असम के जोरहाट एयरबेस में हुए भारतीय वायुसेना के एएन-32 परिवहन विमान हादसे में शहीद हुए बिहार के दो वीर सपूतों, अग्निवीर दानिश आलम और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का पार्थिव शरीर रविवार को एक विशेष वायुसेना विमान से बिहटा एयरफोर्स स्टेशन लाया गया। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन हो गया और अपने वीर बेटों को अंतिम सम्मान देने के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर सुबह से ही हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग हाथों में तिरंगा लिए एकत्रित थे। "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "अमर शहीद अमर रहें" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा, जिससे देशभक्ति के माहौल में हर किसी की आंखें नम हो गईं। पार्थिव शरीर के बिहटा पहुंचते ही, एयरफोर्स स्टेशन के अंदर भारतीय वायुसेना ने दोनों शहीदों को सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को अंतिम सलाम किया। भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड स्थित कमरियांव गांव निवासी अग्निवीर दानिश आलम और जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत की खबर मिलते ही दोनों जिलों में शोक की लहर दौड़ गई थी। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद, अग्निवीर दानिश आलम का पार्थिव शरीर भोजपुर के कमरियांव गांव और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का पार्थिव शरीर जहानाबाद के बनवरिया गांव के लिए रवाना किया गया। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर और तिरंगा लहराकर अपने वीर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जबकि सड़क किनारे खड़े लोगों ने नम आंखों से अंतिम यात्रा को नमन किया। शहीद अग्निवीर दानिश आलम के बचपन के मित्र विश्वजीत तिवारी ने बताया कि दानिश शुरू से ही मिलनसार, अनुशासित और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे, तथा उनका सपना देश की सेवा करना था। उन्होंने कहा कि दानिश ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिस पर पूरे क्षेत्र को गर्व है और उनकी वीरता एवं समर्पण हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उल्लेखनीय है कि जोरहाट एयरबेस पर हुए एएन-32 विमान हादसे में भारतीय वायुसेना के कुल पांच कर्मियों की जान चली गई थी। शहीदों की अंतिम यात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का माहौल है, जहां हर आंख नम है, लेकिन देश के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान पर हर भारतीय को गर्व महसूस करता है।
असम के जोरहाट एयरबेस में हुए भारतीय वायुसेना के एएन-32 परिवहन विमान हादसे में शहीद हुए बिहार के दो वीर सपूतों, अग्निवीर दानिश आलम और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का पार्थिव शरीर रविवार को एक विशेष वायुसेना विमान से बिहटा एयरफोर्स स्टेशन लाया गया। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन हो गया और अपने वीर बेटों को अंतिम सम्मान देने के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर सुबह से ही हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग हाथों में तिरंगा लिए एकत्रित थे। "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "अमर शहीद अमर रहें" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा, जिससे देशभक्ति के माहौल में हर किसी की आंखें नम हो गईं। पार्थिव शरीर के बिहटा पहुंचते ही, एयरफोर्स स्टेशन के अंदर भारतीय वायुसेना ने दोनों शहीदों को सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को अंतिम सलाम किया। भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड स्थित कमरियांव गांव निवासी अग्निवीर दानिश आलम और जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की शहादत की खबर मिलते ही दोनों जिलों में शोक की लहर दौड़ गई थी। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद, अग्निवीर दानिश आलम का पार्थिव शरीर भोजपुर के कमरियांव गांव और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार का पार्थिव शरीर जहानाबाद के बनवरिया गांव के लिए रवाना किया गया। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर और तिरंगा लहराकर अपने वीर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जबकि सड़क किनारे खड़े लोगों ने नम आंखों से अंतिम यात्रा को नमन किया। शहीद अग्निवीर दानिश आलम के बचपन के मित्र विश्वजीत तिवारी ने बताया कि दानिश शुरू से ही मिलनसार, अनुशासित और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे, तथा उनका सपना देश की सेवा करना था। उन्होंने कहा कि दानिश ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिस पर पूरे क्षेत्र को गर्व है और उनकी वीरता एवं समर्पण हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उल्लेखनीय है कि जोरहाट एयरबेस पर हुए एएन-32 विमान हादसे में भारतीय वायुसेना के कुल पांच कर्मियों की जान चली गई थी। शहीदों की अंतिम यात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का माहौल है, जहां हर आंख नम है, लेकिन देश के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान पर हर भारतीय को गर्व महसूस करता है।
