संतकबीरनगर जनपद में पुलिस ने एक जानलेवा हमले के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक अवैध पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, एक खाली खोखा और तीन चारपहिया वाहन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देशन तथा सीओ प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0, दीपक पाण्डेय, हनीपाल उर्फ गौरवपाल, दुर्गेश यादव, दुष्यन्त राय, तुषार गुप्ता, झिन्नू कन्नौजिया और देवेन्द्र प्रताप सिंह शामिल हैं। इन सभी को उतरावल गाँव में स्थित बीर बहादुर राय के मुर्गी फार्म से पकड़ा गया। अभियुक्त कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0 की निशानदेही पर एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खाली खोखा भी बरामद किया गया। घटना का विवरण देते हुए वादी श्री बीरबहादुर राय ने दिनाँक 16.06.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद में प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने बताया कि दिनाँक 15.06.2026 को रात लगभग 08:30 बजे, लेन-देन की बात को लेकर अभियुक्त कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ केसी अपने साथियों के साथ तीन चारपहिया गाड़ियों से उनके मुर्गी फार्म उतरावल आया। वहाँ कृष्णचन्द पाण्डेय ने वादी को गंदी गंदी गालियाँ दीं और जान से मारने की नीयत से फायर किया तथा जान से मारने की धमकी भी दी। इस प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 531/2026 धारा 191(2), 191(3), 190, 109(1), 352, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। पूछताछ में अभि0 कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0 ने बताया कि लगभग चार माह पहले उसने बीर बहादुर राय से 09 लाख रुपये में एक क्रेटा वाहन खरीदा था, जो एक अन्य मुकदमे में थाने में सीज है। वाहन को न्यायालय से रिलीज कराने के लिए वीर बहादुर राय से आवश्यक सहयोग न मिलने के कारण उनका विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में वह अपने साथियों के साथ तीन चारपहिया वाहनों से मुर्गी फार्म पहुँचा और अपने साथियों के सहयोग से पिस्टल से फायर किया, जिसमें बीर बहादुर राय किसी तरह बच गए। उसने बताया कि गाँव के लोगों और पुलिस के आने पर वे भागने की फिराक में थे कि पकड़ लिए गए। घटना में प्रयुक्त एक अवैध 9 mm पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस 9mm की बरामदगी तथा साक्ष्यों के आधार पर इस अभियोग में धारा 3/7/25/27 आयुध अधिनियम की भी बढ़ोत्तरी की गई है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में उ0नि0 शैलेन्द्र कुमार, उ0नि0 इन्द्रभूषण सिंह, उ0नि0 अनिल कुमार यादव, का0 कमलेश यादव, का0 सूर्यप्रकाश यादव, का0 रघुवंश प्रसाद, का0 शमशेर अली, रि0का0 विकास पाठक, रि0का0 विजय कुमार और रि0का0 सूरज मिश्रा शामिल रहे।
संतकबीरनगर जनपद में पुलिस ने एक जानलेवा हमले के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक अवैध पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, एक खाली खोखा और तीन चारपहिया वाहन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देशन तथा सीओ प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0, दीपक पाण्डेय, हनीपाल उर्फ गौरवपाल, दुर्गेश यादव, दुष्यन्त राय, तुषार गुप्ता, झिन्नू कन्नौजिया और देवेन्द्र प्रताप सिंह शामिल हैं। इन सभी को उतरावल गाँव में स्थित बीर बहादुर राय के मुर्गी फार्म से पकड़ा गया। अभियुक्त कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0 की निशानदेही पर एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खाली खोखा भी बरामद किया गया। घटना का विवरण देते हुए वादी श्री बीरबहादुर
राय ने दिनाँक 16.06.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद में प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने बताया कि दिनाँक 15.06.2026 को रात लगभग 08:30 बजे, लेन-देन की बात को लेकर अभियुक्त कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ केसी अपने साथियों के साथ तीन चारपहिया गाड़ियों से उनके मुर्गी फार्म उतरावल आया। वहाँ कृष्णचन्द पाण्डेय ने वादी को गंदी गंदी गालियाँ दीं और जान से मारने की नीयत से फायर किया तथा जान से मारने की धमकी भी दी। इस प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 531/2026 धारा 191(2), 191(3), 190, 109(1), 352, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। पूछताछ में अभि0 कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0 ने बताया कि लगभग चार माह पहले उसने बीर बहादुर राय से 09 लाख रुपये में एक क्रेटा वाहन खरीदा था, जो एक अन्य मुकदमे में थाने में सीज है। वाहन को न्यायालय से रिलीज कराने के लिए वीर
