प्रशासन की मान-मनौव्वल पर माने राष्ट्रीय अध्यक्ष, 15 दिन का दिया समय मिहींपुरवा में किसानों-मजदूरों का विशाल धरना, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गरजे सिंघानिया; समाधान नहीं हुआ तो लखनऊ तक आंदोलन की चेतावनी मिहींपुरवा/बहराइच, 08 अगस्त 2026। किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मिहींपुरवा तहसील परिसर में भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) का विशाल धरना-प्रदर्शन शनिवार को जोरदार तरीके से हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के नेतृत्व में हजारों किसान-मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की। धरने के दौरान संगठन ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की। धरने के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया, जब संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मांगों के समाधान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी। हालांकि, प्रशासन की मान-मनौव्वल और मांगों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने फिलहाल आंदोलन को 15 दिन का समय देते हुए स्थगित करने पर सहमति जताई। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 15 दिन के भीतर यदि किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन मिहींपुरवा से लखनऊ तक बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर अब केवल आश्वासन से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपनी समस्याओं का धरातल पर समाधान चाहिए। धरने में देवीपाटन मंडल अध्यक्ष आदर्श राज वर्मा, जिला अध्यक्ष बहराइच दुर्गेश वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि एडवोकेट करन वर्मा, प्रदेश महासचिव जितेन्द्र बाजपेई, प्रदेश उपाध्यक्ष विशाल वर्मा, मंडल प्रभारी लखनऊ रमाकांत दीक्षित तथा प्रदेश संगठन नंदकिशोर आर्या सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान-मजदूर मौजूद रहे। धरना समाप्त होने के बाद संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी बहराइच के माध्यम से 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में विस्थापन और मुआवजा, मतदाता सूची, बंद गल्ला मंडी, नदी कटान, सड़क चौड़ीकरण, पेयजल, आवारा पशु, आयुष्मान कार्ड, राशन व्यवस्था, खाद की उपलब्धता तथा बिजली कटौती और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। प्रशासन के आश्वासन के बाद टला बड़ा आंदोलन धरने के दौरान प्रशासन और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तत्काल बड़े आंदोलन का ऐलान करने के बजाय 15 दिन की समयसीमा तय की। अब प्रशासन के सामने किसान-मजदूर यूनियन की 11 सूत्रीय मांगों के समाधान की चुनौती है। संगठन ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अगला आंदोलन पहले से कहीं बड़ा होगा और उसकी गूंज मिहींपुरवा से लखनऊ तक सुनाई देगी। “आश्वासन बहुत मिले, अब समाधान चाहिए”—इसी संदेश के साथ धरना समाप्त हुआ, लेकिन संगठन ने आंदोलन की अगली रणनीति के लिए 15 दिन की घड़ी शुरू कर दी है।चाहें तो मैं इसी खबर की और कड़क, सनसनीखेज अखबार वाली हेडिंग भी बना सकता हूँ, जैसे: “झुका प्रशासन, 15 दिन में समाधान का भरोसा; मान-मनौव्वल के बाद माने सिंघानिया”। प्रशासन की मान-मनौव्वल पर माने राष्ट्रीय अध्यक्ष, 15 दिन का दिया समय मिहींपुरवा में किसानों-मजदूरों का विशाल धरना, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गरजे सिंघानिया; समाधान नहीं हुआ तो लखनऊ तक आंदोलन की चेतावनी मिहींपुरवा/बहराइच, 08 अगस्त 2026। किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मिहींपुरवा तहसील परिसर में भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) का विशाल धरना-प्रदर्शन शनिवार को जोरदार तरीके से हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के नेतृत्व में हजारों किसान-मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की। धरने के दौरान संगठन ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की। धरने के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया, जब संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मांगों के समाधान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी। हालांकि, प्रशासन की मान-मनौव्वल और मांगों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने फिलहाल आंदोलन को 15 दिन का समय देते हुए स्थगित करने पर सहमति जताई। