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Dil To Pagal Hai - TitleLata MangeshkarDil To Pagal Hai#youtubeindia #subscribe #shortvideo #shorts
Raju rajput
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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बाराबंकी में अधिवक्ताओं का उग्र प्रदर्शन, टोल प्लाजा कराया फ्री साथी अधिवक्ता से बदसलूकी पर भड़के वकील, घंटों बाधित रहा टोल संचालन बाराबंकी। साथी अधिवक्ता के साथ कथित बदसलूकी से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाते हुए जिले के एक टोल प्लाजा पर जोरदार प्रदर्शन किया और सभी टोल बैरियर खोलकर टोल को पूरी तरह फ्री करा दिया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से टोल प्रशासन में हड़कंप मच गया और टोल कंपनी को लाखों रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ा।जानकारी के अनुसार, एक अधिवक्ता के साथ टोल कर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए। अधिवक्ताओं ने टोल प्लाजा पर नारेबाजी करते हुए टोल कर्मियों के रवैये की कड़ी निंदा की और सभी वाहनों को बिना शुल्क लिए निकलवाना शुरू कर दिया। टोल पर अफरा-तफरी, यातायात रहा सुचारु वकीलों द्वारा टोल बैरियर खुलवाए जाने के बाद हाईवे पर यातायात तो सुचारु रहा, लेकिन टोल वसूली पूरी तरह ठप हो गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान टोल प्लाजा को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।चार लोगों पर मुकदमा दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब तक चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक दोषी टोल कर्मियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।अधिवक्ताओं का सख्त रुख प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “यदि अधिवक्ताओं के सम्मान से खिलवाड़ किया गया, तो इसका जवाब सड़कों पर दिया जाएगा। वकीलों के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”घटना की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन मामला अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है1
- इटावा :- हिस्ट्रीशीटर बदमाशों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ में दो बदमाश घायल, हिस्ट्रीशीटर दोनों बदमाशों के पैर में लगी गोली, थाना चौबिया और थाना जसवन्तनगर पुलिस द्वारा की गई संयुक्त कारवाही, रिपोर्ट:- मनोज कुमार इटावा Fm news 88658001821
- दीपक की लौ से लगी आग, एक परिवार की पूरी गृहस्थी जलकर राख पीड़ित परिवार की मदद को आगे आए जिला पंचायत प्रत्याशी राम सिंह उर्फ रामू चौहान फौजी अमृतपुर, फर्रुखाबाद थाना अमृतपुर क्षेत्र के गांव नगला हुसा में शनिवार को दीपक की लौ से अचानक आग लग गई। इस हादसे में एक परिवार की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। आग की चपेट में आकर घर में रखी नगदी, कपड़े और घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गए। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी हवलदार पुत्र राधेश्याम के घर में दीपक जल रहा था। उसी दौरान दीपक की लौ से आग भड़क उठी। घटना के समय घर की महिला कलावती बाहर चबूतरे पर आग ताप रही थीं। जब उन्होंने घर के अंदर से धुआं उठता देखा तो शोर मचाया। घर के भीतर मौजूद बहू उस समय स्नान कर रही थी। आग और धुएं को देखकर वह घबरा गई और बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ी। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो चुका था। पीड़ित हवलदार ने बताया कि उनकी पुत्री की शादी में मात्र चार महीने शेष थे, जिसके लिए खरीदा गया सारा सामान भी आग में जल गया। घटना की जानकारी मिलने पर वार्ड नंबर 3 से जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी राम सिंह उर्फ रामू चौहान फौजी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को कपड़े, रजाई, गद्दा सहित कुछ आर्थिक सहायता प्रदान की और ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ हैं। इस मानवीय पहल की ग्रामवासियों व क्षेत्रीय लोगों ने जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि राम सिंह उर्फ रामू चौहान फौजी लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं, जिससे जनता के बीच उनकी सकारात्मक छवि बन रही है। वहीं पीड़ित हवलदार ने सहायता के लिए जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी राम सिंह उर्फ रामू चौहान फौजी का आभार व्यक्त किया।4
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा चरमराई जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांगी रिपोर्ट1
- लोकनिर्माण विभाग खण्ड एक द्वारा रंग लाल चौराहे से नीलकंठ मंदिर मार्ग ( अस्तल तिराहे ) तक बनायीं जा रही सी सी रोड का निर्माण कार्य कुछ कथित जैनियों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण सिंह इन्टर प्राइजेच के ठेकेदार करण सिंह ने पुलिस प्रशासन का सहयोग न मिलने के कारण अधूरा छोड़कर भाग जाने से खुदी सड़क पर भारी गड्ढे होने से आने जाने वाले राहगीरों व दर्शनार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। बताया गया है कि जिस दिन इस रोड़ का निर्माण कार्य हो रहा था तभी चूड़ी मार्केट में स्थित नाली पर अतिक्रमण किए जैन समाज के कथित मकान मालिक निरंजन जैन के लड़कों व तोताराम घी वालों के लड़कों ने प्रतिरोध करते हुए ठेकेदार के साथ मारपीट कर दी थी। इस कार्य में लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों व पुलिस प्रशासन ने सहयोग नहीं किया। इस मार्ग का मानक 8 इंच है जो मानक व गुणवत्ता के आधार पर नहीं बनायी गई है। जबकि यह कार्य 50 प्रतिशत हो चुका है जो एक हप्ताह से अधूरा है। अगर यह रोड़ नहीं बनी तो शिवरात्रि पर्व पर नीलकंठ मंदिर पर जाने वाले भक्तों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है इस मार्ग की नाली अतिक्रमण तुड़वा कर इस मार्ग को मानक के अनुसार बनवाया जायें। रजत यादव पत्रकार नव भारत संवाद इटावा3
- लोकनिर्माण विभाग खण्ड एक द्वारा रंग लाल चौराहे से नीलकंठ मंदिर मार्ग ( अस्तल तिराहे ) तक बनायीं जा रही सी सी रोड का निर्माण कार्य कुछ कथित जैनियों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण सिंह इन्टर प्राइजेच के ठेकेदार करण सिंह ने पुलिस प्रशासन का सहयोग न मिलने के कारण अधूरा छोड़कर भाग जाने से खुदी सड़क पर भारी गड्ढे होने से आने जाने वाले राहगीरों व दर्शनार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। बताया गया है कि जिस दिन इस रोड़ का निर्माण कार्य हो रहा था तभी चूड़ी मार्केट में स्थित नाली पर अतिक्रमण किए जैन समाज के कथित मकान मालिक निरंजन जैन के लड़कों व तोताराम घी वालों के लड़कों ने प्रतिरोध करते हुए ठेकेदार के साथ मारपीट कर दी थी। इस कार्य में लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों व पुलिस प्रशासन ने सहयोग नहीं किया। इस मार्ग का मानक 8 इंच है जो मानक व गुणवत्ता के आधार पर नहीं बनायी गई है। जबकि यह कार्य 50 प्रतिशत हो चुका है जो एक हप्ताह से अधूरा है। अगर यह रोड़ नहीं बनी तो शिवरात्रि पर्व पर नीलकंठ मंदिर पर जाने वाले भक्तों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है इस मार्ग की नाली अतिक्रमण तुड़वा कर इस मार्ग को मानक के अनुसार बनवाया जायें।1