बहादुर राय से आवश्यक सहयोग न मिलने के कारण उनका विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में वह अपने साथियों के साथ तीन चारपहिया वाहनों से मुर्गी फार्म पहुँचा और अपने साथियों के सहयोग से पिस्टल से फायर किया, जिसमें बीर बहादुर राय किसी तरह बच गए। उसने बताया कि गाँव के लोगों और पुलिस के आने पर वे भागने की फिराक में थे कि पकड़ लिए गए। घटना में प्रयुक्त एक अवैध 9 mm पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस 9mm की बरामदगी तथा साक्ष्यों के आधार पर इस अभियोग में धारा 3/7/25/27 आयुध अधिनियम की भी बढ़ोत्तरी की गई है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में उ0नि0 शैलेन्द्र कुमार, उ0नि0 इन्द्रभूषण सिंह, उ0नि0 अनिल कुमार यादव, का0 कमलेश यादव, का0 सूर्यप्रकाश यादव, का0 रघुवंश प्रसाद, का0 शमशेर अली, रि0का0 विकास पाठक, रि0का0 विजय कुमार और रि0का0 सूरज मिश्रा शामिल रहे।
- संत कबीर नगर के मेंहदावल में हर वर्ष की तरह इस साल भी ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भाजपा नेता मदन नारायण सिंह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में हनुमान भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ छोले चावल और हलवे का प्रसाद वितरित किया। इस भव्य भंडारे की व्यवस्था अभिषेक मदन सिंह और अन्य लोगों ने की, जिन्होंने पहले विधिवत पूजन-अर्चन करवाया और फिर राहगीरों सहित सभी लोगों को प्रसाद दिया। वरिष्ठ भाजपा नेता मदन नारायण सिंह हर साल ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार को भगवान हनुमानजी के बाल स्वरूप भगवान बाला जी का पूजन कर प्रसाद वितरण करते हैं। इस बार भी टड़वरिया चौराहे पर पूरे उत्साह के साथ एक स्टाल लगाकर छोला चावल, हलवे और पानी का प्रसाद बांटा गया। इस दौरान सैकड़ों भक्तों और राहगीरों ने भक्तिभाव से प्रसाद ग्रहण कर भगवान हनुमानजी को नमन किया। भगवान बाला जी के जयकारे और भक्तिमय माहौल में प्रसाद वितरण का दृश्य बेहद मनमोहक था। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता मदन नारायण सिंह ने कहा कि ऐसे सामाजिक कार्य हमें सनातन धर्म संस्कृति से प्रेरणा देते हैं, जहाँ 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के महत्व पर बल दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हिन्दू धर्म में भंडारा करवाना बेहद पूण्य का कार्य माना जाता है। इस कार्यक्रम के आयोजक अभिषेक मदन सिंह ने भक्तिमय वातावरण में लोगों को प्रसाद वितरित किया, जिसमें मदन नारायण सिंह, अजीत गुप्ता, विकास अग्रहरि और प्रशांत श्रीवास्तव सहित अनेक भक्तों ने सैकड़ों लोगों में प्रसाद बांटा।4
- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर संवादहीनता और उत्पीड़न भरी कार्रवाई जारी रखने का गंभीर आरोप लगाया है। समिति का कहना है कि प्रबंधन की इन गतिविधियों से ऊर्जा निगमों का औद्योगिक वातावरण लगातार बिगड़ रहा है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ना स्वाभाविक है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली कर्मियों के विरुद्ध की जा रही दंडात्मक कार्रवाई को नहीं रोका गया, तो इसकी स्वाभाविक और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्वस्थ कार्य वातावरण और पर्याप्त मानव संसाधन अत्यंत अनिवार्य हैं। उन्होंने मांग की है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन अपनी हठधर्मिता छोड़कर संघर्ष समिति के साथ तत्काल सार्थक संवाद शुरू करे और बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तुरंत वापस ले। प्रजापति ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली कर्मियों के खिलाफ की जा रही अधिकांश दंडात्मक कार्रवाई निजीकरण की नीति से प्रेरित है, जिसके तहत 45 प्रतिशत से अधिक संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। उनका कहना है कि इससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले कर्मचारियों को भी दंडित किया जा रहा है। एक अन्य पदाधिकारी नारायण चंद्र चौरसिया ने मार्च 2023 में हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए बताया कि उस