बिजनौर के नगीना में कोड़िया से तेलीपाड़ा होते हुए नगीना-रामनगर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की जर्जर हालत के खिलाफ स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सुनील भाई अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। यह 8 किलोमीटर लंबा मार्ग जगह-जगह बड़े गड्ढों, उखड़े इंटरलॉकिंग ब्लॉकों और जलभराव के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिसके चलते वहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय निवासियों ने PWD दुग्गडा खंड पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मार्ग का हाल नारकीय हो गया है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और व्यापारियों का निकलना दूभर हो गया है। कई बार लिखित शिकायत और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस आंदोलन को ह्यूमन रिलीफ़ फाउंडेशन ट्रस्ट ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष हफ़ीज़ रहमान ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, "टूटी सड़क, टूटा सब्र — PWD जवाब दो। यह सिर्फ सड़क नहीं, जनता की सुरक्षा का सवाल है।" प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि नगीना-रामनगर रोड का पुनर्निर्माण तत्काल शुरू किया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो, निर्माण के लिए लिखित समय-सीमा सार्वजनिक की जाए और काम पूरा होने तक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। धरना स्थल पर सैकड़ों स्थानीय लोग एकत्र हो गए हैं, जिनमें महिलाओं और बुजुर्गों का भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रशासन की ओर से अब तक किसी अधिकारी के वार्ता के लिए न पहुंचने के कारण लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।
बिजनौर के नगीना में कोड़िया से तेलीपाड़ा होते हुए नगीना-रामनगर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की जर्जर हालत के खिलाफ स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सुनील भाई अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। यह 8 किलोमीटर लंबा मार्ग जगह-जगह बड़े गड्ढों, उखड़े इंटरलॉकिंग ब्लॉकों और जलभराव के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिसके चलते वहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय निवासियों ने PWD दुग्गडा खंड पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मार्ग का हाल नारकीय हो गया है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और व्यापारियों का निकलना दूभर हो गया है। कई बार लिखित शिकायत और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस आंदोलन को ह्यूमन रिलीफ़ फाउंडेशन
ट्रस्ट ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष हफ़ीज़ रहमान ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, "टूटी सड़क, टूटा सब्र — PWD जवाब दो। यह सिर्फ सड़क नहीं, जनता की सुरक्षा का सवाल है।" प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि नगीना-रामनगर रोड का पुनर्निर्माण तत्काल शुरू किया जाए, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो, निर्माण के लिए लिखित समय-सीमा सार्वजनिक की जाए और काम पूरा होने तक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। धरना स्थल पर सैकड़ों स्थानीय लोग एकत्र हो गए हैं, जिनमें महिलाओं और बुजुर्गों का भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रशासन की ओर से अब तक किसी अधिकारी के वार्ता के लिए न पहुंचने के कारण लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।
- उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर बिजनौर के नगीना क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के समीप बहने वाली खो और सुखरो नदी में अचानक भारी पानी आने से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं, जिससे नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है और तटीय इलाकों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। टांडामाईदास ग्राम के समीप नदी का पानी संपर्क मार्गों और रास्तों पर आने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं और मुख्य मार्गों पर कई फीट पानी जमा होने के कारण ग्रामीण अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन को स्थिति की गंभीरता से सूचित कर दिया गया है, और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने तथा नदी के समीप न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों या जलभराव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाने का अनुरोध किया है, साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बाढ़ राहत टीम से संपर्क करने को कहा है।2
- बिजनौर के थाना नगीना देहात अंतर्गत कमरूद्दीन नगर में शनिवार रात हुई तेज बारिश के बाद सुखरो नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे नदी उफान पर आ गई है। इस बाढ़ के कारण स्थानीय स्तर पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और खोबडा, चिलकिया, गांवड़ी व बढ़ापुर आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ापुर के लिए मुख्य रास्ता नगीना देहात से होकर गुजरता है, लेकिन चिलकिया, गांवड़ी और खोबडा के ग्रामीण अक्सर कमरुद्दीन नगर से नदी पार कर अपने गांव पहुंचते हैं। इस आपदा के चलते किसानों की हजारों बीघा फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। फिलहाल, सरकारी स्तर पर यहाँ स्थित अंग्रेजी शासनकाल के दौरान बने मिनी पुल की मरम्मत और चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है।1
- बिजनौर के मंडावली में कावड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड बॉर्डर पर स्थित कोटा वाली नदी से लेकर मोटा महादेव तक के मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कावड़ यात्रा को दुरुस्त और सुचारू बनाना है, ताकि शिव भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के दौरान एसपी अभिषेक झा ने मार्ग पर साफ-सफाई बनाए रखने और पुलिस द्वारा नियमित रूप से गश्त कराने के निर्देश दिए हैं।1
- बिजनौर जिले के नजीबाबाद में चेयरमैन अब्दुल मनान ने बच्चों को खोजने के लिए अपनी पूरी मेहनत लगा दी है।1
- बिजनौर के थाना कोतवाली देहात से नजीबाबाद जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है, जिससे वहां से गुजरने वाले राहगीर आए दिन चोटिल हो रहे हैं। यह सड़क नेशनल हाईवे 34 को जोड़ती है, लेकिन पहली ही बारिश ने सड़क निर्माण और उसके रख-रखाव को लेकर किए गए सरकारी दावों की पोल खोल कर रख दी है। हाल ही में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई यह सड़क वर्तमान में बदहाल स्थिति में है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे किसी भी समय किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। मोहम्मद सलीम मलिक द्वारा भेजी गई इस रिपोर्ट के अनुसार, सड़क की दुर्दशा के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बिजनौर जिले के मंडावली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नारायणपुर रतन में स्थित एक मुर्गी फार्म को खाली कराने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। इस विवाद में एक पक्ष के दो लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से एक व्यक्ति की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। घायल व्यक्ति का इलाज बिजनौर में चल रहा है। इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष द्वारा मंडावली थाने में तहरीर सौंप दी गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस मामले में एक तथाकथित फर्जी पत्रकार द्वारा पुलिस पर मुकदमा दर्ज न करने का दबाव बनाया जा रहा है। यह फर्जी पत्रकार कुछ लोगों को साथ लेकर अपनी मनमानी करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित थाने पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। यह आरोपी पत्रकार पहले भी मिट्टी और रेत-बजरी के अवैध खनन के मामलों में लिप्त रहा है। इसके अलावा, कुछ समय पहले लाइफलाइन हॉस्पिटल में मनमानी करने और डॉक्टर पर दबाव बनाने के कारण भी यह कथित पत्रकार काफी चर्चाओं में रहा था।2