भोपाल में इन दिनों चल रहे वाहनों के सख्त चेकिंग अभियान के बीच पुलिस की मौजूदगी में ही एक स्कूटी चोरी होने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित नदीम आलम (निवासी ललारिया, तहसील बैरसिया) ने पुलिस कमिश्नर को दिए आवेदन में बताया कि 13 जुलाई की रात करीब 8 बजे उनके बहनोई मोहम्मद सगीर सुजुकी बर्गमैन स्कूटी लेकर सेंट्रल लाइब्रेरी चौराहे से इब्राहिमपुरा की ओर जा रहे थे। चौराहे पर चल रही वाहन चेकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने स्कूटी रोककर उसकी चाबी अपने पास रख ली और 300 रुपये का चालान बना दिया। सगीर के पास चालान के पैसे नहीं होने के कारण उन्होंने मौके पर नदीम को बुलाया। आरोप है कि इसी दौरान एक अज्ञात युवक स्कूटी लेकर फरार हो गया। जब नदीम मौके पर पहुंचे, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने अभद्र व्यवहार करते हुए कहा, "चाचा, अब तुम्हारी गाड़ी गई।" इस व्यवहार से पीड़ित को संदेह है कि वाहन ले जाने वाले के बारे में पुलिसकर्मी को पहले से जानकारी थी। इस घटना के बाद पीड़ित चोरी की शिकायत दर्ज कराने के लिए मंगलवारा, तलैया, हनुमानगंज और गौतम नगर थानों के चक्कर काटता रहा, लेकिन सभी थानों ने क्षेत्राधिकार का हवाला देकर मामला दर्ज करने से मना कर दिया। यहाँ तक कि ट्रैफिक पुलिस ने भी इस चेकिंग अभियान से खुद को अलग बताया। मामले में संदिग्ध आरक्षक दिनेश डेहरिया (थाना हनुमानगंज) ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चाबी पहले से गाड़ी में लगी थी और अज्ञात चोर उसी का फायदा उठाकर भागा, उन्होंने किसी को चाबी नहीं सौंपी। वहीं, मंगलवारा थाना प्रभारी अजय सोनी ने बताया कि मामला उनके क्षेत्र का है और शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है, जिसके बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में इन दिनों चल रहे वाहनों के सख्त चेकिंग अभियान के बीच पुलिस की मौजूदगी में ही एक स्कूटी चोरी होने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित नदीम आलम (निवासी ललारिया, तहसील बैरसिया) ने पुलिस कमिश्नर को दिए आवेदन में बताया कि 13 जुलाई की रात करीब 8 बजे उनके बहनोई मोहम्मद सगीर सुजुकी बर्गमैन स्कूटी लेकर सेंट्रल लाइब्रेरी चौराहे से इब्राहिमपुरा की ओर जा रहे थे। चौराहे पर चल रही वाहन चेकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने स्कूटी रोककर उसकी चाबी अपने पास रख ली और 300 रुपये का चालान बना दिया। सगीर के पास चालान के पैसे नहीं होने के कारण उन्होंने मौके पर नदीम को बुलाया। आरोप है कि इसी दौरान एक अज्ञात युवक स्कूटी लेकर फरार हो गया। जब नदीम मौके पर पहुंचे, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने अभद्र व्यवहार करते हुए कहा, "चाचा, अब तुम्हारी गाड़ी गई।" इस व्यवहार से पीड़ित को संदेह है कि वाहन ले जाने वाले के बारे में पुलिसकर्मी को पहले से जानकारी थी। इस घटना के बाद पीड़ित चोरी की शिकायत दर्ज कराने के लिए मंगलवारा, तलैया, हनुमानगंज और गौतम नगर थानों के चक्कर काटता रहा, लेकिन सभी थानों ने क्षेत्राधिकार का हवाला देकर मामला दर्ज करने से मना कर दिया। यहाँ तक कि ट्रैफिक पुलिस ने भी इस चेकिंग अभियान से खुद को अलग बताया। मामले में संदिग्ध आरक्षक दिनेश डेहरिया (थाना हनुमानगंज) ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चाबी पहले से गाड़ी में लगी थी और अज्ञात चोर उसी का फायदा उठाकर भागा, उन्होंने किसी को चाबी नहीं सौंपी। वहीं, मंगलवारा थाना प्रभारी अजय सोनी ने बताया कि मामला उनके क्षेत्र का है और शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है, जिसके बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- भोपाल में गरीब ठेले वालों, फेरीवालों और आम दुकानदारों के साथ नगर निगम के अतिक्रमण अमले द्वारा सरेआम 'दादागिरी' और बदतमीजी की जा रही है। मो शावर का आरोप है कि अतिक्रमण के नाम पर निगम कर्मी जबरन लोगों की दुकानों के अंदर घुस रहे हैं, उनका सामान जप्त कर रहे हैं और उनके साथ बुरा बर्ताव कर रहे हैं। इस गुंडागर्दी और अभद्र व्यवहार के विरोध में आयुक्त महोदया को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके माध्यम से मांग की जाएगी कि छोटे दुकानदारों को प्रताड़ित करने वाले अतिक्रमण अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।1
- मोदी जी को संबोधित करते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या राहुल गांधी छात्रों की गूंजती आवाजों से घबरा गए हैं। इस सवाल के जरिए छात्रों की बुलंद आवाज के असर और उससे राहुल गांधी के विचलित होने को लेकर सीधे तौर पर सवाल किया गया है।1
- भोपाल जिला बार चुनाव में सचिव पद की उम्मीदवार सपना चौधरी को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की गई है। इस चुनाव से जुड़ी पूरी खबर को अवश्य देखने का आग्रह किया गया है।1