- पटना जिले के बिक्रम में, सामुदायिक भवन काली मंदिर के पास, भारतीय जनता पार्टी पटना जिला ग्रामीण द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक 'मीडिया संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन प्रभारी तेज नारायण शर्मा ने किया। इस संवाद में '12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' विषय पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें भाजपा की विकास यात्रा, केंद्र और बिहार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं, और 'विकसित भारत 2047' के संकल्प पर प्रकाश डाला गया।1
- पटना के जगजीवन राम संस्थान में आयोजित त्रिवेणी संघ के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार के साथ-साथ समाज में भी बदलाव लाने की आवश्यकता है। चौधरी ने यह भी कहा कि समुदाय को जगाने की जरूरत है।1
- फुलवारी नगर परिषद क्षेत्र में विकास से जुड़े विषयों को लेकर स्थानीय जनता के साथ एक विशेष बातचीत की गई है।1
- पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों ने ट्रेन लेट होने और पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के विरोध में जमकर हंगामा किया। आक्रोशित छात्रों ने नारेबाजी की, पथराव किया और ट्रेन में तोड़फोड़ भी की, जिससे पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालात को बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज किया और हवाई फायरिंग भी की। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी मिली है।1
- समस्तीपुर के वाहन मालिक अपनी लंबित बकाया राशि का भुगतान न होने से नाराज़ होकर सड़क पर उतर आए हैं। यह बकाया रकम चुनाव के दौरान गाड़ी परिचालन के लिए थी, जिसे अब तक नहीं दिया गया है। इसी मुद्दे पर वाहन मालिकों ने परिवहन मंत्री के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है।1
- बिहार में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान विकास की बहार देखने को मिल रही है। इस प्रगति के तहत, 'मोदी जी की स्पेस टेक्नोलॉजी' का इस्तेमाल कर एक पुल का निर्माण किया गया है।1
- दानापुर रेल मंडल से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ शनिवार देर शाम फतुहा-इस्लामपुर रेलखंड पर एक महत्वपूर्ण रेल हादसा हो गया। 6371 इस्लामपुर-पटना पैसेंजर ट्रेन के पैंटोग्राफ से टकराकर बिजली का ओवरहेड तार अचानक टूट गया। यह घटना दनियावां जंक्शन से आगे सिगरियावां हॉल्ट के पास, 11 नंबर गुमटी के निकट शाम 6 बजकर 42 मिनट पर घटी। तार टूटते ही ट्रेन बीच रास्ते में रुक गई और करीब पाँच घंटे तक वहीं फंसी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और उनके बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना के कारण फतुहा-इस्लामपुर और फतुहा-दनियावां-बिहारशरीफ रेल मार्गों पर परिचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया, जिससे कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि ट्रेन जिस स्थान पर रुकी थी, उसके पास सड़क मार्ग और दनियावां बाजार मौजूद था, जिससे यात्रियों को कुछ आवश्यक सुविधाएँ मिल सकीं। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुँचे और टूटे हुए बिजली तार की मरम्मत का कार्य शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद, रेल परिचालन को सामान्य करने की दिशा में काम किया गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बिजली का तार टूटने से रेल सेवा कई घंटों तक बाधित रही, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।1
- दानापुर रेल मंडल के फतुहा-इस्लामपुर रेल खंड पर दनियावां जंक्शन से आगे सिगरियावां हॉल्ट के समीप 11 नंबर गुमटी के पास शनिवार देर शाम 18 बजकर 42 मिनट पर 6371 इस्लामपुर-पटना पैसेंजर ट्रेन के पेंटा से टकराकर बिजली का तार अचानक टूट गया। इस घटना के कारण ट्रेन पांच घंटे से अधिक समय तक बंद खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली का तार टूटने से फतुहा-इस्लामपुर और फतुहा-दनियावां-बिहार शरीफ रेल मार्ग पूरी तरह ठप्प हो गया। इस रूट पर फतुहा-दनियावां-बिहार शरीफ-राजगीर जाने वाली ट्रेन दनियावां स्टेशन पर रुकी रही, वहीं इस्लामपुर-पटना-हटिया-हिलसा में खड़ी ट्रेनें भी प्रभावित हुईं। गनीमत रही कि ट्रेन जिस स्थान पर रुकी थी, वहां बगल में ही फतुहा-हिलसा-इस्लामपुर सड़क मार्ग था और दनियावां बाजार भी लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर था, जिससे यात्रियों को कुछ सुविधा मिली। घटना के अचानक होने से कुछ देर के लिए यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। हालांकि, ट्रेन के दोनों चालकों ने यात्रियों को उतरकर बताया कि रेल के इलेक्ट्रिक तार पेंटा से टकराकर टूट गए हैं। पटना और फतुहा से ट्रेन पकड़कर परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र ट्रेन से उतरकर सड़क पर आ गए और छोटे-बड़े वाहनों से दनियावां और फतुहा के लिए रवाना होते देखे गए। दनियावां स्टेशन मास्टर राकेश कुमार ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस रूट पर रेल परिचालन तीन-चार घंटे बाद ही शुरू होगा। लगभग पांच घंटे से अधिक समय तक ट्रेनों के बाधित रहने के बाद, रात 11:45 बजे के उपरांत भी फतुहा-इस्लामपुर रेल खंड पर परिचालन प्रभावित रहा।4
- भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने रेलवे ट्रैक जाम कर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया।1