अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य मुनेन्द्रपाल सिंह राजपूत के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने कासगंज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने किसानों, मजदूरों और आम जनता से सीधे मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसंपर्क के दौरान सिंचाई संकट, बढ़ती महंगाई, कृषि लागत, मजदूरों की आजीविका और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और इन समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा गया। जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने अपनी गंभीर शिकायतें साझा कीं। ग्राम जहांगीरपुर में प्रधान ओमकार सिंह, लटूर सिंह, शिवदयाल, अनार सिंह, मोती सिंह और इन्द्रनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि गांव की माइनर पिछले लगभग 30 वर्षों से पूरी तरह सूखी पड़ी है, जबकि हर साल सिल्ट सफाई के नाम पर लाखों रुपये फूंक दिए जाते हैं। किसानों का कहना है कि वर्ष 1974 से लगातार इस क्षेत्र से विधायक चुने जा रहे हैं, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी तरह ग्राम इटऊआ के अर्जुन वाल्मीकि और कुलदीप जाटव ने बताया कि उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में कभी इस माइनर में पानी बहते नहीं देखा। वहीं महावर गांव के सुनील, बृजभान सिंह, किशनवीर और विशाल कुमार ने माइनर में नियमित पानी छोड़ने की मांग उठाई। पानी न आने से क्षेत्र की करीब 15 से 20 हजार एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित हो रही है, अधिकांश बाग नष्ट हो चुके हैं और किसान महंगे निजी साधनों से सिंचाई करने को मजबूर हैं, जिससे खेती लगातार घाटे का सौदा बन रही है। इस संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एक तरफ किसान सिंचाई संकट, महंगाई और बढ़ती लागत से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ मजदूरों को उचित मजदूरी और रोजगार नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस ने किसानों के लिए नियमित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने और किसानों व मजदूरों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई है। इस अभियान में प्रदेश सेवादल जोनल सचिव दीपू पाण्डेय और जिला कांग्रेस कंट्रोल रूम प्रभारी विमल कुमार सिंह सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य मुनेन्द्रपाल सिंह राजपूत के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने कासगंज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने किसानों, मजदूरों और आम जनता से सीधे मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसंपर्क के दौरान सिंचाई संकट, बढ़ती महंगाई, कृषि लागत, मजदूरों की आजीविका और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और इन समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा गया। जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने अपनी गंभीर शिकायतें साझा कीं। ग्राम जहांगीरपुर में प्रधान ओमकार सिंह, लटूर सिंह, शिवदयाल, अनार सिंह, मोती सिंह और इन्द्रनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि गांव की माइनर पिछले लगभग 30 वर्षों से पूरी तरह सूखी पड़ी है, जबकि हर साल सिल्ट सफाई के नाम पर लाखों रुपये फूंक दिए जाते हैं। किसानों का कहना है कि वर्ष 1974 से लगातार इस क्षेत्र से विधायक चुने जा रहे हैं, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसी तरह ग्राम इटऊआ के अर्जुन वाल्मीकि और कुलदीप जाटव ने बताया कि उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में कभी इस माइनर में पानी बहते नहीं देखा। वहीं महावर गांव के सुनील, बृजभान सिंह, किशनवीर और विशाल कुमार ने माइनर में नियमित पानी छोड़ने की मांग उठाई। पानी न आने से क्षेत्र की करीब 15 से 20 हजार एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित हो रही है, अधिकांश बाग नष्ट हो चुके हैं और किसान महंगे निजी साधनों से सिंचाई करने को मजबूर हैं, जिससे खेती लगातार घाटे का सौदा बन रही है। इस संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि एक तरफ किसान सिंचाई संकट, महंगाई और बढ़ती लागत से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ मजदूरों को उचित मजदूरी और रोजगार नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस ने किसानों के लिए नियमित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने और किसानों व मजदूरों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई है। इस अभियान में प्रदेश सेवादल जोनल सचिव दीपू पाण्डेय और जिला कांग्रेस कंट्रोल रूम प्रभारी विमल कुमार सिंह सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- कासगंज के थाना कासगंज क्षेत्र की गणेश कॉलोनी में संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतका के पति ने भी विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया, जिनका फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, महिला