत मिश्रा 'खोजी' का यह प्रहार उस सिस्टम के मुँह पर तमाचा है, जो खुद को 'रक्षक' कहता है लेकिन व्यवहार 'भक्षक' जैसा रखता है।🇮🇳
भारतसूत्र लाइव टीवी न्यूज चैनल सह सम्पादक ् ओल इंडिया भारत राजीव कुमार सिंह सिकरवार (उ.प्र) 
🙏🌹🇮🇳🚩बस्ती में रंजिश का खूनी अंत: दुबौलिया में लाठी-डंडों से बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या, गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात
बस्ती। जनपद के दुबौलिया थाना क्षेत्र के सेमरा मुस्तकाम गांव में शनिवार की रात रंजिश की भेंट चढ़ गई। दो पक्षों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में 80 वर्षीय बुजुर्ग राम कुबेर की जान चली गई। घटना के बाद गांव में पसरा सन्नाटा और भारी संख्या में पुलिस की तैनाती इलाके में व्याप्त तनाव की गवाही दे रही है।
क्या कहती है पुलिस?
क्षेत्राधिकारी कलवारी, संजय सिंह ने बताया कि 28 मार्च 2026 की रात लगभग 9 बजे PRV 112 के माध्यम से मारपीट की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दुबौलिया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। मारपीट में विपिन और बुजुर्ग राम कुबेर गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस ने तत्काल दोनों को जिला अस्पताल भेजा, जहाँ से उन्हें मेडिकल कॉलेज कैली रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान बुजुर्ग राम कुबेर ने दम तोड़ दिया।
पुरानी रंजिश और कानून के सवाल
CO संजय सिंह के अनुसार, दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसने शनिवार रात उग्र रूप ले लिया। पुलिस अब पीड़ित परिवार की 'तहरीर' (शिकायत) के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
खोजी दृष्टिकोण: अजीत मिश्रा की रिपोर्ट
गांव के सूत्रों की मानें तो रंजिश की आग काफी समय से सुलग रही थी। सवाल यह उठता है कि क्या स्थानीय पुलिस ने इस रंजिश को गंभीरता से लिया था? एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत ने गांव के सामाजिक ताने-बाने को हिलाकर रख दिया है। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। 🌹🙏🇮🇳🙏🇮🇳🚩🚩🚩मंडल ब्यूरो चीफ प्रैस रिपोर्टर राजीव सिकरवार वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज चैनल आगरा (उत्तर प्रदेश)
प्रमुख सुर्खियां :
बस्ती ब्रेकिंग: सेमरा गांव में खूनी खेल, पुरानी रंजिश ने ली बुजुर्ग की जान।
आधी रात तांडव: दुबौलिया में दो पक्षों में चले लाठी-डंडे, इलाज के दौरान वृद्ध की मौत।
पुलिस के साये में सेमरा: रंजिश में हत्या के बाद गांव में तनाव, CO कलवारी ने संभाली कमान।
    user_राजीव सिकरवार, पत्रकार (ब्यूरो चीफ) डिस्ट्रिक्ट हैंड प्रैस रिपोर्टर आगरा ( उ.प्र)
    राजीव सिकरवार, पत्रकार (ब्यूरो चीफ) डिस्ट्रिक्ट हैंड प्रैस रिपोर्टर आगरा ( उ.प्र)
    Chef आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक ओर डीसीपी ट्रैफिक के निर्देशन में शहरभर में सघन चेकिंग अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने, जाम से राहत दिलाने और अवैध डग्गामार वाहनों पर शिकंजा कसने का कार्य लगातार किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर दुबग्गा चौराहे पर इन सख्त निर्देशों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, दुबग्गा चौराहे पर लंबे समय से अवैध डग्गामार बसों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे वहां अवैध बस स्टैंड जैसी स्थिति बन गई है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह सब उस समय हो रहा है जब यातायात पुलिस के उच्च अधिकारी लगातार अभियान चलाकर सड़कों को जाममुक्त करने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में जुटे हैं। