कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर का 14वां स्थापना दिवस आयोजित राजस्थान रिपोर्टर दीपक सिंह निर्वाण जोधपुर। कृषि विश्वविद्यालय के 14 वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन सोमवार को किया गया। विश्वविद्यालय के पी जोशी ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य समारोह में अध्यक्षता कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह जैतावत ने की। समारोह में मुख्य अतिथि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आईआईटी, जोधपुर के निदेशक, प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा, कुलगुरु, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ला, कुलगुरु, डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर, प्रोफेसर अजय कुमार शर्मा, कुलगुरु एमबीएम विश्वविद्यालय, डॉ एल एन हर्ष, संस्थापक कुलगुरु, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर, अनिल कुमार, कार्यकारी निदेशक, एफडीडीआई, जोधपुर एवं श्री गजेंद्र सिंह पोषाण, सदस्य प्रबंध मंडल रहे।समारोह के दौरान अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कलगुरु प्रोफेसर जैतावत ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय आज नवाचार, प्रसार, तकनीकी विकास, अनुसंधान एवं किसान सेवा में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की विभिन्न उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारा संकल्प है कि शिक्षा खेत से जुड़े, अनुसंधान किसान से जुड़े, तकनीक गांवों तक पहुंचे, एवं स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिले ताकि किसान की समृद्धि के द्वार खुले। समारोह में प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान की कृषि, ग्लोबल वार्मिंग, शुष्क जलवायु, पानी की कमी, बढ़ती लागत सीमित संसाधनों जैसी चुनौतियों से घिरी हुई है ऐसे में पारंपरिक कृषि तक सीमित नहीं रहा जा सकता। किसान को स्मार्ट एवं डिजिटल कृषि की आवश्यकता है। अतएव कृषि में तकनीकी का समावेश करने के लिए आवश्यक है कि कृषि विश्वविद्यालय एवं आईआईटी जोधपुर मिलकर कार्य करें। इस मौके पर कुलगुरु प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा ने कहा की जीवन को आसान बनाने एवं आगे बढ़ने के लिए तकनीकी सहायक हो सकती है लेकिन जीवन शुरू करने के लिए अन्न सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कृषि के साथ तकनीकी का समावेश इस तरह किया जाए कि स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का निदान हो। उन्होंने कहा कि बेहद गौरवपूर्ण है कि कृषि विश्वविद्यालय सिर्फ क्षेत्रीय ही नहीं अपितु राष्ट्रीय स्तर पर नवाचार व अनुसंधान में परचम लहरा रही है। इस दौरान कुलगुरु प्रोफेसर गोविंद सहाय शुक्ला ने कहा कि जीवन की समृद्धि और आरोग्य दोनों कृषि से जुड़े हैं, साथ ही अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। उन्होंने विद्यार्थियों व वैज्ञानिकों से कहा कि संकल्प लेवें की राष्ट्र हित में नवाचार एवं कृषक हित में निरंतर बेहतरीन कार्य करेंगे। इस दौरान संस्थापक कुलगुरु डॉ हर्ष ने कहा कि सीमित संसाधनों से शुरू किया गया कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर आज प्रदेश के पांचो कृषि विश्वविद्यालयों में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में सिर्फ मात्रा बढाना ही मकसद ना हो अपितु गुणवत्ता बढ़ाने पर कार्य हो। समारोह में कुलगुरु डॉ अजय कुमार शर्मा ने कहा कि स्थापना दिवस के मौके पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक एवं विद्यार्थी संकल्प लेवें की राष्ट्र को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए दुगुनी मेहनत करेंगे, साथ ही कृषक हित को सर्वोपरि रखेंगे। कार्यकारी निदेशक श्री अनिल कुमार ने कहा यह दौर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का है लेकिन अपनी भाषा एवं अपनी संस्कृति को सर्वोपरि रखें, अपनी जड़ों से जुड़े रहे। इस दौरान गजेंद्र सिंह पोषणा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं शैक्षणिक सदस्यों की ओर से तैयार पाठ्य सामग्री, इनफॉरमेशन बुलेटिन, फोल्डर एवं लैब मैनुएल्स व ई बुक का विमोचन किया गया। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के रियल टाइम रिर्पोटिंग सिस्टम का उद्घाटन भी किया गया।समारोह में प्रगतिशील किसान श्रवण सिंह व प्रेमाराम, डेयरी क्षेत्र में श्रेयांश मेहता, स्टार्टअप के लिए पूरण सिंह भाटी, पूर्व निदेशक अनुसंधान, डॉ जी एन परिहार , बाजरे की किस्म विकसित करने में सहयोगी, डॉ विकास खंडेलवाल सहित विश्वविद्यालय के डॉ सुरेश चंद मीणा, डॉ रूपल धूत, डॉ प्रकाश चंद यादव, कोच लक्ष्मण राठौड़, क्लर्क ग्रेड फर्स्ट, प्रवीण कुमार, फार्म मैनेजर, अनीता टोडावत, प्रयोगशाला सहायक, सोनू मेहता व कृषि पर्यवेक्षक हेमंत अमेठा को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों की ओर से विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई साथ ही नाट्य के माध्यम से विश्वविद्यालय की विकास यात्रा को उकेरा गया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन डॉ प्रदीप पगारिया ने दिया वही विश्वविद्यालय का संक्षिप्त इतिहास डॉ नलिनी रामावत ने बताया। कार्यक्रम में आभार डॉ महेंद्र कुमार ने जताया। समारोह का सफल आयोजन नोडल अधिकारी व निदेशक पीएम ई, डॉ रामदेव सुतालिया के निर्देशन में किया गया। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल व विद्या परिषद के सदस्य, सेवानिवृत अधिष्ठाता, निदेशक, सरकारी व गैर सरकारी, संस्थाओं के सदस्य किसान व विद्यार्थी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर का 14वां स्थापना दिवस आयोजित राजस्थान रिपोर्टर दीपक सिंह निर्वाण जोधपुर। कृषि विश्वविद्यालय के 14 वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन सोमवार को किया गया। विश्वविद्यालय के पी जोशी ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य समारोह में अध्यक्षता कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह जैतावत ने की। समारोह में मुख्य अतिथि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, आईआईटी, जोधपुर के निदेशक, प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा, कुलगुरु, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ला, कुलगुरु, डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर, प्रोफेसर अजय कुमार शर्मा, कुलगुरु एमबीएम विश्वविद्यालय, डॉ एल एन हर्ष, संस्थापक कुलगुरु, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर, अनिल कुमार, कार्यकारी निदेशक, एफडीडीआई, जोधपुर एवं श्री गजेंद्र सिंह पोषाण, सदस्य प्रबंध मंडल रहे।समारोह के दौरान अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कलगुरु प्रोफेसर जैतावत ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय आज नवाचार, प्रसार, तकनीकी विकास, अनुसंधान एवं किसान सेवा में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की विभिन्न उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारा संकल्प है कि शिक्षा खेत से जुड़े, अनुसंधान किसान से जुड़े, तकनीक गांवों तक पहुंचे, एवं स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिले ताकि किसान की समृद्धि के द्वार खुले। समारोह में प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान की कृषि, ग्लोबल वार्मिंग, शुष्क जलवायु, पानी की कमी, बढ़ती लागत सीमित संसाधनों जैसी चुनौतियों से घिरी हुई है ऐसे में पारंपरिक कृषि तक सीमित नहीं रहा जा सकता। किसान को स्मार्ट एवं डिजिटल कृषि की आवश्यकता है। अतएव कृषि में
तकनीकी का समावेश करने के लिए आवश्यक है कि कृषि विश्वविद्यालय एवं आईआईटी जोधपुर मिलकर कार्य करें। इस मौके पर कुलगुरु प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा ने कहा की जीवन को आसान बनाने एवं आगे बढ़ने के लिए तकनीकी सहायक हो सकती है लेकिन जीवन शुरू करने के लिए अन्न सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कृषि के साथ तकनीकी का समावेश इस तरह किया जाए कि स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का निदान हो। उन्होंने कहा कि बेहद गौरवपूर्ण है कि कृषि विश्वविद्यालय सिर्फ क्षेत्रीय ही नहीं अपितु राष्ट्रीय स्तर पर नवाचार व अनुसंधान में परचम लहरा रही है। इस दौरान कुलगुरु प्रोफेसर गोविंद सहाय शुक्ला ने कहा कि जीवन की समृद्धि और आरोग्य दोनों कृषि से जुड़े हैं, साथ ही अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। उन्होंने विद्यार्थियों व वैज्ञानिकों से कहा कि संकल्प लेवें की राष्ट्र हित में नवाचार एवं कृषक हित में निरंतर बेहतरीन कार्य करेंगे। इस दौरान संस्थापक कुलगुरु डॉ हर्ष ने कहा कि सीमित संसाधनों से शुरू किया गया कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर आज प्रदेश के पांचो कृषि विश्वविद्यालयों में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में सिर्फ मात्रा बढाना ही मकसद ना हो अपितु गुणवत्ता बढ़ाने पर कार्य हो। समारोह में कुलगुरु डॉ अजय कुमार शर्मा ने कहा कि स्थापना दिवस के मौके पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक एवं विद्यार्थी संकल्प लेवें की राष्ट्र को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए दुगुनी मेहनत करेंगे, साथ ही कृषक हित को सर्वोपरि रखेंगे। कार्यकारी निदेशक श्री अनिल कुमार ने कहा यह दौर कृत्रिम बुद्धिमत्ता
का है लेकिन अपनी भाषा एवं अपनी संस्कृति को सर्वोपरि रखें, अपनी जड़ों से जुड़े रहे। इस दौरान गजेंद्र सिंह पोषणा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं शैक्षणिक सदस्यों की ओर से तैयार पाठ्य सामग्री, इनफॉरमेशन बुलेटिन, फोल्डर एवं लैब मैनुएल्स व ई बुक का विमोचन किया गया। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के रियल टाइम रिर्पोटिंग सिस्टम का उद्घाटन भी किया गया।समारोह में प्रगतिशील किसान श्रवण सिंह व प्रेमाराम, डेयरी क्षेत्र में श्रेयांश मेहता, स्टार्टअप के लिए पूरण सिंह भाटी, पूर्व निदेशक अनुसंधान, डॉ जी एन परिहार , बाजरे की किस्म विकसित करने में सहयोगी, डॉ विकास खंडेलवाल सहित विश्वविद्यालय के डॉ सुरेश चंद मीणा, डॉ रूपल धूत, डॉ प्रकाश चंद यादव, कोच लक्ष्मण राठौड़, क्लर्क ग्रेड फर्स्ट, प्रवीण कुमार, फार्म मैनेजर, अनीता टोडावत, प्रयोगशाला सहायक, सोनू मेहता व कृषि पर्यवेक्षक हेमंत अमेठा को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों की ओर से विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई साथ ही नाट्य के माध्यम से विश्वविद्यालय की विकास यात्रा को उकेरा गया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन डॉ प्रदीप पगारिया ने दिया वही विश्वविद्यालय का संक्षिप्त इतिहास डॉ नलिनी रामावत ने बताया। कार्यक्रम में आभार डॉ महेंद्र कुमार ने जताया। समारोह का सफल आयोजन नोडल अधिकारी व निदेशक पीएम ई, डॉ रामदेव सुतालिया के निर्देशन में किया गया। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल व विद्या परिषद के सदस्य, सेवानिवृत अधिष्ठाता, निदेशक, सरकारी व गैर सरकारी, संस्थाओं के सदस्य किसान व विद्यार्थी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
- बड़ी खबर! जोधपुर नगर निगम चुनाव 2026 में वार्ड नं. 50 के केवल बूथ संख्या 338 पर होगी री-पोलिंग। बड़ी खबर! जोधपुर नगर निगम चुनाव 2026 में वार्ड नं. 50 के केवल बूथ संख्या 338 पर होगी री-पोलिंग।1
- हमारे 10 घर है कोई आने जाने का रास्ता नहीं है बच्चों को स्कूल जाने में बहुत परेशानी होती है हमारे 10 घर है कोई आने जाने का रास्ता नहीं है हमारे बच्चों को स्कूल जाने में बहुत परेशानी होती है यह रास्ता बता रहा हूं आपको इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और हमें रास्ता दिलाने का प्रयास करें1
- जिला कलक्टर ने जिले में पेयजल के लिये ली समीक्षा बैठक दिये आवश्यक निर्देश पाली,। जिला कलक्टर पाली की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला कलक्टर कार्यालय के वीसी रूम में विभिन्न बिन्दुओ की समीक्षा के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक आयोजित की गयी । बैठक में पेयजल, फसल कटाई, गिरदावी व आगामी आयोजनो के लिये संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी व ब्लॉक के संबंधित अधिकारियों को समीक्षा कर आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिये। बैठक में जिला कलक्टर ने जिले के सभी ब्लॉक पाली देसूरी, सुमेरपुर, मारवाड सोजत, बाली, अन्य सभी क्षेत्रों के बारे में जानकारी ली और कम बारिश को देखते हुये पीने के पानी की आपूर्ति की समीक्षा , पानी के वैकल्पिक स्रोतों की पहचान जहां कम व अधिक आवश्यकता के अनुसार पीने के पानी के लिये आवश्यक