- रामपुर में आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए यूनिवर्सिटी के निर्माण को अवैध घोषित कर दिया है। प्रशासन द्वारा इस अवैध निर्माण को हटाने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है, और स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में निर्माण नहीं हटाया गया तो रामपुर प्रशासन खुद बुलडोजर के जरिए इसे हटाने की कार्रवाई करेगा। इस कड़े आदेश के बाद से रामपुर में हड़कंप मच गया है।1
- भोपाल पुलिस की जोन 01 और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने ऐशबाग के चर्चित अंधे दोहरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ओल्ड सुभाष नगर में रहने वाले दंपत्ति हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन की हत्या उनकी संपत्ति हड़पने की नीयत से की गई थी। आरोपियों ने पहले छलपूर्वक और धोखाधड़ी से मृतक दंपत्ति के मकान का दान-पत्र (गिफ्ट डीड) अपने नाम करवा लिया था और फिर मकान को पूरी तरह से हथियाने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से हत्या की साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को ओल्ड सुभाष नगर स्थित मकान क्रमांक बी-35/2 की दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार ने दंपत्ति के घर से दुर्गंध आने पर डायल-112 के माध्यम से सूचना दी। मौके पर पहुंची ऐशबाग पुलिस को हेमंत फिलेमोन अपने घर के पलंग पर और शकुंतला फिलेमोन बैठक कक्ष के सोफे पर मृत अवस्था में मिलीं। घटनास्थल से पुलिस को फायरिंग से संबंधित खाली खोखे, बुलेट और अन्य भौतिक साक्ष्य मिले, जिन्हें विधिवत जप्त किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसआईटी (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान 20 पुलिस टीमों ने कड़ी मशक्कत करते हुए 1,500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) तथा डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान श्रीकांत चिचलिया (40 वर्ष, प्रॉपर्टी ब्रोकर) और शशीकांत चिचलिया (35 वर्ष, फिजियोथेरेपिस्ट छात्र) के रूप में हुई है, जो भोपाल के कजली खेड़ा स्थित बिडसर पाम कॉलोनी के रहने वाले सगे भाई हैं। इस अंधे दोहरे हत्याकांड के खुलासे पर पुलिस महानिदेशक द्वारा आरोपियों पर 50,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। फिलहाल, पुलिस इस प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में अंधविश्वास का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। भोपाल देहात पुलिस ने तीन महीने पहले लापता हुई एक नाबालिग बच्ची के मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए उसके पिता को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस पिता पर बेटी की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने जमीन में गड़े कथित सोने-चांदी के खजाने को निकालने के लालच में अपनी ही मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या कर उसकी बलि दे दी और शव को खेत में दफना दिया। भोपाल देहात के पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि 3 अप्रैल 2026 को सूखीसेवनिया थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि खलिहान में परिवार के साथ सो रही उसकी नाबालिग बेटी को देर रात कोई अज्ञात व्यक्ति उठाकर ले गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया गया, जिसके बाद 7 मई को घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर एक खेत से मानव कंकाल बरामद हुआ। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि बच्ची का पिता अचानक घर छोड़कर गायब हो गया था और उसकी पत्नी ने भी पति के व्यवहार पर संदेह जताया था, जिससे जांच की दिशा बदल गई। पुलिस को लगातार तीन महीने की जांच के बाद आरोपी पिता के विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र में होने की सूचना मिली, जिसके बाद 14 जुलाई को उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसे विश्वास था कि जमीन में सोने-चांदी का खजाना दबा हुआ है और उसे निकालने के लिए मानव बलि देना जरूरी है। इसी अंधविश्वास के चलते उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर साजिश रची और वारदात की रात बच्ची को खलिहान से ले जाकर पहले डंडे से बेरहमी से पीटा, फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने नब्ज जांचकर मौत की पुष्टि की और शव को खेत में गड्ढा खोदकर दफना दिया ताकि मामला अपहरण का लगे। पुलिस ने आरोपी के कबूलनामे और साक्ष्यों के आधार पर हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया है। फिलहाल मुख्य आरोपी पिता पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि वारदात में शामिल उसके दोनों साथी फरार हैं जिनकी तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे षड्यंत्र और अंधविश्वास के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच की जाएगी।2