दौरान बिजली कर्मियों पर की गई कार्रवाई आज तक वापस नहीं ली गई है। उन्होंने याद दिलाया कि उस आंदोलन के समय ऊर्जा मंत्री और संघर्ष समिति के बीच हुए एक समझौते में इन कार्रवाइयों को वापस लेने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, संबंधित कर्मचारियों को कठोर दंड दिए जा रहे हैं, जिससे कार्य का वातावरण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। पदाधिकारी दिलीप सिंह ने जोर देकर कहा कि जिन मामलों में कार्रवाई हो रही है, उन सभी में बिजली कर्मियों ने आंदोलन के दौरान भी उपभोक्ता हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन किया था। संघर्ष समिति ने ऊर्जा मंत्री के निर्देशों और पूर्व समझौते की भावना का सम्मान करते हुए सभी लंबित उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेने तथा स्वस्थ औद्योगिक वातावरण बहाल करने के लिए समिति के साथ तुरंत वार्ता शुरू करने की मांग की है। इसी क्रम में, मंगलवार को संतकबीरनगर में विद्युत कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, चंद्रकेश मौर्य, प्रदुम्न कुमार, रितेश कुमार, राघवेंद्र सिंह, अमरनाथ यादव, अशोक कुमार, भास्कर पांडेय, ओंकार चौरसिया और विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्युत कर्मचारी शामिल हुए।1
- संतकबीरनगर पुलिस आम जनता और पुलिसकर्मियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना ने थाना महुली परिसर में नवनिर्मित आधुनिक पुलिस मेस, इंटरलॉकिंग मार्ग और अत्याधुनिक आगंतुक कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान, एसपी ने थाना परिसर, कार्यालय और सीसीटीएनएस कक्ष का निरीक्षण कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम जनता को बेहतर सुविधाएं और पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य वातावरण उपलब्ध कराना भी है। थाना परिसर में हुए शानदार निर्माण कार्य और कम समय में हुए कायाकल्प से प्रभावित होकर पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय सहित पूरी थाना महुली टीम को 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की। इस अवसर पर, एसपी ने पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जनपद के अन्य थानों में भी इसी प्रकार आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे जनता को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम पुलिस सेवा मिल सके। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र, थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय, पीआरओ मनीष कुमार जायसवाल, प्रभारी निरीक्षक धनघटा दिलीप कुमार सिंह सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। थाना महुली में विकसित की गई ये आधुनिक सुविधाएं न केवल पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाएंगी, बल्कि फरियादियों को भी सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराएंगी।1
- आकाशवाणी पर 17 जून 2026 को एक अत्यंत श्रद्धापूर्ण गणेश वन्दना की गई। इस पवित्र अवसर पर, भगवान गणेश की वन्दना के साथ ही अन्य प्रभावशाली मंत्रों का भी स्मरण किया गया, जिनमें 'अऊम गंग गणपतये नमः', 'अऊम गुरुवे नम:', 'अऊम नमो भगवते वासुदेवाय' और 'अऊम नम: शिवाय' शामिल थे। यह सम्पूर्ण पाठ गहरी भक्ति और आदर भाव के साथ प्रस्तुत किया गया।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने एक जानलेवा फायरिंग की घटना में संलिप्त आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, कुछ कारतूस और एक खाली खोखा बरामद किया। इसके साथ ही, घटना में उपयोग किए गए तीन चारपहिया वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है। इस संबंध में जानकारी क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद द्वारा दी गई।1
- महाराजगंज जिले के फरेंदा क्षेत्र में स्थित पिपरा मौनी आईटीआई कॉलेज में छात्रों को कथित तौर पर 'शिक्षा का अधिकार' मांगने के लिए धमकाया गया है। इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या अपनी शिक्षा का अधिकार मांगना अब अपराध बन गया है और क्या इन छात्रों पर अब कानूनी मुकदमा किया जाएगा। यह घटना शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले परिसर में दी गई इस प्रकार की धमकी पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त करती है।1
- सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कोतवाली क्षेत्र के पिपरा मिश्र गांव में मंगलवार सुबह विद्युत स्पर्शाघात की चपेट में आने से 16 वर्षीय किशोर राज कुमार शुक्ला की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद परिवार में गहरा कोहराम मच गया है, वहीं गांव और आसपास के क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। पिपरा मिश्र निवासी गणेश दत्त शुक्ला के पुत्र राज कुमार शुक्ला मंगलवार सुबह अपने घर के बाहर मौजूद थे, तभी यह हादसा हुआ। बताया गया है कि मकान के सामने लगे टीन शेड के ऊपर से विद्युत केबल गुजरी हुई थी। इसी दौरान किसी कारणवश विद्युत पोल से आए तार का संपर्क टीन शेड से हो गया, जिससे उसमें करंट प्रवाहित होने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब आठ से नौ बजे के बीच राज कुमार करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। वह कंप्यूटर संबंधी कार्य कर परिवार की आजीविका में सहयोग करता था, और उसके असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की जानकारी होते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राज कुमार को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर बांसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल शुरू की। कोतवाली प्रभारी मृत्युंजय पाठक ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से क्षेत्र में जर्जर एवं असुरक्षित विद्युत तारों की तत्काल जांच कर सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने एक जानलेवा हमले की घटना में शामिल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक अवैध पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, एक खाली खोखा और तीन चार पहिया वाहन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देश पर और सीओ प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में, प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0, दीपक पाण्डेय, हनीपाल उर्फ गौरवपाल, दुर्गेश यादव, दुष्यन्त राय, तुषार गुप्ता, झिन्नू कन्नौजिया और देवेन्द्र प्रताप सिंह शामिल हैं। इन सभी को उतरावल गाँव में बीर बहादुर राय के मुर्गी फार्म से घटना में इस्तेमाल किए गए तीन चारपहिया वाहनों के साथ पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान, मुख्य अभियुक्त कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0 की निशानदेही पर एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खाली खोखा कारतूस बरामद किया गया। घटना का विवरण देते हुए, वादी श्री बीरबहादुर राय पुत्र स्व0 रामसमुझ राय ने 16 जून, 2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद में एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया गया था कि 15 जून, 2026 को रात करीब 8:30 बजे, लेन-देन के विवाद को लेकर अभियुक्त कृष्णचन्द पाण्डेय अपने साथियों के साथ तीन चारपहिया गाड़ियों से उनके मुर्गी फार्म पर आया। वहाँ उसने वादी को भद्दी गालियाँ दीं और जान से मारने की नीयत से फायर किया, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। इस प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 531/2026 धारा 191(2), 191(3), 190, 109(1), 352, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में अभियुक्त कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0 ने खुलासा किया कि उसने लगभग चार माह पहले बीर बहादुर राय से ₹9 लाख में एक क्रेटा वाहन खरीदा था, जो एक अन्य मुकदमे में थाने में सीज है। न्यायालय से वाहन को छुड़ाने में वीर बहादुर राय से आवश्यक सहयोग न मिलने के कारण दोनों के बीच विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में वह अपने साथियों के साथ तीन चारपहिया वाहनों से मुर्गी फार्म पहुँचा और अपने साथियों की मदद से पिस्टल से फायर किया, जिसमें वादी किसी तरह बच गया। हंगामा होने और पुलिस के आने पर वे भागने की फिराक में थे लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। इस घटना में प्रयुक्त अवैध 9 एमएम पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस 9 एमएम की बरामदगी और साक्ष्यों के आधार पर अभियोग में धारा 3/7/25/27 आयुध अधिनियम की बढ़ोतरी की गई। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में उ0नि0 शैलेन्द्र कुमार, उ0नि0 इन्द्रभूषण सिंह, उ0नि0 अनिल कुमार यादव, का0 कमलेश यादव, का0 सुर्यप्रकाश यादव, का0 रघुवश प्रसाद, का0 समशेर अली, रि0का0 विकास पाठक, रि0का0 विजय कुमार और रि0का0 सुरज मिश्रा शामिल थे।3