बिहार राज्य आशा संघ एवं बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ (एटक) के राज्यव्यापी आह्वान पर सोमवार को पश्चिम चंपारण के बेतिया में जिला पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष सैकड़ों आशा और आशा फैसिलिटेटर ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए लंबित भुगतान, सेवा स्थायीकरण और सम्मानजनक मानदेय की मांग उठाई। धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ता वर्षों से गांवों में जाकर टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, पोषण, परिवार कल्याण और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि आशा एवं आशा फैसिलिटेटर का लंबित भुगतान तुरंत किया जाए, ड्रेस व मोबाइल रिचार्ज मद में की गई कटौती वापस ली जाए, उनकी सेवा स्थायी कर ₹26,000 मासिक मानदेय लागू किया जाए और सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए। इसके अलावा, उम्र सत्यापन के लिए आधार कार्ड को मान्य दस्तावेज मानने, तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जमे अकाउंटेंट व बीसीएम का स्थानांतरण करने, भुगतान पहले की तरह अश्विनी पोर्टल के माध्यम से कराने, आशा कार्यकर्ताओं का मानसिक उत्पीड़न बंद करने और एक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक से अधिक आशाओं की नियुक्ति की व्यवस्था समाप्त करने की मांग की गई है। साथ ही लौरिया प्रखंड की बीसीएम रीना मोदी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई। धरना प्रदर्शन के बाद संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति के नेतृत्व में एक दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जब तक आशा एवं आशा फैसिलिटेटर का बकाया भुगतान नहीं हो जाता, तब तक संबंधित प्रभारी, बीसीएम और अकाउंटेंट के भुगतान पर भी रोक लगाई जाए। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता रंजना चौहान ने की, जिसमें साधना देवी, पुष्पा, सरोज, मुन्ना सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। ट्रेड यूनियन नेता फिरोज भारती, उर्मिला, आरती पटेल, शहनाज, माला, सुनीता, पूनम, गुलाबी देवी और संजना समेत अन्य वक्ताओं ने आंदोलन को और मजबूत करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
बिहार राज्य आशा संघ एवं बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ (एटक) के राज्यव्यापी आह्वान पर सोमवार को पश्चिम चंपारण के बेतिया में जिला पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष सैकड़ों आशा और आशा फैसिलिटेटर ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए लंबित भुगतान, सेवा स्थायीकरण और सम्मानजनक मानदेय की मांग उठाई। धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ता वर्षों से गांवों में जाकर टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, पोषण, परिवार कल्याण और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि आशा एवं आशा फैसिलिटेटर का लंबित भुगतान तुरंत किया जाए, ड्रेस व मोबाइल रिचार्ज मद में की गई कटौती वापस ली जाए, उनकी सेवा स्थायी कर ₹26,000 मासिक मानदेय लागू किया जाए और सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए। इसके अलावा, उम्र सत्यापन के लिए आधार कार्ड को मान्य दस्तावेज मानने, तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जमे अकाउंटेंट व बीसीएम का स्थानांतरण करने, भुगतान पहले की तरह अश्विनी पोर्टल के माध्यम से कराने, आशा कार्यकर्ताओं का मानसिक उत्पीड़न बंद करने और एक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक से अधिक आशाओं की नियुक्ति की व्यवस्था समाप्त करने की मांग की गई है। साथ ही लौरिया प्रखंड की बीसीएम रीना मोदी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई। धरना प्रदर्शन के बाद संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति के नेतृत्व में एक दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जब तक आशा एवं आशा फैसिलिटेटर का बकाया भुगतान नहीं हो जाता, तब तक संबंधित प्रभारी, बीसीएम और अकाउंटेंट के भुगतान पर भी रोक लगाई जाए। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता रंजना चौहान ने की, जिसमें साधना देवी, पुष्पा, सरोज, मुन्ना सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। ट्रेड यूनियन नेता फिरोज भारती, उर्मिला, आरती पटेल, शहनाज, माला, सुनीता, पूनम, गुलाबी देवी और संजना समेत अन्य वक्ताओं ने आंदोलन को और मजबूत करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
- पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड क्षेत्र की पखनाहा डुमरिया पंचायत की मुख्य सड़क पर बनाए जा रहे नाले के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि घटिया निर्माण और भारी अनियमितताओं के कारण यह नाला प्रभावी ढंग से पानी की निकासी नहीं कर पा रहा है। इसका खामियाजा स्थानीय जनता को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि हल्की सी बारिश होने पर भी मुख्य सड़क पर जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जा रही है, जिससे राहगीरों और आसपास के निवासियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बदहाली से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और इसके लिए जिम्मेदार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, निर्माण कार्य करा रहे व्यक्ति ने इन आरोपों पर अपनी सफाई देते हुए कहा है कि जहां भी तकनीकी खामियां सामने आई हैं, उन्हें जल्द ही दुरुस्त कर दिया जाएगा और आवश्यक मरम्मत का काम कराया जाएगा। अब यह देखना बेहद अहम होगा कि संबंधित विभाग और पंचायत स्तर के जिम्मेदार अधिकारी इस निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जनता को इस जलजमाव से मुक्ति दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।1
- पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के संकल्प के साथ नवागत प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह का भव्य स्वागत किया गया। एसएसबी कैंप के समीप एक होटल के सभागार में आयोजित इस समारोह में सराहनीय कार्यकाल के लिए प्रभारी बीईओ सह प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी राजेश कुमार यादव को भी सम्मानित किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी सूरज कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहां शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सकारात्मक माहौल देखा गया। समारोह को संबोधित करते हुए बीडीओ सूरज कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे संसाधनों की कमी का बहाना छोड़े बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें, टीम भावना के साथ काम करें और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारें। इसके साथ ही उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि 16वें वित्त आयोग की राशि से प्रखंड के जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत कराई जाएगी, जिससे विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा। वहीं, नवागत प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह ने शिक्षकों से शैक्षणिक वातावरण को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए बेहतर कार्य करने, नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और अभिभावकों के साथ सम्मानजनक व सकारात्मक व्यवहार रखने पर विशेष बल दिया। समारोह में विभिन्न स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों ने दोनों अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और एकजुट होकर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने तथा छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।1
- पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव से तीन दिन पूर्व चोरी हुई आयशर ट्रैक्टर एवं ट्रॉली को पुलिस ने बरामद कर लिया है। यह वाहन रामपुरवा सरेह स्थित श्मशान घाट के पास लावारिस अवस्था में फंसा हुआ मिला था। डुमरिया गांव के वार्ड संख्या-7 निवासी परवेज आलम ने अपने आयशर 480 ट्रैक्टर एवं ट्रॉली की चोरी की शिकायत मझौलिया थाने में दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस जांच में जुटी थी। सोमवार की सुबह रामपुरवा वार्ड संख्या-2 स्थित श्मशान घाट के पास चारा काटने गए ग्रामीणों की नजर सरेह में फंसी इस ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पड़ी। ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से गाड़ी को बाहर निकाला और कब्जे में लेकर थाने आई, जहां प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि यह वाहन परवेज आलम का ही है। थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। चोरी में शामिल आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का अनुमान है कि चोर किसी कारणवश वाहन को वहीं छोड़कर फरार हो गए थे। वाहन बरामद होने पर ट्रैक्टर स्वामी परवेज आलम ने पुलिस प्रशासन और मीडिया का आभार व्यक्त किया है।4
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया में एक पुल को लेकर सवाल उठाया गया है और लोगों से पूछा गया है कि इस पुल के बारे में उनकी क्या शिकायत है।1
- गिरफ्तारी के बाद वीना मानवी को कोर्ट से बेल मिल गई है। कोर्ट से जमानत मिलते ही उन्होंने अपने विरोधियों पर करारा हमला बोलते हुए उन्हें पूरी तरह से धो डाला है।1
- पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव से तीन दिन पहले चोरी हुई एक आयशर ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस ने सोमवार की सुबह बरामद कर लिया है। यह लावारिस वाहन रमपुरवा सरेह स्थित श्मशान घाट के पास फंसा हुआ मिला था, जिसे ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से बाहर निकाला और थाने ले आई। प्रारंभिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि बरामद ट्रैक्टर-ट्रॉली डुमरिया गांव के वार्ड संख्या-7 निवासी परवेज आलम की ही है, जिन्होंने चोरी की इस घटना के बाद मझौलिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस का अनुमान है कि चोर किसी कारणवश इस वाहन को श्मशान घाट के पास ही छोड़कर फरार हो गए। थाना अध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और आरोपियों की पहचान व पकड़ के लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों सहित अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने का दावा करते हुए लगातार छापेमारी की जा रही है।1
- पश्चिम चंपारण के बलथर थाना क्षेत्र के सोनरा टोला हाईवे पुल सैनिक रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में साइकिल सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान सिकटा थाना क्षेत्र के भवानीपुर बिचला टोला वार्ड संख्या-2 निवासी मरहूम शेख नासिर के 48 वर्षीय पुत्र नौशाद अली उर्फ महतो के रूप में हुई है। नौशाद अली अनाज खरीदकर अपनी साइकिल से घर लौट रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना बलथर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच, बेतिया भेज दिया। सोमवार सुबह करीब 10 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस बीच, ग्रामीणों ने दुर्घटनाग्रस्त कार को पकड़ लिया और उसके चालक व एक अन्य सवार को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, नौशाद अली अनाज की खरीद-बिक्री का व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री हैं। इस हादसे के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।1