उत्तर प्रदेश के कालपी तहसील का उपनिबंधक कार्यालय अब सरकारी दफ्तर से ज्यादा गुंडागर्दी का अड्डा बन गया है। उरई से बैनामा कराने आए एक युवक के साथ हुई घटना ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है, जहाँ एक मामूली फाइल नंबर के विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि रजिस्ट्रार ऑफिस के भीतर ही कानून की धज्जियाँ उड़ गईं। युवक ने सिर्फ इतना पूछा था कि उसकी फाइल पहले होने के बावजूद पीछे क्यों कर दी गई, जिसके जवाब में वहाँ मौजूद बैनामा लेखकों और बाबुओं का पारा चढ़ गया। जवाब देने की बजाय उन्होंने कानून को हाथ में ले लिया, और देखते ही देखते गाली-गलौज, धमकी तथा सरेआम लात-घूंसे बरसने लगे। यह बवाल सरकारी दफ्तर के अंदर शुरू होकर बाहर सड़क तक आ गया, जहाँ दबंगई लगातार जारी रही। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम लोगों के सामने हुआ, लेकिन जिम्मेदार सिस्टम कहीं भी नजर नहीं आया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि बैनामा लेखक और बाबुओं ने मिलकर युवक को पीटा। इस घटना के वायरल वीडियो ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि क्या कालपी तहसील में काम बिना 'सेटिंग' के नहीं होता और क्या फाइलों की हेराफेरी पर सवाल उठाना अब गुनाह बन गया है। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या सरकारी कर्मचारी अब खुलेआम दबंगई करेंगे, और आम आदमी को तहसील में काम कराने के लिए पिटाई का जोखिम भी उठाना पड़ेगा। अगर तहसील जैसे संवेदनशील सरकारी दफ्तर में आम आदमी सुरक्षित नहीं है, तो फिर न्याय की उम्मीद कहाँ से की जाए? सबसे बड़ा सवाल प्रशासन पर उठ रहा है कि क्या वह इस गुंडागर्दी पर कोई कार्रवाई करेगा या फिर सबकुछ हमेशा की तरह 'मैनेज' कर लिया जाएगा। अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आता है या फिर सिस्टम इसे भी निगल जाएगा, क्योंकि यह घटना तहसील में 'जंगलराज' जैसी स्थिति को दर्शाती है।
उत्तर प्रदेश के कालपी तहसील का उपनिबंधक कार्यालय अब सरकारी दफ्तर से ज्यादा गुंडागर्दी का अड्डा बन गया है। उरई से बैनामा कराने आए एक युवक के साथ हुई घटना ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है, जहाँ एक मामूली फाइल नंबर के विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि रजिस्ट्रार ऑफिस के भीतर ही कानून की धज्जियाँ उड़ गईं। युवक ने सिर्फ इतना पूछा था कि उसकी फाइल पहले होने के बावजूद पीछे क्यों कर दी गई, जिसके जवाब में वहाँ मौजूद बैनामा लेखकों और बाबुओं का पारा चढ़ गया। जवाब देने की बजाय उन्होंने कानून को हाथ में ले लिया, और देखते ही देखते गाली-गलौज, धमकी तथा सरेआम लात-घूंसे बरसने लगे। यह बवाल सरकारी दफ्तर के अंदर शुरू होकर बाहर सड़क तक आ गया, जहाँ दबंगई लगातार जारी रही। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम लोगों के सामने हुआ, लेकिन जिम्मेदार सिस्टम कहीं भी नजर नहीं आया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि बैनामा लेखक और बाबुओं ने मिलकर युवक को पीटा। इस घटना के वायरल वीडियो ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि क्या कालपी तहसील में काम बिना 'सेटिंग' के नहीं होता और क्या फाइलों की हेराफेरी पर सवाल उठाना अब गुनाह बन गया है। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या सरकारी कर्मचारी अब खुलेआम दबंगई करेंगे, और आम आदमी को तहसील में काम कराने के लिए पिटाई का जोखिम भी उठाना पड़ेगा। अगर तहसील जैसे संवेदनशील सरकारी दफ्तर में आम आदमी सुरक्षित नहीं है, तो फिर न्याय की उम्मीद कहाँ से की जाए? सबसे बड़ा सवाल प्रशासन पर उठ रहा है कि क्या वह इस गुंडागर्दी पर कोई कार्रवाई करेगा या फिर सबकुछ हमेशा की तरह 'मैनेज' कर लिया जाएगा। अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आता है या फिर सिस्टम इसे भी निगल जाएगा, क्योंकि यह घटना तहसील में 'जंगलराज' जैसी स्थिति को दर्शाती है।
- कानपुर देहात के रुरा थाना क्षेत्र में राजस्व और पुलिस टीम ने अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, रुरा थाना क्षेत्र के विभिन्न गाँवों से अवैध मिट्टी से लदी छह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ा गया। पकड़े गए सभी वाहनों को थाना परिसर में खड़ा करवाया गया है। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि इन सभी जब्त किए गए वाहनों पर सीजिंग की कार्रवाई की गई है।1
- राजपुर कस्बे के अम्बेडकर नगर वार्ड में मंगलवार शाम नगर पंचायत द्वारा लगाए गए वाटर कूलर फ्रीजर में करंट उतर आने से दो सगी बहनें झुलस गईं। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बच्चियों को अस्पताल पहुँचाया। उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, अम्बेडकर नगर स्थित मस्जिद के पास नगर पंचायत का वाटर कूलर फ्रीजर लगा हुआ है। मंगलवार शाम रहमत की पुत्रियां मारिया (8 वर्ष) और महक (7 वर्ष) ठंडा पानी पीने वहाँ पहुँची थीं। इसी दौरान, मारिया जैसे ही वाटर कूलर के संपर्क में आईं, वह उसमें उतरे करंट की चपेट में आ गईं और चीखते हुए नीचे गिर पड़ीं। अपनी बड़ी बहन को तड़पता देख, महक ने उसे बचाने के लिए पकड़ा, जिससे वह भी करंट की चपेट में आ गई और दोनों बहनें ज़मीन पर गिर गईं। बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर दौड़े और किसी तरह उन्हें करंट के प्रभाव से अलग कर सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने दोनों बच्चियों को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) राजपुर में भर्ती कराया, जहाँ उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। इस संबंध में राजपुर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) नीति त्रिपाठी ने बुधवार सुबह बताया कि वाटर कूलर फ्रीजर में करंट आने के कारणों की जाँच कराई जाएगी, जिसके लिए मैकेनिक को बुलाया गया है और जाँच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मंगलवार शाम करीब 4 बजे सिकंदरा कस्बे के सूर्या ओवरब्रिज के पास नेशनल हाईवे किनारे आगमन हुआ। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत उनके काफिले का पूर्व विधानसभा सपा प्रत्याशी प्रभाकर पांडे और कार्यकर्ताओं ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया, जिसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने को अपना मुख्य उद्देश्य बताया। उन्होंने जोर दिया कि गाय को केवल राष्ट्रीय पशु नहीं, बल्कि माता के रूप में सम्मान मिलना चाहिए। इस दौरान, उन्होंने उपस्थित लोगों से हाथ उठवाकर गौ संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि जो लोग गाय को केवल पशु मानते हैं, उसे नुकसान पहुंचाते हैं, या ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं, उनका विरोध किया जाएगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसे उम्मीदवारों का समर्थन करें जो गौ माता को उचित सम्मान दिलाने के पक्षधर हों। शंकराचार्य ने आजादी के बाद के नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सबसे पहले गाय को सम्मानजनक दर्जा देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि यदि मुख्यमंत्री गाय को माता कहें तो इसमें कोई बुराई नहीं है, और इसे पुत्र के साथ माता-पिता का नाम जुड़ने जैसा ही स्पष्ट संबंध बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जनता और मतदाता इस महत्वपूर्ण मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे। लगभग 20 मिनट के संबोधन के बाद उनका काफिला अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गया। इस दौरान थाना सिकंदरा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैदी से काम किया। कार्यक्रम में मोहन यादव, नीरज मिश्रा, विपिन मिश्रा, अनुपम यादव, अजय बाजपेई सहित कई अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे।4
- औरेया जिले के डिबियापुर रोड स्थित एक OYO प्रतिष्ठान पर पुलिस ने छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो लड़कियों को पकड़ा।1
- कानपुर देहात के अकबरपुर थाने में दर्ज एक मुकदमे के फरार अभियुक्त सुदेश उर्फ अमित सचान पुत्र अजय उर्फ अजय सचान निवासी दिलवालपुर, थाना गजनेर, जनपद कानपुर देहात के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई मुकदमा अपराध संख्या 309/2025 से संबंधित है, जिसमें धारा 305, 307, 331(4), 331(6), 317(2), 317(4), 317(5), 112(2) एवं 61(2) बीएनएस के अंतर्गत आरोप दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, उक्त अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था और न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा था। इसी के मद्देनजर, माननीय न्यायालय के आदेशानुसार धारा 84 बीएनएसएस के अंतर्गत यह उद्घोषणा संपन्न कराई गई। पुलिस ने अभियुक्त सुदेश उर्फ अमित सचान को शीघ्र न्यायालय अथवा पुलिस के समक्ष उपस्थित होने की चेतावनी दी है, अन्यथा निर्धारित अवधि के भीतर उपस्थित न होने पर उसके विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर जोन की अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) अनुपम कुलश्रेष्ठ ने जनपद कन्नौज के अपने भ्रमण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित किया। इस बातचीत में उन्होंने जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, जनसुरक्षा और पुलिसिंग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। ADG अनुपम कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जनपद में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है और महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कुलश्रेष्ठ ने यह भी आश्वस्त किया कि पुलिस विभाग आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मीडिया वार्ता के दौरान, उन्होंने जनपद में संचालित विभिन्न सुरक्षा एवं जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी साझा की और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।1
- जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित पीएल कमला हॉस्पिटल नाम के एक निजी अस्पताल में एक प्रसूता की मौत हो गई, जिसके बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उसके शव को जबरन एम्बुलेंस में डालकर कहीं और रेफर कर दिया। इस घटना को लेकर मृतका के परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया है।4
- कानपुर देहात के माती कोर्ट में माननीय न्यायालय जे.एम. भोगनीपुर ने गाली गलौज और मारपीट से संबंधित एक मामले में अभियुक्त शमशुला को दोषी ठहराया है। अभियुक्त शमशुला, पुत्र गफ्फार, ग्राम ग्रोर, थाना बरौर, जनपद कानपुर देहात का निवासी है। न्यायालय ने अभियुक्त को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई है और साथ ही ₹1,300 का अर्थदंड भी लगाया है।1
- यह संदेश दिया गया है कि जीवन कब समाप्त हो जाए, इसका कोई पता नहीं है, इसलिए सभी को हर समय मस्ती करनी चाहिए और जीवन का आनंद लेना चाहिए।1