अंबेडकर जयंती: "समाज की कमजोर कड़ी को मजबूत कर ही बनेगा विकसित भारत" — जिलाधिकारी पीलीभीत। संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जनपद में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी (डीएम) ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया। शिक्षा और समानता पर जोर जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब ने समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों की जो अलख जगाई थी, वह आज भी देश के लिए सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाबा साहब का सपना एक ऐसे समाज का निर्माण करना था जहाँ हर नागरिक को न्याय और उन्नति के समान अवसर मिलें। राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ाव कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने सामाजिक सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए कहा: "समाज की जो भी कमजोर कड़ी है—चाहे वह महिला हो या पुरुष—उसे मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति सशक्त नहीं होगा, तब तक वह राष्ट्र की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाएगा।" विकसित भारत के संकल्प पर मंथन इस अवसर पर 'विकसित उत्तर प्रदेश' और 'विकसित भारत' की संकल्पना को साकार करने के रोडमैप पर भी गहन मंथन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बाबा साहब के विचारों को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर उन्हें धरातल पर उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और नागरिकों को संदेश दिया कि समाज में समानता और न्याय स्थापित करना ही बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्य बिंदु: बाबा साहब के विचारों को प्रेरणास्रोत बताया। महिलाओं और वंचित वर्ग के सशक्तिकरण पर दिया जोर। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकजुटता का आह्वान। समाज में न्याय और समानता की स्थापना का लिया संकल्प।
अंबेडकर जयंती: "समाज की कमजोर कड़ी को मजबूत कर ही बनेगा विकसित भारत" — जिलाधिकारी पीलीभीत। संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जनपद में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी (डीएम) ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया। शिक्षा और समानता पर जोर जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब ने समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों की जो अलख जगाई थी, वह आज भी देश के लिए सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाबा साहब का सपना एक ऐसे समाज का निर्माण करना था जहाँ हर नागरिक को न्याय और उन्नति के समान अवसर मिलें। राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ाव कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने सामाजिक सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए कहा: "समाज की जो भी कमजोर कड़ी है—चाहे वह महिला हो या पुरुष—उसे मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति सशक्त नहीं होगा, तब तक वह राष्ट्र की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पाएगा।" विकसित भारत के संकल्प पर मंथन इस अवसर पर 'विकसित उत्तर प्रदेश' और 'विकसित भारत' की संकल्पना को साकार करने के रोडमैप पर भी गहन मंथन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बाबा साहब के विचारों को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर उन्हें धरातल पर उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और नागरिकों को संदेश दिया कि समाज में समानता और न्याय स्थापित करना ही बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्य बिंदु: बाबा साहब के विचारों को प्रेरणास्रोत बताया। महिलाओं और वंचित वर्ग के सशक्तिकरण पर दिया जोर। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकजुटता का आह्वान। समाज में न्याय और समानता की स्थापना का लिया संकल्प।
- पीलीभीत। जनपद का चर्चित एस.एस. प्राइवेट अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। ताजा मामला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि अस्पताल के गेट पर तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने इलाज के लिए आई एक बेहोश महिला मरीज के कानों से सोने के कुंडल पार कर दिए। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, परिजनों ने एक महिला मरीज को गंभीर हालत में इलाज के लिए एस.एस. अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि जब महिला बेहोशी की हालत में अस्पताल के गेट पर पहुंची, तो वहां तैनात गार्ड ने मदद के बहाने या भीड़ का फायदा उठाकर महिला के कानों से सोने के कुंडल निकाल लिए। परिजनों का हंगामा मरीज को होश आने और गहने गायब होने की जानकारी मिलने पर परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत अस्पताल प्रबंधन से इसकी शिकायत की और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा काटा। परिजनों का कहना है कि जिस जगह मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, वहीं अगर ऐसे "रक्षक ही भक्षक" बन जाएंगे, तो जनता किस पर भरोसा करेगी। मुख्य बिंदु: अस्पताल: एस.एस. प्राइवेट अस्पताल, पीलीभीत। आरोप: सुरक्षा गार्ड द्वारा बेहोश महिला के सोने के कुंडल चोरी करना। विवाद: अस्पताल पहले भी कई कारणों से सुर्खियों में रह चुका है। "यह बेहद शर्मनाक घटना है। अस्पताल प्रशासन को अपने स्टाफ की जवाबदेही तय करनी चाहिए। पुलिस को इस मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।" — स्थानीय नागरिक जांच की मांग घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस को सूचना देकर आरोपी गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले पर क्या सफाई देता है और पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है।1
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- पीलीभीत। बरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम कबूलपुर में अंबेडकर पार्क में मूर्ति हटाए जाने के वाद नाराज लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा की प्रशासन द्वारा अंबेडकर पार्क में लगाई गई मूर्ति को हटवाया गया जवकि एसडीएम बीसलपुर का कहना है कि बगैर परमिशन के मूर्ति लगाई जा रही थी। फिलाहल ऐतिहात के लिए गांव में पुलिस को तैनात किया गया है।1