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 15 दिन के भीतर यदि किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन मिहींपुरवा से लखनऊ तक बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर अब केवल आश्वासन से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपनी समस्याओं का धरातल पर समाधान चाहिए। धरने में देवीपाटन मंडल अध्यक्ष आदर्श राज वर्मा, जिला अध्यक्ष बहराइच दुर्गेश वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि एडवोकेट करन वर्मा, प्रदेश महासचिव जितेन्द्र बाजपेई, प्रदेश उपाध्यक्ष विशाल वर्मा, मंडल प्रभारी लखनऊ रमाकांत दीक्षित तथा प्रदेश संगठन नंदकिशोर आर्या सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान-मजदूर मौजूद रहे। धरना समाप्त होने के बाद संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी बहराइच के माध्यम से 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में विस्थापन और मुआवजा, मतदाता सूची, बंद गल्ला मंडी, नदी कटान, सड़क चौड़ीकरण, पेयजल, आवारा पशु, आयुष्मान कार्ड, राशन व्यवस्था, खाद की उपलब्धता तथा बिजली कटौती और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। प्रशासन के आश्वासन के बाद टला बड़ा आंदोलन धरने के दौरान प्रशासन और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तत्काल बड़े आंदोलन का ऐलान करने के बजाय 15 दिन की समयसीमा तय की। अब प्रशासन के सामने किसान-मजदूर यूनियन की 11 सूत्रीय मांगों के समाधान की चुनौती है। संगठन ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अगला आंदोलन पहले से कहीं बड़ा होगा और उसकी गूंज मिहींपुरवा से लखनऊ तक सुनाई देगी। “आश्वासन बहुत मिले, अब समाधान चाहिए”—इसी संदेश के साथ धरना समाप्त हुआ, लेकिन संगठन ने आंदोलन की अगली रणनीति के लिए 15 दिन की घड़ी शुरू कर दी है।चाहें तो मैं इसी खबर की और कड़क, सनसनीखेज अखबार वाली हेडिंग भी बना सकता हूँ, जैसे: “झुका प्रशासन, 15 दिन में समाधान का भरोसा; मान-मनौव्वल के बाद माने सिंघानिया”।
प्रशासन की मान-मनौव्वल पर माने राष्ट्रीय अध्यक्ष, 15 दिन का दिया समय मिहींपुरवा में किसानों-मजदूरों का विशाल धरना, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गरजे सिंघानिया; समाधान नहीं हुआ तो लखनऊ तक आंदोलन की चेतावनी मिहींपुरवा/बहराइच, 08 अगस्त 2026। किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मिहींपुरवा तहसील परिसर में भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) का विशाल धरना-प्रदर्शन शनिवार को जोरदार तरीके से हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के नेतृत्व में हजारों किसान-मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की। धरने के दौरान संगठन ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की। धरने के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया, जब संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मांगों के समाधान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी। हालांकि, प्रशासन की मान-मनौव्वल और मांगों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने फिलहाल आंदोलन को 15 दिन का समय देते हुए स्थगित करने पर सहमति जताई। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 15 दिन के भीतर यदि किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन मिहींपुरवा से लखनऊ तक बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर अब केवल आश्वासन से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपनी समस्याओं का धरातल पर समाधान चाहिए। धरने में देवीपाटन मंडल अध्यक्ष आदर्श राज वर्मा, जिला अध्यक्ष बहराइच दुर्गेश वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि एडवोकेट करन वर्मा, प्रदेश महासचिव जितेन्द्र बाजपेई, प्रदेश उपाध्यक्ष विशाल वर्मा, मंडल प्रभारी लखनऊ रमाकांत दीक्षित तथा प्रदेश संगठन नंदकिशोर आर्या सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान-मजदूर मौजूद रहे। धरना समाप्त होने के बाद संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी बहराइच के माध्यम से 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में विस्थापन और मुआवजा, मतदाता सूची, बंद गल्ला मंडी, नदी कटान, सड़क चौड़ीकरण, पेयजल, आवारा पशु, आयुष्मान कार्ड, राशन व्यवस्था, खाद की उपलब्धता तथा बिजली कटौती और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। प्रशासन के आश्वासन के बाद टला बड़ा आंदोलन धरने के दौरान प्रशासन और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तत्काल बड़े आंदोलन का ऐलान करने के बजाय 15 दिन की समयसीमा तय की। अब प्रशासन के सामने किसान-मजदूर यूनियन की 11 सूत्रीय मांगों के समाधान की चुनौती है। संगठन ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अगला आंदोलन पहले से कहीं बड़ा होगा और उसकी गूंज मिहींपुरवा से लखनऊ तक सुनाई देगी। “आश्वासन बहुत मिले, अब समाधान चाहिए”—इसी संदेश के साथ धरना समाप्त हुआ, लेकिन संगठन ने आंदोलन की अगली रणनीति के लिए 15 दिन की घड़ी शुरू कर दी है।