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"साऊँघाट सीएचसी: 13 वर्षों से जारी है एक 'अधिकारी' का राज, जाँच के नाम पर फिर रस्म अदायगी" अजीत मिश्रा (खोजी) स्थानांतरण नीति को ठेंगा: साऊँघाट सीएचसी में 13 वर्षों से 'अंगद' बने बैठे एचईओ बृजेन्द्र कुमार, भ्रष्टाचार का खुला 'तांडव' ​ब्यूरो, बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश) "बस्ती: साऊँघाट सीएचसी बना लूट का अड्डा! 13 साल की लंबी तैनाती के दम पर एचईओ बृजेन्द्र का 'भ्रष्टाचार वाला तांडव'" "साहब की 'दरियादिली' या सिस्टम की लाचारी? आखिर बृजेन्द्र कुमार पर क्यों मेहरबान है स्वास्थ्य विभाग?" "साऊँघाट सीएचसी: 13 वर्षों से जारी है एक 'अधिकारी' का राज, जाँच के नाम पर फिर रस्म अदायगी" ​बस्ती। सूबे की योगी सरकार एक ओर भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का ढिंढोरा पीट रही है, तो दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सरकारी नियमों को अपनी जेब में लेकर घूम रहे हैं। साऊँघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (HEO) बृजेन्द्र कुमार इसका जीवंत प्रमाण हैं। पिछले 13 वर्षों से एक ही स्थान पर अंगद की तरह पैर जमाए बृजेन्द्र कुमार ने न केवल स्थानांतरण नीति की धज्जियां उड़ाई हैं, बल्कि सीएचसी को अपनी निजी जागीर समझकर 'लूट' का अड्डा बना दिया है। ​नियमों की बलि, रसूख की चमक ​सरकारी नियमावली स्पष्ट कहती है कि कोई भी कर्मचारी एक जनपद में अधिकतम 3 वर्ष और मंडल में 7 वर्ष से अधिक सेवा नहीं दे सकता। लेकिन बृजेन्द्र कुमार के मामले में शासन के ये सारे नियम बौने साबित हो रहे हैं। ​तैनाती की तारीख: 17 जुलाई 2013 ​वर्तमान स्थिति: अद्यतन तिथि तक उसी पद पर बरकरार ​सवाल: आखिर वह कौन सा 'अदृश्य हाथ' है जो 13 सालों से बृजेन्द्र पर मेहरबान है? ​भ्रष्टाचार में गोते और चर्चाओं का बाजार गर्म ​स्थानीय लोगों और विभागीय सूत्रों की मानें तो एक ही जगह लंबी तैनाती ने बृजेन्द्र कुमार के हौसले इतने बुलंद कर दिए हैं कि वह अब खुलेआम 'लूट और तांडव' पर उतारू हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि लंबी अवधि तक टिके रहने के पीछे केवल विभागीय साठगांठ ही नहीं, बल्कि मोटा 'सुविधा शुल्क' भी एक बड़ी वजह हो सकता है। आखिर 3 साल की सीमा को 13 साल तक खींच ले जाना बिना उच्चाधिकारियों की 'दरियादिली' के मुमकिन नहीं है। ​क्या जाँच केवल रस्म अदायगी है? ​इस गंभीर प्रकरण पर जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह रटा-रटाया जवाब दिया कि "मामले की जाँच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।" ​बड़ा सवाल: क्या 13 साल तक विभाग की आँखें बंद थीं? क्या भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि प्रशासन कार्रवाई करने से कतरा रहा है? जनता अब कागजी दावों नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई चाहती है। ​मुख्य: ​तीखा प्रहार: 'अंगद की तरह पैर जमाना' और 'भ्रष्टाचार में गोते लगाना' जैसे मुहावरों का प्रयोग। ​तथ्यात्मक स्पष्टता: नियुक्ति की तारीख (17 जुलाई 2013) का उल्लेख। ​प्रशासनिक विफलता: स्थानांतरण नीति के उल्लंघन पर सीधे सवाल।

3 hrs ago
user_अजीत मिश्रा (खोजी)
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago
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"साऊँघाट सीएचसी: 13 वर्षों से जारी है एक 'अधिकारी' का राज, जाँच के नाम पर फिर रस्म अदायगी" अजीत मिश्रा (खोजी) स्थानांतरण नीति को ठेंगा: साऊँघाट सीएचसी में 13 वर्षों से 'अंगद' बने बैठे एचईओ बृजेन्द्र कुमार, भ्रष्टाचार का खुला 'तांडव' ​ब्यूरो, बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश) "बस्ती: साऊँघाट सीएचसी बना लूट का अड्डा! 13 साल की लंबी तैनाती के दम पर एचईओ बृजेन्द्र का 'भ्रष्टाचार वाला तांडव'" "साहब की 'दरियादिली' या सिस्टम की लाचारी? आखिर बृजेन्द्र कुमार पर क्यों मेहरबान है स्वास्थ्य विभाग?" "साऊँघाट सीएचसी: 13 वर्षों से जारी है एक 'अधिकारी' का राज, जाँच के नाम पर फिर रस्म अदायगी" ​बस्ती। सूबे की योगी सरकार एक ओर भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का ढिंढोरा पीट रही है, तो दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सरकारी नियमों को अपनी जेब में लेकर घूम रहे हैं। साऊँघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (HEO) बृजेन्द्र कुमार इसका जीवंत प्रमाण हैं। पिछले 13 वर्षों से एक ही स्थान पर अंगद की तरह पैर जमाए बृजेन्द्र कुमार ने न केवल स्थानांतरण नीति की धज्जियां उड़ाई हैं, बल्कि सीएचसी को अपनी निजी जागीर समझकर 'लूट' का अड्डा बना दिया है। ​नियमों की बलि, रसूख की चमक ​सरकारी नियमावली स्पष्ट कहती है कि कोई भी कर्मचारी एक जनपद में अधिकतम 3 वर्ष और मंडल में 7 वर्ष से अधिक सेवा नहीं दे सकता। लेकिन बृजेन्द्र कुमार के मामले में शासन के ये सारे नियम बौने साबित हो रहे हैं। ​तैनाती की तारीख: 17 जुलाई 2013 ​वर्तमान स्थिति: अद्यतन तिथि तक उसी पद पर बरकरार ​सवाल: आखिर वह कौन सा 'अदृश्य हाथ' है जो 13 सालों से बृजेन्द्र पर मेहरबान है? ​भ्रष्टाचार में गोते और चर्चाओं का बाजार गर्म ​स्थानीय लोगों और विभागीय सूत्रों की मानें तो एक ही जगह लंबी तैनाती ने बृजेन्द्र कुमार के हौसले इतने बुलंद कर दिए हैं कि वह अब खुलेआम 