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चरखारी महोबा फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
चरखारी महोबा फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
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- सावधान! महोबा के ग्राम भुजपुरा में मनरेगा बना ठगी का अड्डा, गरीबों के हक पर 'डाका'1
- दूध का पानी है या पानी का दूध?” — यह सवाल तब उठता है जब बच्चों के हक़ के साथ खिलवाड़ होता दिखे। उत्तर प्रदेश के महोबा स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय से सामने आए वीडियो में मिड-डे मील के लिए दिए जाने वाले दूध में कथित मिलावट दिखाई दे रही है। वीडियो में एक महिला बाल्टी भर पानी में सिर्फ दो पैकेट दूध मिलाती नजर आ रही है। यदि यह सही है, तो यह न केवल लापरवाही बल्कि बच्चों के पोषण अधिकार के साथ गंभीर समझौता है। इस घटना ने शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब आवश्यकता है निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और यह सुनिश्चित करने की कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।1
- Post by Hari Singh1
- #viral #video1
- Post by Sumit chaurasiya1
- Post by निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़1
- अजयगढ- पन्ना जिले के अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (अस्पताल) में काम करने वाले 50 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इनमें सुरक्षा गार्ड और कपड़े धोने वाले (वॉशरमैन/लॉन्ड्री स्टाफ) शामिल हैं, जिनकी तनख्वाह समय पर नहीं मिल रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी की लापरवाही के कारण उन्हें महीनों से वेतन नहीं मिल पा रहा, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। ठेका किसका? कंपनी का नाम और विवरण स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यह ठेका इंदौर के राम द्विवेदी द्वारा संचालित स्काई बुल सिक्योरिटी सर्विस को दिया गया है। कंपनी आउटसोर्सिंग के माध्यम से युवाओं को रोजगार दे रही है, लेकिन कर्मचारियों के अनुसार वेतन भुगतान में लगातार देरी हो रही है। अस्पताल में सुरक्षा और अन्य सहायक सेवाओं के लिए ये कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारियों की परेशानी कई कर्मचारी परिवार के खर्चे, बच्चों की फीस और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में असमर्थ हो रहे हैं। समय पर वेतन न मिलने से मानसिक और आर्थिक तनाव बढ़ रहा है। कर्मचारियों ने स्थानीय स्तर पर शिकायत की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। क्या कहते हैं अधिकारी? जब बीएमओ (खंड चिकित्सा अधिकारी) से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि अस्पताल से अटेंडेंस (उपस्थिति रजिस्टर) संबंधित दस्तावेज कंपनी/विभाग को भेज दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक-दो दिन में तनख्वाह का भुगतान हो जाएगा। बड़ी समस्या का संकेत मध्य प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन विलंब की शिकायतें आम हैं। अजयगढ़ अस्पताल में यह मामला नया नहीं है—पहले भी सफाई कर्मचारियों ने इसी तरह हड़ताल की थी। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कंपनी और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की जरूरत नहीं है? आउटसोर्स कर्मियों के वेतन का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे? कर्मचारियों की मांग है कि वेतन जल्द जारी हो और भविष्य में ऐसी देरी न हो। स्थानीय प्रशासन और कंपनी को इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, ताकि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण सेवा में कोई व्यवधान न आए और कर्मचारियों का हक समय पर मिल सके।2
- महाशिवरात्रि पर्व को लेकर पनवाड़ी ब्लॉक के ग्राम टिंगुरा मढ़ा बाबा शिव मन्दिर में1