कौशाम्बी जिले के विकासखंड कड़ा की ग्राम पंचायत गनपा से मजरा चकिया को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पिछले कई वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिससे बेहतर सड़कों और सड़क सुरक्षा के सरकारी दावों की पोल खुल रही है। प्रशासनिक उपेक्षा के चलते इस मार्ग का लगभग 200 मीटर का कच्चा हिस्सा अब स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के लिए भारी मुसीबत का सबब बन चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, गनपा से चकिया तक जाने वाला यह मार्ग करीब आधा किलोमीटर लंबा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा इसमें से लगभग 200 मीटर तक तो इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण करवा दिया गया, लेकिन इसके आगे का लगभग 200 मीटर हिस्सा आज भी भगवान भरोसे कच्चा छोड़ दिया गया है। इसी कच्चे और बदहाल मार्ग पर एक विद्यालय स्थित है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। मानसून की शुरुआत होते ही यह कच्चा रास्ता पूरी तरह से गहरे गड्ढों और दलदल में तब्दील हो चुका है। विद्यालय पहुंचने की मजबूरी के कारण मासूम बच्चे इसी कीचड़ और मलबे के बीच से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे वे आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। इस अव्यवस्था के कारण बच्चों के कपड़े और किताबें तो खराब हो ही रही हैं, साथ ही उनकी पढ़ाई पर भी बेहद बुरा असर पड़ रहा है। सड़क की इस दुर्दशा को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और कड़ा विकासखंड के उच्चाधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि स्कूली बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस 200 मीटर के अधूरे मार्ग पर तत्काल इंटरलॉकिंग या पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, जिससे लोगों को इस नरकीय स्थिति से निजात मिल सके।
कौशाम्बी जिले के विकासखंड कड़ा की ग्राम पंचायत गनपा से मजरा चकिया को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पिछले कई वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिससे बेहतर सड़कों और सड़क सुरक्षा के सरकारी दावों की पोल खुल रही है। प्रशासनिक उपेक्षा के चलते इस मार्ग का लगभग 200 मीटर का कच्चा हिस्सा अब स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के लिए भारी मुसीबत का सबब बन चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, गनपा से चकिया तक जाने वाला यह मार्ग करीब आधा किलोमीटर लंबा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा इसमें से लगभग 200 मीटर तक तो इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण करवा
दिया गया, लेकिन इसके आगे का लगभग 200 मीटर हिस्सा आज भी भगवान भरोसे कच्चा छोड़ दिया गया है। इसी कच्चे और बदहाल मार्ग पर एक विद्यालय स्थित है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। मानसून की शुरुआत होते ही यह कच्चा रास्ता पूरी तरह से गहरे गड्ढों और दलदल में तब्दील हो चुका है। विद्यालय पहुंचने की मजबूरी के कारण मासूम बच्चे इसी कीचड़ और मलबे के बीच से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे वे आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। इस अव्यवस्था
के कारण बच्चों के कपड़े और किताबें तो खराब हो ही रही हैं, साथ ही उनकी पढ़ाई पर भी बेहद बुरा असर पड़ रहा है। सड़क की इस दुर्दशा को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और कड़ा विकासखंड के उच्चाधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि स्कूली बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस 200 मीटर के अधूरे मार्ग पर तत्काल इंटरलॉकिंग या पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, जिससे लोगों को इस नरकीय स्थिति से निजात मिल सके।
- कौशाम्बी के विकासखंड कड़ा की ग्राम पंचायत गनपा से मजरा चकिया को जोड़ने वाले मार्ग का करीब 200 मीटर हिस्सा वर्षों से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार गनपा से चकिया तक जाने वाला यह मार्ग लगभग आधा किलोमीटर लंबा है, जिसमें से करीब 200 मीटर तक ही इंटरलॉकिंग सड़क बनी है। इस कच्चे मार्ग के कारण बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाता है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- कौशांबी के चरवा थाना क्षेत्र के बेलहाई गांव में खेत में पानी लगाने गए एक किसान और उसके बेटे पर गांव के ही कुछ लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। शुक्रवार की सुबह गांव के निवासी रामनारायण जब अपने खेत में पानी लगाने गए थे, तभी वहां पहले से मौजूद राजेश्याम, बृजभान, बच्चालाल, नितिन उर्फ निनेश, सचिन और छोटू ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने पहले उनके साथ गाली-गलौज की और फिर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे रामनारायण के सिर में गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही गिर पड़े। चीख-पुकार सुनकर जब पीड़ित रामनारायण का बेटा अजीत और सचिन उन्हें बचाने के लिए दौड़े, तो आरोपियों ने उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की। वारदात के बाद आसपास के लोगों की मदद से दोनों गंभीर रूप से घायल पिता-पुत्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चायल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस घटना के संबंध में पीड़ित ने शनिवार को चरवा थाना प्रभारी महेश चंद्र को नामजद तहरीर देकर सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी का कहना है कि तहरीर मिल चुकी है और मामले की जांच कराई जा रही है।1
- कौशांबी जिले के हकीमपुर अफजलपुर संतोकरा गांव में स्थानीय प्रशासन के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां के प्रधान और सेक्रेटरी उनकी समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते 25 वर्षों से प्रधान पद पर रहने के बावजूद गांव में कोई विकास कार्य नहीं हो पा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी सुनवाई करने को तैयार नहीं हैं।1
- कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र अंतर्गत भरवारी चौकी के दो सिपाहियों पर एक महिला ने बिना अनुमति और बिना दरवाजा खटखटाए घर के अंदर प्रवेश करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। महिला का आरोप है कि उसके घर में जल्द ही शादी का कार्यक्रम होने वाला है और घटना के वक्त घर के अंदर केवल महिलाएं ही मौजूद थीं। इसी बीच दोनों सिपाही बिना कोई आवाज दिए सीधे घर के अंदर घुस आए। महिला ने इसे अपनी निजता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है कि बिना अनुमति और बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के सिपाही घर के अंदर कैसे आ गए। वायरल वीडियो में महिला पुलिसकर्मियों से कड़े सवाल पूछती नजर आ रही है कि आखिर उन्हें बिना दरवाजा खटखटाए और बिना अनुमति अंदर आने की इजाजत किसने दी।1