'लूट और तांडव' पर उतारू हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि लंबी अवधि तक टिके रहने के पीछे केवल विभागीय साठगांठ ही नहीं, बल्कि मोटा 'सुविधा शुल्क' भी एक बड़ी वजह हो सकता है। आखिर 3 साल की सीमा को 13 साल तक खींच ले जाना बिना उच्चाधिकारियों की 'दरियादिली' के मुमकिन नहीं है। ​क्या जाँच केवल रस्म अदायगी है? ​इस गंभीर प्रकरण पर जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह रटा-रटाया जवाब दिया कि "मामले की जाँच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।" ​बड़ा सवाल: क्या 13 साल तक विभाग की आँखें बंद थीं? क्या भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि प्रशासन कार्रवाई करने से कतरा रहा है? जनता अब कागजी दावों नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई चाहती है। ​मुख्य: ​तीखा प्रहार: 'अंगद की तरह पैर जमाना' और 'भ्रष्टाचार में गोते लगाना' जैसे मुहावरों का प्रयोग। ​तथ्यात्मक स्पष्टता: नियुक्ति की तारीख (17 जुलाई 2013) का उल्लेख। ​प्रशासनिक विफलता: स्थानांतरण नीति के उल्लंघन पर सीधे सवाल।

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  • उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के लालगंज में वन माफिया बेखौफ होकर सरेआम हरे पेड़ काट रहे हैं, जिससे 'ग्रीन यूपी' मिशन पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यह सब पुलिस और नेताओं के संरक्षण में हो रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है। आक्रोशित ग्रामीण जिलाधिकारी से दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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    उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के लालगंज में वन माफिया बेखौफ होकर सरेआम हरे पेड़ काट रहे हैं, जिससे 'ग्रीन यूपी' मिशन पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यह सब पुलिस और नेताओं के संरक्षण में हो रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है। आक्रोशित ग्रामीण जिलाधिकारी से दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • basti pratapgarh kala ki rood jo ashok inter college se pratapgarh kala main jati hai wo rood bhout he jada kharab hai please isko thik karwaya jaye
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    basti 
pratapgarh kala ki rood jo ashok inter college se pratapgarh kala main jati hai wo rood bhout he jada kharab hai please isko thik karwaya jaye
    user_Imran khan
    Imran khan
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • गैंगस्टर एक्ट में बड़ी कार्रवाई, 7.60 लाख की अवैध कार जब्त ✍️#आशुसिंह संतकबीरनगर। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त की अवैध संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में की गई। पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली खलीलाबाद में पंजीकृत मुकदमा संख्या 436/2025 धारा 2(b)(1)/3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम से संबंधित अभियुक्त इसरार अहमद पुत्र मसहूर आलम निवासी ग्राम टेमा रहमत थाना कोतवाली खलीलाबाद द्वारा आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से अवैध धन अर्जित किया गया था। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त ने अपराध से अर्जित धनराशि से एक स्विफ्ट जेडएक्सआई कार खरीदी थी। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक दुधारा अरविंद कुमार शर्मा द्वारा की गई। जांच में कार संख्या यूपी 51 बीयू 8056 की कीमत लगभग 7 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत अवैध संपत्ति जब्तीकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई थी। जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में रविवार को उपजिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी , क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा थाना दुधारा पुलिस की मौजूदगी में विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए मुनादी कर कार को जब्त कर लिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में संगठित अपराध और अवैध कमाई करने वाले अपराधियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। #SantKabirNagar #GangsterAct #UPPolice #PoliceAction #CrimeControl #Khalilabad #Gangster #PropertySeized #SwiftCar #UPNews #SandeepKumarMeena #PoliceOperation #BreakingNews #बस्ती_न्यूज़_टाइम्स #liveuponenews
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    गैंगस्टर एक्ट में बड़ी कार्रवाई, 7.60 लाख की अवैध कार जब्त

✍️#आशुसिंह 
संतकबीरनगर। 
जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त की अवैध संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में की गई।
पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली खलीलाबाद में पंजीकृत मुकदमा संख्या 436/2025 धारा 2(b)(1)/3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम से संबंधित अभियुक्त इसरार अहमद पुत्र मसहूर आलम निवासी ग्राम टेमा रहमत थाना कोतवाली खलीलाबाद द्वारा आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से अवैध धन अर्जित किया गया था। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त ने अपराध से अर्जित धनराशि से एक स्विफ्ट जेडएक्सआई कार खरीदी थी।
मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक दुधारा अरविंद कुमार शर्मा द्वारा की गई। जांच में कार संख्या यूपी 51 बीयू 8056 की कीमत लगभग 7 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत अवैध संपत्ति जब्तीकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई थी।
जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में रविवार को उपजिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी , क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा थाना दुधारा पुलिस की मौजूदगी में विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए मुनादी कर कार को जब्त कर लिया गया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में संगठित अपराध और अवैध कमाई करने वाले अपराधियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
#SantKabirNagar #GangsterAct #UPPolice #PoliceAction #CrimeControl #Khalilabad #Gangster #PropertySeized #SwiftCar #UPNews #SandeepKumarMeena #PoliceOperation #BreakingNews
#बस्ती_न्यूज़_टाइम्स #liveuponenews
    user_LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पूज्य राजन जी महाराज की श्रीराम कथा पहली बार संतकबीरनगर के मुखलिसपुर गायघाट में 16 से 24 फरवरी तक आयोजित होगी। इस दिव्य आयोजन की सूचना मिलते ही जनपद के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई है। कथा स्थल पर हजारों भक्तों के लिए बैठने, प्रसाद और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
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    पूज्य राजन जी महाराज की श्रीराम कथा पहली बार संतकबीरनगर के मुखलिसपुर गायघाट में 16 से 24 फरवरी तक आयोजित होगी। इस दिव्य आयोजन की सूचना मिलते ही जनपद के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई है। कथा स्थल पर हजारों भक्तों के लिए बैठने, प्रसाद और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    7 hrs ago
  • संत कबीर नगर के खलीलाबाद में एक खास कार्यक्रम की घोषणा की गई है। शहर के लोग इस आयोजन की विस्तृत जानकारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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    संत कबीर नगर के खलीलाबाद में एक खास कार्यक्रम की घोषणा की गई है। शहर के लोग इस आयोजन की विस्तृत जानकारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
    user_Shailendra Pandey
    Shailendra Pandey
    Singing teaching and political work. खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में पवन पंडित नामक युवक पर लड़कियों की तस्वीरें AI से अश्लील बनाकर ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगा है। वह पीड़ितों और उनके परिवारजनों को बदनाम करने और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देता है। मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
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    उत्तर प्रदेश में पवन पंडित नामक युवक पर लड़कियों की तस्वीरें AI से अश्लील बनाकर ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगा है। वह पीड़ितों और उनके परिवारजनों को बदनाम करने और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देता है। मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
    user_Kamalakant tiwari
    Kamalakant tiwari
    Journalist खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को एक सामाजिक समरसता महारैली में आना था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया, जिससे भारी संख्या में मौजूद भीड़ निराश हो गई। मंत्री को देख न पाने से नाराज जनता वर्चुअल भाषण के तुरंत बाद ही पंडाल छोड़कर चली गई।
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    उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को एक सामाजिक समरसता महारैली में आना था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया, जिससे भारी संख्या में मौजूद भीड़ निराश हो गई। मंत्री को देख न पाने से नाराज जनता वर्चुअल भाषण के तुरंत बाद ही पंडाल छोड़कर चली गई।
    user_आलोक कुमार बर्नवाल
    आलोक कुमार बर्नवाल
    मेहदावल, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में बैंक ऑफ इंडिया ने नीलामी के नाम पर एक खरीदार से ₹25 लाख ले लिए, लेकिन 18 महीने बाद भी संपत्ति का कब्ज़ा नहीं दिया। खरीदार अब भारी ब्याज पर लिए कर्ज तले दबा है, जबकि बैंक प्रशासन पर टालमटोल का आरोप लगा रहा है। इस मामले ने बैंकिंग प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।
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    उत्तर प्रदेश में बैंक ऑफ इंडिया ने नीलामी के नाम पर एक खरीदार से ₹25 लाख ले लिए, लेकिन 18 महीने बाद भी संपत्ति का कब्ज़ा नहीं दिया। खरीदार अब भारी ब्याज पर लिए कर्ज तले दबा है, जबकि बैंक प्रशासन पर टालमटोल का आरोप लगा रहा है। इस मामले ने बैंकिंग प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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