- *बेरनी बिजली घर में शर्मनाक नंगा नाच: सरकारी संपत्ति बनी शराबियों का अड्डा, तथाकथित पत्रकार पुरुषोत्तम यादव सहित नशेड़ियों की महफिल ने सिस्टम की पोल खोल दी, प्रशासन अब भी सो रहा है?* जलेसर ब्लॉक (एटा जिला, उत्तर प्रदेश) के बेरनी बिजली घर का हाल देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सरकारी बिजलीघर, जहां बिजली आपूर्ति और रखरखाव का पवित्र कार्य होना चाहिए, वहां अब नशे की खुली महफिल सज रही है। वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है—लोग फर्श पर लेटे-बैठे शराब के नशे में धुत्त, पीला हेलमेट में संदिग्ध पीला तरल भरा पड़ा, बोतलें इधर-उधर बिखरीं, किताबें-कागजात गंदगी में लथपथ, और पूरा कमरा कूड़े-कर्कट का ढेर बना हुआ। एक तरफ काला कोट पहने व्यक्ति लेटा है, दूसरी तरफ लोग नशे में झूमते-झूमते काम कर रहे हैं, जबकि आसपास हरे-भरे कपड़ों वाले लोग भी इस गंदगी में शामिल नजर आ रहे हैं। यह कोई एकाध घटना नहीं, बल्कि लगातार चल रही शर्मिंदगी है। वीडियो में तथाकथित *पत्रकार* एवं *एसएसओ* पुरुषोत्तम यादव सहित कई लोग शराब पीते और नशे की हालत में कैद हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों की बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की आंखें बंद हैं। सोशल मीडिया पर यह सामग्री तेजी से फैल रही है, और अब जनता का गुस्सा फटने को तैयार है। क्या बिजलीघर अब बिजली सप्लाई का केंद्र है या *शराबियों* का *क्लब* ? यह सवाल पूरे एटा जिले में गूंज रहा है। *वायरल सामग्री का खौफनाक सच* *वीडियो में साफ नजर आ रहा:* लोग फर्श पर लेटे, शराब की बोतलें हाथ में, नशे में बेसुध। एक व्यक्ति काले कपड़ों में लेटा, दूसरा हेलमेट के पास पीला तरल भरा बाल्टी रखा। *तस्वीरों में गंदगी का मंजर:* कमरा कूड़े से भरा, किताबें-नोटबुक बिखरीं, प्लास्टिक की बोतलें, तारें इधर-उधर, और नशेड़ी लोग बेखौफ बैठे। *सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग:* सरकारी बिजलीघर में यह सब चल रहा है, जहां हाई वोल्टेज उपकरण और बिजली के खतरनाक तार हैं। कोई दुर्घटना हुई तो जिम्मेदार कौन? *प्रशासन के लिए बाध्यकारी मांगें—* *तुरंत कार्रवाई हो* जनता अब सिर्फ शिकायत नहीं, सख्त रूलिंग मांग रही है। ये मांगें प्रशासन के लिए चुनौती हैं। *तत्काल जांच और FIR:* पुलिस अधीक्षक एटा द्वारा वायरल वीडियो/तस्वीरों पर संज्ञान लेते हुए तुरंत FIR दर्ज हो। जांच SIT या एसएसपी स्तर की टीम को सौंपी जाए, जिसमें बिजली विभाग, पुलिस और आबकारी विभाग शामिल हों। जांच 7 दिनों में पूरी हो और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। *शराबबंदी कानून के तहत सख्त मुकदमा:* उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34 (सार्वजनिक स्थान पर नशा), धारा 54 (अवैध शराब) सहित अन्य धाराओं के तहत पुरुषोत्तम यादव और सभी शामिल लोगों पर मुकदमा। IPC की धारा 188 (सरकारी आदेश अवज्ञा) और 269 (सार्वजनिक खतरा) भी जोड़ी जाए। *सरकारी संपत्ति दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई:* UPPCL/UPRVUNL