बहराइच में 12 जून को केंद्र सरकार के 'सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान' पर आधारित जनकल्याणकारी और विकासोन्मुखी कार्यों के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक प्रबुद्ध जन सम्मेलन और उद्यमी-व्यापारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन, उद्यमी, व्यापारी प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में लागू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना के विकास, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, स्वरोजगार संवर्धन, व्यापार सुगमता और समाज के सभी वर्गों के उत्थान हेतु किए गए कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जोर देकर कहा कि प्रशासन केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसके परिणामस्वरूप आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। सम्मेलन में उपस्थित उद्योग व्यापार मण्डल के चेयरमैन कुलभूषण अरोड़ा, अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, बन्धु उद्योग भारती के अध्यक्ष रामरतन अग्रवाल, उ.प्र. व्यापार मण्डल के अध्यक्ष कालिका प्रसाद गुप्ता, उद्यमी एवं व्यापारी आलोक कुमार जालान, अशोक कुमार जालान और प्रमोद सहित कई अन्य वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने व्यापारिक वातावरण को और अधिक मजबूत बनाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही, उन्होंने उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की सराहना भी की। कार्यक्रम के दौरान आत्मनिर्भर भारत अभियान, स्टार्टअप एवं एमएसएमई प्रोत्साहन, डिजिटल इंडिया और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों से संबंधित जानकारी भी उपस्थित लोगों के साथ साझा की गई। इस सम्मेलन का समापन राष्ट्र निर्माण में जनसहभागिता, सुशासन और सतत विकास के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, डीआईओएस सर्वदानंद, उपायुक्त उद्योग केशवराम वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, व्यापारी संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य, शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
बहराइच में 12 जून को केंद्र सरकार के 'सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान' पर आधारित जनकल्याणकारी और विकासोन्मुखी कार्यों के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक प्रबुद्ध जन सम्मेलन और उद्यमी-व्यापारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन, उद्यमी, व्यापारी प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में लागू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना के विकास, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, स्वरोजगार संवर्धन, व्यापार सुगमता और समाज के सभी वर्गों के उत्थान हेतु किए गए कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जोर देकर कहा कि प्रशासन केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्योग और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसके परिणामस्वरूप आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। सम्मेलन में उपस्थित उद्योग व्यापार मण्डल के चेयरमैन कुलभूषण अरोड़ा, अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, बन्धु उद्योग भारती के अध्यक्ष रामरतन अग्रवाल, उ.प्र. व्यापार मण्डल के अध्यक्ष कालिका प्रसाद गुप्ता, उद्यमी एवं व्यापारी आलोक कुमार जालान, अशोक कुमार जालान और प्रमोद सहित कई अन्य वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने व्यापारिक वातावरण को और अधिक मजबूत बनाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही, उन्होंने उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की सराहना भी की। कार्यक्रम के दौरान आत्मनिर्भर भारत अभियान, स्टार्टअप एवं एमएसएमई प्रोत्साहन, डिजिटल इंडिया और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों से संबंधित जानकारी भी उपस्थित लोगों के साथ साझा की गई। इस सम्मेलन का समापन राष्ट्र निर्माण में जनसहभागिता, सुशासन और सतत विकास के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, डीआईओएस सर्वदानंद, उपायुक्त उद्योग केशवराम वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, व्यापारी संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य, शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
- बाराबंकी के रामनगर तहसील क्षेत्र में लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर संजय क्षेत्र के पास बनाए गए पीपा पुल को हटाने का काम शुरू हो गया है। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की देखरेख में इस पीपा पुल के आठ पीपों को क्रेन की मदद से बड़े वाहनों पर लादकर प्रयागराज (इलाहाबाद) भेज दिया गया। लगभग ₹6 करोड़ 18 लाख की लागत से तैयार किया गया यह पीपा पुल नदी पर आवागमन को सुचारु रखने के लिए बनाया गया था। अब संजय सेतु का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के कारण इस पीपा पुल की उपयोगिता समाप्त हो गई है, जिसके चलते विभाग ने इसे हटाने की कार्रवाई शुरू की है। लोधेश्वर क्रेन सर्विस की मदद से नदी किनारे पड़े पीपों को उठाकर सुरक्षित तरीके से प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। इस कार्य की निगरानी तिलक राम लोधी और रामशंकर लोधी ने की। लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर सद्दाम ने बताया कि संजय सेतु का निर्माण अब पूरा हो चुका है और छोटे वाहनों का आवागमन भी शुरू हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बड़े वाहनों के संचालन के लिए भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और 15 जून तक संजय सेतु को सभी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। पीपा पुल हटाए जाने से स्थायी पुल के संचालन की प्रक्रिया में तेजी आई है, जिससे स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही आवागमन की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। संजय सेतु के पूरी तरह चालू होने के बाद क्षेत्र के लोगों, व्यापारियों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।1