चाहें तो मैं इसी खबर की और कड़क, सनसनीखेज अखबार वाली हेडिंग भी बना सकता हूँ, जैसे: “झुका प्रशासन, 15 दिन में समाधान का भरोसा; मान-मनौव्वल के बाद माने सिंघानिया”। प्रशासन की मान-मनौव्वल पर माने राष्ट्रीय अध्यक्ष, 15 दिन का दिया समय मिहींपुरवा में किसानों-मजदूरों का विशाल धरना, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर गरजे सिंघानिया; समाधान नहीं हुआ तो लखनऊ तक आंदोलन की चेतावनी मिहींपुरवा/बहराइच, 08 अगस्त 2026। किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मिहींपुरवा तहसील परिसर में भारतीय किसान मजदूर यूनियन (सिंघानिया) का विशाल धरना-प्रदर्शन शनिवार को जोरदार तरीके से हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया के नेतृत्व में हजारों किसान-मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की। धरने के दौरान संगठन ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की। धरने के दौरान माहौल उस समय और गरमा गया, जब संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मांगों के समाधान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी। हालांकि, प्रशासन की मान-मनौव्वल और मांगों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने फिलहाल आंदोलन को 15 दिन का समय देते हुए स्थगित करने पर सहमति जताई। राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस.के. सिंघानिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 15 दिन के भीतर यदि किसानों और मजदूरों की 11 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन मिहींपुरवा से लखनऊ तक बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर अब केवल आश्वासन से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपनी समस्याओं का धरातल पर समाधान चाहिए। धरने में देवीपाटन मंडल अध्यक्ष आदर्श राज वर्मा, जिला अध्यक्ष बहराइच दुर्गेश वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि एडवोकेट करन वर्मा, प्रदेश महासचिव जितेन्द्र बाजपेई, प्रदेश उपाध्यक्ष विशाल वर्मा, मंडल प्रभारी लखनऊ रमाकांत दीक्षित तथा प्रदेश संगठन नंदकिशोर आर्या सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान-मजदूर मौजूद रहे। धरना समाप्त होने के बाद संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी बहराइच के माध्यम से 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में विस्थापन और मुआवजा, मतदाता सूची, बंद गल्ला मंडी, नदी कटान, सड़क चौड़ीकरण, पेयजल, आवारा पशु, आयुष्मान कार्ड, राशन व्यवस्था, खाद की उपलब्धता तथा बिजली कटौती और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। प्रशासन के आश्वासन के बाद टला बड़ा आंदोलन धरने के दौरान प्रशासन और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तत्काल बड़े आंदोलन का ऐलान करने के बजाय 15 दिन की समयसीमा तय की। अब प्रशासन के सामने किसान-मजदूर यूनियन की 11 सूत्रीय मांगों के समाधान की चुनौती है। संगठन ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अगला आंदोलन पहले से कहीं बड़ा होगा और उसकी गूंज मिहींपुरवा से लखनऊ तक सुनाई देगी। “आश्वासन बहुत मिले, अब समाधान चाहिए”—इसी संदेश के साथ धरना समाप्त हुआ, लेकिन संगठन ने आंदोलन की अगली रणनीति के लिए 15 दिन की घड़ी शुरू कर दी है।चाहें तो मैं इसी खबर की और कड़क, सनसनीखेज अखबार वाली हेडिंग भी बना सकता हूँ, जैसे: “झुका प्रशासन, 15 दिन में समाधान का भरोसा; मान-मनौव्वल के बाद माने सिंघानिया”।