द्वारा बेरनी बिजली घर को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए। शामिल लोगों पर पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत मुकदमा और भारी जुर्माना। प्रभारी अधिकारी/कर्मचारियों पर लापरवाही/मिलीभगत के लिए विभागीय जांच, सस्पेंशन/बर्खास्तगी हो। *सुरक्षा-निगरानी की मजबूत व्यवस्था:* तत्काल CCTV कैमरे लगें, सुरक्षा गार्ड तैनात हों, नियमित पुलिस गश्त हो। परिसर साफ कराया जाए, बिखरा सामान हटाया जाए और इसे असली बिजली कार्यालय बनाया जाए। आसपास पुलिस पिकेट स्थापित हो ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। *पत्रकारिता की गरिमा बचाएं:* तथाकथित पत्रकार पुरुषोत्तम यादव की हरकत पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश पत्रकार संघ में शिकायत दर्ज हो। यदि किसी मीडिया से जुड़े हैं, तो स्पष्टीकरण मांगा जाए। ऐसे लोगों को पत्रकारिता का दुरुपयोग रोकने की सख्त चेतावनी। *क्षेत्रवासियों की सुनवाई और मुआवजा:* प्रभावित ग्रामीणों की जन सुनवाई हो। यदि नशे से कोई दुर्घटना/असुविधा हुई, तो मुआवजा दिया जाए। प्रशासन लिखित आश्वासन दे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी। *जनता की चेतावनी:* अब और नहीं सहेगी! यह सिर्फ मांग नहीं, बल्कि अल्टीमेटम है। अन्य जिलों में ऐसे मामलों में जांच, सस्पेंशन और लाइन हाजिर जैसी कार्रवाई हो चुकी है। यदि एटा प्रशासन 48 घंटे में ठोस कदम नहीं उठाता, तो जनाक्रोश सड़कों पर उतरेगा। *उच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग* में याचिका दायर होगी। बेरनी बिजली घर को नशे का अड्डा नहीं, बिजली का घर बनाना होगा—अब समय आ गया है। *प्रशासन जागो! जनता जाग चुकी है।*2
- *बेरनी बिजली घर में शर्मनाक नंगा नाच: सरकारी संपत्ति बनी शराबियों का अड्डा, तथाकथित पत्रकार एवं पुरुषोत्तम यादव सहित नशेड़ियों की महफिल ने सिस्टम की पोल खोल दी, प्रशासन अब भी सो रहा है?* तहसील प्रतिनिधि एटा/जलेसर - तहसील क्षेत्र के बेरनी बिजली घर का हाल देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सरकारी बिजलीघर, जहां बिजली आपूर्ति और रखरखाव का पवित्र कार्य होना चाहिए, वहां अब नशे की खुली महफिल सज रही है। वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है—लोग फर्श पर लेटे-बैठे शराब के नशे में धुत्त, पीला हेलमेट में संदिग्ध पीला तरल भरा पड़ा, बोतलें इधर-उधर बिखरीं, किताबें-कागजात गंदगी में लथपथ, और पूरा कमरा कूड़े-कर्कट का ढेर बना हुआ। एक तरफ काला कोट पहने व्यक्ति लेटा है, दूसरी तरफ लोग नशे में झूमते-झूमते काम कर रहे हैं, जबकि आसपास हरे-भरे कपड़ों वाले लोग भी इस गंदगी में शामिल नजर आ रहे हैं। यह कोई एकाध घटना नहीं, बल्कि लगातार चल रही शर्मिंदगी है। वीडियो में तथाकथित *पत्रकार* एवं *एसएसओ* पुरुषोत्तम यादव सहित कई लोग शराब पीते और नशे की हालत में कैद हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों की बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की आंखें बंद हैं। सोशल मीडिया पर यह धूल भरी सामग्री तेजी से फैल रही है। अब जनता का गुस्सा फटने को तैयार है। क्या बिजलीघर अब बिजली सप्लाई का केंद्र है या *शराबियों* का *क्लब* ? यह सवाल पूरे एटा जिले में गूंज रहा है। *वायरल सामग्री का खौफनाक सच* *वीडियो में साफ नजर आ रहा:* लोग फर्श पर लेटे, शराब की बोतलें हाथ में, नशे में बेसुध। एक व्यक्ति काले कपड़ों