- ओमान के तट के पास अमेरिकी नौसेना द्वारा वाणिज्यिक जहाजों पर की गई सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है। इस घटना से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है, और भारत सरकार ने अमेरिका के समक्ष इस पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मारे गए भारतीय नाविकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश के रूप में हुई है, जिनकी मौत 'एमटी सेत्तेबेल्लो' नामक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले में हुई थी। पिछले कुछ दिनों में ओमान और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तीन अलग-अलग वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया गया था। इनमें 8 जून को 'एमटी मारिवेक्स' पर भी अमेरिकी बल द्वारा कार्रवाई की गई थी, जिसमें सवार सभी 24 भारतीय नाविक सुरक्षित बचा लिए गए थे। इसके अलावा, 11 जून को 'एमटी जलवीर' पर भी हमले की खबर आई, जिसमें सवार 20 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन हमलों पर अपनी गहरी चिंता और कड़ा विरोध व्यक्त करने के लिए इस सप्ताह दो बार अमेरिकी 'चार्ज डी अफेयर्स' को तलब किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत उम्मीद करता है कि वाणिज्यिक जहाजों और निर्दोष नाविकों को निशाना बनाने वाली ये कार्रवाई तुरंत बंद होनी चाहिए। भारत सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। 'सीमैन वेलफेयर फंड सोसाइटी' को प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के एक जवान ने पुलिस विभाग में पोस्टिंग को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। जवान के मुताबिक, विभाग में 'जैसा पैसा, वैसी पोस्टिंग' का चलन है, यानी पोस्टिंग के लिए पैसे देना अनिवार्य है। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर 'साहब' को रिश्वत नहीं दी जाती, तो उन्हें बाथरूम धोने जैसे अवांछित काम करने पड़ते हैं। यह बयान पुलिस अधिकारियों के रवैये पर सीधा सवाल उठाता है और पूछ रहा है कि क्या वे वाकई 'काले अंग्रेज' हैं।1
- बहराइच जिले में एक पीपल के पेड़ पर एक रहस्यमयी आंख दिखने की घटना सामने आई है। इस अनोखी आंख के प्रकट होने की खबर फैलते ही, लोगों की भारी भीड़ उस स्थान पर जमा होने लगी है, जो इस रहस्यमयी आकृति के दर्शन के लिए उमड़ रही है।1
- एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने बहराइच में एक प्रेस वार्ता के दौरान महाराजा सुहेलदेव को 'काल्पनिक पात्र' बताया है। यह बयान उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के आगामी 14 जून को मटेरा विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बहराइच पहुंचने के बाद दिया। इस अवसर पर शौकत अली ने यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी पूरे प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में 200 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला।1
- माननीय मुख्यमंत्री जी से कठोर कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में ऐसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं जिनसे आम जनमानस के जीवन से सरेआम परिवार किया जाता है। इन उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स जहर का काम करते हैं और इनसे आम लोगों की किडनी व गुर्दे खराब होने का खतरा है। यह सब जिला फूड इंस्पेक्टर की मिलीभगत से चल रहा है, जो अवैध धन वसूली करके आराम से सोते रहते हैं और उन्हें आम जनमानस के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। यह समस्या केवल मेरठ तक सीमित नहीं है; जनपद बहराइच भी इससे अछूता नहीं है, जहाँ कई लोग ऐसे उत्पादों से प्रभावित हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सैंपल तो भरे जाते हैं, परंतु कार्यवाही आज तक केवल उनसे आवाज के स्तर पर ही सीमित है, जिससे आम जनमानस काफी प्रभावित एवं दुखी है। स्पष्ट आरोप है कि ये जहरीले केमिकल्स, जो स्वास्थ्य के लिए घातक हैं, DO जिला फूड इंस्पेक्टर की मदद से खुलेआम बेचे जा रहे हैं। इसलिए, माननीय मुख्यमंत्री जी से इस पूरे प्रकरण पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।3
- जनपद बाराबंकी की तहसील रामनगर क्षेत्र के भवानी पैलेस में शनिवार को आयोजित सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कार्यक्रम के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने फेफड़ों की गंभीर बीमारी से पीड़ित छेदू पुत्र रामप्रसाद से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ित का हाल-चाल जाना और इलाज के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। डॉ. राजभर को रामनगर विधानसभा क्षेत्र-267 के कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान ग्राम पंचायत बेहटा निवासी छेदू की बीमारी की जानकारी मिली थी। छेदू लंबे समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और वर्तमान में उन्हें ऑक्सीजन के सहारे रखा जा रहा है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार लगातार अलग-अलग स्थानों पर इलाज करा रहा है और बेहतर उपचार के लिए प्रयासरत है। पीड़ित की स्थिति को देखते हुए डॉ. अरविंद राजभर ने मौके पर ही आर्थिक सहायता प्रदान की और परिवार को भरोसा दिलाया कि इलाज में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। डॉ. अरविंद राजभर ने आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर छेदू को बड़े अस्पताल में भर्ती कराकर बेहतर उपचार कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सरकार स्तर से भी इलाज में हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही। सहायता मिलने पर पीड़ित परिवार के सदस्यों ने डॉ. राजभर का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि उपचार के लिए आगे भी सहयोग मिलता रहेगा। स्थानीय लोगों ने भी डॉ. अरविंद राजभर द्वारा पीड़ित की मदद किए जाने के प्रयास की सराहना की, यह कहते हुए कि जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिलना उनके इलाज और जीवन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।1
- ओमान की खाड़ी में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर कई दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं। मुख्य प्रश्न यह है कि क्या भारतीय नाविकों की सच में मौत हुई है, या वायरल पोस्ट्स में दी गई जानकारी अधूरी है। इस पूरी घटना की सच्चाई, अमेरिकी कार्रवाई की असली वजह, और भारतीय क्रू के रेस्क्यू ऑपरेशन की विस्तृत कहानी जानने के लिए, लोगों से वीडियो को अंत तक देखने और अपनी राय कमेंट में बताने का आग्रह किया गया है। इसके साथ ही, देश-दुनिया की बड़ी खबरों के लिए चैनल को फॉलो करने का अनुरोध भी किया गया है।1