तैयारी व वर्क प्लान के लिये सभी संबंधित अधिकारियों व उपखंड अधिकारियोे व अन्य को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के लिये अपने अपने ब्लाक में टैंकर, बोरिंग, तालाब, टूयबवैल के लिये व वैकल्पिक जल स्त्रोतो के बारे में निर्दैश दिये। कम बारिश को देखते हुए आने वाले महीनों में टैंकरों से पीने के पानी के परिवहन की व्यवस्था और टैंकरों की पहचान/उपलब्धता के लिये सर्वे तैयारी करने के लिये कहा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आमजन को किसी भी प्रकार की भी समस्या ना हो। साथ ही बैठक में गिरदावरी और फसल कटाई की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये। इसके साथ ही सभी ब्लाक के अधिकारियों को पशुओं के लिये चारा आदि की व्यवस्था के लिये कहा। *17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक जिले में ‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ का आयोजन* बैठक में इस अवसर पर जिला परिषद सीईओ मुकेश चौधरी ने बताया कि विकसित भारत-जन सेवा अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक जिले में ‘विकसित भारत-जन सेवा अभियान’ का आयोजन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक आचार संहिता को ध्यान में रखते हुये किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य जनसेवा, सामाजिक सरोकार एवं सुशासन की भावना को सुदृढ़ करने के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी को व्यापक स्तर तक पहुंचाना तथा आमजन, किसानों, महिलाओं एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। अभियान के माध्यम से ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों की दिशा में जनभागीदारी आधारित गतिविधियों को गति दी जाएगी। अभियान के तहत आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम 17 सितम्बर को सायं 7 बजे अपने घरो में दिया जलाना व रक्तदान शिविर 17 सितम्बर को, मेरे सपनों का भारत-चित्रसेवा कार्यक्रम 17 सितम्बर से 8 अक्टूबर, नमो सेवा-अनकही कहानियां की गतिविधियां ग्रामीण क्षेत्र में 18 से 25 सितम्बर एवं शहरी क्षेत्र में 22 सितम्बर से 17 अक्टूबर, आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम 25 से 27 सितम्बर, सेवा की कहानी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, सेवा ज्योति कलश यात्रा कार्यक्रम 7 अक्टूबर, सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम 2 अक्टूबर को, सेवा सेतु अभियान कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र में 19 से 25 सितम्बर एवं शहरी क्षेत्र में 8 अक्टूबर से 16 अक्टूबर , सेवा के रंग राष्ट्र के संग कार्यक्रम 24 सितम्बर एवं 11 अक्टूबर, सेवा फर्स्ट इनोवेशन चौलेंज कार्यक्रम 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तथा सुशासन सेवा संवाद कार्यक्रम निर्धारित शेडयुल के अनुसार सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के सफल संचालन के लिए राज्य, जिला एवं स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर द्वारा संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी तथा प्रत्येक गतिविधि के लिए स्पष्ट दायित्व निर्धारित किए जाएंगे। ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, उपखंड, नगरीय निकाय एवं वार्ड स्तर तक गतिविधियों की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं, नगरीय निकायों, विद्यालय-महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवा समूहों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में समयबद्ध आयोजन, व्यापक जनभागीदारी, प्रभावी सेवा वितरण एवं प्रमाणित रिपोर्टिंग पर विशेष जोर रहेगा। इस अवसर पर बैठक में आईएएस बिरजू गोपाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ बजरंग सिंह, एसीईओ महेन्द्र मेहता सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी पीएचईडी, चिकित्सा, नगर निगम, सभी सबंधित विभाग के अधिकारी व ब्लॉक लेवल के अधिकारी मौजूद रहे।3