में लेटा, दूसरा हेलमेट के पास पीला तरल भरा बाल्टी रखा। *तस्वीरों में गंदगी का मंजर:* कमरा कूड़े से भरा, किताबें-नोटबुक बिखरीं, प्लास्टिक की बोतलें, तारें इधर-उधर, और नशेड़ी लोग बेखौफ बैठे। *सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग:* सरकारी बिजलीघर में यह सब चल रहा है, जहां हाई वोल्टेज उपकरण और बिजली के खतरनाक तार हैं। कोई दुर्घटना हुई तो जिम्मेदार कौन? *प्रशासन के लिए बाध्यकारी मांगें—* *तुरंत कार्रवाई हो* जनता अब सिर्फ शिकायत नहीं, सख्त रूलिंग मांग रही है। ये मांगें प्रशासन के लिए चुनौती हैं। *तत्काल जांच और FIR:* पुलिस अधीक्षक एटा द्वारा वायरल वीडियो/तस्वीरों पर संज्ञान लेते हुए तुरंत FIR दर्ज हो। जांच SIT या एसएसपी स्तर की टीम को सौंपी जाए, जिसमें बिजली विभाग, पुलिस और आबकारी विभाग शामिल हों। जांच 7 दिनों में पूरी हो और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। *शराबबंदी कानून के तहत सख्त मुकदमा:* उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34 (सार्वजनिक स्थान पर नशा), धारा 54 (अवैध शराब) सहित अन्य धाराओं के तहत पुरुषोत्तम यादव और सभी शामिल लोगों पर मुकदमा। IPC की धारा 188 (सरकारी आदेश अवज्ञा) और 269 (सार्वजनिक खतरा) भी जोड़ी जाए। *सरकारी संपत्ति दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई:* UPPCL/UPRVUNL द्वारा बेरनी बिजली घर को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए। शामिल लोगों पर पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत मुकदमा और भारी जुर्माना। प्रभारी अधिकारी/कर्मचारियों पर लापरवाही/मिलीभगत के लिए विभागीय जांच, सस्पेंशन/बर्खास्तगी हो। *सुरक्षा-निगरानी की मजबूत व्यवस्था:* तत्काल CCTV कैमरे लगें, सुरक्षा गार्ड तैनात हों, नियमित पुलिस गश्त हो। परिसर साफ कराया जाए, बिखरा सामान हटाया जाए और इसे असली बिजली कार्यालय बनाया जाए। आसपास पुलिस पिकेट स्थापित हो ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। *पत्रकारिता की गरिमा बचाएं:* तथाकथित पत्रकार एवं *एसएसओ* पुरुषोत्तम यादव की हरकत पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश पत्रकार संघ में शिकायत दर्ज हो। यदि किसी मीडिया से जुड़े हैं, तो स्पष्टीकरण मांगा जाए। ऐसे लोगों को पत्रकारिता का दुरुपयोग रोकने की सख्त चेतावनी। *क्षेत्रवासियों की सुनवाई और मुआवजा:* प्रभावित ग्रामीणों की जन सुनवाई हो। यदि नशे से कोई दुर्घटना/असुविधा हुई, तो मुआवजा दिया जाए। प्रशासन लिखित आश्वासन दे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी। *जनता की चेतावनी:* अब और नहीं सहेगी! यह सिर्फ मांग नहीं, बल्कि अल्टीमेटम है। अन्य जिलों में ऐसे मामलों में जांच, सस्पेंशन और लाइन हाजिर जैसी कार्रवाई हो चुकी है। यदि एटा प्रशासन 48 घंटे में ठोस कदम नहीं उठाता, तो जनाक्रोश सड़कों पर उतरेगा। *उच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग* में याचिका दायर होगी। बेरनी बिजली घर को नशे का अड्डा नहीं, बिजली का घर बनाना होगा—अब समय आ गया है। *प्रशासन जागो! जनता जाग चुकी है।*2
- इटावा :- पुलिसकर्मी की पत्नी ने अज्ञात कारणों के चलते घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या, सिपाही पति घर में ही सोता रहा वहीं पत्नी ने जाल में लटक कर फांसी लगाकर की आत्महत्या, थाना सिविल लाइन पुलिस जांच में जुटी। रिपोर्ट:-मनोज कुमार इटावा Fm news 88658001821