- कांवरियों के जत्थे को भाजपा नेता ने अंग वस्त्र ओढ़ाकर शुभकामना देते हुए छोटी काशी रवाना किया! पलिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसंतापुर कलां के मजरा सेमरी पुरवा से निकली कांवर छोटी काशी गोला के लिए हुई रवाना कांवर का आयोजन दस साल से किया जा रहा है कार्यक्रम आयोजक अवधेश मौर्य, नीरज मौर्य, पंडित मुकेश चंद्र पांडे,विनोद मौर्य,रजनीश मौर्य,एवं संतोष राजपूत , रामू आदि के नेतृत्व में 105 कांवरिया भक्त गण जिसमें महिला एवं पुरुशों ने प्रतिभाग किया सेमरी पुरवा रामजनकी मंदिर से सरयू नदी से जल लेकर छोटी काशी गोला के लिए रवाना हुए! कांवरियों को सेमरी पुरवा तिराहे पर जलपान कराया गया एवं निघासन रोड तिलक पुरवा तिराहे पर सभी भक्तों को जलपान एवं साल देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा नेता रवि गुप्ता ने कांवरियों को अंग वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया! विशिष्ट अतिथि पलिया नायब तहसीलदार अखिलेद्ध ने भक्तों को जलपान करा के हर हर महादेव के जय घोष के साथ अपनी मंगल कामनाएं देकर रवाना किया! कार्यक्रम में नितेश चौधरी , गौतम मौर्य, सूरजपाल ,प्रहलाद वर्मा ,सुनील राजपूत,मोनू, धूरु मौर्य ,कुमेश मौर्य आदि सेवादारों के साथ हजारों भक्तजन शामिल रहे!4
- लखीमपुर खीरी:विवाहिता को जहर देकर मारने का मामला आया सामने,न्याय के लिए भटक रहे दर दर..1
- थाना पलिया स्थित टाटा मोटर्स वर्कशॉप में आग लगने की घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी पलिया, जितेन्द्र सिंह परिहार की बाइट*1
- 350 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, कानपुर साउथ और गाजियाबाद का रहा दबदबा गुरुकुल एकेडमी में उत्तर प्रदेश रीजनल थ्रोबॉल प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण समापन पलिया नगर के दुधवा रोड पर स्थित गुरुकुल एकेडमी में आयोजित उत्तर प्रदेश रीजनल थ्रोबॉल प्रतियोगिता का शनिवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जोन से करीब 350 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग कर अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 बालिका वर्ग के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में आगरा, प्रयागराज, कानपुर नॉर्थ, कानपुर साउथ, लखनऊ नॉर्थ, लखनऊ साउथ, बरेली, गोरखपुर, मेरठ और गाजियाबाद सहित विभिन्न जोन की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के अंडर-14 बालिका वर्ग में कानपुर साउथ विजेता, गाजियाबाद प्रथम रनर-अप और लखनऊ नॉर्थ द्वितीय रनर-अप रहा। अंडर-17 बालिका वर्ग में गाजियाबाद ने विजेता का खिताब हासिल किया, जबकि कानपुर साउथ प्रथम रनर-अप और लखनऊ नॉर्थ द्वितीय रनर-अप रहा। वहीं अंडर-19 बालिका वर्ग में कानपुर साउथ विजेता, गाजियाबाद प्रथम रनर-अप तथा लखनऊ नॉर्थ द्वितीय रनर-अप रहा। समापन समारोह में पंजाब एंड सिंध बैंक के रीजनल मैनेजर एएन सिंह मुख्य अतिथि रहे। पंजाब एंड सिंध बैंक पलिया के मैनेजर सुमित शर्मा भी मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथियों में श्यामल डेयरी के मालिक सलिल अग्रवाल, गुरुनानक देव कॉलेज के चेयरमैन हरविंदर पाल सिंह, दून इंटरनेशनल स्कूल के एमडी जगत चौधरी, अभिलाषा अग्रवाल एवं संजीव जायसवाल शामिल रहे। अतिथियों ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को बधाई देते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में रेफरी शकील अहमद, लेखराज सिंह, राम अवतार, विनीत धहिया, राकेश कुमार, नितिन, राजू, राकेश मीणा एवं मुन्नू खान का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कमेंटेटर रविंद्र गुप्ता और आरिफ ने शानदार कमेंट्री से मुकाबलों के दौरान दर्शकों में उत्साह बनाए रखा। कार्यक्रम का संचालन मनीषा महेंद्र एवं केतन नाग ने किया। विद्यालय की टीम के कोच वंश सिंह और टीम मैनेजर निर्भीक अग्रवाल ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रतियोगिता के ओवरऑल इंचार्ज बृजमोहन मिश्रा ने व्यवस्थाओं और प्रतियोगिता के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी संभाली। उनके मार्गदर्शन में प्रतियोगिता व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। विद्यालय के प्रबंधक मुकेश अग्रवाल ने अतिथियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, रेफरी और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। विद्यालय के अध्यक्ष वीरेन्द्र शुक्ला ने विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। गुरुकुल एकेडमी में आयोजित रीजनल थ्रोबॉल प्रतियोगिता ने पलिया क्षेत्र के खिलाड़ियों को खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर मंच प्रदान किया। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान पूरे परिसर में खेल भावना, उत्साह और रोमांच का माहौल बना रहा।3