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर तैनात टीआई, सहायक टीआई और टीएसआई की लापरवाही या कथित मिलीभगत के कारण अवैध डग्गामार बसों का संचालन बेखौफ जारी है। सूत्रों की मानें तो “इकजाई” के नाम पर हर माह मोटी रकम वसूली की चर्चा भी क्षेत्र में जोरों पर है, जिसके चलते इन अवैध वाहनों का जमावड़ा लगातार बना रहता है। जहां एक तरफ डीसीपी ट्रैफिक और उच्च अधिकारी शहर में नियम व्यवस्था मजबूत करने के लिए सख्त कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुबग्गा चौराहे पर अवैध बसों का कब्जा स्थानीय पुलिसिंग पर सवाल खड़े कर रहा है। सड़क किनारे खड़ी डग्गामार बसें न केवल यातायात बाधित कर रही हैं, बल्कि आम जनता, यात्रियों और राहगीरों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उच्च अधिकारियों के निर्देशों का सही तरीके से पालन कराया जाए, तो दुबग्गा चौराहे पर लगने वाला यह अवैध बस अड्डा तत्काल खत्म हो सकता है। अब जरूरत है कि यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले का संज्ञान लें, जांच कराएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें, ताकि अवैध डग्गामार बसों के इस खेल पर पूरी तरह रोक लग सके। जनता का सवाल: जब डीसीपी ट्रैफिक शहर को जाममुक्त बनाने में जुटे हैं, तो दुबग्गा चौराहे पर आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है अवैध डग्गामार बस स्टैंड? डीसीपी ट्रैफिक के अभियान को पलीता! दुबग्गा चौराहे पर अवैध डग्गामार बसों का अड्डा कायम : उच्च अधिकारियों के सख्त निर्देश बेअसर! दुबग्गा चौराहे पर स्थानीय स्टाफ की नाक के नीचे अवैध बस स्टैंड
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    लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक ओर डीसीपी ट्रैफिक के निर्देशन में शहरभर में सघन चेकिंग अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने, जाम से राहत दिलाने और अवैध डग्गामार वाहनों पर शिकंजा कसने का कार्य लगातार किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर दुबग्गा चौराहे पर इन सख्त निर्देशों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, दुबग्गा चौराहे पर लंबे समय से अवैध डग्गामार बसों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे वहां अवैध बस स्टैंड जैसी स्थिति बन गई है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह सब उस समय हो रहा है जब यातायात पुलिस के उच्च अधिकारी लगातार अभियान चलाकर सड़कों को जाममुक्त करने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में जुटे हैं।
आरोप है कि स्थानीय स्तर पर तैनात टीआई, सहायक टीआई और टीएसआई की लापरवाही या कथित मिलीभगत के कारण अवैध डग्गामार बसों का संचालन बेखौफ जारी है। सूत्रों की मानें तो “इकजाई” के नाम पर हर माह मोटी रकम वसूली की चर्चा भी क्षेत्र में जोरों पर है, जिसके चलते इन अवैध वाहनों का जमावड़ा लगातार बना रहता है।
जहां एक तरफ डीसीपी ट्रैफिक और उच्च अधिकारी शहर में नियम व्यवस्था मजबूत करने के लिए सख्त कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुबग्गा चौराहे पर अवैध बसों का कब्जा स्थानीय पुलिसिंग पर सवाल खड़े कर रहा है। सड़क किनारे खड़ी डग्गामार बसें न केवल यातायात बाधित कर रही हैं, बल्कि आम जनता, यात्रियों और राहगीरों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उच्च अधिकारियों के निर्देशों का सही तरीके से पालन कराया जाए, तो दुबग्गा चौराहे पर लगने वाला यह अवैध बस अड्डा तत्काल खत्म हो सकता है। अब जरूरत है कि यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले का संज्ञान लें, जांच कराएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें, ताकि अवैध डग्गामार बसों के इस खेल पर पूरी तरह रोक लग सके।
जनता का सवाल:
जब डीसीपी ट्रैफिक शहर को जाममुक्त बनाने में जुटे हैं, तो दुबग्गा चौराहे पर आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है अवैध डग्गामार बस स्टैंड?
डीसीपी ट्रैफिक के अभियान को पलीता! दुबग्गा चौराहे पर अवैध डग्गामार बसों का अड्डा कायम
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उच्च अधिकारियों के सख्त निर्देश बेअसर! दुबग्गा चौराहे पर स्थानीय स्टाफ की नाक के नीचे अवैध बस स्टैंड
    user_Sapna thakur
    Sapna thakur
    एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Soni Verma
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    Post by Soni Verma
    user_Soni Verma
    Soni Verma
    Voice of people आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Babiu
    1
    Post by Babiu
    user_Babiu
    Babiu
    आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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