की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच, मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कासगंज थाने में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी नगर आंचल चौहान ने जानकारी दी है कि मामले में सभी पहलुओं से गहनता से विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन के साथ-साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक गेट के सामने बिजली का लट्ठा आ गया है। इस समस्या को लेकर डीएम साहब से ध्यान देने और कृपा करने की अपील की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के पटियाली में शरारती खेत वाले बार-बार खेत की मेड काटकर अच्छे लोगों को परेशान कर रहे हैं। इन शरारती तत्वों द्वारा लगातार की जा रही इस हरकत से पीड़ित लोग काफी तंग आ चुके हैं, जहां खेतों की सीमाओं (मेड) को काटकर उन्हें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद चौंकाने वाला और रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने अपने ही परिवार की महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो चोरी-छिपे रिकॉर्ड करने के आरोप में एक 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी इन सभी वीडियो को अपने ऑनलाइन क्लाउड अकाउंट (Google Drive) में सुरक्षित रखता था। इस मामले का खुलासा तकनीकी जांच के बाद हुआ, जब संदिग्ध सामग्री का पता चलने पर संबंधित जानकारी भारतीय जांच एजेंसियों तक पहुंची। इसके बाद कानपुर पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने ईमेल, आईपी एड्रेस और मोबाइल की तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने वीडियो रिकॉर्ड करने की बात स्वीकार कर ली है, जिसके बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और POCSO Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ये आपत्तिजनक वीडियो केवल क्लाउड स्टोरेज तक ही सीमित थे या इन्हें किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा भी किया गया था। डिजिटल गोपनीयता और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले को देखते हुए पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि ऑनलाइन बाल यौन शोषण या ऐसे किसी भी अपराध की जानकारी मिले तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन या संबंधित पुलिस अधिकारियों को सूचित करें।1
- न्यूजीलैंड प्रवास के दौरान देश के पीएम नरेंद्र मोदी का वहां के नागरिकों द्वारा बेहद जोशीला स्वागत किया जा रहा है। यह देखकर अत्यंत खुशी होती है कि हमारे देश के पीएम को इंटरनेशनल मंच पर मुखिया का ओहदा मिल रहा है। हिन्दुओं का बैकअप और भारतीय राष्ट्रवादी विचारधारा अब दुनिया भर में नेतृत्व का उदाहरण बनकर उभर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के एटा जिले में तहसील जलेसर के अंतर्गत आवागढ़ पोस्ट के कल्याणपुर गांव में पिछले 10 सालों से एक रास्ता अत्यंत जर्जर हालत में है। इस मुख्य रास्ते का इस्तेमाल प्रतिदिन भारी संख्या में लोग करते हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को आवागमन में बहुत ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। रास्ते पर पानी भरा होने के कारण लोग अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं और आगे जाकर रास्ता पूरी तरह से कटा हुआ है, जहां लोगों का गिरना लगभग तय रहता है। ग्रामीणों का दर्द है कि चुनाव के समय वोट मांगने तो सभी आ जाते हैं, लेकिन इस रास्ते के सुधार के बारे में कोई नहीं सोचता। कल्याणपुर के वर्तमान प्रधान कुशल पाल पर ग्रामीणों ने उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्तमान प्रधान उनकी इस गंभीर समस्या की बिल्कुल भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश की सरकार से हाथ जोड़कर यह भावुक अनुरोध किया है कि उनकी इस बड़ी समस्या का जल्द से जल्द निवारण कर इस रास्ते को ठीक कराया जाए।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज में देरी के कारण एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में भारी हंगामा किया। बिल्सी क्षेत्र के गांव खैरी निवासी इसराइल अपनी लगभग 18-20 वर्षीय बेटी तरन्नुम को सुबह इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर काफी देर तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए और समय पर प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल सका, जिससे अस्पताल परिसर में ही युवती की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युवती की मौत के बाद शव को ले जाने के लिए न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और न ही एम्बुलेंस की कोई व्यवस्था की गई। लाचारी में मृतका के भाई ने अपनी बहन के शव को कंधे पर उठाया और अस्पताल से बाहर निकाला, जिसके बाद वे एक ऑटो के माध्यम से शव को अपने गांव लेकर गए। इस घटना के बाद से अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, हालांकि इस मामले में अभी अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।1