- **पत्रकार सुरक्षा और संगठनात्मक मजबूती पर हुई चर्चा, राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की मासिक बैठक संपन्न* लखीमपुर खीरी, 08 अगस्त 2026। लखीमपुर नगर स्थित नगर पालिका परिषद सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद रजिस्टर्ड की जिला लखीमपुर खीरी इकाई की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पत्रकार एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों की सुरक्षा, संगठन की मजबूती, सदस्यता विस्तार तथा पत्रकार हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करना रहा। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष (सिंघम) विमलेश पांडेय ने की, जबकि मंच संचालन जिला प्रभारी विजय मिश्रा उर्फ विपिन मिश्रा द्वारा किया गया। बैठक के आयोजन में जिला उपाध्यक्ष प्रमोद शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी माशूक अली , एवं जिला सचिव राजेश मिश्रा, सहित संगठन की जिला टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं, इसलिए पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन को मजबूती के साथ कार्य करना चाहिए। इसके साथ ही संगठन की सदस्यता और पत्रकारों को संगठन से जोड़ने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में यह भी कहा गया कि पूर्व में संगठन से किसी कारणवश अलग हुए सदस्य यदि अपनी गलती स्वीकार कर पुनः संगठन से जुड़ना चाहते हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें दोबारा सदस्यता लेने का अवसर दिया जा सकता है। इस पहल को संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इस अवसर पर संगठन से जुड़े पत्रकारों ने अपना-अपना परिचय साझा किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने अनुभवों एवं कार्यों के बारे में जानकारी दी। वहीं, सक्रिय एवं समर्पित पत्रकारों का माला पहनाकर सम्मान भी किया गया। बैठक में अरुण कुमार मिश्रा, ब्लॉक महासचिव नीरज जायसवाल, राजत श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष डॉ. अनिल वर्मा, रमेश बाजपेई, बीके सिंह, श्याम पांडेय,दिलीप त्रिपाठी , मिथलेश, नित्यानंद बाजपेई, प्रेमजीत भार्गव, इरशाद, शहीद, प्रदीप मिश्रा, अभिषेक पांडेय, जिला उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा, छोटेलाल सहित जिले की पूरी टीम के पत्रकार एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के अंत में संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने, पत्रकारों की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने तथा पत्रकार हित में एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया गया।1
- शारदा का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा ग्रामीणों की धड़कनें फिलहाल खतरे के निशान से नीचे नदी, बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से पलिया क्षेत्र के निकटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन नदी के बढ़ते जलस्तर ने संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों की नजर लगातार नदी के जलस्तर पर बनी हुई है। बता दें कि हर वर्ष शारदा नदी का बढ़ा जलस्तर पलिया क्षेत्र के लिए बड़ी मुसीबत लेकर आता है। बाढ़ के दौरान नदी का पानी आसपास के गांवों और खेतों तक पहुंच जाता है, जिससे सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होती है। कई बार हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि ग्रामीणों को अपने घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ता है। बाढ़ से फसलों के साथ-साथ ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित होती है। फिलहाल शारदा नदी का जलस्तर नियंत्रण में है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने सहित अन्य आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएंगे। प्रशासन की प्राथमिकता क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वहीं, नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीण जलस्तर बढ़ने के कारण किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए अभी से सतर्क नजर आ रहे हैं।3
- लखीमपुर: बस वर्कशॉप में भीषण आग, दो बसें जलकर राख पलिया क्षेत्र के अतरिया स्थित एक बस वर्कशॉप में शॉर्ट सर्किट *के चलते भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि वर्कशॉप में खड़ी दो बसें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।1