- पाली में कांग्रेस के पास 41 विजयी पार्षद, जीते हुए प्रत्याशी ही तय करेंगे महापौर वॉइस ऑफ मारवाड़ पाली। कांग्रेस से जीते पार्षद मंगलवार दोपहर नगर निगम पहुंचे जहां चुनाव अधिकारी ने उन्हें जीत का प्रमाण पत्र दिया और सभी नव निर्वाचित पार्षदों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर पाली जिले से कांग्रेस के चुनाव पर्यवेक्षक हेमसिंह शेखावत ने कहा कि हमारे यहां पर्ची से महापौर, मुख्यमंत्री नहीं बनते हैं। जनता ने पार्षद प्रत्याशियों को जनमत देकर जिताया है इसलिए सभी पार्षद मिलकर ही तय करेंगे कि कांग्रेस के बोर्ड में मेयर कौन होगा। शेखावत ने दावा किया कि उनके पास 41 पार्षद हैं और नगर निगम में कांग्रेस अपना बोर्ड बनाएंगी। उसके बाद सभी को वापस बस से एक साथ ले जाया गया। इस मौके पर यहां विधायक भीमराज भाटी, चुनाव प्रभारी हेमसिंह शेखावत, हकीम भाई सहित जनप्रतिनिधि एवं कांग्रेसी मौजूद रहे।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- भारतीय जनता पार्टी अपनी इज्जत गवां चुकी है नगर निकाय के अंदर वोट नहीं राजस्थान सरकार हो फिर केन्द्र सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है अमित शाह जब भी प्रेस को जवाब देना हाय एक ही शब्द निकलता है मैं जब दिल्ली के अंदर प्रेस कॉन्फ्रेंस करुंगा भया जवाब दूंगा काई जगह अगर सरकार से कोई सवाल पूछो तो जेल या फिर नौकरी गई ये एक आपातकाल लगता है इंदिरा गांधी को संकटकाल की बात करने वाली भाजपा खुद के अंदर राजीव गांधी जिम्मेदार है नितिन नवीन को मालूम नहीं है कांग्रेस ने देश हित के लिए किया है अनपढ़ों की फौज भाजपा ने खादी कारी हुई है जब आज एक वोट से नुकसान नहीं मिला है चाण्क्य खाने से कोई चाण्क्य की बरबरी नहीं कर सकता देश को हिंदू मुस्लिम मस्जिद मंदिर के अंदर उलझन और देश को गुमराह करना कोई अर्थ नहीं है कभी मन मछली पर ज्ञान देना शोभा नहीं देता मुर्खता वाली बात करना 70 से 75% आज भी जनता मनसा हरी है खुद के राष्ट्रियआधिनायक जब सावन मास के अंदर खाते हैं दुख नहीं होता है आहत नहीं होते हैं बंगाल सीएम मछली खाते वेदियो बांटते हैं दिखता नहीं मगर किस जाति की दुकान से धर्म आहत होता है ऐसी करण भाजपा आज घुटन पे है जल्दी ही बहार होगी जाति धर्म से देश नहीं चलता है एससी एसटी ओबीसी को गलत साबित करना है भाजपा का दुर्भाग्य है मुस्लिम हिंदू छोड़ो देश हित की बात है1
- निम्बाडा में एक शाम पुरब जी महाराज के नाम विशाल भजन संध्या सोमेसर @ निकटवर्ती निम्बाडा गाँव मे एक शाम पूरब जी महाराज के नाम विशाल भजन संध्या का आयोजन हुआ । घीसुलाल सैन ने बताया कि हर वर्ष कि तरह इस साल भी भजन संध्या में गणपति वंदना पपु भाई खेताव व गुरु वंदना गोविन्द सिंह व रामसिंह ने साथ हि मांगीलाल बुसी ने बालाजी कि महिमा व श्रवणदास निम्बाडा ने पुरब जी कि प्रस्तुति दी।इस मौके भंवरलाल, घीसुलाल सैन,पारस सैन,अशोक कुमार टेवाली,भेर,दिपक आदी आसपास गाँवों को सैंकड़ो भक्तजन उपस्थित रहेंगे।2
- कांग्रेस ने दिखाया अपना शक्ति प्रदर्शन नव पार्षदों ने ली शपथ कांग्रेस महापौर की रणनीति में पाली। नगर निगम चुनाव में 29 वार्डों में जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेस अब महापौर बनाने की रणनीति में जुट गई है। कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को बाड़ाबंदी के बीच नगर निगम लाया गया, जहां रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष 24 नवनिर्वाचित पार्षदों ने शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान महापौर की प्रबल दावेदार मानी जा रहीं राजबाला हिंगड़ के समर्थन में जमकर नारेबाजी हुई। समर्थकों की नारेबाजी से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि कांग्रेस राजबाला हिंगड़ को ही महापौर बनाने की तैयारी कर रही है। हालांकि चुनाव प्रभारी हेमसिंह शेखावत और विधायक भीमराज भाटी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर महापौर पद के नाम का खुलासा नहीं किया है। कांग्रेस के पास 29 पार्षद हैं, जबकि 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी बेहद अहम हो गई है। अब महापौर की कुर्सी का गणित निर्दलीयों के रुख पर टिका है। निर्दलीय पार्षद जिस खेमे के साथ जाएंगे, उसी के पक्ष में बहुमत का समीकरण मजबूत होगा। ऐसे में कांग्रेस के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ निर्दलीयों को साधने की चुनौती भी है। आने वाले दिनों में पाली नगर निगम की सियासत में महापौर को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।2