- स्मार्ट मीटर बने जी का जंजाल: रिचार्ज खत्म होते ही गुल हो रही गरीबों की बत्ती, जनता में भारी रोष पीलीभीत : सरकार की 'स्मार्ट' बिजली योजना अब आम जनता, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 'जी का जंजाल' बन गई है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने के बजाय दोगुनी हो गई हैं। आलम यह है कि रिचार्ज खत्म होते ही बिना किसी पूर्व सूचना के घरों में अंधेरा पसर रहा है, जिससे हजारों परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है। अंधेरे में डूबे आशियाने, सड़कों पर फूटा गुस्सा शहर के कई मोहल्लों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। गरीबों के घरों में बिजली गुल होने से बच्चों की पढ़ाई और रात का खाना बनाना तक दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मीटर इतनी तेजी से भाग रहे हैं कि महीने भर का बजट महज दस-बारह दिनों में सिमट रहा है। जनता के बीच बढ़ते आक्रोश के मुख्य कारण: बिना चेतावनी कटौती: पहले बिल न भरने पर नोटिस मिलता था, लेकिन अब बैलेंस शून्य होते ही स्वतः बिजली काट दी जा रही है। सर्वर की समस्या: कई बार ऑनलाइन रिचार्ज करने के घंटों बाद भी बिजली चालू नहीं होती, जिससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। अत्यधिक बिलिंग: उपभोक्ताओं का आरोप है कि पुराने मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर की रीडिंग काफी तेज और संदिग्ध है। "स्मार्ट" व्यवस्था पर उठते सवाल एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया और निर्बाध बिजली का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर लोग सिस्टम की बेरुखी झेल रहे हैं। दिहाड़ी मजदूरों के लिए हर हफ्ते मोटा रिचार्ज करा पाना संभव नहीं हो पा रहा है। "साहब, दिन भर की मजदूरी से पेट पालें या इस मीटर को खिलाएं? जरा सा पैसा खत्म होते ही घर में अंधेरा हो जाता है। क्या यही तरक्की है?" > — एक पीड़ित उपभोक्ता सरकार के खिलाफ बढ़ता रोष विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि स्मार्ट मीटर की खामियों को तुरंत दूर नहीं किया गया और गरीबों को राहत नहीं दी गई, तो यह निराशा एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेगी। जनता अब सीधे तौर पर सरकार की मंशा पर सवाल उठा रही है और पुराने मीटरों की वापसी की मांग कर रही है। निष्कर्ष: बिजली विभाग और सरकार की चुप्पी इस 'स्मार्ट' संकट को और गहरा बना रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन जनता के इस दर्द को समझकर कोई ठोस कदम उठाता है या फिर 'डिजिटल' होने की ये जिद गरीबों की रातों की नींद यूं ही हराम करती रहेगी।1
- सीएम कंपोजिट विद्यालय में घटिया सामग्री का खुलासा, बरखेड़ा विधायक के निरीक्षण के बाद हड़कंप ,वीडियो वायरल1
- कटना नदी को मिलेगा नया जीवन: पीलीभीत जिलाधिकारी ने श्रमदान कर पुनरुद्धार कार्य का किया शुभारंभ पीलीभीत। जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, मंगलवार को पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मरौरी विकास खंड की ग्राम पंचायत कंजा हरैय्या और अजीतपुर पटपरा में कटना नदी के पुनरुद्धार कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वयं फावड़ा चलाकर श्रमदान किया और ग्रामीणों को अपनी प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए प्रेरित किया। मुख्य बिंदु: जल स्तर में सुधार: इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नदी के प्रवाह को बहाल करना और उसका गहरीकरण करना है, जिससे क्षेत्र के गिरते भू-गर्भ जल स्तर में सुधार होगा। किसानों को लाभ: नदी के पुनर्जीवित होने से आस-पास के दर्जनों गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। सामुदायिक सहभागिता: जिलाधिकारी ने इस दौरान ग्रामीणों से अपील की कि वे इस अभियान को एक जन-आंदोलन बनाएं। उन्होंने कहा कि नदियों का संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के प्रति हमारा कर्तव्य भी है। कार्यक्रम का विवरण अम्बेडकर जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी के साथ विकास खंड मरौरी के अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कटना नदी, जो लंबे समय से अतिक्रमण और गाद (silt) की समस्या से जूझ रही थी, अब नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के समन्वय से नए स्वरूप में नजर आएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पुनरुद्धार कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इस पहल से न केवल जैव विविधता का संरक्षण होगा, बल्कि क्षेत्र की पारिस्थितिकी (ecology) को भी मजबूती मिलेगी।1
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- पीलीभीत। जनपद की बरखेड़ा विधानसभा से भाजपा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद अपने कड़े तेवर और जनहित के कार्यों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों में धांधली की शिकायत मिलने पर विधायक ने सीएम कंपोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया और मौके पर ही कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी। मौके पर ही तोड़ी ईंट, खुली भ्रष्टाचार की पोल निरीक्षण के दौरान विधायक स्वामी प्रवक्तानंद को निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिली थी। उन्होंने बिना देरी किए मौके पर ही दीवार में लगी ईंटों को तोड़कर देखा। ईंटों की खराब गुणवत्ता और निर्माण में बरती जा रही लापरवाही को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। कड़ी कार्रवाई की चेतावनी विधायक ने निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर मानक के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क कर मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। जनता की उम्मीदों पर जोर स्वामी प्रवक्तानंद ने कहा कि बरखेड़ा विधानसभा में बन रहे स्कूल और अन्य सार्वजनिक भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग और घटिया निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। मुख्य सुर्खियां: सख्त रुख: निरीक्षण के दौरान विधायक का दिखा रौद्र रूप। गुणवत्ता जांच: ईंट तोड़कर निर्माण सामग्री का किया पर्दाफाश। कार्रवाई की मांग: दोषियों पर शिकंजा कसने के निर्देश।1